शादी की उम्र घटाओ ?

Gurgaon ke DC Meena ne pass to ki thi statement ki, Ladkiyon ke 8 Baaje ke baad bahar nahi nikalna Gurgaon me !! Abb batao state administration hi aisi baatein karega to anti social elements ko to encouragement hi milegi!
 
[h=1]हरियाणा में क्यों बढ़ीं बलात्कार की घटनाएँ[/h]पिछले एक महीने से भी कम समय में हरियाणा में 10 बलात्कार के मामले सामने आने से राज्य शर्मसार तो हुआ ही है लेकिन इन मामलों से सारा देश हक्का-बक्का रह गया है.

कुछ ही सप्ताह पहले यह राज्य कुछ अच्छे कारणों से सुर्खियों में था. यहां के पुरुष और महिलाओं ने लंदन में हुए ओलंपिक खेलों में देश का गौरव बढ़ाया था. खास तौर पर यहां के पहलवानों और निशानेबाज़ो ने.

लेकिन पिछले दिनों से राज्य में बलात्कार की घटनाएँ बढ़ी हैं. ज़ाहिर है कहीं न कहीं यहां की पुलिस राज्य में जुर्म रोकने में असमर्थ साबित हो रही है.
हालांकि हरियाणा के पुलिस महानिदेशक रंजीव सिंह दलाल मानते हैं कि ऐसा नहीं है कि राज्य में बहुत सारे बलात्कार हो रहे हैं. उन्होंने कहा, ''बलात्कार के कई कारण हैं जिसपर चर्चा के लिए आपको मुझे समय देना होगा.''
[h=2]सामाजिक कारण[/h]लेकिन राज्य की सामाजिक और आर्थिक हालातों के जानकार इस समस्या को कानून प्रबंधन की नाकामी के अलावा सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, आर्थिक और राजनीतिक कारणों से जोड़कर देख रहे हैं.
उनके मुताबिक यहां के युवक ऐसा काम उस हताशा की वजह से कर रहे हैं जो उन्हें शादी न कर पाने से हो रही है. वे इसका कारण इसमें भी देख रहे हैं कि यहां के लोग अपनी ज़मीन खोते जा रहे हैं जिसकी वजह से उनमें एक डर पैदा हो गया है.
हरियाणा में 1000 पुरुषों की तुलना में 830 महिलाएं है जो देश में सबसे कम है.
इसके कारण बहुत सारे पुरुष कुंवारे ही रह जाते हैं. ज़रा गौर कीजिए कि हरियाणा में 0-6 वर्ष की आयु के लड़के 18 लाख से अधिक हैं लेकिन लड़कियां 15 लाख से कम है. इस आयु में लड़कों की तुलना में लड़कियां 3.63 कम हैं.
[h=2]हताशा है वजह[/h]हरियाणा के ग्रामीण मामलों के विशेषज्ञ रनबीर सिंह का कहना है, ''पुरुषों की शादी हो नहीं रही. यही कारण है कि वो हताश हैं और बलात्कार जैसा कुकर्म कर रहे हैं.''
वे कहते हैं, ''दूसरा कारण उनकी पहचान का संकट है. जाटों की ज़मीने ख़त्म हो रही हैं. वो समझते हैं कि जल्द ही वो पिछड़े लोगों की श्रेणा में आ जाएंगे. इसलिए ऐसे काम कर के वो एक तरह से अपना अधिकार जता रहे हैं.''
उनका यह भी कहना है, ''दूसरी तरफ पहले कई जातियों के लोग जो पहले दब जाते थे और पुलिस को बताते नहीं थे अब ऐसा नहीं करते.''
[h=2]'असली कारण'[/h]हरियाणा पर किताब लिखने वाले और राज्य के बारे में अच्छी समझ रखने वाले प्रो. डीआर चौधरी का मानना है, ''इसके असली कारण सामाजिक हैं. ज़मीन बेचने की वजह से कुछ लोगों के पास बहुत पैसा आ गया है लेकिन उनके पास कोई काम नहीं है. वो ऐसे काम कर रहे हैं.''
वो कहते हैं, ''पहले एक बड़े बुज़ुर्गों का डर होता था जो अब खत्म हो गया है. वैसे भी हरियाणा एक पुरुष प्रधान सामाज है जहां वो महिलाओं की कोई आदर नहीं करते. इसके अलावा पुलिस का भी डर नहीं है.''
वे भी इस मामले का सीधा संबंध यहां के लिंग अनुपात से देखते हैं जिसकी वजह से युवकों की शादी नहीं हो पाती.
विशेषज्ञों का मानना है कि यहां से हालात खराब ही होते नज़र आ रहे हैं और इस तरह के मामले रोकने के लिए पुलिस से लेकर पंचायत और खाप पंचायत तक क़दम उठाने होंगे.

http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/10/121005_haryana_rapes_ac.shtml
 
वी पी सिंह जी,
आजकाल दिक्कत या सै की पन्चाती माणस बी अपणा नफ़ा-नुक्सान देख कै बोले सै पंचायत में. घंखरे माणस गलत काम नै गलत नहीं नहीं सकते. कोई सतजुग के ज़माने के एक्के-दुक्के गाम बच रहे हो तो वा बात अलग सै. इसीलिए पंचायते अप्रासंगिक होती जा रही है दिनोंदिन


कितनी बेतुकी और बेमतलब की बात करते हैं ये खाप के स्वयंभू चौधरी I ये खाप भी शरीफ आदमियों का जीना हराम करती हैं, बलात्कारियों का कुछ नहीं बिगाड़ सकती, या बिगाड़ना नहीं चाहती I बल्कि ये सुनने में आया है की अगर बलात्कारी रसूखदार खानदान से हो तो फिर खाप आँख मूँद लेती हैं I इस प्रकार के बेतुके सुझाव देने की बजाये, बलात्कारियों को पकड़ पकड़ कर लाठियों से तोड़ देना चाहिए I कम उम्र में शादी कोई समाधान नहीं है I वैसे भी शादी सब की तो हो नहीं सकती, क्योंकि लडकियां तो अब लगभग लुप्तप्राय होने जा रही हैं I फेर इन मलंगा नै ये खाप आले कहाँ से बंदड़ी देंगे I जो बिन शादी के रह ज्यांगे, वे फिर भी बलात्कार जैसे अपराध करते रहेंगे I इसलिए इस समस्या का समाधान है कड़ी से कड़ी और तुरंत सजा का प्रावधान I पुलिस और न्यायिक तंत्र को प्रभावशाली और भ्रष्टाचार मुक्त करने की और intelligence gathering को कारगर बनाने की सख्त जरूरत है I शिक्षा, टीवी, पहरावे और इन्टरनेट को इसके लिए जिम्मेदार मानना बेवकूफी के सिवा कुछ नहीं है I ये घनखरे क खाप आले अर्धशिक्षित लडढू न्यू ऐ सफ़ेद गमछा कंधे पै धरे फिरैं सें, अर नेता बणन के चक्कर मै कुच्छ भी बोल देते हैं I
 
पता नहीं जी कौनसा कारण है जो आपको खाप से इतनी नफरत है ! आप बड़े हैं और मुझसे कहीं ज्यादा ज्ञान और तजुर्बा रखते हैं ! आपसे एक छोटा सा सवाल है की एक दो सफ़ेद गमछे वाले का नाम बता दीजिये जो मंत्री संत्री बना हो या जिसने चुनाव लड़ा है !
पहले भी ये बात कई बार हो चुकी है की खाप खूनी और मुजरिमों की नहीं है कुछ सभ्य इंसान ही है ! एक तरफ आप पैरवी करते हैं की खाप को फैंसला थोपने का कोई हक़ नहीं दूसरी तरफ आप उन्हें लोगो को लठ मार मार कर जुर्म करने के लिए उकसा रहे हैं !
मेरे अनुमान से तो खाप एक सामाजिक संस्था है जो खुद अपने बूते पर चल रही है जिसने आजतक अपने लिए कोई चंदा या दान नहीं माँगा है ! न ही आजतक किसी ने खाप के नाम पे किसी के लिए कोई वोट मांगी है और न ही कोई खाप किसी पार्टी विशेष का समर्थन करती है !खाप के इस मांग में मुझे कोई गलत बात दिखाई नहीं देती ! अगर आज के बच्चे अपनी मर्जी से प्रेम विवाह कर सकते हैं तो सोलह साल की आयु में माता पिता की इच्छा से विवाह में क्या बुराई है! अगर अभी के दो महतवपूर्ण केस देखे तो दोनों में लड़की अपनी इच्छा से लड़के के साथ गयी थी और उनके साथ सामूहिक अमानवीय कृत्य हुए ! अगर माँ बाप को लगता है की उनकी बेटी जवान हो गयी है और विवाह के लायक है तो इस फैंसले से उन्हें दो साल अपनी आँखों के आगे उन्हें गलत काम करते हुए देखना नहीं पड़ेगा ! ऐसे ही बहुत सारे और भी केस हैं जिनमे लड़की अपनी मर्जी से किसी के साथ गयी और फिर लड़की के माँ बाप के दबाव में उसने इसे बलात्कार का नाम दिया ! कम से कम ऐसे कामो पे रोक लग सकती है !
आप मलेसिया में हैं वहां का कानून क्या कहता है ?
मुस्लिम लड़कियां जोकि सोलह साल की हैं अपनी मर्जी मुताबिक शरिया कानून के अनुसार विवाह कर सकती हैं ये आयु चोदह साल भी हो सकती है ! वैसे वहां भी यही आयु है विवाह करने के लिए ! पीछे कुछ दिन पहले एक मुस्लिम लड़की ने प्रेम विवाह कर लिया एक लड़के के साथ माँ बाप ने उस लड़के पर नाबालिग को बरगलाने और बलात्कार का इल्जाम लगाया ! कोर्ट ने माँ बाप के इल्जाम को गलत बताया और कहा की लड़की अपनी मर्जी से विवाह कर सकती है क्योंकि ये मुस्लिम कानून में लिखा है ! उनके कानून तो कानून और हमारी मांग बेबुनियाद और बेवकूफी भरी ?इस देश में हम नहीं रहते क्या या ये देश हमारा नहीं है ? खाप वाले क्या करते हैं क्या नहीं इस्पे प्रकाश डालने की बजाये मेरा सवाल इतना था की क्या ये होना चाहिए या नहीं ?
अगर कुछ गलती की हो तो क्षमा मानता हूँ !









इटली में भी ये आयु सोलह और अठारह है !खैर वहां के प्रधानमंत्री ही बुगाबुगा के रसिया हैं वहां का और यहाँ का क्या मुकाबला !
 
वी पी सिंह जी,
आजकाल दिक्कत या सै की पन्चाती माणस बी अपणा नफ़ा-नुक्सान देख कै बोले सै पंचायत में. घंखरे माणस गलत काम नै गलत नहीं नहीं सकते. कोई सतजुग के ज़माने के एक्के-दुक्के गाम बच रहे हो तो वा बात अलग सै. इसीलिए पंचायते अप्रासंगिक होती जा रही है दिनोंदिन

कुछ तो हम पहले ही बदनाम है.. ऊपर से ऐसी नीच हरकते हमारी शान में चार चाँद लगा देती है..
एक महीने में १० रेप तो मीडिया के सामने आये है.. बहुत सी ऐसी घटनाए भी होती है जो दबा दी जाती है.. और पंचायत पैसे वालो की पिट्ठू होती है.. .. न्याय देना तो दूर की बात है, ऊपर से ऐसे फैसले की वकालत कि शादी की उम्र कम कर दो.. एक तरफ तो सगोत्र विवाह के लिए साइंटिफिक रीजन देते है.. दूसरी तरफ उन्ही साइंटिफिक रिजन्स को ताक पर रख कर ऐसे फैसले की वकालत करते है की कम उम्र में शादी कर दो .... लडकियों को खुद मार देते है फिर लिंगानुपात का रोना रोते है | लडको का ऐसी हरकते करना उनकी मानसिकता का परिचय है.. ना की उसकी उम्र का !

सजा देना दूर उनको बचाते और है| जिन लडको/आदमियों ने बलात्कार किया है उनको सारे गाँव के सामने फांसी क्यों नहीं देते इतना इज्जत -सम्मान बचाने वाले बनते है तो?? सगोत्र विवाह करो तो इज्जत बचाने के लिए उनको भगा/मार दो.. पर अगर रेप कर दे (वो भी उसी गाँव में) तो या तो दो चप्पल मार के छोड़ दो, या फिर लड़की वालो पर दबाव बनाते है की बात को यही दबा दो.. इस से इज्जत बढती है शायद हमारी... जय पंचायत! :boxing:
 
खाप के चौधरी तथा खाप पंचायते हमेशा से ही तुगलकी फरमान / सलाह जारी करते रहे है l शादी की उम्र घटने का तर्क देना भी उसी कड़ी हिस्सा है और मानसिक दिवालियेपण को घोतक है l खाप पंचायते बात बात पर लोगो का हुक्का पानी बंद कर देती है तो फिर इन बलात्कारियो को हुक्का पानी बंद कर समाज से बहिष्कार क्यों नहीं करती l मुझे ऐसा लगता है कि हम ( जाट बिरादरी) में अपनी कमियों को स्वीकार करने क़ी हिम्मत नहीं है और जब तक हम अपनी कमियों को छुपाते रहेंगे तब तक हमारा सुधार नहीं हो सकता l

मैं ये मानता हु कि समाज (खास कर जाटो) को एकजुट रखने में खापो को महत्वपूर्ण योगदान है और अतीत में इस के कई अच्छे परिणाम देखने को मिले है लेकिन आज के परिदश्य में पचास-साठ पुरानी मानसिकता नहीं चल सकती समय के साथ बदलाव जरुरी है जो ये हमारे चौधरी करने को तैयार नहीं है और हर बात का दोष किसी ना किसी पर थोपने क़ी कोशिश करते रहते है l ज्यादातर खाप चौधरी दोहरे चरित्र के लोग है अपने लिए नियम कुछ और दूसरो के लिए कुछ l मैं आपको एक उदाहरण देता हूँ उत्तर परदेश क़ी एक काफी बड़ी खाप के चौधरी ने २ साल पहले लड़कियों के जींस पहनने पर पाबन्दी लगायी थी जबकि उसकी पोती जो गाज़ियाबाद में रहती है, आज भी जींस पहनती है (मैं जींस पहनने के खिलाफ नहीं हूं )l वैसे भी ज्यादातर चौधर परिवारवाद क़ी परम्परा पर चल रही है इसलिए जनमानस क़ी उम्मीदों के अनुरूप फरमान / फैसले / सलाह (जो भी कहिये ) नहीं आ सकते l

काफी लोगो का कहना है कि मिडिया खापो के बारे में गलत सन्देश दे रहा है मैं इस बात से बिलकुल भी सहमत नहीं हूँ क्योंकि मिडिया का काम है बुराई को दिखाना (कहावत है ना - अच्छाई चले दो कोस बुराई चले बारह कोस) l खाप पंचायतो और खाप चौधरियों के अंट शंट फैसलों / सलाह की वजह से जाटो क़ी छवि ख़राब हो रही है हम सब को गहन चिंतन करना चाहिए l प्रकृति परिवर्तनशील है और जो वक़्त के साथ परिवर्तित नहीं होता वो पीछे छूट जाता है
 
Last edited:
What is a Rape?

In physical or mental form, a forceful act done by an individual or a group without any valid consent of the person, is called "Rape".

If any one who is agreed with this definition, must have to agree with the view that above 80% of us are Rapist or being Raped.


Please answer a simple question, Gentlemen!

If a person gets arranged marriage, whether he or she, can't share his/her 90% of lifestyle, ideology, education, general perception, social issues with his/her partner just because they are not equally mature, physically or mentally; because there is no provision of consent of both particular individuals, there will certainly be a rape, but, Who is the actual rapist in this situation?

रात खूब
पी जमजम पे मय, और सुबह दम
धोए धब्बे जामा-ए-एहराम के


जमजम:- काबे का कुआं
जामा-ए-एहराम:- हज पर पहन कर जाए जाने वाले वस्त्र
मय:- शराब


 
Last edited:
पता नहीं जी कौनसा कारण है जो आपको खाप से इतनी नफरत है ! आप बड़े हैं और मुझसे कहीं ज्यादा ज्ञान और तजुर्बा रखते हैं ! आपसे एक छोटा सा सवाल है की एक दो सफ़ेद गमछे वाले का नाम बता दीजिये जो मंत्री संत्री बना हो या जिसने चुनाव लड़ा है ! !
bhai ji iss press note may jin sube singh saman ka naam h wo inld ki ticket per do baar maham se election lad chuke h.
jin op maan ka jikar h wo bhi hvp se inld congress or bjp tak ka safar kar or mundall se election lad chuke h.
ye self decleared spoaks person h khaps k.koi in se pucche ki kab sarvkhap n app ko banaya to ye jawab nahi day payange.
 
Bhai inko to dangra aale doctoron se sudha karwa do to koi doosra himmat nahi karega rape karne ki
कितनी बेतुकी और बेमतलब की बात करते हैं ये खाप के स्वयंभू चौधरी I ये खाप भी शरीफ आदमियों का जीना हराम करती हैं, बलात्कारियों का कुछ नहीं बिगाड़ सकती, या बिगाड़ना नहीं चाहती I बल्कि ये सुनने में आया है की अगर बलात्कारी रसूखदार खानदान से हो तो फिर खाप आँख मूँद लेती हैं I इस प्रकार के बेतुके सुझाव देने की बजाये, बलात्कारियों को पकड़ पकड़ कर लाठियों से तोड़ देना चाहिए I कम उम्र में शादी कोई समाधान नहीं है I वैसे भी शादी सब की तो हो नहीं सकती, क्योंकि लडकियां तो अब लगभग लुप्तप्राय होने जा रही हैं I फेर इन मलंगा नै ये खाप आले कहाँ से बंदड़ी देंगे I जो बिन शादी के रह ज्यांगे, वे फिर भी बलात्कार जैसे अपराध करते रहेंगे I इसलिए इस समस्या का समाधान है कड़ी से कड़ी और तुरंत सजा का प्रावधान I पुलिस और न्यायिक तंत्र को प्रभावशाली और भ्रष्टाचार मुक्त करने की और intelligence gathering को कारगर बनाने की सख्त जरूरत है I शिक्षा, टीवी, पहरावे और इन्टरनेट को इसके लिए जिम्मेदार मानना बेवकूफी के सिवा कुछ नहीं है I ये घनखरे क खाप आले अर्धशिक्षित लडढू न्यू ऐ सफ़ेद गमछा कंधे पै धरे फिरैं सें, अर नेता बणन के चक्कर मै कुच्छ भी बोल देते हैं I
 
हरियाणा पर किताब लिखने वाले और राज्य के बारे में अच्छी समझ रखने वाले प्रो. डीआर चौधरी का मानना है, ''इसके असली कारण सामाजिक हैं. ज़मीन बेचने की वजह से कुछ लोगों के पास बहुत पैसा आ गया है लेकिन उनके पास कोई काम नहीं है. वो ऐसे काम कर रहे हैं.''
वो कहते हैं, ''पहले एक बड़े बुज़ुर्गों का डर होता था जो अब खत्म हो गया है. वैसे भी हरियाणा एक पुरुष प्रधान सामाज है जहां वो महिलाओं की कोई आदर नहीं करते. इसके अलावा पुलिस का भी डर नहीं है.''
वे भी इस मामले का सीधा संबंध यहां के लिंग अनुपात से देखते हैं जिसकी वजह से युवकों की शादी नहीं हो पाती.
विशेषज्ञों का मानना है कि यहां से हालात खराब ही होते नज़र आ रहे हैं और इस तरह के मामले रोकने के लिए पुलिस से लेकर पंचायत और खाप पंचायत तक क़दम उठाने होंगे.

http://www.bbc.co.uk/hindi/india/2012/10/121005_haryana_rapes_ac.shtml
bhai ji ye choudery choutala gaon ka h or iss n apne hi gaon choutala may shaadi kar rakhi h. app samajh hi jaynge ki isko jaat culture ki kitni jankari h.
iss type kay log nagative publicity may media ka saath dete h.ye same gotra marriage ka bhi bada supporter h apni galti ko sahi prove karne k liye
 
Last edited by a moderator:
में मीडीया को पूरा निर्दोष नही मानता. जब गोत्रा विवाह का मुद्दा उठा तो मीडीया वालो ने सिर्फ़ एक तरफ़ा रुख़ दिखाया जबकि कुछ वरिष्ट पत्रकार दबी ज़ुबान मैं इस मुद्दे का सहयोग कर रहे थे.

जैसा की मैने एक पहली पोस्ट मैं लिखा है की दिल्ली मैं कुछ भी हो सबसे पहले बंगाली, पंजाबी, कश्मीरी, कोई भी लड़की हो इल्ज़ाम जाट पर लगती है. कुछ जुमले जो मैने सुने अपने साथ करने वालो से:
मेरा टॅक्सी ड्राइवर इतना बदतमीज़ था, जाट था ना
मेरे पीछे Gurgaon से आते हुए गुंडे पढ़ गई, जाट थे

जब मैने पूछा की आपने उनकी जात पूछी थी जो आप ऐसे इल्ज़ाम लगा रहे है तो सब चुप हो जाते थे.

एक और कमी जो मुझे महसूस होती है वो है एक कठोर. पुरुष प्रधान समाज की जो कुछ हद तक सही भी है. जब गोत्रा विवाह का मुद्दा उछला तो मुझे लगा अगर खाप के पास मैं एक मीडीया सलाहकार होता तो शायद स्तिति कुछ और होती. पर मुझे अभी भी लगता है इतनी देर नही हुई सिर्फ़ अगर खाप मिलकर चलना चाहे नयी दुनिया के साथ.
 
इसमें कुछ नया नहीं है कि खाप पंचायतें शादी की उम्र घटाने को कह रही हैं। इतिहास गवाह है कि इन्होंने उम्रें ही घटाने का काम किया है। मेरा तो ये भी मानना है कि bc में आरक्षण मांगने की बजाय इन्हें st में आरक्षण मांगना चाहिए। क्योंकि ये इसी संस्कृति का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस काम में मीडिया भी हम लोगों का साथ दे सकता है।


चंडीगढ़।हरियाणा की खाप पंचायतों एवं अखिल भारतीय जाट महासभा ने विवाह की उम्र घटाने को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सर्व जातीय खाप पंचायतों ने इस बारे में अब महापंचायत का ऐलान किया है। राच्य में लगातार घिनौने कृत्य बढ़ने से यह प्रस्ताव उभरा है लेकिन इसे चिकित्सा विशेषज्ञों ने तो सिरे से नकार दिया है। हिंदू मैरिज एक्ट में यह लड़के की उम्र 21 एवं लड़की उम्र 18 है। खाप पंचायतें इसे 18 व 16 कराने की प्रस्ताव को केन्द्र तक पहुंचाने जा रही है। उनका मानना है कि ऐसा करने से बलात्कार की घटनाओं में कमी आएगी। बकौल खाप पंचायत यह सामाजिक बुराई अश्लील साहित्य, अश्लील फिल्में, टीवी पर अश्लील कार्यक्रमों से आ रही है। साथ ही शादी की उम्र भी कानून ज्यादा है। ऐसे में हरियाणा का महिला आयोग, कानूनविद तो इसे पक्ष में नजर आए लेकिन चिकित्स तंत्र इस प्रस्ताव को सिरे से नकार रहा है।
क्या कहा खाप नेताओं ने
हरियाणा की 96 खापों के प्रवक्ता सुबेसिंह समैण ने कहा है कि खाप 16 वर्ष लड़की एवं 18 वर्ष लड़के की उम्र में विवाह को वैध बनाने की मांग करेंगी। महापंचायत बुलाकर प्रस्ताव पास कर केन्द्र व राज्य सरकार को भेजा जाएगा। उत्तरी भारत की प्रसिद्ध खाप सर्व खाप पंचायत महम चौबीसी के प्रधान रणधीर सिंह ने कहा है कि 16 ही क्या 15 वर्ष में लड़की जवान है और लड़का जवान है तो विवाह में क्या बुराई। हम इसकी मांग केन्द्र से करंेगे। अखिल भारतीय जाट महासभा के प्रदेशाध्यक्ष ओपी मान ने कहा है कि हमने यह प्रस्ताव तैयार किया है। इसमें शादी की उम्र 18 व 21 से घटाने की मांग की जा रही है। सभी जातिवर्ग को इस मांग में जुड़ा है।
बच्चों के लिए द्यातक
उत्तरी भारत के प्रसिद्ध मुकट अस्पताल के विशेषज्ञ एवं समाजशास्त्री डॉ.रविइंदर सिंह का कहना है कि उम्र घटना तो बिल्कुल गलत। शारीरिक रूप से परिपूर्ण नहीं होती है। हालांकि 16 की उम्र में बच्चा भी हो सकता है लेकिन प्रेगनेंसी कैसे संभालेंगी। उसका तो बचपन छिन जाएगा। साथ ही सामाजिक तौर पर देंखे तो गृहस्थ जीवन कैसे संभालेंगी। लड़के भ मैंटली 18 की उम्र में सामाजिक रूप से तैयार नहीं होती। बलात्कार की घटनाएं रोकने के लिए काउंसलिंग हो,सैक्स एजुकेशन पर ध्यान दें उम्र घटाना समाधान नहीं।
हरियाणा महिला आयोग सर्वे के पक्ष में
हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष सुशीला शर्मा ने कहा है कि वाकई यह बहस का विषय है और इस बारे में युवाआंे से ही देश में सर्वे करा कर पूछना चाहिए। जहां तक आयोग की राय का सवाल हैं,हम खाप पंचायतों से इस बारे में चर्चा कर मामले को आगे ले जाएंगे। यह मुद्दा उन्होंने उठाया है तो इसके पीछे कुछ ना कुछ समाजहित का कारण जरूर रहा होगा।
कानूनी मत, हो सकता है संशोधन
मनदीप श्योराण,एडवोकेट पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि संसद पारित कर दे। मुस्लिम पर्सन लॉ में किसी भी उम्र की बच्ची का विवाह उसका पिता कर सकता है। 15वर्ष की उम्र में तो हर मुस्लिम लड़की को अपना अधिकार हो जाता है। ऐसे में संसद चाहे तो हिंदू मैरिज एक्ट में भी बदलाव हो सकता है।


http://www.bhaskar.com/article/har-his-khap-panchayat-about-marriage-3895167.html?prvnx=
 
कुछ तो हम पहले ही बदनाम है.. ऊपर से ऐसी नीच हरकते हमारी शान में चार चाँद लगा देती है..
एक महीने में १० रेप तो मीडिया के सामने आये है.. बहुत सी ऐसी घटनाए भी होती है जो दबा दी जाती है.. और पंचायत पैसे वालो की पिट्ठू होती है.. .. न्याय देना तो दूर की बात है, ऊपर से ऐसे फैसले की वकालत कि शादी की उम्र कम कर दो.. एक तरफ तो सगोत्र विवाह के लिए साइंटिफिक रीजन देते है.. दूसरी तरफ उन्ही साइंटिफिक रिजन्स को ताक पर रख कर ऐसे फैसले की वकालत करते है की कम उम्र में शादी कर दो .... लडकियों को खुद मार देते है फिर लिंगानुपात का रोना रोते है | लडको का ऐसी हरकते करना उनकी मानसिकता का परिचय है.. ना की उसकी उम्र का !

सजा देना दूर उनको बचाते और है| जिन लडको/आदमियों ने बलात्कार किया है उनको सारे गाँव के सामने फांसी क्यों नहीं देते इतना इज्जत -सम्मान बचाने वाले बनते है तो?? सगोत्र विवाह करो तो इज्जत बचाने के लिए उनको भगा/मार दो.. पर अगर रेप कर दे (वो भी उसी गाँव में) तो या तो दो चप्पल मार के छोड़ दो, या फिर लड़की वालो पर दबाव बनाते है की बात को यही दबा दो.. इस से इज्जत बढती है शायद हमारी... जय पंचायत! :boxing:

katti 100% sahi kahi bhai.............aur kam umar me byah karna to vaise b galat e hai.
aur byah kari pache kun sa ye apni nichh harkat karan te ruk javenge.
ise ise b insan hain jo shadi-sudha hain aur rape k case me jail me pade hain.
rape rokne e hain to usne gaam k chorahe pe khada kar k ya to goli maar do ay fassi de do......taki auro ne b sabak mil ja ki isa ghatiya kaam kare te k milega.
 
Gurgaon ke DC Meena ne pass to ki thi statement ki, Ladkiyon ke 8 Baaje ke baad bahar nahi nikalna Gurgaon me !! Abb batao state administration hi aisi baatein karega to anti social elements ko to encouragement hi milegi!

bhai jo call center me ladkiya hain vo ye 8 baje wala rule kaise follow kare.
main to ek baar iYogi k pass k area me gaya tha raat ko 11 baje k bad, us time ladkiya openly ghoom rahi thi aur kuch waha cigarette pee rahi thi.
police jab company owner ko bolti h to vo unhe paise khila deti hai............uske baad kon sa rule???????????
 
What is a Rape?

In physical or mental form, a forceful act done by an individual or a group without any valid consent of the person, is called "Rape".

If any one who is agreed with this definition, must have to agree with the view that above 80% of us are Rapist or being Raped.


Please answer a simple question, Gentlemen!

If a person gets arranged marriage, whether he or she, can't share his/her 90% of lifestyle, ideology, education, general perception, social issues with his/her partner just because they are not equally mature, physically or mentally; because there is no provision of consent of both particular individuals, there will certainly be a rape, but, Who is the actual rapist in this situation?

रात खूब
पी जमजम पे मय, और सुबह दम
धोए धब्बे जामा-ए-एहराम के


जमजम:- काबे का कुआं
जामा-ए-एहराम:- हज पर पहन कर जाए जाने वाले वस्त्र
मय:- शराब



re jhakoii byah hoyi pache b tu isne rape mane h to sara ne bheeter karva de......
 
:)

21 ke baad sara pata chal jata hai kya bhai??? bahot sare to bacche paida karne ke baad bhi... raat ko aane wale ad mai hero-heroin ke face pehchan kar, jawab dene ke liye phone milate hain or har mahine apni hard earned paise ko kisi mobile company ko de dete hain... aise 2-3 aadu to mere office mai bhi hain... to akal 21 ke baad pakka aa hi jayegi isko koi surity nahi hai...

15 saal ki age or 9th-10th standard mai affairs suru ho jate hain... mental maturity ka to pata nahi but physical maturity to aane hi lagti hai... or aga aise mai bacche (jan boojh kar ye anjane mai) galat kamo mai involve ho to is se better hai ki unki shadi kar di jaye (if they want) or shadi karwane walo ko ye bhi ensure karna chahiye ki vo apni family ko financially independent tarike se sambhal sakta hai...

or khaap ne aisa bhi nahi bola ki sab ki shadi 15 mai hi kar di jaye...

haan ye baat jaroor hai ki ye rapist ko sabak sikhane ke liye jaroor bolna chahiye khap ko... or sabak kya, capital punishment ki demand honi chahiye inke khilaff...

bhai teri baat sahi h ki 9-10th me he affairs suru ho jate hain.....aise b hain jo shadi k baad b affairs me hote hain.....lekin ek baat sach ye b hai ki ek 15 saal k ka maturity level 21 saal k te bot kam pavega......to 21 saal ki age sahi hai.

aur je school me padhan ki umar me byah karoge to us time pe balak ki goghh me toffee khan k pisse to hote ni fer parivaar niyogen ki kyukar sochega (baki tham samajh gaye hoge ki kis side ishara hai).

je ye rape case rokne e hain to kadi se kadi saza (goli maaro ya fanssi do) lagu karo........apne ap se logo k akal lagegi.
 
Kal hi padhi thi ek news ke Haryana Police ke kaafi employees to VIP,Ministers, Politicians ko protection dene mei busy hai. Police aam Janta ke liye thodi na hai. Ye Police to apne priya netaon aur naukashahon ke liye hai!!!

ya baat sahi b hai......

ek baar hum java the kitte........aage police ka nakka tha,driver rokan laga to ek bola "ree kadd le ne kyu roke se,thodi var pehlya ek Dangi (MLA, Meham se) gaya se aade te, sare jane haar hoor k apni kothdi me pade se,koi na pave bahar ne".

ya baat janta b jane h ki police janta khater koni aur jo se va pise kuttan me lagi reh h.
 
Back
Top