एक ब करुक्षेत्र में सूर्यग्रहण का न्हाण था... ट्रक्टर भर के जा थे गाम आले .. ताई धापली ने सोच्या अक एकली ने ते राह बी ना पावे अर इईब मौक्का पड्या से ..तू भी होल्ये लुगाईयाँ गेल ...ज्याँ कर के वा बी चलयी गयी अर उडे जा के मेले में रल गयी...बेचारी सब ने टोहती -२ बहार शहर में आ गयी अर एक पार्क में बैठ गयी ...
घणी हान न्यू ऐ बैट्ठे -२ होगयी ते उसने सु-२ आगयी ... बेचारी गाम की भोली लुगाई थी ..पार्क के ऐ एक कुने में बैट गयी ..
सुंडू नया -२ दरोगा बनया था अर उसके ऊपर की कमाई की बडा शौक सा रहया करता .... उसने ताई धापली देख लई ... वो आके बोल्या ताई चाल थाणे..
ताई -क्यूँ भाई ??
सुंडू दरोगा - तनने पार्क में सु-२ करया ज्याँ ताहि ..
ताई ने उसते आपनी आपबीती सुनाई अर माफ़ी मांगी के मन्ने बेरा ना था गलती होगयी ...
सुंडू बोल्या अक फेर 100 रुपये काढ जुर्माने के ...
ताई - बेटा मनने ते न्हाण जाती हाण झोला बी भरपाई ते दे दिया था ..मेरे धोरे ते कोन्या पिस्से ..
सुंडू -फेर चाल जेल में ..पिस्से दीए बिना ते ना जाण दयु...
ताई ने गोझ में हाथ मारा ते 5 का सिक्का पड्या था वोहे पकडा दिया सुंडू ते... अर सुंडू ले के पिस्से चल्या गया अर जा के एक चाय की दूकान पे बैट गया ...
घूमते -२ ताई बी उडे पोहंच गयी अर सुंडू ने चाह पीते देख के बोल्यी...." आँ रे दरोगा जे में ना मूतती ते तू के पीता.."
घणी हान न्यू ऐ बैट्ठे -२ होगयी ते उसने सु-२ आगयी ... बेचारी गाम की भोली लुगाई थी ..पार्क के ऐ एक कुने में बैट गयी ..
सुंडू नया -२ दरोगा बनया था अर उसके ऊपर की कमाई की बडा शौक सा रहया करता .... उसने ताई धापली देख लई ... वो आके बोल्या ताई चाल थाणे..
ताई -क्यूँ भाई ??
सुंडू दरोगा - तनने पार्क में सु-२ करया ज्याँ ताहि ..
ताई ने उसते आपनी आपबीती सुनाई अर माफ़ी मांगी के मन्ने बेरा ना था गलती होगयी ...
सुंडू बोल्या अक फेर 100 रुपये काढ जुर्माने के ...
ताई - बेटा मनने ते न्हाण जाती हाण झोला बी भरपाई ते दे दिया था ..मेरे धोरे ते कोन्या पिस्से ..
सुंडू -फेर चाल जेल में ..पिस्से दीए बिना ते ना जाण दयु...
ताई ने गोझ में हाथ मारा ते 5 का सिक्का पड्या था वोहे पकडा दिया सुंडू ते... अर सुंडू ले के पिस्से चल्या गया अर जा के एक चाय की दूकान पे बैट गया ...
घूमते -२ ताई बी उडे पोहंच गयी अर सुंडू ने चाह पीते देख के बोल्यी...." आँ रे दरोगा जे में ना मूतती ते तू के पीता.."