"किस किस अदा से तूने, जलवा दिखा के मारा
आज़ाद हो चुके थे, बन्दा बना के मारा
पहले बना के पुतला, पुतले में जान डाली
फिर उसको ख़ुद, मौत की सूरत में आ के मारा
आँखों में तेरी ज़ालिम, छुरियाँ छुपी हुई हैं
देखा जिधर को तूने, पलकें उठा के मारा
ग़ुंचों में आ के महका, बुलबुल में जा के चहका
इस को हँसा के...