ल्भ्क-लितरा

Kyun khabaad karo ho tohan ki, ye lyo. this is what she said for Anil in that thread:

"Na na aap nyu daraao manna....na tai yo Dec mai aana cancel karega....wheels ke saath isski donu taang bi tai paati rehgi....kisaari ki taangan ki dhal....to serve as SIDE-STAND;) ON BOTH SIDES:D :p"

Agar Anil baith ta scooter pe toh taang kissari ki dhaal dikhti, par aagla baithya e koni...bach gaya !!!
Anil, I dont know if you rode pillion on Sunita's scooter or not...but she did comment- 'Kisaari si taang' :P
Will try to find from Sunita's long list of posts.
 
कीमे थम भी लिख दयो भाई.. अक या "लिखन की काण" मेरे अर रविंदरजीत भाईसाब के ऐ है? :cool:

नवदीप न्यू सोचे था कदे इस मिस (पोस्ट देख के) उसका भी लक्ख दे कोए... उसका भी लम्बर आ ज्या :-p
 
Kyun khabaad karo ho tohan ki, ye lyo. this is what she said for Anil in that thread:

"Na na aap nyu daraao manna....na tai yo Dec mai aana cancel karega....wheels ke saath isski donu taang bi tai paati rehgi....kisaari ki taangan ki dhal....to serve as SIDE-STAND;) ON BOTH SIDES:D :p"

Agar Anil baith ta scooter pe toh taang kissari ki dhaal dikhti, par aagla baithya e koni...bach gaya !!!

Thanks, Vikas :-)
 
Waahe to......Thank you Vikas bhai...... Maka yoh julm kad hoya.........!!! Sunita IMAGINE kar ri thee is post mein..... er aap ne saachi si maan leee Bharti ji...

Waise, mein to byah aale din e milya thaa aap tein bhi er Sunita behanji tein bhi.....................er us din to mein GHODI pe baithaa thaa........ Jab aap bhi Aashirwaad dewan aaye they Sitara Garden mein....... ha ha ha ha ha ha...... :-)




Kyun khabaad karo ho tohan ki, ye lyo. this is what she said for Anil in that thread:

"Na na aap nyu daraao manna....na tai yo Dec mai aana cancel karega....wheels ke saath isski donu taang bi tai paati rehgi....kisaari ki taangan ki dhal....to serve as SIDE-STAND;) ON BOTH SIDES:D :p"

Agar Anil baith ta scooter pe toh taang kissari ki dhaal dikhti, par aagla baithya e koni...bach gaya !!!
 
ल्भ्क-लितरा


यु तागा टाइम पास स | कोए बुरा ना मानिओ | इह में पहलम ते जो आज-काल के घणे एक्टिव मेंबर सें ,उनकी फोटू ,लोग-इन आई.डि अर उनकी उदघोशनाओं(सिग्नेचरआँ ) अर कार्यकलापों के सुवाद लिए जावेंगे अर फेर पुराणे कम एक्टिव मेम्ब्रां के सुवाद ल्यांगे |


पहलम काण दी स राकेश सहरावत के :-


रवीन्द्र, राकेश की काण उतरी, अक वो ईब ताहीं लीतरा पकड़ कै खड़्या सै ?



.
 
रवीन्द्र, राकेश की काण उतरी, अक वो ईब ताहीं लीतरा पकड़ कै खड़्या सै ?



.

देशवाल जी जब दुसरे के काण आ जावे स ते पहलाड़े की आपणे आप उतर जावे स |अर देशवाल जी लितरा नहीं इह खेल में ते जेवड़ी पकड के ने खड्या होणा पड़े स |
 
Last edited:
Waahe to......Thank you Vikas bhai...... Maka yoh julm kad hoya.........!!! Sunita IMAGINE kar ri thee is post mein..... er aap ne saachi si maan leee Bharti ji...

Waise, mein to byah aale din e milya thaa aap tein bhi er Sunita behanji tein bhi.....................er us din to mein GHODI pe baithaa thaa........ Jab aap bhi Aashirwaad dewan aaye they Sitara Garden mein....... ha ha ha ha ha ha...... :-)

Anil, waise Sunita ki Imagination ka bhi jawab nahi. Tumhara naam aate hi mujhe to Kisaari hi yaad aati hai :-)

Yes, I do remember your wedding at Sitara .... Lekin maine to tumhein ghodi se utarne ke baad hi dekha thha :P
 
[QUOTE
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Originally Posted by malikdeepak1
कीमे थम भी लिख दयो भाई.. अक या "लिखन की काण" मेरे अर रविंदरजीत भाईसाब के ऐ है? :cool:
नवदीप न्यू सोचे था कदे इस मिस (पोस्ट देख के) उसका भी लक्ख दे कोए... उसका भी लम्बर आ ज्या :-p=ssg
oyat;295391]नवदीप न्यू सोचे था कदे इस मिस (पोस्ट देख के) उसका भी लक्ख दे कोए... उसका भी लम्बर आ ज्या :-p[/QUOTE]

goyat saab post kise ki reply kise or ka karo ho .. beech me manne ghaseetan laag rahe ho .. :):)
 
आज काण दी स सुनील नेण के :-
फोटू ---- भाई आये मिहने फोटू बदल दे स ,पर इब्ब ताहीं बात कोणी बणी स | स ते कती जिस्सा फोटू में स उस्सा-ए,पर के फेदा, कोए लखांदी-ए कोणी |
लोगिन ---- लोगिन ते भाई का ठाक स ,उलटा नाम छाप के के सिद्ध करना चाहवे स बेरा ना ,आर यो "००७" ,आपने आप ने बेरा ना के समझे स ,झोटे की पुन्झअड़ी ते मरोड़ी भी ना जावे | लोग इन् ते साच्चा-ए स ,किहे छोरी का कोणी |
उद्घोषणा -----" I always do the worst and hope for the best... " इस्से माणस सारी हाण न्यू सोधे जाया करें अक चाहे कितने-ए कोए उछल लें, रोटी ते-वे-ए चार खाणी सें | ज्यां तें भाई निश्चिन्त जिन्दगी जीण में विशवास राखे स | सुधा बालक , आज ताहीं एक भी अल्बाद ना करी जिन्दगी में | जमा काली गऊ स | न्यू सोचे जावे स अक करणी होगी ते उह के नाम की कोए और-ए कर देगा |
कार्यकलाप ---- रोज जाटलैंड पे आया करे ,पहलम घीशे पिटे चुटकले छापे कुछ दिन ते ,फेर आपणा पाडना मोती राकेश सहरावत जिब्बे इह की पिंडी के चिपट जांदा ,आखिर में इह ने दर्द भरी शायरी का एक पन्ना शुरू कर्या , आपां नु भी उह में किम्मे भडाश काढअन का मौका मिलगा , आज काल सव्यम्भु थानेदार बनण की कोशिश करे स जाटलैंड पे | एक बुढ़िया के कहे तें इह ने राजी हो के ने आपणा बायो भी छाप्या पर किम्मे फेदा कोणी होया ,किहे ने जाड़े कोणी गेरे ,| कोए बात ना भाई काम बणदे -बणदे बनया करे | माँ के उप्पर बड़ी मार्मिक कविता लिखी अर हाम कई जाणे रुवा दिए भाई ने ,में भी भावनाओं में बह के ने दो-तीन कविताओं का रचियेता बणगा |कुल मिला के ने बालक आछा स | ----साद-भावनाओं सहित |
 
आज काण दी स सुनील नेण के :-
फोटू ---- भाई आये मिहने फोटू बदल दे स ,पर इब्ब ताहीं बात कोणी बणी स | स ते कती जिस्सा फोटू में स उस्सा-ए,पर के फेदा, कोए लखांदी-ए कोणी |
लोगिन ---- लोगिन ते भाई का ठाक स ,उलटा नाम छाप के के सिद्ध करना चाहवे स बेरा ना ,आर यो "००७" ,आपने आप ने बेरा ना के समझे स ,झोटे की पुन्झअड़ी ते मरोड़ी भी ना जावे | लोग इन् ते साच्चा-ए स ,किहे छोरी का कोणी |
उद्घोषणा -----" I always do the worst and hope for the best... " इस्से माणस सारी हाण न्यू सोधे जाया करें अक चाहे कितने-ए कोए उछल लें, रोटी ते-वे-ए चार खाणी सें | ज्यां तें भाई निश्चिन्त जिन्दगी जीण में विशवास राखे स | सुधा बालक , आज ताहीं एक भी अल्बाद ना करी जिन्दगी में | जमा काली गऊ स | न्यू सोचे जावे स अक करणी होगी ते उह के नाम की कोए और-ए कर देगा |
कार्यकलाप ---- रोज जाटलैंड पे आया करे ,पहलम घीशे पिटे चुटकले छापे कुछ दिन ते ,फेर आपणा पाडना मोती राकेश सहरावत जिब्बे इह की पिंडी के चिपट जांदा ,आखिर में इह ने दर्द भरी शायरी का एक पन्ना शुरू कर्या , आपां नु भी उह में किम्मे भडाश काढअन का मौका मिलगा , आज काल सव्यम्भु थानेदार बनण की कोशिश करे स जाटलैंड पे | एक बुढ़िया के कहे तें इह ने राजी हो के ने आपणा बायो भी छाप्या पर किम्मे फेदा कोणी होया ,किहे ने जाड़े कोणी गेरे ,| कोए बात ना भाई काम बणदे -बणदे बनया करे | माँ के उप्पर बड़ी मार्मिक कविता लिखी अर हाम कई जाणे रुवा दिए भाई ने ,में भी भावनाओं में बह के ने दो-तीन कविताओं का रचियेता बणगा |कुल मिला के ने बालक आछा स | ----साद-भावनाओं सहित |

To the point and very true. Bahut sidha Balak sa aur Maa ke uppar jo marmik kavitayen likhi thi ve bhi bahut khubsurat thi. Ravinderji aapne ees kaan mei woh kavitayein fir yaad dila di.
 
आज काण दी स सुनील नेण के :-
|

मेरी काण खत्म, धप्पा......................
मन्नै लागै ना था मेरी भी काँ आवैगी, धन्यवाद रविंद्र जी काँ तई........
आगला लम्बर देखो किसका होगा


 
आज काण दी स राकेश सांगवान के :-
फोटू ---- भाई फोटू एक-ए चेप रया स जब तें मन्ने देख्या स ,इस्सी ढाल पड्या सोफ्याँ पे जाणू ते फोटू खीन्चाण के पिस्से मांगेगा ,इस्सा बढ़िया मुंह ,जा बड्डी-बड्डी मूंछ राख ले ते गुड्गामे के सांस्क्रतिक मेले में एक स्टाल ला सके सें टकट काट के ने लोग इह का मुंह देखण आवें अक चोधरी किस्सा हो स | इब्ब ते बिना मुन्छ्याँ इस्सा लागे स जाणू ते गोसे की तली में बालू रेत चप्पर्या हो |
लोगिन ---- लोगिन ते भाई का साचा स पर पढ़े ते इस्सा लागे स अक जाणू ते कोए पाथर की भींत हो अर जणू ते किहे पुराणी फिलम के विलियन का नाम चोर लिया हो |
उद्घोषणा -----" जाट हारा नहीं कभी रण में तीर तोप तलवारों से ,
जाट तो हारा हैं , गद्दारों से दरबारों से
|"

" इस कौम का ईलाही दुखड़ा किसे सुनाऊ ?
डर हैं के इसके गम में घुल घुल के न मर जाऊँ || "
...........................चौ.छोटूराम ओहल्याण
|
भाई ये वाक्य चाहे कहे किहे ने भो हों ,पर भाई ते इन् ने रोज भुगते स | सो साल पहले हमारा इन्ही शब्दों में सार था ,आज भी ह और आगे भी रहेगा | चौधरी छोटूराम ओहल्याण ते साचे घुल-घुल मरगे थे ,पर यु ते रोज मोटा होवे स चा: पी -पी के ने |
कार्यकलाप ----
रोज जाटलैंड पे आया करे ,अर दो चार लेण लिख के ने बात का नीचोड़ या फेर न्यू कह सको सो अक खोई काढ दिया करे , रोहतक/ सोनीपत आल्याँ तें चिडा करे अक जब ये म्हारे कानी आपणी रिश्तेदारियां में आवें ते इन् ने खावण ने गुड अर चुन्घन ने गंडे कोणी देवे ते ये बड़े नाराज हो ज्यां सें | आपणे बाबू ( कमांडेंट चौधरी हवा सिंह सांगवान) की ढाल किते ना किते रोज रुप्प्या रहवे स | कमांडेंट साहेब ते रेल रोकें अर यु नेट पे खोंश्डे बजाये जाया करे | आप किम्मे नि कहना चाहवे ते एक इह का भाई स मेरे नाम का उह मांह के बात कुहावेगा | गुड्गामे पड्या रहया करे जाट सेवा खातर ,कोए कदे भी चाल्या जावे भाई होका प्याए बिना ना जाण दे | मुंह ने इस्सा बणाए राख्या करे जाणू ते बिना नेय का होका हो | राजनीती पे पकड कसुती राख्या करे | इतना कसुता राजनेता होर्या स अक इह के दीमाग में आटणे पड़ गे सें | अर सुवाद इस्से बन्दे/बंदी के भी ले लिया करे जिह के लिखे होड़ में तें भी बांस आंदी हो | कुल मिला के ने जाट आरक्षणं का इन्टरनेट यौद्धा स भाई | ----सद -भावनाओं सहित |

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राकेश सांगवान के बचपन का दुर्लभ फोटू |
 
Last edited:
रविंदर जी,

यो प्रोफाइल का पोस्टमारटम कारन का ताग्गा बढ़िया है....... हम तो नवे नवे हैं....... थारे सारे ताग्गे अर वचन मैं घना सुवाद आवे है....... जिब सै आया हु थारा तो मैं भगत हो लिया हू...... मैन्ने भी कुछ चुटकुले छोडदे थे पर अदमिन. नै पाड दिए नु कह कै अक " indecent " है.......... तो मैन्ने तो पूँछ टांगो मैं दे ली अर बस पढ़ कै मजे लें लगया ...... नुई लगे रओ....


रेगार्ड्स
अमित पंवार :applause:
 


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राकेश सांगवान के बचपन का दुर्लभ फोटू |

काट्या रोग... कसुते लित्तर मार दिए व भी भे भे के ....काका इतने लित्तर मारा करे कदे ...देखिये.. डरते की फोटू में भी आँख फिर री स लित्तर देख क न ;)
लको के धरी थी या फोटू तेरे त डरते न ..काका कित्त त टोह के लाया स बेरा न :)
 
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