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    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    सूत्र को पसंद करने वाले भाइयो को मेरा धन्यवाद उम्मीद है आपका सहयोग आगे भी इसी तरह मिलता रहेगा
  2. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    बस राहन दे दरदां नै क्यूँ और उखाड़े सै , जुदाई आली आग मैं क्यूँ फेर तै साडे सै किम्मे याद कर मरजानी तू मेरी बफावाँ नै क्यूकर बिसार मैं द्यूं तेरी जफावाँ नै मेरे प्यार आली ठंडी गरम हवावां नै पड़ी राहन दे पड़ी दबी किताबां नै क्यूँ धुल नै झाडे सै ! हो ली सै हद...
  3. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    जुल्फों की कैद से अपनी मुझको आजादी दे दे प्यार वाली उम्र कैद से तू मुझ को छुटकारा दे दे! अपने इन हाथों से दबाकर गला मेरा आज ता उम्र के ग़मों से मेरे तू दूर किनारा कर दें जो हो सके हंस के बोल दो मीठे बोल वरना छोड़ के दिलासों को सीधा सा जवाब करार दे दे ! धकेल दे जहन्नुम में तू साथी आज...
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    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    तेरी भोली भोली सूरत मेरे कालजे के मंह खटके सै तेरे प्यार का मारया यो मेरा कालजा भटके सै ! जिस दिन नजर पड़ी मैं तेरा होके रहग्या , हांडू सुं दिन रात तेरे पाछे ना क्याहें जोगा रह्ग्या दो घडी आ बैठ पास मेरे क्यों धोरे खड़ी मटकै सै ! तेरा ही ख्याल रहे जा सै हरदम ना चित तै दूर...
  5. S

    punjhad naa laiyo bhai

    एक बार स्कूल मैं कुछ बच्चे झुंड बना के खड़े थे आर कुछ देख रहे थे. मास्टर आया और बोल्या यहाँ पर क्यों खड़े हो ? एक बालक बोल्या “जी मुर्गी अंडा दे रही से “ मास्टर गुस्सा करके बोल्या ” फेर इसमें के खास बात से” बालक बोल्या” जी खास बात ना से तो आप देके दिखया दो
  6. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    सूत्र को पसंद करने और पढ़ने के लिए सभी जाटलैंड सदस्यों का धन्यवाद , सोमबीर सिंह सरोया की तरफ से
  7. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    आंख्यां के मांह आँख घाल के देख बेरा सब पाट ज्यागा ! खोट करया जूनसे नै कुण सा आज नाट ज्यागा !! याद तन्नै इब कोण करादे दिन पाछले जो हंस खेल के बिताये, इब कोण इसा पाग्या जो हां एक दम तै दिए तन्नै भुलाये , एक दम तै हम ने भूलगी बैरन कर दिए जम्मा पराये , ठंडी...
  8. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    सुनो गौर तै आज सुनाऊ कथा म्हारी घर आली की , मशीन बना के धर राखी हम नै म्हारी घर आली की ! तडके उठ बेचारी व तै सबकी टहल बजावे सै जब होवे सै टेम स्कूल का बालकां नै नुहावे सै ... दूजे पासे चा चड़ा राखी न्युने भी लखावै सै सांग कसुता काढ राख्या सै हम नै माहरी घर आली का ...
  9. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    सूत्र को पसंद करने वाले भाइयो को मेरा धन्यवाद उम्मीद है आपका सहयोग आगे भी इसी तरह मिलता रहेगा
  10. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    दुनिया के मंह हाल बुरा किसान का होरया सै , दुनिया भर के दुखड़े सारे सर उपर ढ़ो रया सै ! पहरण नै कपडे बदन उघाड़े हांडे सै पटवारी और बेलदार भी आके दाने बांडे सै अन्नदाता सै सारे जग का फेर क्यों धुल फांकता हांडे सै बेरा ना कद आवेंगे सोले दिन किसान के जंग टोटे तै झो रया सै घर आली...
  11. S

    हरयाणवी किस्सा सती विपोला

    हरयाणवी किस्सा सती विपोला भाइयो मैं आज यहाँ पर हरयाणवी किस्सा सती विपोला अपलोड करना चाहता हूँ ! जो की मास्टर """सतबीर भैन्सवालिया ''' जी की आवाज में आवाज में गया हुआ है ! और ये सिर्फ हमारी सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने की द्रष्टि से कर रहा हु! इसमें मेरा और फॉर्म का कोई व्यावसायिक हित नही...
  12. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    सारे देख लियो थाम आज हालात आज किसान के ! घुमते गाल्याँके मंह घुमते देख लियों बालक थाम किसान के !! ... गरीबी के मंह दिन पूरा बीते सपन्याँ मंह रात लंगाह ज्या , फसल नै कदे आज्या उगेला कदे रोज ( नीलगाय ) गेहू नै खाज्या चेपा तेला जा लग फसल के नरमे में मंह सुंडी आज्या कदे सूखे फसल...
  13. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    जाण दे इब याद पुरानी नै तू क्यू फेर तै फाड़े सै , भरे होए जखमां पुरान्याँ नै क्यू इब हटके उखाड़े सै ! के बेरा इसमें भी इब तेरी चाल कोण्सी लिक्ड़ेगी . देके धोखा फेर तैतू गाल कोण्सी लिक्ड़ेगी .. बनके कलि नागिन फेर तू जिगर मेरे नै द्स्ज्येगी ...... पड़े राहन दे ढोल ढके क्यू फेर तै पाडे सै ...
  14. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    छोड़ के तू जै चाली जागी कुणसा दुनिया मंह तूफान आज्यागा ! एक दुनिया मंह तू ऐ ना सै दिल मैं नया मेहमान आज्यागा ! इस रूप हसन नै सदा ना रहना तेरे पास देख लिए एक दिन काल खाज्यागा! मेरे बिना ना होवे धरती ख़ाली तन्ने भी कोए और पाज्यागा ! तन्ने ले डुबैगा मान हुसन का . गरूर जवानी आला...
  15. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    दिल मेरा जै तोड़ के तन्नै नुए जाना था प्यार के सपने दिखा के मन्नै ना बहकाना था ! तेरे ऊपर मन्नै अपना सब कुछ वार धरया था दुनिया मैं सब ज्यादा तेरे ऊपर एतबार करया था तन्नै भी तो मेरे ऊपर विश्वाश नै टिकाना था ... जान की बाज़ी ला द्युंगी तू न्यूं भी तै कह्या करती दुनिया टकरावन की तू तो बात...
  16. S

    माहरा हरयाणा ( हरयाणवी कविताये, रचनाये,गीत 

    राना जी कविता मैं थोडा सुधर करके पोस्ट करूँ हूँ कोई गलती हो तो माफ़ कर दियो जी लठ मार जुबान पै ना जा ...तू इस छोरे की यारी देख, खुड-खुड की के सोचे इब भर दूँगा प्यार की क्यारी देख, कदे नुए निरा मौल्ल्ड समझ के धोरै-धोरै हो जांदी हो, एक बार घरां चाल ५२४५ की करवा दूँगा खूब सवारी...
  17. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    मुड़ वापस आण का वादा तू कद भगत निभावेगा , गोरयां तै तू आज़ाद कराग्या कुण अपनेयाँ तै छुड्वावेगा ! भगतसिंह तेरी कुर्बानी तै तो देश नै आज़ादी पाई थी या गोरी सेना खदेड़ खदेड़ नै देश तै कै बाहर भगाई थी इस राजनीती मंह तै इन रिश्वतखोरां नै कौन भगावेगा ! मेहनत काश करके मेहनत न रोटी दो जून जुटा...
  18. S

    सोमबीर नामदेव के भजन , रागनी और हरयाणवी कवि&#2

    भाइयो जब एक फौजी अपनी नयी नवेली ब्याहता को घर पर छोड़ कर बोर्डर पर लडाई के लिए जाता है , उन दोनों में क्या संवाद होते उसको महसूस करने और लिखने कोशिश की है ! अगर कोई गलती रह जाये तो अपना भाई अपना बच्चा समझ कर माफ़ कर दें ! क्यूंकि इस मौके तो बहूत बड़े बड़े हरयाणा के कवियों ने कलम चलाई है, मैं...
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