दांगी भाई
में आपकी राय से पूरी तरह सहमत हूँ ! ये दोनों महानुभाव इस चुनाव में अवश्य विजयी होंगे, ऐसा मेरा दृड़ विश्वाश है !
आनंद सिंह दांगी जी की कार्यशैली में कुछ खामियां हो सकती है, पर उनके प्रतिदुंदी कहाँ दूध के दोए हैं ? बाली पहलवान के एक सशक्त उमीद्वार होने की क्या प्रमाणिकता है , सिवाय इसके की वो मोखरा गाँव से हैं ! उन्हें पहली बार टिकिट मिलने के पीछे भी यही तर्क था की, मोखरा में ११-१२ हजार वोट हैं, जो किसी भी चुनाव परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं!
डॉ कदियान साहेब के बारे में भी विरोधी बिना ठोस आधार और तथ्यों के हवा में तीर चला रहे प्रतीत होते हैं ! मुझे उन्हें मिलने का सोभाग्य मिला है, और वह मुझे बहुत ही भले इंसान लगते हैं! मुझे पूर्ण विश्वास है की वे भी इस चुनाव में जरूर जीत हांसिल करेनेगे !
दांगी भाई, आपने वो कहावत सुनी होगी , की खेत तो हल चलने से ही बाहया जा सकता है, दीमाग में सोच सोच कर मिटटी उथल पुथल करने से नहीं !
इन दोनों महानुभावों और अन्य प्रतिदुवंदियों को हराने के लिए इनेलो के नेताओं को बहुत मेहनत करने की जरूत है अगले ५ साल !
आत्मनिरीक्षण और कार्यशैली बदलने की जरुरत है ! इस पार्टी के सर्वेसर्वा को अपने दूसरी, तीसरी कतार के नेताओं और कार्यकर्ताओं के प्रति अपना वयवहार और रवैया बदलने की जरुरत है!
अब पार्टी बहुत ही दयनीय स्तिथि में है ! निकट भविष्य में, एक जिमेदार विपक्ष की भूमिका निभाने में भी सक्षम नहीं लगती!
आपके प्रतिनिधि और आपको ढेर सारी सुभकामनाओं के साथ !