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जाट आरक्षण पर आंदोलन का फैसला 12 अगस्त को : सांगवान
भिवानी। गांव धनाना की नई परस में आज अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की भिवानी जिला इकाई कार्यकारिणी की चौधरी चौ. ओम सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें जाट आरक्षण पर गंभीरता से विचार विमर्श किया गया। समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सागवान ने पिछली घटनाओं की समीक्षा करते हुए बतलाया कि फरवरी, 2012 में जिन जाट नेताओं ने असफल आंदोलन चलाया, उसकी असफलता को छिपाने के लिए हमारे विरोध में दुष्प्रचार किया, जो निंदनीय है। उन्होंने आगे बतलाया कि कुछ लोगों ने इस आंदोलन का राजनीतिकरण करने का प्रयास किया, जिससे जाट एकता को नुक्सान पहुंचाया। अभी आरक्षण कि मांग को केवल राज्य स्तर पर बतलाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है, जबकि हमारी मांग बड़ी स्पष्ट है कि जाट समाज को पहले केंद्र में तथा उसके बाद राज्य में पिछड़ा घोषित किया जाए, क्योंकि कानून बहुत ही स्पष्ट है कि केंद्र में पिछड़ा घोषित होने पर राज्य स्तर पर स्वयं ही पिछड़ा घोषित हो जाएगा। वर्तमान में हरियाणा का पिछड़ा आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करने में लगा है और हमें आशा है कि इसी महीने आयोग अपनी रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंप देगा और यह भी उम्मीद है कि आयोग जाट समाज के साथ न्याय करेगा। मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि संघर्ष समिति ने सरकारों को 15 अगस्त तक का समय दे रखा है, जिसके लिए 12 अगस्त को बरवाला ब्लाक के किसी एक स्थान पर बहुत बड़ी जाट सभा की जाएगी, यदि जाट समाज के साथ अन्याय होता है तो इसी सभा में आगे के आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। रैली के स्थान की घोषणा 20 जुलाई को कर दी जाएगी। यदि सरकार 12 अगस्त तक कोई भी कार्रवाई नहीं करती है, तो संघर्ष समिति को आंदोलन की घोषणा करनी पड़ेगी। इसके अलावा संघर्ष समिति के पास कोई चारा नहीं होगा।
बैठक में नए पदाधिकारियों की भी घोषणा की गई, जिसमें सतबीर सिंह घुसकानी, नंबरदार बनीसिंह पुर, अत्तर सिंह नंबरदार अख्त्यापुरा, धर्मपाल सरपंच सिवाड़ा, उमेदसिंह जताई तथा बलबीर सिंह सुखपुरा को जिला महासचिव और कुलदीप फौगाट को भिवानी जिले का युवाध्यक्ष नियुक्त किया गया। बाकी नियुक्तियां अगली बैठक में करने के लिए फैसला लिया गया। बैठक के अंत में अखिल भारतीय जाट सभा के प्रधान तथा प्रख्यात पहलवान व अभिनेता चौ. दारासिंह के निधन पर उनकी आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस बैठक में जिला प्रधान चौ. कपूर सिंह धनाना, सिवानी के सरपंच रामकुमार, बहल से सूबेदार बलबीर सिंह, तोशाम से कर्मसिंह, अटेला से धर्मपाल व रणसिंह, मंढ़ाणा से कप्तान ईश्वर सिंह, पुर से बनीसिंह नंबरदार, सिवाड़ा से ओम सिंह, बामला से सूबेदार उमेदसिंह, सूबेदार वेदप्रकाश, सूबेदार बलवान सिंह, मानकावास से मास्टर प्रताप सिंह, चौ. रामचंद्र, कप्तान खुशीराम, बडेसरा से हरकेश, तालू से जोगेंद्र, दलबीर सिंह, धनाना से सरपंच रामकुमार, सूबेदार कलीराम, राजसिंह, राजड़ आदि सैंकड़ों लोग उपस्थित थे।
भिवानी। गांव धनाना की नई परस में आज अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की भिवानी जिला इकाई कार्यकारिणी की चौधरी चौ. ओम सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें जाट आरक्षण पर गंभीरता से विचार विमर्श किया गया। समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सागवान ने पिछली घटनाओं की समीक्षा करते हुए बतलाया कि फरवरी, 2012 में जिन जाट नेताओं ने असफल आंदोलन चलाया, उसकी असफलता को छिपाने के लिए हमारे विरोध में दुष्प्रचार किया, जो निंदनीय है। उन्होंने आगे बतलाया कि कुछ लोगों ने इस आंदोलन का राजनीतिकरण करने का प्रयास किया, जिससे जाट एकता को नुक्सान पहुंचाया। अभी आरक्षण कि मांग को केवल राज्य स्तर पर बतलाकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है, जबकि हमारी मांग बड़ी स्पष्ट है कि जाट समाज को पहले केंद्र में तथा उसके बाद राज्य में पिछड़ा घोषित किया जाए, क्योंकि कानून बहुत ही स्पष्ट है कि केंद्र में पिछड़ा घोषित होने पर राज्य स्तर पर स्वयं ही पिछड़ा घोषित हो जाएगा। वर्तमान में हरियाणा का पिछड़ा आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करने में लगा है और हमें आशा है कि इसी महीने आयोग अपनी रिपोर्ट हरियाणा सरकार को सौंप देगा और यह भी उम्मीद है कि आयोग जाट समाज के साथ न्याय करेगा। मीटिंग में यह फैसला लिया गया कि संघर्ष समिति ने सरकारों को 15 अगस्त तक का समय दे रखा है, जिसके लिए 12 अगस्त को बरवाला ब्लाक के किसी एक स्थान पर बहुत बड़ी जाट सभा की जाएगी, यदि जाट समाज के साथ अन्याय होता है तो इसी सभा में आगे के आंदोलन का फैसला लिया जाएगा। रैली के स्थान की घोषणा 20 जुलाई को कर दी जाएगी। यदि सरकार 12 अगस्त तक कोई भी कार्रवाई नहीं करती है, तो संघर्ष समिति को आंदोलन की घोषणा करनी पड़ेगी। इसके अलावा संघर्ष समिति के पास कोई चारा नहीं होगा।
बैठक में नए पदाधिकारियों की भी घोषणा की गई, जिसमें सतबीर सिंह घुसकानी, नंबरदार बनीसिंह पुर, अत्तर सिंह नंबरदार अख्त्यापुरा, धर्मपाल सरपंच सिवाड़ा, उमेदसिंह जताई तथा बलबीर सिंह सुखपुरा को जिला महासचिव और कुलदीप फौगाट को भिवानी जिले का युवाध्यक्ष नियुक्त किया गया। बाकी नियुक्तियां अगली बैठक में करने के लिए फैसला लिया गया। बैठक के अंत में अखिल भारतीय जाट सभा के प्रधान तथा प्रख्यात पहलवान व अभिनेता चौ. दारासिंह के निधन पर उनकी आत्मिक शांति के लिए दो मिनट का मौन रखा गया। इस बैठक में जिला प्रधान चौ. कपूर सिंह धनाना, सिवानी के सरपंच रामकुमार, बहल से सूबेदार बलबीर सिंह, तोशाम से कर्मसिंह, अटेला से धर्मपाल व रणसिंह, मंढ़ाणा से कप्तान ईश्वर सिंह, पुर से बनीसिंह नंबरदार, सिवाड़ा से ओम सिंह, बामला से सूबेदार उमेदसिंह, सूबेदार वेदप्रकाश, सूबेदार बलवान सिंह, मानकावास से मास्टर प्रताप सिंह, चौ. रामचंद्र, कप्तान खुशीराम, बडेसरा से हरकेश, तालू से जोगेंद्र, दलबीर सिंह, धनाना से सरपंच रामकुमार, सूबेदार कलीराम, राजसिंह, राजड़ आदि सैंकड़ों लोग उपस्थित थे।