करण जी मैं आप से सहमत हूँ, हम भारतवासी किसी नशे में या किसी स्वप्न में ही जी रहे प्रतीत होते हैं हम में सत्य को हजम करने की शक्ति नहीं हैं मेरे आप जैसे लोगों को कुछ लोग कहेंगे की हमारे अन्दर राष्ट्र प्रेम नहीं है, हमें भारत की हर चीज़ बुरी लगती है आदि, पर वो गलत हैं , हम अपनी कमिओं को देखने की...