घुम्म्ड घुम्म्ड दूध बेलोये
जाटनी का छोरा रोये
रोवे से ते रोवन दे
मन्ने दूध बेलोंन दे
मम्मी इसकी रानी
पापा इसके राजा
फल खाए ताज़ा
सोने की चिड़िया
चांदी का दरवाजा
उसमे से कौन निकला
मेरा "भुवि" raaja
एक देगची में दो चावल
पके नहीं तीन दिन तक वो चावल
चार वैद का पाठ कराया
पांच पंडितों को बुलवाया
छ चूल्हों पर उसे चढ़ाया
सात समंदर ते पानी
आठ बार भर ल्याई नानी
नौ मनन लकड़ी दस मनन कंडे
फिर भी चावल ठन्डे के ठन्डे
नहीं किसी ने आग लगाई
ते के करते चावल भाई !!
छान पे छाबड़ी
तारे पिंवे राबड़ी
रामलू की माँ पानी ने जा
रामलू दूध मलाई खा
खावे स ते खावन दे
मन्ने दूध बिलोवन दे
( ये जब गाते हैं जब छोटे बच्चों को दोनों हाथ पकड़ कर मध्नी(रई) की तरह हिलाते हैं )
लल्ला रे ललमनिया रे
नाहने मुन्ने भाई रे
माँ के लाडले सिपाही रे
तेरी दादी ने बाँझ बताई रे
तेरे दादा ने बियाह की सलाही रे
सो जा नाहने भाई रे
सो जा नाहने सिपाही रे
१२ गज का तानिया रे
छान ठुवान जाइए रे
हांगा थोड़ा लाइए रे
दंगा घना मचाइए रे
सो जा नाहने भाई रे
सो जा नाहने सिपाही रे
एक एकम एक
तेरा बाबु गुठा टेक
तेरी माँ गोसे बगावे
तेरा बाबु चुग- चुग लयावे
चुगे स तो चुगान दे
मन्ने गण्डा चुन्घन दे
(जब कोए बालक दुसरे धोरे दो पोरी गंडे की मांग लेन्दा जब कह्या करदे )
गंजा रे गंजा
टेरम- टेर
हाथ में खुलिया (होकी)
बाछ्डू हेर
बाछ्डू बड़ ग्या मोठां में
मार गंजे के होठाँ में
होंठ पड़े बरोली में
गंजा पड्या खटोली में
खटोली गई टूट
गंजा गया रूस
रूसे से तो रूसन दे
मन्ने तम्बाकू कूटन दे
(जब कोए बालक गंजा हो के आया करदा जब ऊह ने चिडान के मारे कह्या करदे )