Jat – 36 Koum Ka Jamai !!

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dndeswal

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जाट - छत्तीस कौम का जमाई !

आजकल General talk फोरम में एक थ्रैड चल रही है - what about intercaste marriage? मैं इस बात को वहां पर लिखना चाहता था पर बात ही कुछ ऐसी है कि इसको यहां Humor फोरम में ही लिखना ठीक है ।

अब एक सच्चा किस्सा सुनो । हरयाणा बनने के तुरंत बाद बेरी हल्के से प्रताप दौलता (जो चीमनी गांव के थे) ने 2-3 बार चुनाव लड़ा और जीते - वह ‘आयाराम-गयाराम’ का जमाना था। प्रताप दौलता जी पेशे से वकील थे और बड़े ही मजाकिया स्वभाव के आदमी थे, लोग उनके सामने ही उनको ‘प्रताप काणा’ कहते थे । एक बार चुनाव सभा खत्म होने के बाद एक बुजुर्ग-से पंडित जी ने मजाक में उनसे पूछ लिया "अरै प्रताप, ये जाट की जात (caste) भी कोई जात सै? - ये जाट तै किसै-बी जात की लुगाई नै ब्याह ल्यावैं सैं, नीची जात वाली नैं बी ले आवैं सैं" ।

प्रताप दौलता बोल्या - "पंडित जी, उरे-नै आ - तू बात तै साची कहै सै, मळ (but) एक बात और सै - यो जाट छत्तीस जात का जमाई होवै सै !!! :) :)
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बेरी हल्के के 'बांकरा' गांव में सिर्फ बाहमण बसते हैं । चुनाव के दौरान प्रताप दौलता वहां गया । उस गांव का सरपंच एक पांच फुट से भी कम कद का एक ठिगना-सा पंडित था, वो प्रताप से बोला – “इस गाम में तेरी वोट तै सैं-ऐं ना, फेर आया क्यूं”? प्रताप दौलता था पूरा हाजिर-जवाब, फट से जवाब दिया “पांच फुट तैं तळे की वोट मेरे काम की कोनी” ।

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प्रताप दौलता के गांव वाले उसको मजाक में कहने लगे - " अरै प्रताप, तू जिस गाम में जावै सै, तेरै धक्के लागैं सैं । प्रताप ने उलट कर जवाब दिया - "आंकल-झोट्यां कै तै धक्के ए लाग्या करैं !!
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lol.... sahi jawab diya..... aur sunao 2-4 kisse

लो, एक तो सुन लो ।

प्रताप दौलता को लोग ‘आंडी' MLA’ कहा करते थे । एक बार किसी चौधरी ने उनको चुनाव सभा में ही टोक दिया - "जी, बात न्यूं सै अक ये च*** तो आपकी वोट कत्ती ना दें" । प्रताप ने जवाब दिया - "कोए ना, बुलध नै खरीद ल्यो, चीचड़ तै गैल (साथ) आ-ज्यां सैं - चीचड़ां का कोए मोल-भाव हो सै ?" यह किस्सा पूरे इलाके में फैल गया ।

उसके कुछ दिन बाद बेरी में चुनाव सभा हो रही थी जिसमें जगजीवन राम जी भी आये हुए थे । जब जगजीवन राम जी वापिस चले तो किसी ऊत नै प्रताप को टोक दिया –“साहब, यो चीचड़ आप की-ए गैल तै आया था” । प्रताप ने जवाब दिया –“ना, यो चीचड़ कोनी था, कलीला था” !!

फिर उठी किल्कियाँ !!!

Humor Forum के जमाइयो, इस धागे पर एकाध किल्की मार दोगे तो प्रताप दौलता के एक-दो किस्से और सुना दूंगा । नहीं तो रहने दो - कुछ समय बाद तो धागे पर अपने आप ही ताला लगना शुरू हो गया है ।
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Deswal Sir,
Great LAGE RAHO DND BHAI
it feels so good to see your threads always upto the mark and at the same time humrous too.
Hats off to you sir
 
Sir, ek do nahi, iss pai tai ghanii e killki maar dyangay,
arr partap daultaa tai sachii mein e aandy MLA tha, jai wo issi baat kar diya karta tai.:D:D

लो, एक तो सुन लो ।

प्रताप दौलता को लोग ‘आंडी' MLA’ कहा करते थे । एक बार किसी चौधरी ने उनको चुनाव सभा में ही टोक दिया - "जी, बात न्यूं सै अक ये च*** तो आपकी वोट कत्ती ना दें" । प्रताप ने जवाब दिया - "कोए ना, बुलध नै खरीद ल्यो, चीचड़ तै गैल (साथ) आ-ज्यां सैं - चीचड़ां का कोए मोल-भाव हो सै ?" यह किस्सा पूरे इलाके में फैल गया ।

उसके कुछ दिन बाद बेरी में चुनाव सभा हो रही थी जिसमें जगजीवन राम जी भी आये हुए थे । जब जगजीवन राम जी वापिस चले तो किसी ऊत नै प्रताप को टोक दिया –“साहब, यो चीचड़ आप की-ए गैल तै आया था” । प्रताप ने जवाब दिया –“ना, यो चीचड़ कोनी था, कलीला था” !!

फिर उठी किल्कियाँ !!!

Humor Forum के जमाइयो, इस धागे पर एकाध किल्की मार दोगे तो प्रताप दौलता के एक-दो किस्से और सुना दूंगा । नहीं तो रहने दो - कुछ समय बाद तो धागे पर अपने आप ही ताला लगना शुरू हो गया है ।
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deswal saheb,

isse-isse te chaahe saari raat aan deo, inte ke jee bharre sai...

kum te kum nyu te bera paatte ak mhaare hariyaane mein bhi isse isse leader hoye sain..

naah te aaj kaal ke leederaan ki jamaat tae muh padwaaye te naa bolti, isse isse haazir-jawab te door ki baat sai..
 
deswal saheb,

isse-isse te chaahe saari raat aan deo, inte ke jee bharre sai...

kum te kum nyu te bera paatte ak mhaare hariyaane mein bhi isse isse leader hoye sain..

naah te aaj kaal ke leederaan ki jamaat tae muh padwaaye te naa bolti, isse isse haazir-jawab te door ki baat sai..

--Manu.
 
घी सा घल गया

देशवाल जी ईसे किस्से तो रोका ना करो, बस आन दा करो
 
Humor Forum के जमाइयो, इस धागे पर एकाध किल्की मार दोगे तो प्रताप दौलता के एक-दो किस्से और सुना दूंगा । नहीं तो रहने दो - कुछ समय बाद तो धागे पर अपने आप ही ताला लगना शुरू हो गया है ।
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deswal saab.... baladh kharido ho toh chichad toh gale aavenge :D

aap sunao ge toh kilki aap aavengi .... kilki ka koy mol-bhav ho se :)
 
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deswal saheb,

naah te aaj kaal ke leederaan ki jamaat tae muh padwaaye te naa bolti, isse isse haazir-jawab te door ki baat sai..

--Manu.

बिल्कुल ठीक बात है भाई - मैं ये सब सच्ची घटनायें लिख रहा हूँ - लो एक और पढ़ लो ।

एक और चुनाव के समय एक बाहमण ने प्रताप से मजाक में पूछ लिया "साहब, ये जाट किस चिड़िया का नाम सै?" प्रताप बोल्या - "उरे नै आ मेरै धोरै" । जब वो पास आया तो प्रताप फिर बोला "तन्नै ईब ताहीं या बात ना बेरा"? फिर उसके मुंह पर एक जोर का थप्पड़ मार कर प्रताप ने बताया – “जाट वो होवै सै जो खामखा झगड़ा मोल ले ले” !!
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