netaa banan ki raah me aaglaa kadam!!!
नेता बणण ताहिं मन्नै अपणा मन पक्का कर लिया,
अर नेता के गुन सीखन ताहिं एक नेता अपणा गुरु अपांइट कर दिया!
पहले दिन क्लास मै मन्नै उसतै "Good Morning Sir" कह दी,
न्यूं सुणते ही वो बोल्या "जै न्युं ए बोलणा सै तै तू चुप ए बढिया रहगी"
नयी नयी बालक थी मै क्लास मैं, गुरुजी का यो ग्यान मेरी समझ मै ना आया,
अपणी जिग्यासा शांत करण ताहिं मन्नै एक क्वेशचन मार्र्क उठाया!!
इसी के कह दी गुरुजी जो आपनै नहीं भायी,
मेरी गलती बता दयो अक मैं क्यूं चुप कराई!
तब उन्होने समझाया: "नेतागिरी का एक उसूल है!
अंग्रेजी भाषा का खामखां इस्तेमाल करना फ़िजूल है!"
इसलिए, goodmorning की जगह सुप्रभात या नमस्कार कहना सही रूल है!
यहां मात्रभाषा गौरव है अपना, और राष्ट्रभाषा को पह्चान बताओ!
सीधा सा यो सरल पाठ है, समझ में नहीं आया तो हाथ उठाओ!
समझ में आगी बात इसकी हामी मै मन्नै अपना सर तै हिला दिया,
एक और सवाल है गुरुजी मेरा, कह कै मन्नै अपना हाथ बी ठा दिया!
दूसरे नेतागण जो दूसरी जगह से आएंगें, हिन्दी का ककहरा ना जानते,
उन्हें हिन्दी मैं कैसे समझाएंगें?????
सवाल सुन कै मास्टरजी नै अपनी मुंडी मेरे ओड घुमा दी,
बोल्ले:"पहले ए दिन या छोरी तै लाइम लाइट मैं आगी!!
दूसरयां के जवाब ते संतुष्ट ना होना, नेता का एक अहम गुन है,
अर तेरे सवालां ते लागै से के तू तै इसमैं निपुण सै!!
मन्नै फ़ेर कही: "गुरुजी, मेरे प्रश्न का उत्तर मन्नै ईब ताहिं नहीं मिल्या!
यो सुन कै गुरु बण्या नेता कुछ सोच के बोल्या:
राष्ट्रभाषा है हिन्दी, या आणी बहोत जरूरी सै,
औरां नै समझाण का ठेका लेवै, या के तेरी मजबूरी है???
फ़ेर बोल्या: मेरी एक बात बांध ले गांठ,
नेता तै ज्यबै होंगें साथ,
के ते अपणी सरकार बणाते हों,
के दूसरी ने गेरण मै लाते हों हाथ!!
ना तै सब धोरे से अपणी ढफ़ली,
सब गावैंगे अपणा राग!!
अर बात समझ मै ना आवेगी ज्यबै ते रोला माचैगा,
अर रोले मै ए कोए पत्रकार अखबार में फ़ोटू छापैगा!!
नेता नै अपणी बात समझाणी नहीं बोलनी आनी चाहिए!
अर एक नेता नै इसी पब्लिसिटी पानी चाहिए!!
ईब कै तै सारी क्लास नै कठ्ठा ए हुंकारा ला दिया,
और गुरुजी नै पहले दिन महारे तै असंतुष्टि का पाठ पढा दिया!!