Reservation is our constitutional right

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जाट आरक्षण पर आंदोलन का फैसला 12 अगस्त को : सांगवान
भिवानी। गांव धनाना की नई परस में आज अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की भिवानी जिला इकाई कार्यकारिणी की चौधरी चौ. ओम सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें जाट आरक्षण पर गंभीरता से विचार विमर्श किया गया। समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सागवान ने पिछली घटनाओं की समीक्षा करते हुए बतलाया कि फरवरी, 2012 में जिन जाट नेताओं ने असफल आंदोलन चलाया, उसकी असफलता को छिपाने के लिए हमारे विरोध में दुष्प्रचार किया, जो निंदनीय है। उन्होंने आगे बतलाया कि कुछ लोगों ने इस आंदोलन का राजनीतिकरण करने का प्रयास किया, जिससे जाट एकता को नुक्सान पहुंचाया। अभी आरक्षण कि मांग को केवल राज्य स्तर पर बतलाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है, जबकि हमारी मांग बड़ी स्पष्ट है कि जाट समाज को पहले केंद्र में तथा उसके बाद राज्य में पिछड़ा घोषित किया जाए, क्योंकि कानून बहुत ही स्पष्ट है कि केंद्र में पिछड़ा घोषित होने पर राज्य स्तर पर स्वयं ही पिछड़ा घोषित हो जाएगा। वर्तमान में हरियाणा का पिछड़ा आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करने में लगा है और हमें आशा है कि इसी महीने आयोग अपनी रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंप देगा और यह भी उम्मीद है कि आयोग जाट समाज के साथ न्याय करेगा। मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि संघर्ष समिति ने सरकारों को 15 अगस्त तक का समय दे रखा है, जिसके लिए 12 अगस्त को बरवाला ब्लाक के किसी एक स्थान पर बहुत बड़ी जाट सभा की जाएगी, यदि जाट समाज के साथ अन्याय होता है तो इसी सभा में आगे के आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। रैली के स्थान की घोषणा 20 जुलाई को कर दी जाएगी। यदि सरकार 12 अगस्त तक कोई भी कार्रवाई नहीं करती है, तो संघर्ष समिति को आंदोलन की घोषणा करनी पड़ेगी। इसके अलावा संघर्ष समिति के पास कोई चारा नहीं होगा।
बैठक में नए पदाधिकारियों की भी घोषणा की गई, जिसमें सतबीर सिंह घुसकानी, नंबरदार बनीसिंह पुर, अत्तर सिंह नंबरदार अख्त्यापुरा, धर्मपाल सरपंच सिवाड़ा, उमेदसिंह जताई तथा बलबीर सिंह सुखपुरा को जिला महासचिव और कुलदीप फौगाट को भिवानी जिले का युवाध्यक्ष नियुक्त किया गया। बाकी नियुक्तियां अगली बैठक में करने के लिए फैसला लिया गया। बैठक के अंत में अखिल भारतीय जाट सभा के प्रधान तथा प्रख्यात पहलवान व अभिनेता चौ. दारासिंह के निधन पर उनकी आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस बैठक में जिला प्रधान चौ. कपूर सिंह धनाना, सिवानी के सरपंच रामकुमार, बहल से सूबेदार बलबीर सिंह, तोशाम से कर्मसिंह, अटेला से धर्मपाल व रणसिंह, मंढ़ाणा से कप्तान ईश्वर सिंह, पुर से बनीसिंह नंबरदार, सिवाड़ा से ओम सिंह, बामला से सूबेदार उमेदसिंह, सूबेदार वेदप्रकाश, सूबेदार बलवान सिंह, मानकावास से मास्टर प्रताप सिंह, चौ. रामचंद्र, कप्तान खुशीराम, बडेसरा से हरकेश, तालू से जोगेंद्र, दलबीर सिंह, धनाना से सरपंच रामकुमार, सूबेदार कलीराम, राजसिंह, राजड़ आदि सैंकड़ों लोग उपस्थित थे।
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आरक्षण की मांग को लेकर जाट करेंगे रैली
संवाद सूत्र, सिवानीमंडी : आरक्षण को लेकर पिछले काफी समय से खामोश बैठे जाटों का एक धड़ा अब आरक्षण को लेकर सरकार से आर-पार की लड़ाई के मूड में है। इसे लेकर सिवानी में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की एक बैठक हुई। इसमें सरकार के खिलाफ जाट नेताओं ने अपनी भड़ास निकाली और 12 अगस्त को आरक्षण ना मिलने पर हिसार जिला के खरड़ गांव में एक रैली का आयोजन कर 15 अगस्त से सरकार के खिलाफ प्रदेश में एक ओर नया आंदोलन खड़ा करने की चेतावनी दी। बैठक के बाद जाट समाज के लोगों ने समिति के प्रदेशाध्यक्ष हवा सिंह सांगवान के नेतृत्व में मुख्य बाजार में प्रदर्शन किया और एसडीएम को ज्ञापन देकर मांगों से अवगत करवाया। गौरतलब है कि हवासिंह सांगवान से पूर्व यशपाल मलिक के खेमे ने पिछले दिनों हिसार में आरक्षण को लेकर बड़ा आन्दोलन किया था। उस समय हवा सिंह सांगवान इस आन्दोलन से दूरी बनाए हुए थे। उनका कहना था कि सरकार ने 15 अगस्त तक आरक्षण देने का वायदा किया हुआ है और अब कार्रवाई सिरे ना चढ़ने से नाराज हवा सिंह सांगवान ने सरकार के खिलाफ निर्णायक जंग का एलान कर दिया हैं। सिवानी में हुई बैठक में जाट आरक्षण की प्रगति पर विचार विमर्श किया और हरियाण पिछड़ा आयोग की रिपोर्ट में हो रही देरी पर चिन्ता व्यक्त की गई। बैठक में हवासिंह सांगवान ने कहा कि विश्र्व विद्यालयों की तरफ से हो रही सर्वे के कारण हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने में देरी कर रहा हैं। इसलिए यह संभव नहीं लगाता कि 15 अगस्त तक जाटों को आरक्षण मिल जाएगा। सांगवान ने कहा कि सबसे पहले केन्द्र में जाटों को पिछड़ी जाति घेषित की जाए और उन्हें आरक्षण दिया जाए। बैठक में आरक्षण को लेकर हिसार में 12 अगस्त को होने वाली रैली में बढ़ चढ़कर भाग लेने की अपील की गई। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में सांगवान ने कहा कि 15 अगस्त को शुरू होने वाला आन्दोलन का रूप कैसा होगा ये निर्णय 12 अगस्त को रैली में ही लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जाट इस आन्दोलन में दिल्ली का पानी या अन्य खाद्य सामग्री रोक सकते हैं।
 
गौरतलब है कि हवासिंह सांगवान से पूर्व यशपाल मलिक के खेमे ने पिछले दिनों हिसार में आरक्षण को लेकर बड़ा आन्दोलन किया था। उस समय हवा सिंह सांगवान इस आन्दोलन से दूरी बनाए हुए थे। उनका कहना था कि सरकार ने 15 अगस्त तक आरक्षण देने का वायदा किया हुआ है और अब कार्रवाई सिरे ना चढ़ने से नाराज हवा सिंह सांगवान ने सरकार के खिलाफ निर्णायक जंग का एलान कर दिया हैं।
iss reporting se hum kya matlab nikalen .....koi bhai batlaega......aise sanvaad sutaraan ne thoda duree rakho to ghanna badhiya rehga.
 
जाट समाज को पहले केंद्र में आरक्षण मिले : हवासिंह सांगवान
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि उनकी मांग जाट समाज को पहले केंद्र में आरक्षण दिलाने के लिए है, जिसके ठोस कारण हैं। अभी तक दिल्ली, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार, उत्तरांचल और हिमाचल प्रदेश में जाट समाज को राज्य स्तर पर आरक्षण मिले 12 साल से भी अधिक हो गए हैं, लेकिन अभी तक केंद्र स्तर पर आरक्षण नहीं दिया गया है, क्योंकि ऐसा कोई भी कानून नहीं है कि राज्य स्तर पर आरक्षण होने पर केंद्र स्तर पर भी होगा, जबकि दूसरी ओर केंद्र स्तर पर आरक्षण होने पर राज्य सरकार ऐसा करने के लिए बाध्य है, क्योंकि पिछड़ी जाति के प्रमाण पत्र राज्य के अधिकारियों द्वारा देने पड़ते हैं। जिस प्रकार राजस्थान के जाटों को केंद्र स्तर पर पहले भाजपा की सरकार ने 29 अक्टूबर, 1999 को आरक्षण दिया तो 6 नवंबर, 1999 को राजस्थान में कांग्रेस की सरकार होते हुए भी आरक्षण देना पड़ा। इसी प्रकार केंद्र के मंडल आयोग की रिपोर्ट को सभी राज्यों में लागू करना पड़ा। जो जाट राज्य में पहले आरक्षण की मांग कर रहे हैं, वे जाट कानूनी तौर पर अंजान हैं या फिर राजनीति से प्रेरित हैं और जाटों को बहका रहे हैं। सांगवान ने आगे बतलाया कि आरक्षण जाटों का केवल सवैंधानिक अधिकार नहीं, बल्कि मौलिक अधिकार भी है क्योंकि मौलिक अधिकारों के तहत एक ही समाज को अलग-अलग राज्यों में आरक्षण देकर या न देकर समानता के मौलिक अधिकार का हनन किया गया है, जो जाट समाज के साथ अन्याय है, जिसे जाट समाज किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। इसके लिए 12 अगस्त को हिसार के खरड़ गांव में जाट क्रान्ति रैली का आयोजन करके आंदोलन की रूपरेखा घोषित की जाएगी।​
 
जाटों को आरक्षण मिलने से पिछड़ी जातियों को कोई नुकसान नहीं : सांगवान

अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान के नेतृत्व में जाट क्रांति रैली का प्रचार आज गांव निमड़ीवाली से शुरू किया गया। इस अवसर पर श्री सांगवान ने कहा कि जाटों को आरक्षण मिलने पर पिछड़ी जातियों को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि मंडल कमीशन ने लगभग 1800 जातियों को पिछड़ी जाति घोषित किया, जिनकी संख्या उस समय 54 प्रतिशत थी और इसका आधा 27 प्रतिशत को पिछड़ी जातियों के लिए आरक्षित किया गया। उसके बाद लगभग 94 जातियों को पिछड़ी जाति घोषित किया जा चुका है और जाट समाज को पिछड़ा घोषित किए जाने के बाद पिछड़ी जातियों को जनसंख्या 64 प्रतिशत हो जाएगी, जिसके लिए उन्होंने पहले से ही पिछड़ा आयोग को पिछड़ी जातियों के लिए 32 प्रतिशत आरक्षित करने के लिए लिखा हुआ है। यदि जाटों को आरक्षण मिलने के बाद ऐसा नहीं हुआ तो जाट समाज सभी पिछड़े वर्ग को साथ लेकर एक राष्ट्रीय आंदोलन चलाएगा। सांगवान ने आगे कहा कि पिछड़ी जातियों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि ऐसा होकर रहेगा। इसके अतिरिक्त जाट समाज का उठना-बैठना व खानपान अथवा सामाजिक स्तर पिछड़ी जातियों के समान है। यह बात किसी से छिपी नहीं है और इन्ही जातियों के साथ जाट समाज का गहरा संबंध व भाईचारा रहा है। जाट समाज किसी भी कीमत पर अपने ही भाईयों को धोखा नहीं देगा। इसलिए पिछड़ी जातियों से जुड़े लोगों को यह बात समझ लेनी चाहिए कि जाटों को आरक्षण मिलने से उन्हें किसी तरह का कोई नुकसान होने वाला नहीं है।
प्रचार अभियान में उनके साथ ओमपाल आर्य, कुलदीप फौगाट, रघुबीर सिंह बूरा, जागेराम पूर्व सरपंच निमड़ीवाली व जोगेंंद्र तालू आदि थे।
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Our very own Jat CMs and opposition leaders have used the Jat reservation issue like a football to score their political goals (elections).

What is stopping Mr. Hooda now or in the past from giving reservation in Haryana? He has the capability of without any second thought giving reservation to the very Jats who brought him to power. He is just another of those politicians who have been fooling us, the people for long.

I am sure just before next assembly elections, he will announce reservations but at the same time express his inability to implement his announcement because of the election code of conduct. And soon after he wins the elections, the Jat Reservation Announcement will go into cold storage for another five years.

And mind you, Congress is the champion in this fine art of making false and hollow promises. They have mastered this art for over 60 years since independence.
 
Lyo bhai ye baahman bhi khade hoge resevation khatir.. Rajasthan aur Haryana ke brahman samaj ne savindhan me sanshodhan karan ki maang kari hai reservation khatir.. Gohana me meeting hui hai inki.
 
सूरा साब आप ऩे के लागे स...? .....यो सांघी आली कीमे जीभ दाबे स के आरक्षण की ? ... आक बस चा-पाणी का प्रोग्राम स इस तें मिलन में ?.... इस ने भी जमा सस्ते कर दिए जाट ... हरयाणे में तो आरक्षण देना इसके हाथ में इ होगा.... कीमे करना स तो कर दे.... आक यो भी रामदेव ढाल ड्रामे करे स...?
 
[h=2]जाटों के साथ सिरे चढ़ी हुड्डा की वार्ता[/h]Posted On August - 14 - 2012

चंडीगढ़, 14 अगस्त (हप्र)। हरियाणा में जाटों को ओबीसी में आरक्षण दिए जाने के मुद्दे को लेकर बन रही आंदोलन की संभावनाएं एक बारगी टल गई हैं। आज चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक में आम सहमति बन गई। बैठक के बाद जाट पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद उन्होंने पंद्रह अगस्त को नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर दिए जाने वाले धरने के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। गौरतलब है कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से हुड्डा सरकार को जाटों को आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर अल्टीमेटम देते हुए कहा गया था कि अगर पंद्रह अगस्त से पहले हरियाणा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट पेश नहीं की तो वह अपनी इस मांग को लेकर दिल्ली में आंदोलन शुरू करेंगे। जाटों की चेतावनी के मद्देनज़र आज मुख्यमंत्री हुड्डा के साथ संघर्ष समिति पदाधिकारियों की चंडीगढ़ में बैठक हुई। संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह दलाल, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष हवा सिंह सांगवान तथा महासचिव राज सिंह सहित कई जाट नेता बैठक में शामिल हुए। लगभग डेढ़ घंटा चली इस बैठक में मुख्यमंत्री हुड्डा ने संघर्ष समिति पदाधिकारियों को भरोसा दिया कि दो महीने के अंदर आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करवा दिया जाएगा।
आयोग की रिपोर्ट आने तक आंदोलन स्थगित करने के मुख्यमंत्री के आग्रह को संघर्ष समिति ने मान लिया ङ्क्षकतु यह चेतावनी भी दी है कि अगर इस दौरान रिपोर्ट नहीं आई तो फिर तेरह सितम्बर को रोहतक के गढ़ी सांपला में मनाए जाने वाले शहीदी दिवस में आंदोलन का ऐलान कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जाट नेताओं से कहा कि वह पहले ही समुदाय को आरक्षण दिए जाने की सिफारिश कर चुके हैं। उनका प्रयास होगा कि हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग भी दो माह से पहले अपनी रिपोर्ट पेश कर दे।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष भगत सिंह दलाल और हवा सिंह सांगवान ने मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता को सफल बताते हुए कहा कि 13 सितम्बर को गढ़ी सांपला में शहीदी दिवस मनाया जाएगा। इसमें यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन की अगली रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर किया जाने वाला आंदोलन स्थगित कर दिया गया है।

 
Jats meet CM, put off stir plan for now
Next course of action to be decided at Garhi Sampla on Sept 13
Pradeep Sharma
Tribune News Service
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Chandigarh, August 14
Following a meeting with Chief Minister Bhupinder Singh Hooda here today, the All-India Jat Aarakshan Sangharsh Samiti, which has been demanding a job quota, seems to have put off its agitation plan for the time being.

However,the community decided to hold a “shaheedi divas” function at Garhi Sampla (Rohtak), the birth place of Sir Chhotu Ram, one of the tallest Jat leaders, on September 13 to chalk out its future course of action in case the Haryana Government and the Central Government dilly-dallied on the “genuine” demand of the Jat community.
Representatives of the samiti urged the Chief Minister to expedite the report of the Haryana Backward Classes Commission (HBCC). The government was also urged to take up the matter with the Central Government again for the inclusion of Jats in the central list of the OBCs. ”If 3,716 communities could be included in the OBC list in the Mandal Commission report, why not Jats?” asked Hawa Singh Sangwan, Haryana unit president of the samiti.
The meeting decided that the HBCC report would be submitted preferably within two months. Jat leaders have already vowed to resume the agitation in case an adverse report is given by the HBCC.
The Jats had led violent agitations in the state in the past, stopping trains and damaging public property. In fact, the Hooda government has been criticised for being soft on the violent agitations by the community.
What raised the hackles of other communities was when Hooda led a delegation of Jat leaders to meet then Home Minister P. Chidambaram, batting for Jats’ inclusion in the central list of the OBCs on June 12.
 
जाटों के साथ सिरे चढ़ी हुड्डा की वार्ता

Posted On August - 14 - 2012

चंडीगढ़, 14 अगस्त (हप्र)। हरियाणा में जाटों को ओबीसी में आरक्षण दिए जाने के मुद्दे को लेकर बन रही आंदोलन की संभावनाएं एक बारगी टल गई हैं। आज चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के बीच हुई बैठक में आम सहमति बन गई। बैठक के बाद जाट पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद उन्होंने पंद्रह अगस्त को नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर दिए जाने वाले धरने के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया है। गौरतलब है कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की ओर से हुड्डा सरकार को जाटों को आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर अल्टीमेटम देते हुए कहा गया था कि अगर पंद्रह अगस्त से पहले हरियाणा राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी रिपोर्ट पेश नहीं की तो वह अपनी इस मांग को लेकर दिल्ली में आंदोलन शुरू करेंगे। जाटों की चेतावनी के मद्देनज़र आज मुख्यमंत्री हुड्डा के साथ संघर्ष समिति पदाधिकारियों की चंडीगढ़ में बैठक हुई। संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगत सिंह दलाल, हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष हवा सिंह सांगवान तथा महासचिव राज सिंह सहित कई जाट नेता बैठक में शामिल हुए। लगभग डेढ़ घंटा चली इस बैठक में मुख्यमंत्री हुड्डा ने संघर्ष समिति पदाधिकारियों को भरोसा दिया कि दो महीने के अंदर आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करवा दिया जाएगा।
आयोग की रिपोर्ट आने तक आंदोलन स्थगित करने के मुख्यमंत्री के आग्रह को संघर्ष समिति ने मान लिया ङ्क्षकतु यह चेतावनी भी दी है कि अगर इस दौरान रिपोर्ट नहीं आई तो फिर तेरह सितम्बर को रोहतक के गढ़ी सांपला में मनाए जाने वाले शहीदी दिवस में आंदोलन का ऐलान कर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने जाट नेताओं से कहा कि वह पहले ही समुदाय को आरक्षण दिए जाने की सिफारिश कर चुके हैं। उनका प्रयास होगा कि हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग भी दो माह से पहले अपनी रिपोर्ट पेश कर दे।
संघर्ष समिति के अध्यक्ष भगत सिंह दलाल और हवा सिंह सांगवान ने मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता को सफल बताते हुए कहा कि 13 सितम्बर को गढ़ी सांपला में शहीदी दिवस मनाया जाएगा। इसमें यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन की अगली रणनीति तैयार की जाएगी। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त को नई दिल्ली में जंतर-मंतर पर किया जाने वाला आंदोलन स्थगित कर दिया गया है।

bhai yee baaat to maane rakesh sangwan ji ko pehle hi bol di thi ki yee hooda arakshan nahi dega....mujhe nahi pata ki sangwan saab kyo hoooda pur itna bharosa kar rahe hai...aur mai yee baat phir se baat bol raha hu ki 2014 se pehle jaato ko haryana mai arakshan nahi milega.....doosri baat ye bolna chahta hu ki jo bhi cm n jat leaders mai baat ho uski recording honi chahiye taki baki saare jaato yee pata ho ki leaders mai n cm ke beech kya baat hui hai.....mere khayal se to sangwan saab ko aur time nahi denaa chahiye thaaa.....coz time dene se logo ka sangwan saab se bharosa uthh jayega...
 
bhai yee baaat to maane rakesh sangwan ji ko pehle hi bol di thi ki yee hooda arakshan nahi dega....mujhe nahi pata ki sangwan saab kyo hoooda pur itna bharosa kar rahe hai...aur mai yee baat phir se baat bol raha hu ki 2014 se pehle jaato ko haryana mai arakshan nahi milega.....doosri baat ye bolna chahta hu ki jo bhi cm n jat leaders mai baat ho uski recording honi chahiye taki baki saare jaato yee pata ho ki leaders mai n cm ke beech kya baat hui hai.....mere khayal se to sangwan saab ko aur time nahi denaa chahiye thaaa.....coz time dene se logo ka sangwan saab se bharosa uthh jayega...

भाई, लेकिन एक बात बता... इस ने कम तें कम आयोग तो बनाया स (मंशा के रही है साफ़ नहीं बेरा).... कुछ और लीडर ने ले के केंद्र में मिल के आया स........

लेकिन चौटाला साब का के कर ले... न्यू कह स हमेशा आक आर्थिक आधार पे होना चाहिए.... कहन का मतलब होया आक जाटों को सीधा सीधा समर्थन नहीं है आरक्षण के लिए INLD se abhi tak to................ एर ये दोनु नहीं करेंगे तो फेर कुलदीप बिश्नोई तें तो उम्मीद छोड़ दयो समर्थन की.... वो तो कांच काढेगा जाटा की... दो जाट ( हूडा आर चोटाला) भारी पड़ रे सें उस पर....

तो madad करैगा या तो हूडा या फेर चोटाला..... एब हूडा का टेम स... इस ने बिचास ल्यां सा.... .............कम तें कम हूडा ने अपने हिसाब तें समर्थन करन की कोशिश तो करी स.... एर हाँ भाई, यकीन किसे का मत करो... लेकिन २ महीने की बात स, जो रांड-न-पूति होनी होगी हो लेगी.... फेर क्याह में बड़ेगा ? वोट सिर्फ जनता दे स... एर वोट लें आना पड़ेगा तेरी मेरी चोखट पे इस ने.... इस ने भी बेरा स इस बात का..... संघर्ष समिति ने कुछ तो सोच समझ के फैसला लिया होगा.... हमें उनके फैसले का सम्मान करना चाहिए... और हाँ, अगले कदम - चाहे वो संघर्ष का रास्ता हो - तयार रहना चाहिएय...!!!
 
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Mr. Hooda is buying time till the next assembly elections where he will AGAIN make the PROMISE that reservation would be given to Jats after elections.

Mr. Hooda and the Congress party are champions in giving false promises and fooling people.

The only problem that I see here with the andolan is that it is not getting the support of the entire community. We need to come out in full numbers and show our presence. A suggestion - Can a peaceful non - cooperation movement be started? No voting to Congress, No payment of taxes, excommunicating all the Congressmen and their chela chaptas, etc. etc.

But in that case we all need to stand united. If the govt. tries to victimize any one, all need to come forward and take it head on.
 
Mr. Hooda is buying time till the next assembly elections where he will AGAIN make the PROMISE that reservation would be given to Jats after elections.

भाई. दो बात सें..... अगर यो सूका वादा करन आवे आगली बे फेर तो इसके पाछे पे लात मारो उस टेम .... एर इस ने याद दुवाओ उस टाइम आक जाटा ने आरक्षण दे देता तो तेरा पाछा सुरक्षित था.... एर अगर उस तें पहलाम कर दे तो वोट मांगन का हक स.... एर फेर दयां आक नहीं अपनी मर्जी......... लेकिन अगले दो साल इस ने तो डिगना नहीं कुर्सी तें.... तो काम लिकदवान में "पुचकारी" एर "टिच्कारी" दोनु चाहय करें....... !

एब तें पहलाम इस ने खुल के कदे हाँ या वादा कोणी कर्या था...... एब संघर्ष समिति के दबाव में इसने यो सब आयोग वगैरा गठित करना पड़ा एर आरक्षण भी देना पड़ेगा...... एर नहीं तो वा इ बात जो मेंने उपर लिखी....!! दो महीने और बाट देख लो...... जिब इतने दिन काढ दिए तो..!
 
bhai yee baaat to maane rakesh sangwan ji ko pehle hi bol di thi ki yee hooda arakshan nahi dega....mujhe nahi pata ki sangwan saab kyo hoooda pur itna bharosa kar rahe hai...aur mai yee baat phir se baat bol raha hu ki 2014 se pehle jaato ko haryana mai arakshan nahi milega.....doosri baat ye bolna chahta hu ki jo bhi cm n jat leaders mai baat ho uski recording honi chahiye taki baki saare jaato yee pata ho ki leaders mai n cm ke beech kya baat hui hai.....mere khayal se to sangwan saab ko aur time nahi denaa chahiye thaaa.....coz time dene se logo ka sangwan saab se bharosa uthh jayega...
2014 तक दे तो देगा न !! :)
भाई , हम जाटों के पास इस मुद्दे को लेकर कुछ खोने को तो हैं नहीं कुछ पाने की ही उम्मीद हैं पर हुड्डा साहब के पास तो पाने के लिए भी बहुत कुछ हैं और बहुत कुछ खोने के लिए भी हैं | इसलिए इसकी फिक्र अब हुड्डा साहब के लिए छोड़ दो अगर कौम के लिए कुछ करेंगे तो कौम से कुछ ले रहेंगे |

अब रही बात मीटिंग की रिकॉर्डिंग की तो भाई इस मीटिंग मे सिर्फ समिति के सदस्य ही नहीं जाते इसके लिए सभी को निमंत्रण दिया जाता हैं की जो भाई इस मीटिंग मे आना चाहे आ सकता हैं मुख्यमंत्री से इस मुद्दे पर सवाल जवाब कर सकता हैं |
 
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