virendernarwal
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आप जाटलैंड के सितारे तो हैं ही लेकिन मेरे लिये आदरणीय, सम्मानीय एवं प्रिय भी हैं अकबर के दरबार में नौ रत्न होते थे….लेकिन यहां रत्नों की कमी नही है…..कुछ रत्न या चर्चित चेहरे जो मेरे जहन मे है….आपकी नजरें पैश हैं……
….।
1) किल्की टौल……..ये एक ऐसा ग्रुप था….जो गलती से भी एक बै किसे के पाच्छे लाग जा तै…..उसका भूंत “पाथरी” आली या पहुंचा हुआ झाड-फ़ूँक बाबा भी ना उतार पावै…..एक से एक छंटे हुये सरीफ़/मस्खरे जणों का ग्रुप था यो….लेकिन ये किल्की टौल वाले जाटलैंड से ऐसे चले गये जैसे गधे के ते सिंग चले गये हों…? इनकी नाव बेरा ना कौण से भवंर में फ़स गई है…..किल्की टौल का इक्का-दुक्का सदस्य कदे-कदे “आई-सी-यू” मे से निकल कर डरते-डरते किल्की मार देता है…लागै चारपाई ठोकण वाली लाकडी की किल्ली किसे नै इन्के गले मे ठोक दी है…
….ओर इन्की बोलती तै न्य़ू बन्द सै जणू खाद सिलण वाले कट्टे के धागे तै इनका मूँह सी राख्या हो…
..?
2) दयानंद देशवाल जी……..एक लिंक से दूसरा लिंक कैसे जोडा जाये….ज्ञान ,शौध, स्वम के हर फ़ील्ड के हरफ़नमोला…………चाहे किसै कै चुरणे लाणे हों…….या कौन सा चुटकला पहले आ चुका है…
..किसने किसकी प्रोफ़ाइल देखी….जाटलैंड पर हिन्दी की शुरूवात भी इन्ही की देन है इस छोटे से दिमाख में बेरा ना कितनी यादास्त समाएं बैठे हैं…….. "जाटलैंड के गूगल" हैं यो ।
3) देव दहिया जी………“काका” उर्फ़ “रागनी मान” उर्फ़ “राग महिमा” इन महानुभाव की खासियत ये है कि….सबने चुट्कले सुणा के हंसा-हंसा के लोट पोट कर दयो……थोडे जिद्दी सें ..…कई बार कह लिया……काका इब इस माइक ने तल्ले धर दे…….हाम ने देख लिया कि आप ने भाषण-वाषण भी देणा आवे से…..मानते ही ना…..जो गलती ते हामने काकी ते कदे शिकायत कर दी ना तै फ़िरोगे कोणे ढूंढते……हाम तो नयू लिहाज़ कर रहे के कयूं भुडापे मे कैल्ल करया काका …….मानते ही ना….लगता है सठियां गये है……?
जबां खामोश है…लेकिन….कलम से बात करते हैं….
इनकी राग-महिमा भी गज्ब की है……
मैं अज्ञानी हूँ....हर हाल में सिखणा चाहता हूँ….(लेकिन हक्कीत में मैं दुनिया को सिखाने का ज़ज़बा रख्ता हूँ)?
Life teaches every one in a natural way.(लेकन स्पैशली जाटलैंड ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है...
....)
4) नवीन गुलिया जी…….ये किसै इन्ट्रोड्क्सन के मोहताज़ नही है…आपदाओं से लड्ना इनका शोक है….अपणे लिये तो सभी जीते हैं……लेकिन जरूरत मंदो के लिये जीना कोई इनसे सिखे….देश की आन-बान ओर शान पर मर-मिटने वाले सच्चे सिपाही/सपूत को हमारा सैल्यूट है…
..।
5) सीताराम जाखड़ जी………सज्जनता, शालीनता और मासूमियत कूट-कूट कै भरी सै……लेकिन मौका मिले तो, चुटकी लेने से बाज़ नही आते…..भाई आफ़िस में न्यू बणा संवरा बैठा है….जणु “जैरटी” वालों का जमाई बैठा हो…….और दफ़्तर में बाट तो न्यू झो रया है..जणु आते ही कईं सुईयां घुसो देगा……ओर किसे के भी दिल की बीमारी भी ना होण दे……पहले दफ़तर में इन्होने भी बहुत फ़ोक्की-2 खाई….
.…लेकिन आजकल नई प्रमोशन नै घीघी बान्ध रखी सै भाई की। तन्हाई में…..शेरो-शायरी…साहिल….और बेरा ना के-के बडबडाता रहता है….?
कुछ हमारी तरफ़ से…..आपकी नज़रें इनायत….अर्ज किया है….? (Sponsored by "Dollars" Group)
याद आपकी न आये……ऐसा…..होने भी न देंगे,
दोस्त आपके जैसा……खोने भी न देंगे,
शराफ़त से कौन्टैक्ट में रहना........."वर्ना" ...
कान के नीचे खींच के देंगे…….और……..रोने भी न देंगे !!!
6) सत्येषवर जी……..यू भाई ते इतना प्यारा लागै सै…….दिल करे भाज के इसकी पप्पी ले ल्यां……इसकी हंसी ते इतनी क्यूट है जणु फ़ूल बरसे है………यो भाई भी सैंसर बोर्ड की तरह "कैंच्ची" लिया बैठा है जाट्लैंड पे…….ताग्यां में कांट छांट करता रहता है…..घणें पंगे ना लिया कर "गाबरू"……
..किसी दिल ज़ल्ळै की नज़र लग जैगी…..आगे थारी मरजी…..? फ़ेर न कहियो के दिल्ली में एक जगह है….?
7) हरविंदर मलिक जी……….ओर के हाल चाल बांगरू …….. मान सम्मान से मैं इनको ताऊ भी कह देता हूँ ……यू भी ND माणस सै….छाप्पे जा है "मेरा बट्टा" गोरी गोरी अंग्रेज छोरियां की एलबम्ब………कदे इंग्लैंड कदे अमेरिका में । म्हारे कान्ही भी थोडी हवा आण दे ताऊ………? म्हारे के "स्प्पाक्की" लीकड री सै...
..?
इनकी उपल्भधियाँ
बम्बई ने ठा के मैं रोहतक मे धर दयूं…….(देशी का पव्वा)
गया बहार मूलक में पढ्न ने छौरा..लाया मेम सी छौरी…….(गिट पिट गिट पिट)
सुण ले मेरा ठिकाना रै….इस भारत में हरियाणा रै….(धारै जब पहुंचा इंग्लैंड)
मैं तो सुपने मे हो गइ पराई संय्यो नी..
धारै इन इंगलैंड.......Dhare in England
पाणी आली....पाणी प्या दे.......Pani Aali Pani Pya De......
Aur aajkal................"TOP GEAR" Bhi laa rakhya se ( खूब धूमें ठा राखे सैं )
(पंजाबी)
तेरे रूप दा नज़ारा ईक बार कर लवां…. मेरे कौल आ के बै जा तैनू प्यार कर लवां…..
जिस दिन दा सोणिये नी…..मैनु भुल्ल जा कह गइ ए….
इस तन दे पिंजरे चओं जिंद कड के लै गइ ए
ढोल जगीरों दा (one of the super hit song)
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*******जाटलैंड के सितारों का धमाका*******
जाटलैंड के सितारों की पौटली
जाटलैंड पर तडका
जाटलैंड के सितारों की पौटली
जाटलैंड पर तडका
आप जाटलैंड के सितारे तो हैं ही लेकिन मेरे लिये आदरणीय, सम्मानीय एवं प्रिय भी हैं अकबर के दरबार में नौ रत्न होते थे….लेकिन यहां रत्नों की कमी नही है…..कुछ रत्न या चर्चित चेहरे जो मेरे जहन मे है….आपकी नजरें पैश हैं……
1) किल्की टौल……..ये एक ऐसा ग्रुप था….जो गलती से भी एक बै किसे के पाच्छे लाग जा तै…..उसका भूंत “पाथरी” आली या पहुंचा हुआ झाड-फ़ूँक बाबा भी ना उतार पावै…..एक से एक छंटे हुये सरीफ़/मस्खरे जणों का ग्रुप था यो….लेकिन ये किल्की टौल वाले जाटलैंड से ऐसे चले गये जैसे गधे के ते सिंग चले गये हों…? इनकी नाव बेरा ना कौण से भवंर में फ़स गई है…..किल्की टौल का इक्का-दुक्का सदस्य कदे-कदे “आई-सी-यू” मे से निकल कर डरते-डरते किल्की मार देता है…लागै चारपाई ठोकण वाली लाकडी की किल्ली किसे नै इन्के गले मे ठोक दी है…
2) दयानंद देशवाल जी……..एक लिंक से दूसरा लिंक कैसे जोडा जाये….ज्ञान ,शौध, स्वम के हर फ़ील्ड के हरफ़नमोला…………चाहे किसै कै चुरणे लाणे हों…….या कौन सा चुटकला पहले आ चुका है…
3) देव दहिया जी………“काका” उर्फ़ “रागनी मान” उर्फ़ “राग महिमा” इन महानुभाव की खासियत ये है कि….सबने चुट्कले सुणा के हंसा-हंसा के लोट पोट कर दयो……थोडे जिद्दी सें ..…कई बार कह लिया……काका इब इस माइक ने तल्ले धर दे…….हाम ने देख लिया कि आप ने भाषण-वाषण भी देणा आवे से…..मानते ही ना…..जो गलती ते हामने काकी ते कदे शिकायत कर दी ना तै फ़िरोगे कोणे ढूंढते……हाम तो नयू लिहाज़ कर रहे के कयूं भुडापे मे कैल्ल करया काका …….मानते ही ना….लगता है सठियां गये है……?
जबां खामोश है…लेकिन….कलम से बात करते हैं….
इनकी राग-महिमा भी गज्ब की है……
मैं अज्ञानी हूँ....हर हाल में सिखणा चाहता हूँ….(लेकिन हक्कीत में मैं दुनिया को सिखाने का ज़ज़बा रख्ता हूँ)?
Life teaches every one in a natural way.(लेकन स्पैशली जाटलैंड ने मुझे बहुत कुछ सिखाया है...
4) नवीन गुलिया जी…….ये किसै इन्ट्रोड्क्सन के मोहताज़ नही है…आपदाओं से लड्ना इनका शोक है….अपणे लिये तो सभी जीते हैं……लेकिन जरूरत मंदो के लिये जीना कोई इनसे सिखे….देश की आन-बान ओर शान पर मर-मिटने वाले सच्चे सिपाही/सपूत को हमारा सैल्यूट है…
5) सीताराम जाखड़ जी………सज्जनता, शालीनता और मासूमियत कूट-कूट कै भरी सै……लेकिन मौका मिले तो, चुटकी लेने से बाज़ नही आते…..भाई आफ़िस में न्यू बणा संवरा बैठा है….जणु “जैरटी” वालों का जमाई बैठा हो…….और दफ़्तर में बाट तो न्यू झो रया है..जणु आते ही कईं सुईयां घुसो देगा……ओर किसे के भी दिल की बीमारी भी ना होण दे……पहले दफ़तर में इन्होने भी बहुत फ़ोक्की-2 खाई….
कुछ हमारी तरफ़ से…..आपकी नज़रें इनायत….अर्ज किया है….? (Sponsored by "Dollars" Group)
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दोस्त आपके जैसा……खोने भी न देंगे,
शराफ़त से कौन्टैक्ट में रहना........."वर्ना" ...
कान के नीचे खींच के देंगे…….और……..रोने भी न देंगे !!!
6) सत्येषवर जी……..यू भाई ते इतना प्यारा लागै सै…….दिल करे भाज के इसकी पप्पी ले ल्यां……इसकी हंसी ते इतनी क्यूट है जणु फ़ूल बरसे है………यो भाई भी सैंसर बोर्ड की तरह "कैंच्ची" लिया बैठा है जाट्लैंड पे…….ताग्यां में कांट छांट करता रहता है…..घणें पंगे ना लिया कर "गाबरू"……
7) हरविंदर मलिक जी……….ओर के हाल चाल बांगरू …….. मान सम्मान से मैं इनको ताऊ भी कह देता हूँ ……यू भी ND माणस सै….छाप्पे जा है "मेरा बट्टा" गोरी गोरी अंग्रेज छोरियां की एलबम्ब………कदे इंग्लैंड कदे अमेरिका में । म्हारे कान्ही भी थोडी हवा आण दे ताऊ………? म्हारे के "स्प्पाक्की" लीकड री सै...
इनकी उपल्भधियाँ
बम्बई ने ठा के मैं रोहतक मे धर दयूं…….(देशी का पव्वा)
गया बहार मूलक में पढ्न ने छौरा..लाया मेम सी छौरी…….(गिट पिट गिट पिट)
सुण ले मेरा ठिकाना रै….इस भारत में हरियाणा रै….(धारै जब पहुंचा इंग्लैंड)
मैं तो सुपने मे हो गइ पराई संय्यो नी..
धारै इन इंगलैंड.......Dhare in England
पाणी आली....पाणी प्या दे.......Pani Aali Pani Pya De......
Aur aajkal................"TOP GEAR" Bhi laa rakhya se ( खूब धूमें ठा राखे सैं )
(पंजाबी)
तेरे रूप दा नज़ारा ईक बार कर लवां…. मेरे कौल आ के बै जा तैनू प्यार कर लवां…..
जिस दिन दा सोणिये नी…..मैनु भुल्ल जा कह गइ ए….
इस तन दे पिंजरे चओं जिंद कड के लै गइ ए
ढोल जगीरों दा (one of the super hit song)
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