Dharmbir Singh Sihag

From Jatland Wiki
Revision as of 17:27, 13 August 2022 by Lrburdak (talk | contribs) (→‎संदर्भ)
(diff) ← Older revision | Latest revision (diff) | Newer revision → (diff)
Dharmbir Singh Sihag

Dharmbir Singh Sihag became Martyr of Kargil war. He became martyr on 12.8. 1999 during Operation Vijay. He was awarded Nausena Medal (posthumous). He was from village Miran in Tosham tehsil of Bhiwani district in Haryana.

लेफ्टिनेंट धर्मबीर सिंह सिहाग

लेफ्टिनेंट धर्मबीर सिंह सिहाग

नौसेना मेडल (मरणोपरांत)

यूनिट - आईएनएस अभिमन्यु

कारगिल युद्ध 1999

लेफ्टिनेंट धर्मबीर सिंह हरियाणा के भिवानी जिले की तोशाम तहसील के मिरान गांव के निवासी थे। बाल्यकाल से सशस्त्र बलों के प्रति उनका रूझान था। शिक्षा पूर्ण करने के पश्चात उन्होंने भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त किया। उन्हें युद्धपोत आईएनएस अभिमन्यु पर नियुक्त किया गया। वह अत्यंत साहसी नौसैनिक थे। अतः उन्होंने स्वेच्छा से मरीन कमांडो में बनने का निर्णय किया। कठोर प्रशिक्षण के पश्चात वह मार्कोस कमांडो बने।

मई 1999 में, कारगिल युद्ध आरंभ होने पर मार्कोस को भी भारतीय सेना के अभियानों में सहायता के लिए जम्मू-कश्मीर में तैनात किया गया था। अगस्त 1999 के आरंभिक सप्ताह में, सशस्त्र बलों को गोपनीय सूत्रों से कश्मीर के बांदीपोरा जिले के गुरुरा क्षेत्र में आतंकी गतिविधियों की सूचना प्राप्त हुई। अतः वहां मरीन कमांडो ऑपरेशन चलाने का निर्णय लिया गया।

योजना के अनुसार 12 अगस्त 1999 को, लेफ्टिनेंट सिहाग के नेतृत्व में उनकी टास्क फोर्स संदिग्ध क्षेत्र में पहुंची। लक्ष्य के मार्ग में आतंकवादियों द्वारा भारी मात्रा में बारूदी सुरंगें बिछाई गईं थी और सैनिकों के सुरक्षित आगे बढ़ने के लिए उन बारूदी सुरंगों को वहां से हटाया जाना अत्यावश्यक था।

लेफ्टिनेंट सिहाग ने अपने साथी PO CD I महावीर सिंह के साथ वहां से बारूदी सुरंगों को हटाने का कार्य आरंभ किया। उन्होंने उत्साह और मनोयोग से कार्य किया और दो बारूदी सुरंगों को सफलतापूर्वक हटा दिया लेकिन आतंकवादी उन पर दृष्टि रख रहे थे। लेफ्टिनेंट सिहाग की निडरतापूर्वक कार्रवाई से आक्रोशित आतंकवादियों ने दूर से तीसरी बारूदी सुरंग में रिमोट से विस्फोट कर दिया। इस भयानक विस्फोट के विनाशकारी परिणामस्वरूप लेफ्टिनेंट सिहाग और PO CD I महावीर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और अंततः वीरगति को प्राप्त हुए।

लेफ्टिनेंट धर्मबीर सिंह को उनके सराहनीय साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण एवं सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत "नौसेना मेडल" (वीरता) से सम्मानित किया गया। 16 अप्रैल 2021 को वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार ने दिल्ली स्थित नौसेना केंद्र में लेफ्टिनेंट धर्मबीर सिंह के नाम पर निर्मित नए ब्लॉक (भवन) का उद्घाटन किया।

शहीद को सम्मान

लेफ्टिनेंट धर्मबीर सिंह को उनके सराहनीय साहस, कर्तव्य के प्रति समर्पण एवं सर्वोच्च बलिदान के लिए मरणोपरांत "नौसेना मेडल" (वीरता) से सम्मानित किया गया। 16 अप्रैल 2021 को वाइस एडमिरल जी अशोक कुमार ने दिल्ली स्थित नौसेना केंद्र में लेफ्टिनेंट धर्मबीर सिंह के नाम पर निर्मित नए ब्लॉक (भवन) का उद्घाटन किया।

बाहरी कड़ियाँ

गैलरी

स्रोत

संदर्भ



Back to The Martyrs