ढिल्लों की होई तुड़ी
भाई बात जिब की से, जब मन्ने नयी नयी B.Tech ख़तम करी थी, में था २१ साल का बालक, जट्टां क तवले रिश्ते आण लाग जाया करें.
B.Tech कर क, में जिब हॉस्टल त हिस्सार घर प रहन आ गया तो और भी घने रिश्ते आण लागे.
इक छोरी का बाप, जो की हिस्सार में ऐ रहा करदे, वह माहरे घर काफी आया जाया करदे, आर कई बार उन न रिश्ते की कही.
ना मेरे घर आले तयार थे, ना मै, क्यों क मेरे ऑस्ट्रेलिया जाण का भूत सवार था MTech आर MBA खातर, ज्यां त वा बात ई गयी होगी.
वोह अंकल जी, जो अपनी छोरी का रिश्ता लाया करदे, वोह अच्छे स्वाभाव क थे. आर उन न यारी दोस्ती के रिश्ते रखने आया करदे.
उन न आपनी छोरी का ब्याह किसे और जगह कर दिया इक Civil Engg से. आर ब्याह का न्योता हाम न भी देगे.
उस टाइम मेरे धोरे इक जीप होया करदी. तो में ब्याह में पहोंच गया, आर उन अंकल जी ते कहा के अंकल कोई काम हो तो बता दियो.
अंकल बोले, "बेट्टा, तेरी जीप में पानी का ड्रम धरावा देवां सा, तू नु कर, तेरी जीप बारात के पाछे पाछे लायी राख, आर जो बाराती नाचदे आवेंगे, तू उन न पानी पयांदा जाइये"
भाई, मैंने जीप नाचनिये बरातियां गैल ला दी, आधे उन में धुत, वोह मनने जीप चलवानिया समझ के रौब दिखा दिखा के तू तड़ाक ते बात करें आर पानी मांगे.
आर भाई में उन के गैल गैल उनी की सेवा करदा, उन की तू तड़ाक औट्दा, कदे घोड़ी सवार सेहरा बांधे दुल्हे न देख्दा, आर यो सोच दा रह्य, के देख कदे तोह तू इस छोरी के बियाह में सेवा करवावे आर, आर आज अच्छी माट्टी कुट्टी गयी ... lol
ढिल्लों की होई तुड़ी, इज्ज़त का लकड़ा दिवाला,
खसम बणते बणते, बण गया साला ... ha ha ha ... rofl
भाइयो, इक आध थाम भी सुना दो