Reliance SEZ in Gurgaon ..... interesting !

anilsangwan

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Lyo bhai, baat sab ke saamne s ebb...

1300 Acre to Reliance waalon ko bech dee..... muft mein (Paise diye Haryana sarkaar ne).... aur baaki uss zameen mein tein bhi 101 Acres ka beraa nahi......... !!! Loot lyo is gareeb desh ne congress aalyo!

Property Dealer CM Hooda !!!


http://www.tribuneindia.com/2011/20110725/haryana.htm#1


5 years on, Reliance yet to set up SEZ in Gurgaon
Sunit Dhawan/TNS

Gurgaon, July 24
The state government’s tall claims about Reliance-Haryana SEZ generating revenue of thousands of crores of rupees and creating lakhs of job opportunities have proved to be hollow with the SEZ project not taking off even five years after its inception.
Replying to an RTI application, the Department of Industries and Commerce of the Haryana Government has said that between 2004 and 2010, the state authorities had acquired land measuring 1,484 acres, 4 kanals and 19 marlas in the revenue estates of Khandsa, Narsingpur, Mohammedpur Jharsa, Garoli Khurd and Harsaru villages in the district for developing a Special Economic Zone (SEZ) by the HSIIDC.
However, of this, land measuring 1,383.68 acres was transferred to Reliance-Haryana SEZ Limited, a joint venture company of HSIIDC and Reliance Venture Limited (100 per cent owned subsidiary of Reliance Industries Limited).

While no SEZ has been developed on the land even after the lapse of five years, the cost of the land in question has multiplied during the period.

“Thus, the Haryana Government’s move has served no other purpose than acquiring land from farmers and other original owners at low rates and handing it over to big companies like Reliance, which have benefited a great deal due to price escalation without having to put in any efforts,” asserted noted RTI activist Subhash, who is also the state convener of Haryana Suchana Adhikar Manch and on whose RTI application the information has been furnished.
Subhash further pointed out that according to the RTI reply, nearly 1,484 acres of land had been acquired for the Reliance-Haryana SEZ, while about 1,383 acres were finally given for the project. “Hence, where the remaining 101 acres of land (the present market value of which is about Rs 500 crore) went is also not clear from the RTI reply. Even if it was neutralised/released by the state government after acquisition, it also makes the whole deal questionable,” he maintained.
 
पाड़ ल्यो पुन्झअड़ किहे पे पाड़ी जा तो | एक -ए इलाज स आपनी जमीनाँ पे धिन्ग्ताने सारे गाम आले फेर कब्जा कर ल्यो |
 
In one of the campaign i heard Hooda saying the 'apne kisan bhaiyon ko presan nahi hone dunga'. na rahega baas na rahenggi bansuri usi tarah na rahegi jameen n rahenegy kisan. hooda apne kaam mein laga hua hai
 
Good one. You have choosen a very hot topic. Currently NCR is facing this problem. This is political stunt and will be resolved soon. "SARKAAR KO KISAAN BHAIYON KA HAKK DENA HI HOGA"
 
जमीन की जंग: किसानों का संघर्ष का ऐलान
गुड़गांव
। नोएडा एक्सटेंशन में किसानों की अभूतपूर्व जीत से हरियाणा के किसानों का भी मनोबल ऊंचा हुआ है। गाड़ौली, मोहम्मदपुर, हरसरु, खांडसा व नरसिंहपुर गांव के सैकड़ों किसानों ने एसईजेड के लिए रिलायंस को दी गई 1700 एकड़ जमीन का आवंटन रद्द करने का ऐलान कर दिया है।

किसान अपनी जमीन वापस लेने के लिए आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। रविवार को आजाद हिंद किसान महासंघ के संयोजक चौ. सूरजमल के नेतृत्व में गांव गाड़ौली खुर्द में हुई पंचायत में किसानों ने 28 अगस्त को गांव हरसरु में राज्य स्तरीय महापंचायत करने का सर्वसम्मति से फैसला लिया।

किसान नेताओं ने प्रदेश सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति को देश में सबसे खतरनाक करार दिया और भूमि अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन तेज करने की बात की।

सूरजमल ने कहा कि हरियाणा स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईडीसी) द्वारा गाड़ौली, मोहम्मदपुर, हरसरु, खांडसा व नरसिंहपुर गांव के किसानों की 1700 एकड़ भूमि जनहित के नाम पर जबरन अधिगृहीत की गई थी। इसे बाद में मोटी रकम लेकर रिलायंस कंपनी को बेच दिया गया, जिसे लेकर किसान काफी आक्रोषित हैं।

किसानों से छीनी गई इस जमीन पर न तो सरकार ने सार्वजनिक हित में कोई काम किया और न ही फसल उपजाने के लिए किसानों को अनुमति दी। पुश्तैनी जमीन छीने जाने से किसानों में पीड़ा व काफी रोष व्याप्त है।

सूरजमल ने कहा कि प्रदेश के सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भूमि अधिग्रहण के लिए फरवरी के बाद लगाए गए सेक्शन-4 के नोटिस को स्थगित करने की जो घोषणा की है, यह भी किसानों के साथ धोखा है।

आधी-अधूरी घोषणा कर सरकार किसानों के संगठित आंदोलन को कमजोर करना चाहती है। प्रदेश के किसान सरकार के झांसे में नहीं आएंगे, बल्कि किसान अधिगृहीत भूमि को वापस लेने के लिए आंदोलन तेज करने की तैयारी में हैं।

इस दिशा में किसानों का पहला लक्ष्य रिलायंस से 1700 एकड़ भूमि वापस लेना है। आंदोलन को आगे बढ़ाने व 28 अगस्त को गांव हरसरु में होने वाली महापंचायत को सफल बनाने के लिए पंचायत ने फरुखनगर, पटौदी, सोहना व गुड़गांव के किसानों की सात टीम गठित करने का फैसला लिया है।

पंचायत में सरपंच नत्थू सिंह, अतर सिंह, प्रदीप घोड़ारोप, अशोक हंस, श्याम सिंह ठाकरान, राकेश दौलताबाद, कमल नंबरदार, सत्यपाल, रामबीर, फूलीचंद, अशोक, ओमपाल चौहान, यशवीर सिंह, उदयवीर, उदयवीर राघव, लालचंद, चंद्रपाल आदि किसान नेता उपस्थित थे।
 
ITLY aali Blonde ne er uske Bhondu Yuvraaj ne badaayi kar raakhi s is neeti ki..... lekin yeh logg to koni maanein.... Ravinderjeet bhai aali baat samajh mein aa gayi laage s inn kisaana ke !!! Ebb ke karega savidhaan likhaniye ka chhora ?
 
Ibb to Congress aale khulam khula kehan laage 10 Janpath ke baare mei :D

फिर बोले अय्यर-कांग्रेस सर्कस, विवादित ढांचे के ढहने के लिए राव जिम्मेदार

नई दिल्ली.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के नेता मणि शंकर अय्यर ने सोमवार को अपनी ही पार्टी की पोल खोलते हुए इसे सर्कस कह डाला। इससे पहले उन्होंने 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादास्पद ढांचे के ढहाए जाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहा राव को जिम्मेदार बताया था। विवादास्पद बयानों के लिए मशहूर अय्यर ने कहा कि हर कांग्रेसी इस सर्कस का हिस्सा बनना चाहता है।

अय्यर ने कहा कि अगर किसी कांग्रेसी को अपना काम करवाना होता है तो वह नई दिल्ली के 10, जनपथ (सोनिया गांधी का निवास) या 23 विलिंगडन क्रेसेंट (सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल का निवास) के चक्कर लगाता है। अय्यर ने कहा कि जिन कांग्रेसियों के काम नहीं होते हैं, वे 24 अकबर रोड (कांग्रेस का मुख्यालय) के चक्कर काटते हैं। अय्यर ने कहा कि वह कार्यकर्ता जो चारों ओर से निराश हो जाता है, वही 24 अकबर रोड के चक्कर लगाता है जबकि पार्टी के ताकतवर नेता सीधे 10 जनपथ या 23 विलिंगडन क्रेसेंट से संपर्क साधते हैं।

मणि शंकर ने कहा कि कांग्रेस के मुख्यालय से ज़्यादा 10, जनपथ और 23 विलिंगडन क्रेसेंट ताकतवर हैं। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस मुख्यालय में दस लोग कुर्सी मेज लेकर बैठते हैं। इनमें से पांच का ग्राफ (राजनीतिक कद) ऊपर जाता है तो वहीं, अन्य पांच का नीचे। लेकिन एक कांग्रेसी को इसी तंत्र में आस्था रखनी पड़ती है। अय्यर ने कहा कि कांग्रेसी कार्यकर्ता यही सोचता है कि आज नहीं तो कल और कल नहीं तो परसों मेरा काम होगा।' अय्यर ने ये बातें दिल्ली में एक किताब के विमोचन के दौरान कहीं।

इससे पहले मणि शंकर अय्यर ने कहा था कि विवादित ढांचा जब ढहाया गया तब प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहा राव थे, इसलिए जिम्मेदारी उनकी बनती है। उनके मुताबिक राव के धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर पार्टी के साथ मतभेद थे। उन्होंने कहा कि कई साल पहले 'राम रहीम' यात्रा के दौरान राव ने अय्यर से कहा था कि वह धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा नहीं समझ पाते हैं। अय्यर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के तौर पर राव मानते थे कि भारत एक हिंदू देश है। उन्होंने कांग्रेस को एक 'धर्मशाला' बताते हुए कहा कि यहां ढेर सारे लोगों को सहारा मिल जाता है। यहां लोग आते हैं, कद बढ़ाते हैं, चले जाते हैं और फिर लौटकर आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सभी तरह के विचारों के लोगों के लिए जगह है।
 
ITLY aali Blonde ne er uske Bhondu Yuvraaj ne badaayi kar raakhi s is neeti ki..... lekin yeh logg to koni maanein.... Ravinderjeet bhai aali baat samajh mein aa gayi laage s inn kisaana ke !!! Ebb ke karega savidhaan likhaniye ka chhora ?

Bhondu Yuvraaj to UP mai Haryana ka example dewai tha bhai...Land acquisition aala..Kisse nai kimme chuu takk na kari...koysa news channel na bola arr na kisse rajnitik daall nai yo mudda uthaya..
 
Bhai Aatish .. yaa baat main pichhale 7 saal tei kah rahya sun.. but Sonia ke bhaktaan kai hajam naa hoti...

Ibb to Congress aale khulam khula kehan laage 10 Janpath ke baare mei :D

फिर बोले अय्यर-कांग्रेस सर्कस, विवादित ढांचे के ढहने के लिए राव जिम्मेदार

नई दिल्ली.
पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के नेता मणि शंकर अय्यर ने सोमवार को अपनी ही पार्टी की पोल खोलते हुए इसे सर्कस कह डाला। इससे पहले उन्होंने 6 दिसंबर, 1992 को अयोध्या में विवादास्पद ढांचे के ढहाए जाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहा राव को जिम्मेदार बताया था। विवादास्पद बयानों के लिए मशहूर अय्यर ने कहा कि हर कांग्रेसी इस सर्कस का हिस्सा बनना चाहता है।

अय्यर ने कहा कि अगर किसी कांग्रेसी को अपना काम करवाना होता है तो वह नई दिल्ली के 10, जनपथ (सोनिया गांधी का निवास) या 23 विलिंगडन क्रेसेंट (सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल का निवास) के चक्कर लगाता है। अय्यर ने कहा कि जिन कांग्रेसियों के काम नहीं होते हैं, वे 24 अकबर रोड (कांग्रेस का मुख्यालय) के चक्कर काटते हैं। अय्यर ने कहा कि वह कार्यकर्ता जो चारों ओर से निराश हो जाता है, वही 24 अकबर रोड के चक्कर लगाता है जबकि पार्टी के ताकतवर नेता सीधे 10 जनपथ या 23 विलिंगडन क्रेसेंट से संपर्क साधते हैं।

मणि शंकर ने कहा कि कांग्रेस के मुख्यालय से ज़्यादा 10, जनपथ और 23 विलिंगडन क्रेसेंट ताकतवर हैं। उन्होंने कहा, 'कांग्रेस मुख्यालय में दस लोग कुर्सी मेज लेकर बैठते हैं। इनमें से पांच का ग्राफ (राजनीतिक कद) ऊपर जाता है तो वहीं, अन्य पांच का नीचे। लेकिन एक कांग्रेसी को इसी तंत्र में आस्था रखनी पड़ती है। अय्यर ने कहा कि कांग्रेसी कार्यकर्ता यही सोचता है कि आज नहीं तो कल और कल नहीं तो परसों मेरा काम होगा।' अय्यर ने ये बातें दिल्ली में एक किताब के विमोचन के दौरान कहीं।

इससे पहले मणि शंकर अय्यर ने कहा था कि विवादित ढांचा जब ढहाया गया तब प्रधानमंत्री पीवी नरसिंहा राव थे, इसलिए जिम्मेदारी उनकी बनती है। उनके मुताबिक राव के धर्मनिरपेक्षता के मुद्दे पर पार्टी के साथ मतभेद थे। उन्होंने कहा कि कई साल पहले 'राम रहीम' यात्रा के दौरान राव ने अय्यर से कहा था कि वह धर्मनिरपेक्षता की परिभाषा नहीं समझ पाते हैं। अय्यर ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के तौर पर राव मानते थे कि भारत एक हिंदू देश है। उन्होंने कांग्रेस को एक 'धर्मशाला' बताते हुए कहा कि यहां ढेर सारे लोगों को सहारा मिल जाता है। यहां लोग आते हैं, कद बढ़ाते हैं, चले जाते हैं और फिर लौटकर आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सभी तरह के विचारों के लोगों के लिए जगह है।
 
Ibb to Congress aale khulam khula kehan laage 10 Janpath ke baare mei :D

फिर बोले अय्यर-कांग्रेस सर्कस, विवादित ढांचे के ढहने के लिए राव जिम्मेदार


He is absolutely right but he should have also told who is the ring master of this circus then it could have been better :)
 
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