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Sunil bhai
Ho sake toh bayah karaiye bhi na aur jo karana pad ja toh credit card na liye aur jo le bhi le toh lugaai ke hath na laagan diye na toh sari umar kisht nee pata gi jo koi issi bhagayan aa gayee toh.
regards,
Preeti ji,
jab kai aadmi padenge toh jawab bhi alag alag hi honge. aap apna thread jari rakho. ekadh ko pasand na aaya toh kya hua pasand karne wale bhi to bahut hain. good show
regards,
एक बार ताई धापो मेला देखन चली गयी. उड ताई क लाग गी पेशाब की दाब सारे कै घुम ली पर कित्ते जगह ना मिली सारे क आदमी ए आदमी. ताई न लगाया दिमाग और घाघरा फला कै बैठ गी और काट दिया रोग. एक सिपाही कि ताई प नज़र पडगी और पकड ली ताई और बोल्या तैने यो के करा या तो दस रुपिये दे या चाल मेरे साथ थाने. ताई दोरे...
कल गान्धी जी मनमोहन क सपने मॆ आये और पुछन लागे कि अर मनमोहन मेरी लाठी और चस्मा कहाँ हैं .तो मनमोहन बोला के वोह दोनों चीज तो अन्ना हजारे ले गया .
चश्मा तो खुद ला लिया और लाठी हमार दे राखी है.
रविन्द्र भाई जी सा आ गा. २ दिन लाग गे आप कि सारी अल्बाद पडन मै पर चुट्कला तै भी ज्यादा मज़ा आ गा. बहुत बडिया लिखे है भाई साहब और लिखन मै भी बहुत टैम लागा होगा पर शुरु करे पाच्छे बीच मै कती हटन न जी नी करदा. Good show and keep it up.
नेता और धर्मगुरु ये दो तरह के जीव आज हमारे देश और समाज के सबसे बदे दुश्मन है. य़े दो धन्धे ऐसे है जिसके लिये न कोइ शक्श्निक योग्यता चाहिये और न हि कोइ शारीरिक. बस आपको झुठ बोलना और लोगो को बेवकुफ़ बनाना आना चाहिये. और कुछ लोग तो अपने आप हि बेवकुफ़ बन जाते है. अगर इनका धन्धा ऐसे हि बे रोकटोक...
नेता और धर्मगुरु ये दो तरह के जीव आज हमारे देश और समाज के सबसे बदे दुश्मन है. य़े दो धन्धे ऐसे है जिसके लिये न कोइ शक्श्निक योग्यता चाहिये और न हि कोइ शारीरिक. बस आपको झुठ बोलना और लोगो को बेवकुफ़ बनाना आना चाहिये. और कुछ लोग तो अपने आप हि बेवकुफ़ बन जाते है. अगर इनका धन्धा ऐसे हि बे रोकटोक...
The vote bank policies of Congress party are dividing India into many Sects and sections. Scholarships are provided to minorities on the basis of religion. Why? Are they not getting equal chance in education field? If government wants to provide support then it should be on the basis of economic...
एक बर एक भिखारी रामलाल धोर आया और बोला दस रुपिये दे दे चाय पीनी है.
तो रामलाल बोला रै झकोई चाय तो पान्च रुपिये कि आव है फेर दस रुपिये किस बात के मान्ग रहा है.
भिखारी बोला कि क्युन तू नी पीवैगा. :rock:rock