ravinderjee, आपने जो यो कड़ा de diya ना , यो इ सुनील न ना सुवा रह्य , इ मारी यो पुराणी बातां ने काढ- काढ ल्याव स ,
कोए बात ना, यो म्हारे आगे फेर बी बालक स , इन्हें ए यो कड़ा de दयो .
एक छोरी सड़क प खड़ी थी, उड़े क फुलकवर मोटर साइकिल धम्मे जा था
अर छोरी कैन लखाव्नता जा,
आगे सी त मुडके उल्टा आग्या
अर छोरी त बोल्या, 'अक पिछान्या'?
छोरी बोली ' ना'
फुलकवर: ' अछ्या, इतनी तावली भूल गी , अर इब्बे तेरे शामी क लकड़या था '
रविंदर जी, काका बेसक कामचोर था, पर यो त आपका talent था अक इसे कामचोर काका प अपने खेत की चिड़िया बी उडवा ली , अर आप रोला- रोला मचान में साध गे! दिमाखदार कामचोर!!!!!