albaadi baalkaan key kissey.

pipiiiiiiiiiiiiiiiiiiii piiiiiiiiiiiiipiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii stop any point pls start ravinder jeetjiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii yourrrrrrrrrrrrrrrrrrrrr albaadyaannnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn
 
में मेरे दोनु दादा के ८ छोरयाँ में ,आगली पीढ़ी का पहला दावेदार था | जयां तें मेरे लाड पयार भी घणे होए थे ,दोनु घरां में | मेरी काकी थान सिंह की बहु माड़ी भाराड़ी थी | मेरी माँ एर दूसरी काकी एर गाल की और लुगाई, जब पाछे तें ऊ के बारे में बात करती, तो उने भाराड़ी के नाँ तें संबोधित कर्या करदी | ऊ का ऊँ असली नाँ तो धरम्कौर था | मेरी काकी मन्ने आछा दूध मलाई खुवाया करदी | एक दिन बेरा ना मेरे के जी में आई , में मेरी काकी धरम्कौर तें बोल्या, अक काकी ,जा ना मारे तो एक बात बुझु | मेरी काकी बोली बुझ, के बात से, कोणी मारू | में बोल्या "आ काकी तन्ने सब लुगाई भाराड़ी कु कह्या करें "| मेरी काकी चूल्हे आगे बेठी थी , मेरे मार्या ताता चिमटा बग़ा कें | एर में यो जा- वो जा | फेर तो मन्ने लगभग एक साल किम्मे खावन ने ना मिल्या, एर मेरी माँ आगे शिकायत होई वा न्यारी| एर मन्ने आपने पयान पे आपे कुलाहड़ी मार ली |
 
में मेरे दोनु दादा के ८ छोरयाँ में ,आगली पीढ़ी का पहला दावेदार था | जयां तें मेरे लाड पयार भी घणे होए थे ,दोनु घरां में | मेरी काकी थान सिंह की बहु माड़ी भाराड़ी थी | मेरी माँ एर दूसरी काकी एर गाल की और लुगाई, जब पाछे तें ऊ के बारे में बात करती, तो उने भाराड़ी के नाँ तें संबोधित कर्या करदी | ऊ का ऊँ असली नाँ तो धरम्कौर था | मेरी काकी मन्ने आछा दूध मलाई खुवाया करदी | एक दिन बेरा ना मेरे के जी में आई , में मेरी काकी धरम्कौर तें बोल्या, अक काकी ,जा ना मारे तो एक बात बुझु | मेरी काकी बोली बुझ, के बात से, कोणी मारू | में बोल्या "आ काकी तन्ने सब लुगाई भाराड़ी कु कह्या करें "| मेरी काकी चूल्हे आगे बेठी थी , मेरे मार्या ताता चिमटा बग़ा कें | एर में यो जा- वो जा | फेर तो मन्ने लगभग एक साल किम्मे खावन ने ना मिल्या, एर मेरी माँ आगे शिकायत होई वा न्यारी| एर मन्ने आपने पयान पे आपे कुलाहड़ी मार ली |

Bhaisahab shakl se to albaadi nahi lagte ho. kisi aur wali to apne naam nahi chahda lete :)
 
अल्बादमय , अल्बादलीन ,अल्बादी शहंशाह रविंदर भाई
जब सौ सौ कोस दूर कभी किसी बच्चे के मन में अलबाद करने करने का ख्याल आएगा
आपका ये मुस्कराता मुच्छो वाला चेहरा उसको प्रेरित कर जाएगा
वो आपकी तरह ""अल्बाद रतन''" बने न बने पर
किसी काकी ताई पडोसी की आँख में जरुर रड़क जाएगा
चडा कर सवा का परसाद आपकी अल्बाद पर
वो बालक इलेक्ट्रोनिक्स का माड़ा सा ज्ञान लेने बम्बई आ जाएगा
करेगा ज्वाइन जाटलैंड
और
आपको इसी धागे पे दिन में तारे दिखायेगा !
 
अल्बादमय , अल्बादलीन ,अल्बादी शहंशाह रविंदर भाई
जब सौ सौ कोस दूर कभी किसी बच्चे के मन में अलबाद करने करने का ख्याल आएगा
आपका ये मुस्कराता मुच्छो वाला चेहरा उसको प्रेरित कर जाएगा
वो आपकी तरह ""अल्बाद रतन''" बने न बने पर
किसी काकी ताई पडोसी की आँख में जरुर रड़क जाएगा
चडा कर सवा का परसाद आपकी अल्बाद पर
वो बालक इलेक्ट्रोनिक्स का माड़ा सा ज्ञान लेने बम्बई आ जाएगा
करेगा ज्वाइन जाटलैंड
और
आपको इसी धागे पे दिन में तारे दिखायेगा !

hahahahaha kasootaa hansaa diyaa bhai , me bhi chaahu su ak koye to aawey er albaad likhey.bhai teri kavitaa bhi badhiyaa laagi.
 
सन ९५ की बात सें | गाम में बाढ़ आगि थी | मेरे बाबु ने में मुंबई तें बुला लिया अक भाई आजा काम घणा स एर मेरे ऐकले के बस की बात ना स | म्हारे दो घेर डाह गे थे ,एर एक नए घर में एर एक पुराणे घर में घणी चोडी-चोडी तरेड आगि थी | जब में गाम में बड्या तो देख्या अक गाम में सारे के गन्ठे तरण ल्ग्ग्रे थे , एर जित जावे उथों-ए गांठयाँ की बांस फेल री थी | जब बुझी अक रे के होया तो बेरा पाट्या |..........

सुपन हर जो दुसरे ठोले के थे, उन ने एक गंठा का कूप ला राख्या था, आपने घेर में | उनके गन्ठे घणे हो गे थे ,एर एर भा कती तले आगया था ,तो उन ने महंगे भा तें बेचन के मार्यां ने कूप ला दिया सरकंडयाँ का, अक गन्ठे भाफ्नावें ना गे | इब्ब बात इस्सी होई अक उनकी भींत पड़ गी | एर गाल भरी चाल री थी पानी की एर घणे -ए बदमास बालक जथे बणा के हांडअन लागरे थे | उन ने वो कूप पाड़ दिया एर किम्मे गन्ठे तो आप ठा ले गे | पहलम तें-ए आली पड़ी माटी धंसन लाग री थी | वो सारा कूप गाल में आण पड्या | वे सारे गन्ठे पहलम तो एक जोहड़ में आये, एर कई दिन पाछे जब घणा मिंह हो गया तो सारे गाम के जोहड़आँ में फेल गे |
 
Bhai 1995 ki badh ne bura haal kar diya tha.hum bhi bhugat chuke hain.log battery leke saari raat gali main chal rahe paani ka level napte the.
 
मेरा छोरा मनु जब तीन चार साल का था | गर्मियां में हाम रात के खाणे पाछे कुल्फी खावन जाया करदे | जयादातर मुंबई में रात का खाणा , रात १० बजे पाछे -ए खाया जावे से | एक रात नु जब हाम वापस आवन लागरे थे ,तो वो किम्मे बकवाद करण लाग्या, एर समझाए तें ना मान्या | तो मन्ने खीडकी खोल कें, गाडी माँ तें तार दिया ,एर में नु बोल्या अक तू इब्ब चाल कें घरां आइये | फेर ऊ की माँ ने बीच बिचाला करवा कें, वो उलटा-ए बिठा लिया | जब गाडी पार्किंग में आली तो तले उतर के नु बोल्या "जब में बड़ा हो के गाडी ले लूंगा ना तो , आपने दूकान पे ले ज्यां गा एर ना तो कुल्फी खूवाऊ, एर राह में नु-ए तार के आजावूंगा | खतरनाक इरादे |
 
हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा

भाई रविंदर ....एर ज माँ बेटे दोनु एक साइड में हो के यो बिल पास कर देते की पापा ने गाडी में तें उतारो...... फेर? सोच समझ के पंगे लिया करो... :rock :rock


मेरा छोरा मनु जब तीन चार साल का था | गर्मियां में हाम रात के खाणे पाछे कुल्फी खावन जाया करदे | जयादातर मुंबई में रात का खाणा , रात १० बजे पाछे -ए खाया जावे से | एक रात नु जब हाम वापस आवन लागरे थे ,तो वो किम्मे बकवाद करण लाग्या, एर समझाए तें ना मान्या | तो मन्ने खीडकी खोल कें, गाडी माँ तें तार दिया ,एर में नु बोल्या अक तू इब्ब चाल कें घरां आइये | फेर ऊ की माँ ने बीच बिचाला करवा कें, वो उलटा-ए बिठा लिया | जब गाडी पार्किंग में आली तो तले उतर के नु बोल्या "जब में बड़ा हो के गाडी ले लूंगा ना तो , आपने दूकान पे ले ज्यां गा एर ना तो कुल्फी खूवाऊ, एर राह में नु-ए तार के आजावूंगा | खतरनाक इरादे |
 
Bhai ravinder , eeska matlaub too chookha bada manas hai ....
main too eeb looo tere joke pade kai tajhe katai balak hi soochuu tha ...
 
मेरा छोरा मनु जब तीन चार साल का था | गर्मियां में हाम रात के खाणे पाछे कुल्फी खावन जाया करदे | जयादातर मुंबई में रात का खाणा , रात १० बजे पाछे -ए खाया जावे से | एक रात नु जब हाम वापस आवन लागरे थे ,तो वो किम्मे बकवाद करण लाग्या, एर समझाए तें ना मान्या | तो मन्ने खीडकी खोल कें, गाडी माँ तें तार दिया ,एर में नु बोल्या अक तू इब्ब चाल कें घरां आइये | फेर ऊ की माँ ने बीच बिचाला करवा कें, वो उलटा-ए बिठा लिया | जब गाडी पार्किंग में आली तो तले उतर के नु बोल्या "जब में बड़ा हो के गाडी ले लूंगा ना तो , आपने दूकान पे ले ज्यां गा एर ना तो कुल्फी खूवाऊ, एर राह में नु-ए तार के आजावूंगा | खतरनाक इरादे |


Eeb bani madi baat si ! :rock






PS : Gandhi"ji" ka punjhad chhod ke Aade batla lyo is taage pe.. dikhe ke badhiya badhiya baat likhan laag rhya se Rabindar :rock
 
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मेरा छोरा मनु जब तीन चार साल का था | गर्मियां में हाम रात के खाणे पाछे कुल्फी खावन जाया करदे | जयादातर मुंबई में रात का खाणा , रात १० बजे पाछे -ए खाया जावे से | एक रात नु जब हाम वापस आवन लागरे थे ,तो वो किम्मे बकवाद करण लाग्या, एर समझाए तें ना मान्या | तो मन्ने खीडकी खोल कें, गाडी माँ तें तार दिया ,एर में नु बोल्या अक तू इब्ब चाल कें घरां आइये | फेर ऊ की माँ ने बीच बिचाला करवा कें, वो उलटा-ए बिठा लिया | जब गाडी पार्किंग में आली तो तले उतर के नु बोल्या "जब में बड़ा हो के गाडी ले लूंगा ना तो , आपने दूकान पे ले ज्यां गा एर ना तो कुल्फी खूवाऊ, एर राह में नु-ए तार के आजावूंगा | खतरनाक इरादे |

alert ho jao ravindar bhai saa,
manne to chhore ke iraade nek na laag re,
kit thaare sang e koi albaad kar jaaa,
har ghar ki daakan ghar ka ni khaaja...........................
:) :) :) :)
 
म्हारी गाल में एक बूढा था गोधू (गोर्धन सिंह )| वो एक नमबर का चापलूस एर चुगल खोर था | किम्मे भी बात होंदी तो दुसरे बुढयाँ नु चढ़ा देंदा, झूठी साची ला कें ,एर आप सुवाद लेंदा | हाम गाल के १०-१५ बालक गाल में एक पुल के तले खेला करदे | वो पुल जनरल जंग शमशेर सिंह दो हेलियाँ के बिचाले ,जोडन खातर बना राख्या था, जो की गाल के दोनु ओड थी | | गोधू एक घर छोड़ कें, आगे सी ने, नरेंदर के बाबू धोरे बेठन आया करदा | एर एह के बालकां का रोला पसंद ना था | तो एक दिन गोधू ने ने एक दुसरा बूढा जो घणा चिड-चिडा था ,ऊ का नाँ अड़ीया(अड़ी सिंह,वो-ए जीह की लंगड़ खिंची थी ) था वो चढ़ा दिया | एर ऊह ने लूकते-२ ने आ कें म्हारे कईयाँ के ड़ोगे जड़ दिए | बालकां ने बेरा तो पाट गया अक यो किः का काम से |

थोड़े दिना पाछे इन माँ तें , एक हेली के बारजे में पह्डुआ म्हाल(बड़ी मधुमखियाँ ) आण लाग्या | यो गोधू ,नरेंदर के बाबु तें पहलम-ए आ कें बेठ जांदा , उनके बहरने आगे | ठाली माणस था ,वेला हांडया करदा | एक दिन जब यो आ कें जम्म्या, हामने माखियाँ के डले मार दिए ,एर उथों जांदे रह्ये | गोधू फंस ग्या माखियाँ के | एर भुंडी ढाल भाजता हंडे एर ऊ की धोती भी खुल गी ,एर जुती किते पड़ी, डोगा किते पड्या| फेर कई दिन ताहि मुंह हाथ सुजाये हंडे गया | कडुआ डंक |
 
alert ho jao ravindar bhai saa,
manne to chhore ke iraade nek na laag re,
kit thaare sang e koi albaad kar jaaa,
har ghar ki daakan ghar ka ni khaaja...........................
:) :) :) :)
chhoraa meraa, junior national cycling chempion hey (pichhaley 4 saal se lagaataar)er ibb open national chempionship kaa aaj tak kaa hindustaan kaa best time de rahaa he(national record).daaki haam to desh ko jitney ki baat kartey hein.khaawan ki nahi.
 
chhoraa meraa, junior national cycling chempion hey (pichhaley 4 saal se lagaataar)er ibb open national chempionship kaa aaj tak kaa hindustaan kaa best time de rahaa he(national record).daaki haam to desh ko jitney ki baat kartey hein.khaawan ki nahi.

ravindersinghji chore ka poora naam to bata do aur koi link hain ke jatland pe?
 
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