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लाखनमाजरा - वर्षो से लाखनमाजरा में रह रहे एक मुस्लिम परिवार ने मंदिर में हवन-यज्ञ किया और हिंदू धर्म ग्रहण कर लिया. ग्रामीणों ने परिवार को जाट समुदाय का राठी गोत्र दिया है. गांव के निवासी राजबीर सिंह का परिवार वर्षो से गांव में रह रहा है.
उसका कहना है कि उसके दादा गफूर ने उन्हें बताया था कि पहले वे भी हिंदू धर्म मानते थे, परन्तु औरंगजेब के अत्याचारों से दुखी होकर उनके पूर्वजों ने मुस्लिम धर्म ग्रहण किया था. इसके पश्चात कई बार मन में टीस उठी कि पुनः हिंदू धर्म ग्रहण कर लें.
यहां तक कि उसने अपने बच्चों का विवाह भी हिंदू समुदाय में किये हैं, परन्तु विधिवत रूप से हिंदू धर्म ग्रहण नहीं किया था. उसके बच्चों के विवाह में गंगोली के जाटों ने भात (मायरा) भरा था. उसने ग्रामीणों को कई बार हिंदू धर्म अपनाने के लिए अपने मन की बात रखी.
ग्रामीणों ने भी उसकी भावनाओं को समझा. इसके लिए श्रीराम मंदिर में उसको पगड़ी बांधकर हिन्दू धर्म में सम्मिलित कर लिया. मंदिर के पुजारी भान शर्मा ने वैदिक रीति रिवाज के साथ पूरे परिवार को हिंदू धर्म ग्रहण करवाया.
इस अवसर पर गांव निवासी पंडित राजेंद्र, सत्यवान, बल्लू शर्मा, बलवान नंबरदार, रामफल, सुरेश कुमार, दयानंद, बारू, बसाऊ राम, बाजेराज सहित दर्जनों ग्रामीण भी उपस्थित थे. पुजारी भान शर्मा ने कहा कि राजबीर सिंह के परिवार को ग्रामीणों की सहमति से जाट समुदाय का राठी गोत्र दिया गया है.
Source: भास्कर न्यूज | Last Updated 10:10(22/08/11)
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