जब चंद्रशेखर आजाद ने सावरकर को हरामखोर कहा...
भगतसिंह और अन्य साथियों की गिरफ्तारी के बाद पार्टी की स्थिति कमजोर हो गई थी, दल के पास पैसे का भी संकट था, ऐसे में चन्द्रशेखर आजाद ने आर्थिक मदद की आशा में उन्हे (यशपाल) को सावरकर के पास पूना भेजा।यशपाल ने लिखा है कि जब वह उनके निवास स्थान पर पहुॅचे...