ज्ञान की देवी या की शिक्षा की बेदी
आज के युग मे हम सब कुछ जल्दी से प् लेना चाहते है चाहे वो शिक्षा हो या नौकरी सब कुछ चाहिये तुरंत अभी के अभी चाहे उसके लिए बाद मे कुछ भी भुगतना पड़े। कुदरत ने तो ऐसा किया नहीं लेकिन हमे चाहिये सब कुछ अभी के अभी
किसान का पुत्र हुँ मगर जनता हूँ फसलो के हेर फेर...