Aarakshan ko dilli gherenge Jat

सोमवार को दिल्ली में जाट आरक्षण संघर्ष समिति और पुलिस के बीच जमकर हंगामा हुआ. अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने पूरी कोशिश की. सभी लोग कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर की ओर बढ़ रहे थे. दरअसल, सोमवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने एक सभा बुलाई थी. इन्होंने केंद्र सरकार के सामने जाटों को ओबीसी कोटे में शामिल करने और आरक्षण देने की मांग की. शाम के 5 बजने के साथ ही इन्होंने सोनिया गांधी के आवास 10 जनपथ की ओर कूच करना शुरु कर दिया.
इसके बाद पुलिस को इन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और लाठी चार्ज भी करना पड़ा.
 
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are sharma loo re eb too yooo itna desh bawla horehya ........ye log apne ghar bar chodh ke hande se apne balkan ke bhalee khatar ar ade ek adha ghana padha likhya nyue keh de ki humne jaroorat hi nahi ,--------------------Reservation aaj k din jat khatar sabte pehli chej s ................. arr ye jat leke rahegaaa .........
 
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A great achievement of this show was a Unity of Jats among three major religions of Jats .

Meeting was presided by Sardar Karnail Singh Pavada a Jatt Sikh who lead janpath March along with hundreds of Sikhs.

Jat Mashal was lit by Sardar Karnail Singh, Choudhary Yashpal Malik and Col Yashin from Mujjafar Nagar. .Mohammad Asfak Sheoran was another Jatt who played a major role in the rally.
 
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जाट महारैली के बाद दिल्ली में घमासान

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। जाटों को केंद्रीय स्तर पर ओबीसी श्रेणी में आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर सोमवार को दिल्ली में जुटी भीड़ ने जमकर बवाल किया। उग्र जाट प्रदर्शनकारी उस समय भड़क उठे, जब पुलिस ने उन्हें रैली के रूप में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के घर जाने से रोक दिया। इस पर भीड़ बेकाबू हो गई। पुलिस ने रणनीति के तहत पहले उन्हें आगे जाने दिया। फिर आधा किलोमीटर आगे दिल्ली गेट पर बल प्रयोग कर भीड़ पर काबू पा लिया।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के केंद्र सरकार स्तर पर आरक्षण दिए जाने की मांग को लेकर आयोजित रैली शाम पांच बजे के करीब समाप्त हुई। इस दौरान आयोजकों ने मंच से घोषणा की कि वे अब रैली के रूप में सोनिया गाधी के निवास 10 जनपथ जाकर उन्हें अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। इस पर पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी महारैली के आयोजकों को समझाने लगे कि उन्होंने रैली करने के लिए सिर्फ रामलीला ग्राउंड उपयोग करने की अनुमति ली है।
मौके पर मौजूद पुलिस उपायुक्त जसपाल सिंह ने महारैली के आयोजक यशपाल मलिक से कहा कि वे ज्ञापन उन्हें सौंप दें, उसे कांग्रेस अध्यक्ष के यहां पहुंचा दिया जाएगा। मगर भीड़ उखड़ गई। वे लोग रैली के रूप में ज्ञापन देने जाने के लिए अड़ गए।
इस पर पुलिस ने रामलीला मैदान के गेट बंद करा दिए तो भीड़ ने गेट तोड़ दिया। अनियंत्रित भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछार की। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने रैली को आगे निकलने दिया। मगर इसी बीच इस सड़क की बिजली काट दी गई। इस आपाधापी के बीच यशपाल मलिक ने माइक से घोषणा की कि हम आगे जाएंगे, मगर कोई भी शख्स उत्पात नहीं करेगा।
पुलिस रैली को अपनी निगरानी में लगभग आधा किलोमीटर दूर दिल्ली गेट तक ले आई। यहां ट्रैफिक लाइट के पास भीड़ आईटीओ की ओर मुड़ने लगी तो पुलिस ने फिर आंसू गैस के गोले छोड़े और बल प्रयोग कर भीड़ को रोक दिया।
भीड़ का नेतृत्व करने वालों में शामिल संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक, महासचिव राजेंद्र सिंह चिकारा व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमन सिंह ने कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे दिल्ली के लिए बिजली पानी की सप्लाई बंद कर देंगे। मोदी नगर पर भी नहर का पानी रोक दिया जाएगा।
मुकुल वासनिक ने वार्ता के लिए बुलाया
सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय के सचिव संजीव कुमार रात आठ बजे के करीब दिल्ली गेट पर बारिश में जाम लगाए लोगों से वार्ता के लिए पहुंचे तो भीड़ उनकी ओर दौड़ पड़ी। मगर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय सचिव अशोक चौधरी ने अपने ही लोगों के साथ जोर जबरदस्ती कर उन्हें शांत कराया। बाद में समिति की ओर से बनाए गए प्रतिनिधिमंडल ने सचिव से बात की। सचिव ने प्रतिनिधि मंडल को बताया कि सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्री मुकुल वासनिक के प्रतिनिधि के रूप में वह यहां आए हैं और मंगलवार को मंत्री महोदय ने सुबह 11 बजे समिति के प्रतिनिधिमंडल को मंत्रालय में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। वार्ता टेबल पर की जाएगी। इस आश्वासन के बाद भीड़ शांत हुई।
 
जाटों ने कराया ताकत का अहसास
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। केंद्रीय स्तर पर ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर रामलीला मैदान में हुई महारैली में जाटों ने सरकार को अपनी ताकत का बखूबी अहसास करा दिया। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले हुई महारैली ने इस बात का भी अहसास करा दिया कि सरकार नहीं चेती तो यहां भी राजस्थान जैसे हालात हो सकते हैं। रैली के माध्यम से संकेत दिए गए कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो दिल्ली का बिजली-पानी बंद कर देंगे और साथ ही राष्ट्रमंडल खेल भी नहीं होने देंगे। समिति का कहना है कि यह उनकी रणनीति का हिस्सा है।
रामलीला मैदान में आयोजित महारैली में जाट समुदाय ने स्पष्ट संकेत दे दिए कि केंद्र सरकार नहीं जागी तो हालात बिगड़ेंगे। इस रैली में मुख्यत: नौ प्रदेशों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे। मगर यूपी और हरियाणा के कार्यकर्ताओं की संख्या अच्छी खासी रही। महारैली में उत्तर प्रदेश, हरियाणा,राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात के अलावा अन्य प्रांतों के लोग पहुंचे।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि वह किसी राजनीतिक पार्टी की निंदा नहीं करते, मगर उनका एक ही लक्ष्य है कि जाटों को न्याय मिले। और वह इसे लेकर रहेंगे। कार्यक्रम स्थल पर जलाई गई जाट मशाल की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि यह मशाल तब तक जलती रहेगी और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक जाटों को केंद्र सरकार से आरक्षण नहीं मिल जाता।
इस मौके पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री हुकुम सिंह, समिति के महासचिव राजेंद्र सिंह चिंकारा, एमआर तेवतिया व पुष्पेंद्र सिंह के अलावा पंजाब से करनैल सिंह, अमन सिंह, मास्टर बाबूराम तोमर, जयकरण चौधरी, अशोक चौधरी आदि मौजूद थे। समिति के राष्ट्रीय महासचिव एमआर तेवतिया ने बताया रैली में पचास हजार के करीब लोग शामिल हुए। उधर पुलिस ने रैली में शामिल होने वालों की संख्या 15 हजार के करीब आंकी है।


http://in.photos.yahoo.com/
 
जाटों ने कराया ताकत का अहसास
नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। केंद्रीय स्तर पर ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर रामलीला मैदान में हुई महारैली में जाटों ने सरकार को अपनी ताकत का बखूबी अहसास करा दिया। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले हुई महारैली ने इस बात का भी अहसास करा दिया कि सरकार नहीं चेती तो यहां भी राजस्थान जैसे हालात हो सकते हैं। रैली के माध्यम से संकेत दिए गए कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो दिल्ली का बिजली-पानी बंद कर देंगे और साथ ही राष्ट्रमंडल खेल भी नहीं होने देंगे। समिति का कहना है कि यह उनकी रणनीति का हिस्सा है।
रामलीला मैदान में आयोजित महारैली में जाट समुदाय ने स्पष्ट संकेत दे दिए कि केंद्र सरकार नहीं जागी तो हालात बिगड़ेंगे। इस रैली में मुख्यत: नौ प्रदेशों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे थे। मगर यूपी और हरियाणा के कार्यकर्ताओं की संख्या अच्छी खासी रही। महारैली में उत्तर प्रदेश, हरियाणा,राजस्थान, उत्तराखंड, पंजाब, मध्यप्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात के अलावा अन्य प्रांतों के लोग पहुंचे।
समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि वह किसी राजनीतिक पार्टी की निंदा नहीं करते, मगर उनका एक ही लक्ष्य है कि जाटों को न्याय मिले। और वह इसे लेकर रहेंगे। कार्यक्रम स्थल पर जलाई गई जाट मशाल की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि यह मशाल तब तक जलती रहेगी और आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक जाटों को केंद्र सरकार से आरक्षण नहीं मिल जाता।
इस मौके पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री हुकुम सिंह, समिति के महासचिव राजेंद्र सिंह चिंकारा, एमआर तेवतिया व पुष्पेंद्र सिंह के अलावा पंजाब से करनैल सिंह, अमन सिंह, मास्टर बाबूराम तोमर, जयकरण चौधरी, अशोक चौधरी आदि मौजूद थे। समिति के राष्ट्रीय महासचिव एमआर तेवतिया ने बताया रैली में पचास हजार के करीब लोग शामिल हुए। उधर पुलिस ने रैली में शामिल होने वालों की संख्या 15 हजार के करीब आंकी है।


http://in.photos.yahoo.com/

Only 15K???
 
Only 15K???




15 hazar n hi Jada chadha diyaaaaa .sonia ke ..????? hahhahaha sariiii jatttt t thad epade h 15 m hi sara kam kar aavengee ghane eee aaadmi lejan ki jaroorat konyaaa:rock:rock:rock:rock:rock
 
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Maja agaya

Lage raho JATS..... chuck de dilli..... ukhaad ne killi.... karde in congressiyoon/jaichandoon ki dhilli.......
JAI JATS... :rock
 
Electronic media was in under pressure

I called up ZeeTV, NDTV, IBN..they clearly told me they were under pressure from there Sr. editors for not showing it and highlight it..there were lacs of jats present there..see the times of india news how these jokers write the news ..in 6 inch area.only hindi news papers cover these news.elctronic media totaly bypass this news.

http://epaper.hindustandainik.com/
(last moment picture)-http://www.orkut.co.in/Main#AlbumZoom?uid=4156480054820400803&pid=1265686418250&aid=1265515570$pid=1265686418250
http://in.jagran.yahoo.com/epaper/index.php?location=2&edition=2010-02-09&pageno=5
http://www.amarujala.com/today/delnews.asp?city=08DEL1M.asp
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/delhi/4_3_6167498/
 
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http://indiatoday.intoday.in/site/Story/83044/Headlines%20Today%20Top%20Stories/Police+lathicharge+Jat+protestors.html

A heavy deployment of police force tried to control the Jat protesters as the situation became tense when the latter defied prohibitory order and marched towards 10 Janpath.
When the demonstrators reached Delhi Gate, police resorted to lathicharge and fired teargas shells, but when this failed to quell the protesters, water cannons were used to disperse them.
The Jats had given a 5 pm deadline for their demand to be accepted, but there's no word from the government till now.
The protestors have threatened to cut off water, electricity, milk and vegetable supply to Delhi if their demand is not met.
Meanwhile Haryana Chief Minister Bhupender Singh Hooda has reached 10 Janpath to meet Sonia Gandhi.
The Jat community is demanding reservation in the OBC category.

Great work Narendar bhai
 
No electronic media was there..

Dear Jatlanders

Reporters who are covering this Jat Maharally also geared up to cover and even national channels has also deputed their teams to cover. interestingly we found there are many jat guys working in various news channels and certainly this maharally will creat space for jats in central OBC category.

Needs physical presence of jatlanders at their convienance.
I called up ZeeTV, NDTV, IBN..they clearly told me they were under pressure from there Sr. editors for not showing it and highlight it..there were lacs of jats present there..see the times of india news how these jokers write the news ..in 6 inch area.only hindi news papers cover these news.elctronic media totaly bypass this news.

http://epaper.hindustandainik.com/

http://in.jagran.yahoo.com/epaper/index.php?location=2&edition=2010-02-09&pageno=5
http://www.amarujala.com/today/delnews.asp?city=08DEL1M.asp
http://in.jagran.yahoo.com/news/local/delhi/4_3_6167470_1.html
 
mujhe es baare m jayeda knowledge nahi h ke kiss cast ko keetne % arksan milla h ... bhai ek baat mere dimak m bhout deeno se ghumm rahi h. ke jehaa p jaat sabse jayeda h ( haryana ) weha ke jaato ko es reservation se kya fayeda hoga agar jaat obc m aa gaye to fier haryana m jun. to khalli reh jayega bahman baniya ku nahi kehte ke hum n reservation chahiye ku ke unko pata h ke agar jaat obc m chale gaye t unka fayeda hi h fier unko to ghar bethe hi sabse jayeda reservation mill jayega or rahi baat obc ki kammena m t geenti hogi r khuch fayeda bhi nahi hoga kuki obc m bhi t kayi casta ka hisaa hoja ga ha agar kisi bhai ke pass ye detail h ke kiss cast ko keetne % reservation milla h or jo ye reservation mang rahe h wa kiss base p or ketne % mang rahe h jaato ko arksan ke baad keetna % fayeda milee ga ya nahi agar milee ga to keetna explain karee sabhi ko samjhne m assani hogi baki m reservation ke khilaff nahi hu agar kahi se khuch help hoti h to achaa hi h ha ek baat s fier keete unchee bolen ke kona rahwe .........jaat dhore khuch nahi reh ra bus lathi alli marod s esee karan duniya janee h r fier ya bhi jati reh gi ............................................. ?????????????????????????????
 
mujhe es baare m jayeda knowledge nahi h ke kiss cast ko keetne % arksan milla h ... bhai ek baat mere dimak m bhout deeno se ghumm rahi h. ke jehaa p jaat sabse jayeda h ( haryana ) weha ke jaato ko es reservation se kya fayeda hoga agar jaat obc m aa gaye to fier haryana m jun. to khalli reh jayega bahman baniya ku nahi kehte ke hum n reservation chahiye ku ke unko pata h ke agar jaat obc m chale gaye t unka fayeda hi h fier unko to ghar bethe hi sabse jayeda reservation mill jayega or rahi baat obc ki kammena m t geenti hogi r khuch fayeda bhi nahi hoga kuki obc m bhi t kayi casta ka hisaa hoja ga ha agar kisi bhai ke pass ye detail h ke kiss cast ko keetne % reservation milla h or jo ye reservation mang rahe h wa kiss base p or ketne % mang rahe h jaato ko arksan ke baad keetna % fayeda milee ga ya nahi agar milee ga to keetna explain karee sabhi ko samjhne m assani hogi baki m reservation ke khilaff nahi hu agar kahi se khuch help hoti h to achaa hi h ha ek baat s fier keete unchee bolen ke kona rahwe .........jaat dhore khuch nahi reh ra bus lathi alli marod s esee karan duniya janee h r fier ya bhi jati reh gi ............................................. ?????????????????????????????

lathi main aur naya dum aajayega bhai....Lathi or uski marod to hamesha rahegi... chahe mile ya na mile reservation....is se achha hai lathi ke dum par reservation le lo or pher marod bataoo.... thakuroon ki to mitti palit ho jagi....
 
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time pass mat karee explain ker fier t hanga latee bhi achee lage ge eb jab nuee na bera ho ke rehya s t fier suport m m bolen ka fayeda ke s r nu bata ye thakur koon sa n keh s mahre adee t naeya n kehya karee ................................
 
जाट गर्जना: नहीं बनने देंगे युवराज को महार

जाट गर्जना: नहीं बनने देंगे युवराज को महाराज
जाट समाज अपने भविष्य की राजनीति के ब्लू प्रिंट के साथ मैदान में उतर आया है. इस ब्लू प्रिंट के हिसाब से जाट समाज पूरी तरह से कांग्रेस को ध्वस्त करने के लिए काम करेगा और 2014 में युवराज राहुल गांधी को महराज नहीं बनने देगा.

राजधानी के रामलीला मैदान में आठ फरवरी की महारैली के बाद जाट समाज के नेता यशपाल मलिक ने आज नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता की. उस प्रेस वार्ता में उन्होंने भविष्य के राजनीति की रूपरेखा रखते हुए साफ तौर पर कहा कि हमने सरकार को जाटों की ताकत का अहसास करा दिया है, लेकिन सिर्फ वोट बैंक की खातिर मनमोहन सरकार केन्द्र में ओबीसी के तहत जाटों को आरक्षण देने के मामले को लटकाए रखना चाहती है। हम सरकार की चालों को समझ रहे हैं। उनके मुताबिक अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने सरकार को दस मार्च तक का समय दिया है। 11 मार्च से दिल्ली ही नहीं, पूरा देश देखेगा कि हम किस तरह सरकार का जीना हराम कर देते हैं। आठ फरवरी के दिल्ली कूच में तो देशभर के जाटों के हर परिवार का एक सदस्य आया था, अब पूरी कौम दिल्ली पर धावा बोलेगी और यह सरकार को बहुत महंगा पड़ेगा। रामलीला के मैदान में हमारे साथ जो लीला हुई उसके जवाब में हमने तीन रणनीतियां बनाई हैं।

जाट खेल 2010- कॉमन वेल्थ गेम्स को नहीं होने देंगे।
जाट मिशन 2012- कांग्रेस के मिशन उत्तर प्रदेश 2012 को फेल करेंगे।
जाट स्वप्न 2014- युवराज को महाराज नहीं बनने देंगे।

ये बातें अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने पत्रकारों के साथ बातचीत में कहीं। उन्होंने कहा कि 8 फरवरी को समिति के बैनर तले हुई विशाल महारैली पूरी तरह अनुशासित थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में राजनीति रैलियां होती हैं और कैसा उत्पात मचता है, ये सब जानते हैं। उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखण्ड समेत देशभर से पहुंचे जाटों ने कोई ऐसा काम नहीं किया, जिससे बिरादरी के नाम पर ठप्पा लगे। फिर भी हमारे ऊपर जुल्म ढाए गए। कांग्रेस की मुखिया और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी से अपनी बात कहने के लिए हम रामलीला मैदान से निकले भी न थे कि हमपर लाठियों और आंसू गैस के गोलों से हमला कर दिया गया। सदी में भी हमपर पानी की तेज बौछारें छोड़ी गईं। युवा तो युवा, सत्तर-अस्सी साल के बुजुगो पर भी पुलिस का कहर टूटा। हमें पुलिस, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स की मिली-जुली फौज ने कुछ इस तरह घेर लिया, मानो हम कोई दुश्मन हों। दिल्ली गेट पर इस कौम पर न जाने कितनी लाठियां टूटीं, मगर वह हिली नहीं। अन्त में जब दिल्ली ठप हो गई तो सरकार ने घुटने टेकते हुए अपना एक नुमाइन्दा भेजा, जिसने बातचीत की पेशकश रखी।

उन्होंने कहा कि दूसरे ही दिन नौ फरवरी को सामाजिक न्याय और आधिकारितकता मन्त्री मुकुल वासनिक से हमारी बातचीत हुई। केन्द्रीय मन्त्री ने हमें कोई आश्वासन नहीं दिया है। वह इस मुद्दे को लटकाने के मूड में दिखे। श्री मुकुल वासनिक ने जाटों के लिए केन्द्र में आरक्षण देने की दिशा में कोई पहल करने या किसी तरह की समय-सीमा का निर्धारण करने में भी कोई रुचि नहीं दिखाई। उनकी मंशा को भांपकर राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने मन्त्री जी को जाट आरक्षण पर निर्णय लेने के लिए 10 मार्च 2010 तक की समय-सीमा दे दी तथा सख्त लहजे में उसके बाद आर-पार की जंग छेड़ने का फैसला किया। दस मार्च तक सरकार ने अगर सभी जाटों को ओबीसी के तहत केन्द्र में आरक्षण का लाभ नहीं दिया तो 11 मार्च को हमारा पूर्ण आन्दोलन शुरू हो जाएगा। इसके बाद न हम चैन से बैठेंगे और न सरकार को चैन से बैठने देंगे।

उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के बैनर तले जाट समुदाय जो कुछ करेगा, उसके लिए सरकार पूरी तरह से जिम्मेदार होगी। समिति ने इस सन्दर्भ में कार्यक्रम तैयार किया है, वह सरकार को खून के आंसू रुलाने के लिए काफी होगा। इसके तहत इस साल राजधानी में होने जा रहे कॉमन वेल्थ गेम्स को नहीं होने देंगे। कांग्रेस सरकार 2012 में यूपी में सत्ता हासिल करने का जो मिशन लेकर चल रही है, हम उसे कभी पूरा नहीं होने देंगे। इसके बाद हमारे निशाने पर होंगे युवराज। हम 2014 में कांग्रेस के इस स्वप्न को भी तहस-नहस कर देंगे। यही नहीं, हमारे तरकश में और भी बहुत सारे तीर हैं, जो वक्त पड़ने पर निकलेंगे। पिछले करीब दो दशकों से हमें छला जा रहा है, अब हम निकल पड़े हैं और इतिहास गवाह है कि महाराजा सूरजमल से लेकर शहीद-ए-आजम भगत सिंह तक, यह बिरादरी जब अपने मिशन पर निकलती है तो मिटा देती है या मिट जाती है।
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time pass mat karee explain ker fier t hanga latee bhi achee lage ge eb jab nuee na bera ho ke rehya s t fier suport m m bolen ka fayeda ke s r nu bata ye thakur koon sa n keh s mahre adee t naeya n kehya karee ................................
shukra hai..... bhai ab yo mat poochhiye JAT ke ho hai or reservation ke ho.... na teri shakshrata ka bhandda phoot jaga.....
 
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