Haryanvi Paheliyaan (Part 1)

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ना में बाहर
ना में भीतर
मेरे धोरे आ कें
माणस काढें लीत्तर


बताओ कूण ?
 
दरवाज़ा !!

सही जबाब शिवम् भाई | के बात स आज काल हिंट नि माँगता | द्येड दे सी ने जबाब आ ज्या स | तेरे ताहि खोंशडयाआँ का जोड़ा इनाम में |
 
में सूँ बारी
पर मझक कोन्या
में सूँ बारी
पर ओसरा कोन्या

बताओ के ?
 
[/color]
कुलदीप देवनागरी में लिख भाई | फेर इहने लांबी बनावांगे | ढंगसर समझ में ना आई |

कहानी कहू कहन की ,
भेड मरी पठान की ,
ओराँ न आई बंडे बंडे सर,
आर दीपक भाई नु आई पयान सी ........
ले भाई ............

यो च्मोल्ला मेरी दादी सुनाया करदी,,,,,,, आर जोन से बालक के मजे लेने होंदे ,,,उसे का नाम एडिट कर के सेव कर दिया कर ती,,,,,
 
में सूँ बारी
पर मझक कोन्या
में सूँ बारी
पर ओसरा कोन्या

बताओ के ?

भाई एक बारी तो पंजाबी में होया करे ,,,,,,, दरवाजे ने या झांकी (खिड़की) न कह्य करे के ?
 
कहानी कहू कहन की ,
भेड मरी पठान की ,
ओराँ न आई बंडे बंडे सर,
आर दीपक भाई नु आई पयान सी ........
,
.

कुलदीप भाई बैठ्या बान सी
ब्याह दी ऊके नयाण सी
टूट्या जब उका ध्यान सी
हांडे फेर परेशान सी
रविंदर बोल्या के ज्ञान सी

कुलदीप बोल्या "रे हो गया मेरा ब्याह"
रविंदर बोल्या "ते इसे बात पे कोल्ड ड्रिंक प्या"
कुलदीप बोल्या "रे हो गया नाश"
रविंदर बोल्या "के बात कद खेल्या तू ताश?"
कुलदीप बोल्या "रे बुझे मन्या के बणी!"
रविंदर बोल्या "के बात तेरी बहु तेरे उपर डेह पड़ी?"
कुलदीप बोल्या "रे मत पागल बनावे!"
रविंदर बोल्या "फेर टांट क्यों इतनी खुजावे?"
कुलदीप बोल्या "रे टांट तो दुखी होंते खुजा रे!"
रविंदर बोल्या "के बात, ढेरे ब्य़ा रे?"

कुलदीप के माच गी चिड
रविंदर गेल्या गया भीड़
रविंदर था थाडा
मार्या ऊके मोड्डा
कुलदीप गया पड़
रविंदर ने टेक दी उकी कड़

कुलदीप बोल्या "बकश दे आज पाछे तेरी गाल में नहीं आऊंगा!"
रविंदर बोल्या "जान जिब दूंगा, जिब तेरे धोरे जलेबी खाऊंगा!"

कुलदीप बोल्या "भाईसाब गलती होगी!"

रविंदर बोल्या "बड़ी जल्दी होगी !"

कुलदीप बोल्या "मै तो घरा पड्या रहू तो ठीक था!"

रविंदर बोल्या "बिना पिट्टे मान ज्या ह तो और बी ठीक था!"

कुलदीप बोल्या "तने मेरी सुनी ऐ कोणी "

रविंदर बोल्या "मै किसे की नहीं सुनता, तेरी के घण्टा थापू था!"

कुलदीप बोल्या "सुन तो ले, तेरा के घटेगा!"

रविंदर बोल्या "लिकड जा तावला नहीं तो और पिटेगा !":thappad


और इस तरह हमारे कुलदीप भाईजी रविंदर रून्ढे से पिट-पिटा कर वापिस घर आ गए | उनकी हालत उस कहावत जैसी थी के "लौट के बुद्धू घर को आये!"




मोरल :- अपने ते ठाड़े गेला कदे भी जुबान नहीं लड़ानी चाहिये !:boxing:rock



PS :
किसे ने कोए आपत्ति हो इस पे तो कृपया इसी धागे की पोस्ट नंबर 756 पढ़ें |:cool:
 
.

कुलदीप भाई बैठ्या बान सी
ब्याह दी ऊके नयाण सी
टूट्या जब उका ध्यान सी
हांडे फेर परेशान सी
रविंदर बोल्या के ज्ञान सी

कुलदीप बोल्या "रे हो गया मेरा ब्याह"
रविंदर बोल्या "ते इसे बात पे कोल्ड ड्रिंक प्या"
कुलदीप बोल्या "रे हो गया नाश"
रविंदर बोल्या "के बात कद खेल्या तू ताश?"
कुलदीप बोल्या "रे बुझे मन्या के बणी!"
रविंदर बोल्या "के बात तेरी बहु तेरे उपर डेह पड़ी?"
कुलदीप बोल्या "रे मत पागल बनावे!"
रविंदर बोल्या "फेर टांट क्यों इतनी खुजावे?"
कुलदीप बोल्या "रे टांट तो दुखी होंते खुजा रे!"
रविंदर बोल्या "के बात, ढेरे ब्य़ा रे?"

कुलदीप के माच गी चिड
रविंदर गेल्या गया भीड़
रविंदर था थाडा
मार्या ऊके मोड्डा
कुलदीप गया पड़
रविंदर ने टेक दी उकी कड़

कुलदीप बोल्या "बकश दे आज पाछे तेरी गाल में नहीं आऊंगा!"
रविंदर बोल्या "जान जिब दूंगा, जिब तेरे धोरे जलेबी खाऊंगा!"

कुलदीप बोल्या "भाईसाब गलती होगी!"

रविंदर बोल्या "बड़ी जल्दी होगी !"

कुलदीप बोल्या "मै तो घरा पड्या रहू तो ठीक था!"

रविंदर बोल्या "बिना पिट्टे मान ज्या ह तो और बी ठीक था!"

कुलदीप बोल्या "तने मेरी सुनी ऐ कोणी "

रविंदर बोल्या "मै किसे की नहीं सुनता, तेरी के घण्टा थापू था!"

कुलदीप बोल्या "सुन तो ले, तेरा के घटेगा!"

रविंदर बोल्या "लिकड जा तावला नहीं तो और पिटेगा !":thappad


और इस तरह हमारे कुलदीप भाईजी रविंदर रून्ढे से पिट-पिटा कर वापिस घर आ गए | उनकी हालत उस कहावत जैसी थी के "लौट के बुद्धू घर को आये!"




मोरल :- अपने ते ठाड़े गेला कदे भी जुबान नहीं लड़ानी चाहिये !:boxing:rock



PS :
किसे ने कोए आपत्ति हो इस पे तो कृपया इसी धागे की पोस्ट नंबर 756 पढ़ें |:cool:

बहुत ही बढ़िया लिखा है भाई, लेकिन ये पहेलियो का section है,, आपको इसे humor section में डालना चाहिए ..

और ऐसे ही नाटक लिखते रहो, शेक्स्पीअर भी चाहिए JL पे.
 
बहुत ही बढ़िया लिखा है भाई, लेकिन ये पहेलियो का section है,, आपको इसे humor section में डालना चाहिए
..

और ऐसे ही नाटक लिखते रहो, शेक्स्पीअर भी चाहिए JL पे.


ek-adhi bar albaad bhi kar leni chaiye madi-moti bhai..

Not to digress from topic, ravinder bhaisaab or paheli aan dyo!
 
रविंदर रूंडा :- आरे तम कै भाई सो ?
राकेश खूंडा :- दो |
रविंदर रूंडा :- तीन हो है जब के पुन्झड पाड़ ल्यो है |:D


नोट : पुन्झड वाले बुरा न माने | और अगर माने, तो उपरलिखित तीन पंक्तिया दुबारा से पढ़े |:rock:rock
http://www.jatland.com/forums/showthread.php?15445-Char-Hote-To-Ke-Hota
 
दीपक आछी लाइन लिख राखी स ,,,तेरे कवी ह्रदय की सुथरी सुथरी आर तेरे तेज़ दिमाग की ताज़ी ताज़ी उत्पति पढ़ी.....तेरी बड़ाई होली इब्ब भाई ये लेंन पढले .......
,,,,
कविता का ना से[FONT=&quot] - [/FONT]राम ने सुन ली दीपक की

हान्न्न्नन्न्न्नन्न्न्न,,,,

दीपक भाई बैठ्या ओटडे की लेके आड
होगी कब्जी फिरे मारदा फिरे टाड

जब जोर मार के हार लिया
आर पछाड़ी म उसने कुरता भी तार लिया

आनिये जानिए देखे यो तमाशा
आर कहवे भाई इब्ब यु ना पकडे च्माषा

इतने में रविंदर रुंडा भी उड़े के लिकडया
आर उसने देख्या ,
आपना हाथ दीपक की कड़ प टेक्या
 
Last edited:
दीपक न मारी हूक
बोल्या मारेगा के होलिया हाल कसुत

रविंदर बोल्या हाल क मार गोली
न्यू बता तने म्हारी ए पाई पोली .....

इब्ब तेरी ना खेर स
आर होलिए तयार मेरा चाचा थानेदार स .....

दीपक का लाल होर्या था थोबड़ा आर आंख आरी थी बाहर ..
कहवे इब्ब मेरा समाधान करदे फेर चाहे खोंसड़े मार लिए चार .......

रविंदर बोल्या ना फेर तू भाज जागा .....
आर मोका सही स इब्बे तेरा चाम तारा जागा .....

दीपक बोल्या भाई ना करे या कार ...
मेरी तो अक्ल खा गयी थी आचार ....

भाई शहर म रहू सु आर गाम में आया था
मन में घना हुमाया था ...

सोच्या था बाजरे की रोटी गेल टीनडी घीखाऊंगा ...
आर गाम में जाके चिकना गात बनाऊंगा
 
Last edited:
मने ते बाजरे का रोट
समझ के अखरोट

आर सुका ए लोद्द दिया ,
आर मने पहलया ए कहवे था दादा मिहया ,

खाईये न बेटा एकला बाजरा यु सर जोड़ जाया करे ,
तेरे बर्गे शहरी पप्पू के पाचन तन्त्र ने मरोड़ जाया करे .

भाई म्हारे धुध आवे स मोल का आर कित लिकड़ेथा घी टीनडी,
इब्ब के करू फस्गी लिंडी .

रविंदर ने एक मरी लात
आर कह्या संभाल अपना गात,,,

थोबड़े न बंधकर ,,
आर पाछे ने खुला छोड़दे....
आरर इब्ब गात ने झकझोड़ दे....
 
Last edited:
आर सुन के रविंदर रुंडे की जबानी....
दीपक भाई की आंख्या में आया पानी ,,,,, ,,

बोल्या र जुल्मी इतना इजी ना स जितना तू कहवे स ...
तने दूर खड़े ने हंसी भावे स ,,,,

इतनी हांनं में रविंदर रुंडे न नज़र दोडाई ,,,
आर एक मोगरी उसकी हाथ में आई ...

लेके राम का नाम
आर कर दिया काम ...

मोगरी लाग्दे दीपक की लिकड़ी किलकी....
आरभाई ,,,,
हो गया बेडा पार,,,,
रामजी ने सुन ली दीपककी ....
राम ने सुन ली दीपककी ,
राम ने सुन ली दीपककी ......

मोरल 1 (तेरे खातर) :- खामखा कदे भी जुबान नहीं लड़ानी चाहिये !

मोरल 2 (तेरे खातर) :-अपने आप न ठाडा मान क पहलया ए विजेता घोषित न करया कर

मोरल 3 (मेरे खातर) :- या हे भोत स ,,,,,क्यूंकि ,,,गोबर में लिबडी होई भेंश के घननी

लव नि लागना चाहिए धांश दिया करे .....lollam lollll

''किसे ने कोए आपत्ति हो इसपे तो कृपया दीपक भाई की पोस्ट नंबर 756 जरुर पढ़ें| ''


रविंदर भाई इब्ब कोए पहेली आन दे
 
Last edited:
jma surdepan pe utar aaya bhai kuldeep!

Tere upar ek sadhaandli chutkuli yaad aagi!

ek ber kuldeep ke kabj ho rhi thi kasuti..papita bhi kha liya chik ke..isabgol bhi le liya er or bera na kya kya ki pudiya kha li kuldeep bhai ne.. par kabj tootan ka naam na le thi.. sare gaam ne bera pat gya ak kuldeepe ke kabj ki shikayat kime faltu e ho rhi se! ;)

ek din bichaara kuldeep baithya badro pe er haanga lya rhyaa..
par kuldeep bhai ka utre e nahi tha..

eeb hangaa laa laa chik liya kuleepa to or to ke kare tha.. is aas me ak utar jaaga er kabj toot jaagi, gaana gaan laagya
"bol radhaa bol sangam hoga ke nahi??"
"arey bol radhaa bol sangam hogaa ke nahi?"
er gelyaa madaa sa haangaa laa de "umhhhhhhhhhhhh"..
kilkiiiiiiiiiiiii @ umhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh :rock
par bhai ke to kardi kabj ki shikhayat hori thi..kit utre tha!! ;)

itne me ravinder rhundaa likdyaa ude ke..
dekh ke kuldeep ki halaat bolya
"bol kuldeepe bol jangal hoga ke nahi??"
"arey bol kuldeepe bol jangal hoga ke nahi??"

bhoondi bani ni kuldeepe gellaaa!! ha ha ha ha ha ha


Moral : "jitna sadhaandla likhega utna sidhaandla khaavega kuldeepe!" :rock
 
Last edited:
Nire moral likhe te kime na hove!
unpe amal bhi karya kar kade kade
na to tera guh me muh rahga sari umar.. eeb bhi isa muh bna rhya se jnu te sukhe leend me current aa rhya ho!!! :rock
buraaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
kilkiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii @ guh me muh...ha ha ha ha ha h aha ha ha

ravinder "albaadi" bhaisaab, eeb aan dyo pheli..
sadhaandle ka muh guh me ja liya!!..er current b laag liya bhai ke!! :rock
 
Nire moral likhe te kime na hove!
unpe amal bhi karya kar kade kade
na to tera guh me muh rahga sari umar.. eeb bhi isa muh bna rhya se jnu te sukhe leend me current aa rhya ho!!! :rock
buraaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh
kilkiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii @ guh me muh...ha ha ha ha ha h aha ha ha

ravinder "albaadi" bhaisaab, eeb aan dyo pheli..
sadhaandle ka muh guh me ja liya!!..er current b laag liya bhai ke!! :rock

bhitarle me ja lagi ke bansle ....sadandh ke bitode.....ar mannd sari a m ddunn mar di tane t ............hahaha......ibbb ...hurrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr..ddduuurrrrrrrrr
 
bhitarle me ja lagi ke bansle ....sadandh ke bitode.....ar mannd sari a m ddunn mar di tane t ............hahaha......ibbb ...hurrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr..ddduuurrrrrrrrr


maadi baat kar gya maryar 2 point maren me e..makhaul jma nahi samjhta..
Wa post number 756 tere jise bhai khatir theek se jma!!
Eeeb rest mar er paheli ka intejaar kar..

mai tere jise jatkaa ki baat ka bura na manya karu.. ;)
 
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