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  1. S

    kya JL se member kam ho rahe hain????

    dan dana done।।।
  2. S

    कुछ मस्ती भरी बातें मारवाड़ी में

    थोड़ी राजस्थानी सीख लो , एकाध चुटकला हमारा भी पढोगे तो हंसने के काम आएगा। वर्ना ऐसे ही ऊपर से जाना ही हैं जैसे पहले मेरे भी हरयाणवी और कन्नड़ जाती थी।
  3. S

    जाट तो आजकल निठ्ठले ही हो गए हैं!

    निठठ्लों की सरदारनी का अवार्ड आपको ही मिलेगा।
  4. S

    kya JL se member kam ho rahe hain????

    फिर बात को यहीं खत्म करदे वरना कोई और सर खपायेगा यहाँ ।
  5. S

    Rahul Gandhi Joke Book

    बामण बोल्या करे गंगाजल छिड़कने का तो , आप जाटनी होके बामणी वाला बोल कदै सुं शुरू कर दिया? राहुल गांधी में छवि भले इंदिरा जी की दिख जावे लेकिन लखण कोनी @नीलम बाईसा
  6. S

    kya JL se member kam ho rahe hain????

    हा हा हा हा कुछ ज्यादा ही समझ आ गया
  7. S

    कुछ मस्ती भरी बातें मारवाड़ी में

    हा हा हा हा शुरू शुरू में ऐसा होता हैं। मुझे भी पहले हरियाणवी कुछ भी समझ नहीं आती थी। अब बात अलग हैं।
  8. S

    क्या gst लागू करने में जल्दबाजी हुई हैं?

    आज तो राजपाल जी दुल्लर जैसे लोग भी बिना जवाब दिए चले गए।
  9. S

    मारवाड़ी जाट री महिमा

    bilkul sahi vichar hain aapke
  10. S

    कुछ मस्ती भरी बातें मारवाड़ी में

    कुछ मस्ती भरी बातें मारवाड़ी में परदेस गए अपने पति को उसकी प्रिय पत्नी धापुडी द्वारा लिखा गया प्रेम पत्र : --म्हारा हिवडा का हार, म्हारा सोलहा सिंगार, म्हारी पप्पूडी का पापा… थारी चौडी-चौडी राफा.! हे प्राणनाथ जी, गोपिया का नाथ जी, म्हार रूप का दास जी, त्रिलोकी का नाथ जी… थाको कोजो घणों साथ...
  11. S

    जमाना बदल गया - मारवाड़ी

    जमाना बदल गया - मारवाड़ी भाईचारो मरतो दीखे, पईसां लारे गेला होग्या। घर सुं भाग गुरुजी बणग्या, चोर उचक्का चेला होग्या, चंदो खार कार में घुमे, भगत मोकळा भेळा होग्या। कम्प्यूटर को आयो जमानो, पढ़ लिख ढ़ोलीघोड़ा होग्या, पढ़ी-लिखी लुगायां ल्याया काम करण रा फोङा होग्या । घर-घर...
  12. S

    Rahul Gandhi Joke Book

    इस उम्र में उनको डंडे पकड़ा कर आप भी चाहते हैं उनको कुछ हो जाये और इसका इल्जाम मोदी जी पर लगे। थोड़ा तो रहम सोनिया जी और मोदीजी दोनों पर करलो।
  13. S

    kya JL se member kam ho rahe hain????

    ऐसा हो ही कहाँ रहा हैं ? आजकल चर्चा वाले मुद्दे पर कोई अपनी राय देता नहीं हैं, १०० में से ९० तो शादी के चक्कर में हैं, बाकि के १० में से ५ पैसों के चक्कर में बिजी हैं बाकि हम चार पांच यहाँ उँगलियों को घीस रहे हैं।
  14. S

    क्या gst लागू करने में जल्दबाजी हुई हैं?

    gst को जल्दबाजी में लागु करने का सबसे बड़ा कारण राजनीती और २०१९ का लोकसभा चुनाव है, सरकार में बैठे लोगों को भरोसा था कि gst के लागु होते ही एकाएक इकॉनमी दौड़ लगाएगी लेकिन हुआ इसका उल्टा.. भट्टा बैठ गया। फायदा सिर्फ संगठित व्यापार और चैन स्टोर वालों को हुआ हैं जैसे पतंजलि और फ्यूचर ग्रुप वाले, आम...
  15. S

    जाट तो आजकल निठ्ठले ही हो गए हैं!

    ha ha ha ha aaj pehli baar pata chala ki modiji business kar rahe hain main to aajtak soch raha tha ki modiji jaisa baklol sirf rajniti hi kar sakta hain
  16. S

    पारो ने कहा शराब छोड़ दो !!

    मैंने तो एक बार कहीं लिखा हुआ पढ़ा था कि राहुल जी बोलने का सिखने के लिए विदेश गए यह अलग बात की हैं उस वक़्त उनकी उम्र ३९ के आसपास थी न कि १९ की. वैसे नीलम बाईसा आप चुप क्यों हो रहे हैं ? राहुल जी सही नहीं बोले तो करम फूट्या सोनिया जी रा।
  17. S

    क्या gst लागू करने में जल्दबाजी हुई हैं?

    1. Sabse badi taklif retail walon ko hui hain GSTR file ho nahin rahe hain Daily dhandha chhodkar CA ke chakkar lagate raho.... 2. ITR walon ko shayad isse siddha koi samandh nahin hain 3. GST se sabse jyada nuksan hua hain to vo grahak ko hua hain kuch mamlon me Tax ki rate 28% jo hain. 4...
  18. S

    प्यारो मौसम

    वगतो आपरी लुगाई धापुड़ी सूं बोल्यो - आज कीतो प्यारो मौसम हो रिह्यो हैं कोई ऐड़ी बात करां के म्हारा पग धरती माथे ही नी टीके। धापुड़ी फुल्का बणावती रसोईं मायने थी बोली - करम फुट्योड़ा फाँसी खायले। ।
  19. S

    क्या gst लागू करने में जल्दबाजी हुई हैं?

    पोल का प्रश्न हैं कि क्या सरकार ने gst जल्दबाजी में लागू करके देश को भंयकर मंदी की ओर धकेला हैं ? 1. हाँ, यह सरकार की सोची समझी रणनीति का हिस्सा हैं। 2. नहीं, कुछ महीने बाद स्तिथि सामान्य हो जाएगी। 3. कह नहीं सकते,
  20. S

    क्या gst लागू करने में जल्दबाजी हुई हैं?

    क्या gst लागू करने में जल्दबाजी हुई हैं? Gst के लागू होने से पहले मीडिया में जितना इसका गुणगान किया गया उसकी अब धीरे धीरे परतें खुल रही हैं। विपक्ष ही नहीं सत्तापक्ष के ही कई लोग अब खुलकर gst के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। लगातार gdp में गिरावट और देश मे मंदी का भंयकर दौर चल रहा है। त्यौहारों की...
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