चल बाबा आग्गे नै
एक बै एक बाबा रोटी-चून मांगण लाग रहया था किसै गाम में । एक ताई उसतैं बोल्ली - बाबा, म्हारे घर तैं ले आया किमैं ?
बाबा बोल्या - ना बेटी, तेरी बहू नाट-ग्यी ।
ताई कै ऊठ्या छो - आंछ्या, वा न्यूं क्यूकर नाट-ग्यी ? चल बाबा तू मेरी गैल चाल, मैं देखूंगी वा क्यूकर नाट-ग्यी !
बाबा हो...