एक जंगल था
उसमेँ कोई शेर नही था
सभी गीदड थे ओर वो सभी एक लोमडी गुलाम
थे
एक दिन लोमडी को गुप्त बिमारी हो गई
गीदडोँ ने सोचा अगर ये अचानक लुढक गई
तो हमारा क्या होगा ...?
ये सोचकर चालाक गीदडोँ ने मिलकर
लोमडी को फुसलाकर एक चिँतन शिविर मेँ
बुलाया
ओर बडी चालाकि से लोमडी के मेमने
को उपाध्यक्ष...