यह आज हालातों के हिसाब से बिलकुल सत्य हैं, राजस्थान जो की शांति और भाईचारे की मिशाल का एक पर्यायवाची शब्द्द जैसा था लेकिन अब स्मैक, दारूबाजी, फायरिंग, लूटपाट वाला क्षेत्र बनता जा रहा हैं , कोटा जो कि एजुकेशन का क्षेत्र था अब वहां पढाई से नशे की पार्टियाँ होती हैं।