फूल कुमार जी बात तो आपने बहुत अच्छी की है लेकिन इसके पीछे भी बहुत से कारण है आज एक घर में बेटा बाप का और बाप बेटे का कहना नहीं मानते तो खाप और जाट समाज का क्या कहना मानेगे और खापो में भी आज कल राजनितिक लोग आने लगे है जिनको ना तो खाप से और ना ही जाट समाज से कोई मतलब वो सिर्फ अपनी राजनीति करते है...