अब यह लोग कौन असली जाट हैं और कौन नकली जाट हैं , इसकी भी बताएँगे |
माना के कोई किसे के खिलाफ झूठी fir करवा सकता हैं बदनाम करने के लिए , परन्तु ऐसे आरोप एक बार लग सकते दो बार लग सकते हैं , पर इतनी बार ?
पियूष जी आप काफी नजदीकी लगते हैं यशपाल जी के तो क्या आप बता सकते हैं की आजकल यशपाल मलिक के...
नेता जी हैं कहाँ यह तो बता दो ?
एक दिन मय्यड़ में शक्ल दिखी थी नेता जी की और उसते अगले दिन ndtv पर , उसके बाद से पता नहीं नेता जी देश में कौन से धरने पर बैठे हैं ?
हरियाणा का जाट भावुक हैं जल्दी बहक जाता हैं , कुछ भाई इसकी बातों में आकर मय्यड़ चले तो गए पर ये नेता जी तो उनका एक रात भी साथ...
यशपाल मलिक इस बार के विधान सभा चुनाव में जाटों से कांग्रेस व आर.एल.डी के विरुद्ध वोट करने की अपील कर रहे हैं | यशपाल मलिक अपने आप को अजीत सिंह से बड़ा जाट हितेषी बता रहे हैं | माना की अजीत सिंह में कुछ कमिया हैं परन्तु क्या जाट कौम को एक ऐसे इंसान को अपना नेता मानना चाहिए जिस पर धोखाधड़ी...
bilkul sahi kaha ....haryana me bhi kisaan aandolano me kisaano ke saath hamesha aisa hua hain ...chahe wo Bhajan lal ke raaj me kaadmaa goli kaand ho , Bansi lal ke raaj me mandhiyali goli kaand ho ya Omprakash chautala ke raaj me Kandela goli kaand ho ...pahle to kisaano ki aawaj uthaate hain...
देश की आज़ादी को लेने में तकरीबन 90 साल लग गए थे | वो तो विश्व युद्ध के कारण मिल गई नहीं तो न जाने कितना वक़्त और लगता तो क्या वहा भी यह "time frame " वाले सवाल को लेकर चलना चाहिए था लोगो को ?
फिर गुणा जोड़ घटा में फंस गया भाई | प्लान "B " का भी बता दूंगा सब्र कर | "A " में ही लोगो को पसीना आ...
कपिल जी की दलीले गौरतलब हैं |
समाज में सुधार की बहुत जरुरत हैं और यह आरक्षण भी इस सुधार की कड़ी का ही एक हिस्सा हैं |
यदि इतने बड़े पैमाने पर और आन्दोलनों की जरुरत पड़ी और उसके बावजूद भी जाट कामयाब नहीं हुए तो फिर जाट अपने आप को मरा समझे | अलग मुल्क का तो फिर सवाल ही नहीं उठता क्योंकि उसके लिए...
यहाँ मैं अजित सिंह या टिकेत की ही नहीं सभी जाट नेताओ के बारे में कह रहा हु इनका नाम इसलिए लिया क्योकि एक पोस्ट में इनका जिक्र आया हैं | विजेंदर से मतलब CWG में खेलनेवाले चंद खिलाडियों से हैं | मुल्क में बेचारे करोड़ो जाट विजेंदर बेरोजगारी से लड़ रहे हैं और यहाँ आपको देश के नाम की पड़ी हैं |...
यहाँ लोग बार बार शांतिप्रिय ढंग से प्रदर्शन की बात कर रहे हैं | क्या यह पानी रोकने की नौबत रातो रात आई हैं ? यह शांतिप्रिय वाला प्रदर्शन १७ सालो से चल रहा था | पीछे ८ फ़रवरी को शांति से एक रैली की गई थी पर क्या नतीजा हुआ | आप लोगो को इन प्रदर्शनों का इल्म नहीं होगा क्योकि आप लोग सिर्फ अखबार में...