Pulinda: Difference between revisions

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== History ==
== History ==
[[Pulindaka]] (122-119 BC) was a ruler in the [[Shunga Dynasty]] (185-73 BC):
* [[Pusyamitra Shunga]] (185-149 BC), founded the dynasty after assassinating Brhadrata
* [[Agnimitra]] (149-141 BC), son and successor of Pusyamitra
* [[Vasujyeshtha]] (141-131 BC)
* [[Vasumitra]] (131-124 BC)
* [[Andhraka]] (124-122 BC)
* [[Pulindaka]] (122-119 BC)
* [[Ghosha]]
* [[Vajramitra]]
* [[Bhagabhadra]], mentioned by the Puranas
* [[Devabhuti]] (83-73 BC), last Sunga king


== इतिहास ==
== इतिहास ==

Revision as of 10:42, 12 December 2018

Pulinda (पुलिन्द) was a country mentioned in Mahabharata. It has been identified with modern Bundelkhand.

Variants

Genealogy

Lambodara ancestry

'A study of the Bhagavata Purana; or, Esoteric Hinduism'[1] by Purnendu Narayana Sinha, pp 226-227 mentions that (10) ten kings of the Sunga dynasty shall reign for 112 years. These are:

Pushyamitra → Agnimitra → Sujyestha → (Vasumitra + Bhadraka + Pulinda):

Pulinda → Utghosha → Vajramitra → Bhagavata → Devabhuti


Vasudeva, the minister of Devabhuti, shall kill his master and become himself the king.

Vasudeva
Bhumitra
Narayana
Susarman

These four kings shall be called Kanvas. They shall reign for 345 years. Susarman shall be killed by his servant Balin, a King of the Andhra clan, who shall himself usurp the throne. Balin shall be succeeded by his brother Krishna.

History

Pulindaka (122-119 BC) was a ruler in the Shunga Dynasty (185-73 BC):

इतिहास

बुन्देली क्षेत्र पर चेदि, मौर्य, शुंग, वाकाटाक, भारशिव, नाग, गुप्त, हूण, हर्षवर्धन, कलचुरी, चन्देल, अफ़ग़ान, मुग़ल, गौड़ और बुन्देलों का शासन रहा है। सम्राट अशोक के राज्य काल में इस क्षेत्र को 'पुलिन्द देश' के नाम से सम्बोधित किया जाता था। महाकवि कालिदास की कृति 'रघुवंश' में पुलिंद जाति का उल्लेख आया है। वह यहाँ की सत्ताधारी जाति थी। वेद, पुराण, अनेक शिलालेखों और ताम्रपत्रों में पुलिन्द नरेशों और पुलिन्द देश की स्थिति के संकेत मिलते हैं। कुछ विद्वानों का मत हैं कि यही ‘पुलिन्द’ शब्द आगे चलकर ‘बोलिन्द’ और कालान्तर में ‘बुन्देल’ हो गया। ब्राह्मी लिपि के एक भेद को 'बोलिन्दी' कहते हैं। इस क्षेत्र के अनेक प्राचीन शिलालेख बोलिन्दी में लिपिबद्ध हैं।[2]

ब्रिटिश विश्वकोश[3] में बुन्देलखंड का ‘जेजाक भुक्ति’ के रूप में उल्लेख किया गया है। जॉर्ज ग्रियर्सन ने 'गजेटियर ऑफ़ इंडिया' के आधार पर लिखा है कि- "बुन्देलखंड वह भू-भाग है, जो उत्तर में यमुना, उत्तर-पश्चिम में चम्बल, दक्षिण में मध्य प्रांत के जबलपुर और सागर संभाग तथा दक्षिण और पूर्व में रीवा अथवा बघेलखंड के मध्य में स्थित हैं और जिसके दक्षिण तथा पूर्व में मिर्जापुर की पहाडि़या हैं। [4]

In Mahabharata

Pulinda (पुलिन्द) (II.26.10), (V.158.20), (VI.10.60),(VI.83.7),(VIII.51.19),

Pulindaka (पुलिन्दक) (VI.10.39), (VI.83.7),

References