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== कादिया के सारण जाट ==
== कादिया के सारण जाट ==
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'''कादिया के सारण जाट परिवार की कहानी''': सारण इस गांव में चूरू जिले के तहसील [[Sardarshahr|सरदारशहर]] के गांव [[कल्याणपुरा]] से आये थे. सबसे पहले पेमाराम सारण आये  
'''कादिया के सारण जाट परिवार की कहानी''': सारण इस गांव में चूरू जिले के तहसील [[Sardarshahr|सरदारशहर]] के गांव [[कल्याणपुरा]] से आये थे. सबसे पहले पेमाराम सारण आये  
इन के पांच पुत्र थे: 1. मेवाराम सारण, 2. खंगाराम सारण, 3. तिलोकाराम सरण, 4. किशना राम सारण, 5. नारायण राम सारण
इन के पांच पुत्र थे: 1. मेवाराम सारण, 2. खंगाराम सारण, 3. तिलोकाराम सरण, 4. किशना राम सारण, 5. नारायण राम सारण
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Latest revision as of 11:51, 21 March 2021

Kadiya or Kadia (कादिया) village is situated in Ratangarh tehsil of Churu district in Rajasthan. Though, it was founded by Kado Dhadhi hundreds of years back but presently inhabited mainly by Jats.

Gotras

Jat gotras in village with number of families are:

Other castes are Balai (50), Rajput (22), Kumhar (30), Nai (30), Brahman (6), Naik (2).

कादिया के सारण जाट

खंगाराम जी सारण

कादिया के सारण जाट परिवार की कहानी: सारण इस गांव में चूरू जिले के तहसील सरदारशहर के गांव कल्याणपुरा से आये थे. सबसे पहले पेमाराम सारण आये इन के पांच पुत्र थे: 1. मेवाराम सारण, 2. खंगाराम सारण, 3. तिलोकाराम सरण, 4. किशना राम सारण, 5. नारायण राम सारण

इन भाईयो का परिवार आगे बढ़ता गया आज इस गांव में सारण जाट परिवार की संख्या 15 है. इन भाइयों में खंगाराम जी ने गांव में एक पीपल का पेड़ लगाया जो आज भी गांव के बीचों बीच स्थित है. इन सभी भाइयों ने मिलकर गांव में एक प्राचीन सती माता के मंदिर (जो गांव में सती दादी के मन्दिर नाम से जाना जाता है) के पास गांव के सभी परिवारों के पीने के पानी लिए एक कुँए का निर्माण कराया जो आज भी स्तिथ है. इन सभी भाइयो ने मिलकर रतनगढ़ में जब जाट छात्रावास का निर्माण हो रहा था तब बच्चों के पीने के पानी के लिए भी जाट छात्रावास में भी एक कुँए का निर्माण करवाया था.

इन भाइयो में भी खंगाराम जी सारण की कुछ विशेष कहानी इस प्रकार है. खंगाराम जी की शादी चारणवासी गांव निवासी उमा देवी महिया से हुई इनके 4 पुत्र 2 पुत्री हैं. खंगाराम जी सारण ने शिक्षा को बढ़ावा दिया. खंगाराम जी पेड़ पौधों व पशु-पक्षियों से बहुत प्रेम करते थे. पेड़ पौधों व पक्षियों के लिए खंगाराम जी सारण ने अपने जीवन में अनेक कार्य किये. आज भी इनके वंशज खंगाराम जी के बताए हुए मार्ग पर चल रहे हैं. इनके पुत्रो शिवभगवान जी सारण , शेराराम जी , गोपाल जी ,रामदेव सिंह के द्वारा आज भी गांव में बहुत सारे समाज सेवी कार्य जैसे गांव की सरकारी स्कूल में बिजली फिटिंग का कार्य, गांव में सरकारी स्कूल में कम्प्यूटर, शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कम्प्यूटर दिया. गांव के सती दादी मंदिर में पक्षियों के लिए दाना चुगा आदि.

इनके पुत्र ही नही इनकी पुत्री भी समाज सेवा में आगे है. इनकी बड़ी पुत्री धन्नी जिनकी शादी सीकर जिले के गांव बारी में जगदीश जी जाखड़ से हुई. खंगाराम की बड़ी बेटी धनी समाज सेवा करती हुई सरपंच पद पर भी रह चुकी है. खंगाराम जी सारण की मृत्यु 2003 में हुई इनकी याद में कादिया गांव के बीचों बीच एक पक्षियों के लिए दाने चुगने के लिये पक्षी चुगा घर बना हुआ है.

Notable Persons

  • इंजीनियर बृजमोहन सारण S/O शिवभगवान जी सारण, 12th class PCM 85%, B.tech Civil Engineering
  • Rahul Ruhela s/o Sultan Singh, Kadia, Meritorious Student in 10th Board Examination-2014 with marks 79%

References


External links


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