जाट करै ना दोस्ती, जाट करै ना प्यार
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
चुगलखोर और दुतेड़े दुश्मन इनके खास
चाहे पायां पड़े रहो, कोन्यां आवैं रास
जाट मोहब्बत का भूखा, प्यारा दे सै मार -
जो साचा इंसान हो, वो-ए इसका यार ।
मुंह की अपनी काढ दे, जै कोए आवै मदद करण
मरौड़ कसूती सै धिखे, जिब्बै दे दे...