आज एक ई-मेल मैं आयी सै यो कविता
चाहे मानसून लेट आया है
पर एहसास नया ये लाया है,
कानून में सुधार आया है
देश में अब बदलाव आया है|
लड़के को लड़की न खोजनी
ना लड़की को लड़का,
कोई भी मिल जाये चलेगा
बस भिडे प्रेम का टांका |
शायद अब किसी घर में
मूंछों वाली भाभी आएँगी,
कन्यायें कन्या को भी अब
जीजू जीजू...