जाट्टां की रसोई

ravinderjeet

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जाट्टां की रसोई

जाट्टां की रसोई

आपां दुनिया भर के वय्नजनाँ के बारे में सारे पढ़ते हांडआँ सां | पर किते जाट्टां के खाने के बारे में विशेष तौर पे नि लिख राख्या सारी रिसिपी मिल जावेंगी पर आपणे देशी जाट्टू खाणे की कोणी मिल्लें | घनखरे जाट शाकाहारी होंवें सें | पंजाब के कुछ जिल्याँ ने छोड़ दें ते | कई दिन पहलम एक दो ताग्याँ पे खावण पीवण पे घणा रोला होर्या था | मन्ने न्यू सोची अक क्यूँ ना आपणे खाणे -पीणे पे एक तागा सुरु करया जावे | सब आपना योग दान दे सकें सें | मेरी सब तें पहलम पर्स्तुती स गास की (बाजरे की खीचड़ी ) या मेरे भोत पसंद थी |
बाजरे की खीचड़ी (गास )
समय :- यु पकवान जाड्डयाँ में खाया जाया करे | बाकी बखत यु घणा गर्म होवण के कारण सेध कर सके स |
सामग्री :- बाजरा ,चन्यां की दाल ,माड़ा सा नूण दूध ,शीत ,घी |
मात्रा :- एक बन्दे की खातर लगभग २०० ग्राम बाजरा ,अर फेर जिन्ने बन्दे हों उतणा गुणा कर ल्यो | हर २०० ग्राम चने पे २५ ग्राम चन्यां की दाल | बाकी सामान खावानिये की आसंग के हिसाब तें(दूध ,शीत ,घी ) |
बणाने की विधि :- पहलम बाजरा उखल में छड लो | छडदी हाण बीचाले-बीचाले पांणी का छिपका भी मारदे रहो | इह तें राली सुथरी ढाल उतर जा गी | जा ना उतरी ते गास में कडूआट आवेगी | इतणा कुट्टणा चाहिए बाजरा अक जुकर गिहूँ का दलिया हो स न्यू-ए लागणा चाहिए |फेर इह में दाल मिला दो चन्यां की | सब तें बढ़िया ते माटी की हांडी हो स पर और कोए कासन भी बर्त्या जा सके स | फेर दाल न अर छड़े होए बाजरे ने पाणी में मिला दो ,पाणी इनकी मात्रा तें लगभग ढाई गुणा होना चाहिए अर माड़ा सा नूण भी गेर दो | फेर इन् ने धिम्मी आंच पे उबलना धर दो हारे में | आज काल हारा कोणी ते फेर गेस पे कती धिम्मी आंच कर देणी चाहिए | सहज पके सो मिट्ठा होए | जब खदअड़ - बदअड़ होण लाग ज्या उतणा पकाणा चाहिए |
खाणे की विधि : इहने खावण के कई प्रकार होवें सें | जिह ने ज्युकर आछा लागे न्यू-ए खा ले | पहलम ताता -ताता घी घाल के खा ले | फेर ताते दूध में भी खा सके सें | अर जो दूध में ना खाणा चाहवें,वे गोजी घाल के खा ले |(गोजी =खाटे सीत में धार मारी होड़ )चेतावनी :- जो दूध में खावें उन् ने फेर गोजी नि घाल्नी चाहिए ,पेट में उत्पणा हो सके स | गोजी ताते दूध की गेल अल्बाद कर सके स | तडके-तड़क बासी गास दही की गेल भी खाया जा सके स अर सीत की गेल भी | खुरचअण सब तें सुवाद भाग होवे स गास का ,इहने निखड़ू दूध की गेल खावे ते सूवादाँ में सूवाद आ ज्या |
 
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जाट्टां की रसोई

आपां दुनिया भर के वय्नजनाँ के बारे में सारे पढ़ते हांडआँ सां | पर किते जाट्टां के खाने के बारे में विशेष तौर पे नि लिख राख्या साड़ी रिसिपी मिल जावेंगी पर आपणे देशी जाट्टू खाणे की कोणी मिल्लें | घनखरे जाट शाकाहारी होंवें सें | पंजाब के कुछ जिल्याँ ने छोड़ दें ते | कई दिन पहलम एक दो ताज्ञान पे खावण पीवण पे घणा रोला होर्या था | मन्ने न्यू सोची अक क्यूँ ना आपने खाणे -पीणे पे एक तागा सुरु करया जावे | सब आपना योग दान दे सकें सें | मेरी सब तें पहलम पर्स्तुती स गास की (बाजरे की खीचड़ी ) या मेरे भोत पसंद थी |
बाजरे की खीचड़ी (गास )
समय :- यु पकवान जाड्डयाँ में खाया जाया करे | बाकी बखत यु घणा गर्म होवण के कारण सेध कर सके स |
सामग्री :- बाजरा ,चन्यां की दाल , दूध ,शीत ,घी |
मात्रा :- एक बन्दे की खातर लगभग २०० ग्राम बाजरा ,अर फेर जिन्ने बन्दे हों उतणा गुणा कर ल्यो | हर २०० ग्राम चने पे २५ ग्राम चन्यां की दाल | बाकी सामान खावानिये की आसंग के हिसाब तें(दूध ,शीत ,घी ) |
बणाने की विधि :- पहलम बाजरा उखल में छड लो | छडदी हाण बीचाले-बीचाले पांणी का छिपका भी मारदे रहो | इह तें राली सुथरी ढाल उतर जा गी | जा ना उतरी ते गास में कडूआट आवेगी | इतणा कुट्टणा चाहिए बाजरा अक जुकर गिहूँ का दलिया हो स न्यू-ए लागणा चाहिए |फेर इह में दाल मिला दो चन्यां की | सब तें बढ़िया ते माटी की हांडी हो स पर और कोए कासन भी बर्त्या जा सके स | फेर दाल न अर छड़े होए बाजरे ने पाणी में मिला दो ,पाणी इनकी मात्रा तें लगभग ढाई गुणा होना चाहिए | फेर इन् ने धिम्मी आंच पे उबलना धर दो हारे में | आज काल हारा कोणी ते फेर गेस पे कती धिम्मी आंच कर देणी चाहिए | सहज पके सो मिट्ठा होए | जब खदअड़ - बदअड़ होण लाग ज्या उतणा पकाणा चाहिए |
खाणे की विधि : इहने खावण के कई प्रकार होवें सें | जिह ने ज्युकर आछा लागे न्यू-ए खा ले | पहलम ताता -ताता घी घाल के खा ले | फेर ताते दूध में भी खा सके सें | अर जो दूध में ना खाणा चाहवें,वे गोजी घाल के खा ले |(गोजी =खाटे सीत में धार मारी होड़ )चेतावनी :- जो दूध में खावें उन् ने फेर गोजी नि घाल्नी चाहिए ,पेट में उत्पणा हो सके स | गोजी ताते दूध की गेल अल्बाद कर सके स | तडके-तड़क बासी गास दही की गेल भी खाया जा सके स अर सीत की गेल भी | खुरचअण सब तें सुवाद भाग होवे स गास का ,इहने निखड़ू दूध की गेल खावे ते सूवादाँ में सूवाद आ ज्या |
बाजरिया थारो खीचड़ो लागे घनो सुवाद .....आज ही खायो है बोलो सारो घी घाल के l
 
जाट्टां की रसोई

आपां दुनिया भर के वय्नजनाँ के बारे में सारे पढ़ते हांडआँ सां | पर किते जाट्टां के खाने के बारे में विशेष तौर पे नि लिख राख्या सारी रिसिपी मिल जावेंगी पर आपणे देशी जाट्टू खाणे की कोणी मिल्लें | घनखरे जाट शाकाहारी होंवें सें | पंजाब के कुछ जिल्याँ ने छोड़ दें ते | कई दिन पहलम एक दो ताग्याँ पे खावण पीवण पे घणा रोला होर्या था | मन्ने न्यू सोची अक क्यूँ ना आपणे खाणे -पीणे पे एक तागा सुरु करया जावे | सब आपना योग दान दे सकें सें | मेरी सब तें पहलम पर्स्तुती स गास की (बाजरे की खीचड़ी ) या मेरे भोत पसंद थी |
बाजरे की खीचड़ी (गास )
समय :- यु पकवान जाड्डयाँ में खाया जाया करे | बाकी बखत यु घणा गर्म होवण के कारण सेध कर सके स |
सामग्री :- बाजरा ,चन्यां की दाल ,माड़ा सा नूण दूध ,शीत ,घी |
मात्रा :- एक बन्दे की खातर लगभग २०० ग्राम बाजरा ,अर फेर जिन्ने बन्दे हों उतणा गुणा कर ल्यो | हर २०० ग्राम चने पे २५ ग्राम चन्यां की दाल | बाकी सामान खावानिये की आसंग के हिसाब तें(दूध ,शीत ,घी ) |
बणाने की विधि :- पहलम बाजरा उखल में छड लो | छडदी हाण बीचाले-बीचाले पांणी का छिपका भी मारदे रहो | इह तें राली सुथरी ढाल उतर जा गी | जा ना उतरी ते गास में कडूआट आवेगी | इतणा कुट्टणा चाहिए बाजरा अक जुकर गिहूँ का दलिया हो स न्यू-ए लागणा चाहिए |फेर इह में दाल मिला दो चन्यां की | सब तें बढ़िया ते माटी की हांडी हो स पर और कोए कासन भी बर्त्या जा सके स | फेर दाल न अर छड़े होए बाजरे ने पाणी में मिला दो ,पाणी इनकी मात्रा तें लगभग ढाई गुणा होना चाहिए अर माड़ा सा नूण भी गेर दो | फेर इन् ने धिम्मी आंच पे उबलना धर दो हारे में | आज काल हारा कोणी ते फेर गेस पे कती धिम्मी आंच कर देणी चाहिए | सहज पके सो मिट्ठा होए | जब खदअड़ - बदअड़ होण लाग ज्या उतणा पकाणा चाहिए |
खाणे की विधि : इहने खावण के कई प्रकार होवें सें | जिह ने ज्युकर आछा लागे न्यू-ए खा ले | पहलम ताता -ताता घी घाल के खा ले | फेर ताते दूध में भी खा सके सें | अर जो दूध में ना खाणा चाहवें,वे गोजी घाल के खा ले |(गोजी =खाटे सीत में धार मारी होड़ )चेतावनी :- जो दूध में खावें उन् ने फेर गोजी नि घाल्नी चाहिए ,पेट में उत्पणा हो सके स | गोजी ताते दूध की गेल अल्बाद कर सके स | तडके-तड़क बासी गास दही की गेल भी खाया जा सके स अर सीत की गेल भी | खुरचअण सब तें सुवाद भाग होवे स गास का ,इहने निखड़ू दूध की गेल खावे ते सूवादाँ में सूवाद आ ज्या |

neekhroo dhoodh ja na ho teh apna dairy aala bhi chaal sake se?

Koi nayee cheez batoa, ravinder jee - ya teh puranee recipe hae.
 
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neekhroo dhoodh ja na ho teh apna dairy aala bhi chaal sake se?

Koi nayee cheez batoa, ravinder jee - ya teh puranee recipe hae.

हाँ जी खा सके से | पर माड़ा सा सुआद कम हो जा गा | मेंह्स के निख्डू दूध का सुवाद ते कती न्यारा हो स |उह का मुकाबला कोणी |


जब पुरानयाँ ने माणस भूल जावें सें ते फेर दुबारा बताएं तें वे नए हो जावें सें |
 
हाँ जी खा सके से | पर माड़ा सा सुआद कम हो जा गा | मेंह्स के निख्डू दूध का सुवाद ते कती न्यारा हो स |उह का मुकाबला कोणी |


जब पुरानयाँ ने माणस भूल जावें सें ते फेर दुबारा बताएं तें वे नए हो जावें सें |

eb shehar mae teh neekhdoo doodh milna muskil hae, hara milna mushkil hae, ookhal moosal milna bhi mushkil hae. Alternative bhi bata dee jeeyae, puranee recipe mae.
 
urmila ji ya to gama aala swad le lo ya pher shehar ki ronak, agr dono chaiye to mere kadal jhola tangi aanhdi jaya karo ik b gam m hrr pher shehar m.
 
बाजरे की रोटी अर डाकलाँ का साग
समय :- यु पकवान जाड्डयाँ में खाया जाया करे | बाकी बखत यु घणा गर्म होवण के कारण सेध कर सके स |
सामग्री :- बाजरा , सरसम की डाकल,माडा सा बेसन,माड़ा सा देशी घी |
मात्रा :- एक बन्दे की खातर लगभग २०० ग्राम बाजरा ,अर फेर जिन्ने बन्दे हों उतणा गुणा कर ल्यो | बाकी सामान खावानिये की आसंग के हिसाब तें(दूध ,शीत ,घी ) |
बणाने की विधि :- रोटी -पहलम बाजरा उखल में छड लो | छडदी हाण बीचाले-बीचाले पांणी का छिपका भी मारदे रहो | इह तें राली सुथरी ढाल उतर जा गी | जा ना उतरी ते रोटियाँ में कडूआट आवेगी | फेर राली तार के ने घाम में सुखा देना चाहिए | बढ़िया ढाल सूख जावे ते उह ने पीस ले | रोटी बनान्दी हाण माड़ा -माड़ा चुन भेणा चाहिए ना ते करडा हो जा गा अर रोटी टूट जाँ गी |बाजरे की रोटी मादी सी कड़ कड़ी सेंकनी चाहिए, घणी सुवाद लागेंगी जब नूणि घी धर के ने खाई जावेंगी | बासी रोटियाँ में भी घणा सुवाद आया करे |
डाकलाँ का साग -- काची डाक्कअल ने धो के ने दरांत में चीर ल्यो | पहलम काटी होड़ डाकलाँ ने उबाल ल्यो ,जब उबल ज्यां ते माड़ी सीली कर के ने नीचोड़ ल्यो ,निचोडें तें कडवाहट लिकड़ जा गी फेर एक बरोली में नीचोडी होड़ पिंडी धर के उह पे एक बलदा होया कोला के फेर अंगार धर के ने उह पे नूणि घी गेर दयो अर ढक दयो | उह तें साग सुवाद अर सुगन्धित हो जा गा फेर उह में बेसन मिला के उबलना धर दयो धीमी आंच पे | जब खदअड़-बदअड़ होवण लाग जा जब तार ल्यो अर देशी घी मिला कें ने बाजरे की रोटियाँ की गेल खावो | मजा आजावेगा
 
eb shehar mae teh neekhdoo doodh milna muskil hae, hara milna mushkil hae, ookhal moosal milna bhi mushkil hae. Alternative bhi bata dee jeeyae, puranee recipe mae.

मेरी घर आली ते फ़ूड प्रोस्सेसर तें-ए सारे काम कर लिया करदी ज्युकर कुट्टना, छेतना ,राली तारणा |चाहवे ते शहर में भी सारे काम हो सकें सें | पर मन्ने उनका कोणी बेरा अक क्यूकर बरतने सें ये आधुनिक उपकरण |
 
बाजरे की रोटी अर डाकलाँ का साग

Yu Ghana to Rohtak/Sonipat me khaya ja se bhaisab.. Chandigarh side to Makki ki roti jyada khave hai.. unte nyu kahve na ak Bajre ki roti hare saag gela, to nyu bujhe se ak bajre ki bhi roti banya kare ke?? ;)

Jaadya ka to raam-baan se bhaisaab yu. Er baasi bajre ki roti, nooni ghee dhar ke gud gel khaan ka mja e nyara se! :)
 
जाट्टां की रसोई

आपां दुनिया भर के वय्नजनाँ के बारे में सारे पढ़ते हांडआँ सां | पर किते जाट्टां के खाने के बारे में विशेष तौर पे नि लिख राख्या सारी रिसिपी मिल जावेंगी पर आपणे देशी जाट्टू खाणे की कोणी मिल्लें | घनखरे जाट शाकाहारी होंवें सें | पंजाब के कुछ जिल्याँ ने छोड़ दें ते | कई दिन पहलम एक दो ताग्याँ पे खावण पीवण पे घणा रोला होर्या था | मन्ने न्यू सोची अक क्यूँ ना आपणे खाणे -पीणे पे एक तागा सुरु करया जावे | सब आपना योग दान दे सकें सें | मेरी सब तें पहलम पर्स्तुती स गास की (बाजरे की खीचड़ी ) या मेरे भोत पसंद थी |
बाजरे की खीचड़ी (गास )
समय :- यु पकवान जाड्डयाँ में खाया जाया करे | बाकी बखत यु घणा गर्म होवण के कारण सेध कर सके स |



u tariya tai bazara khoon saaf kare sai. haad jaat land me aadhe sahari pawange(gaame ke aadmiya ne tai itni fursat sai nahi)En tai kade batawe sai tu... kabzi karwa ke marwa v gaa en ne....bazare me bhot taakat howe hai bhai....us tai tan thoda pasina bhi kaadhna padegaaa.....pahlam ke aadmi haali paali rahaa karte..jab hazam hoya kartaa.
सामग्री :- बाजरा ,चन्यां की दाल ,माड़ा सा नूण दूध ,शीत ,घी |
मात्रा :- एक बन्दे की खातर लगभग २०० ग्राम बाजरा ,अर फेर जिन्ने बन्दे हों उतणा गुणा कर ल्यो | हर २०० ग्राम चने पे २५ ग्राम चन्यां की दाल | बाकी सामान खावानिये की आसंग के हिसाब तें(दूध ,शीत ,घी ) |
बणाने की विधि :- पहलम बाजरा उखल में छड लो | छडदी हाण बीचाले-बीचाले पांणी का छिपका भी मारदे रहो | इह तें राली सुथरी ढाल उतर जा गी | जा ना उतरी ते गास में कडूआट आवेगी | इतणा कुट्टणा चाहिए बाजरा अक जुकर गिहूँ का दलिया हो स न्यू-ए लागणा चाहिए |फेर इह में दाल मिला दो चन्यां की | सब तें बढ़िया ते माटी की हांडी हो स पर और कोए कासन भी बर्त्या जा सके स | फेर दाल न अर छड़े होए बाजरे ने पाणी में मिला दो ,पाणी इनकी मात्रा तें लगभग ढाई गुणा होना चाहिए अर माड़ा सा नूण भी गेर दो | फेर इन् ने धिम्मी आंच पे उबलना धर दो हारे में | आज काल हारा कोणी ते फेर गेस पे कती धिम्मी आंच कर देणी चाहिए | सहज पके सो मिट्ठा होए | जब खदअड़ - बदअड़ होण लाग ज्या उतणा पकाणा चाहिए |
खाणे की विधि : इहने खावण के कई प्रकार होवें सें | जिह ने ज्युकर आछा लागे न्यू-ए खा ले | पहलम ताता -ताता घी घाल के खा ले | फेर ताते दूध में भी खा सके सें | अर जो दूध में ना खाणा चाहवें,वे गोजी घाल के खा ले |(गोजी =खाटे सीत में धार मारी होड़ )चेतावनी :- जो दूध में खावें उन् ने फेर गोजी नि घाल्नी चाहिए ,पेट में उत्पणा हो सके स | गोजी ताते दूध की गेल अल्बाद कर सके स | तडके-तड़क बासी गास दही की गेल भी खाया जा सके स अर सीत की गेल भी | खुरचअण सब तें सुवाद भाग होवे स गास का ,इहने निखड़ू दूध की गेल खावे ते सूवादाँ में सूवाद आ ज्या |

u tariya tai bazara khoon saaf kare sai. haad jaat land me aadhe sahari pawange(gaame ke aadmiya ne tai itni fursat sai nahi)En tai kade batawe sai tu... kabzi karwa ke marwa v gaa en ne....bazare me bhot taakat howe hai bhai....us tai tan thoda pasina bhi kaadhna padegaaa.....pahlam ke aadmi haali paali rahaa karte..jab hazam hoya kartaa.
 
हुडर्-के उठवा दे कसाई तू सब के ... .... बाजरे की रोटी पे बात चाल री स तो डिसक्लेमर के तौर पे यो बात बता दियो......." तडके जैक लागन " आली.... ना तो कोए भाई दुर्घटना का शिकार हो सके स.....


Yu Ghana to Rohtak/Sonipat me khaya ja se bhaisab.. Chandigarh side to Makki ki roti jyada khave hai.. unte nyu kahve na ak Bajre ki roti hare saag gela, to nyu bujhe se ak bajre ki bhi roti banya kare ke?? ;)

Jaadya ka to raam-baan se bhaisaab yu. Er baasi bajre ki roti, nooni ghee dhar ke gud gel khaan ka mja e nyara se! :)
 
हुडर्-के उठवा दे कसाई तू सब के ... .... बाजरे की रोटी पे बात चाल री स तो डिसक्लेमर के तौर पे यो बात बता दियो......." तडके जैक लागन " आली.... ना तो कोए भाई दुर्घटना का शिकार हो सके स.....

ले भाई ला दिया -


डिस्क्लेमर : बाजरे के टिकड़ खाए पीछे या टिकडा की गेला, सीत का बड़ा ग्लास झोकना न भूले..अन्यथा अगली प्रातकाल की अवस्था के लिए आप स्वयं जिमेवार है ! :rock
 
डाकलाँ / बथुए / कोंधरा आदि के साग की एक-ए विधि स |

डाकलाँ का साग --
काची डाक्कअल ने धो के ने दरांत में चीर ल्यो | पहलम काटी होड़ डाकलाँ ने उबाल ल्यो ,जब उबल ज्यां ते माड़ी सीली कर के ने नीचोड़ ल्यो ,निचोडें तें कडवाहट लिकड़ जा गी फेर एक बरोली में नीचोडी होड़ पिंडी धर के उह पे एक बलदा होया कोला के फेर अंगार धर के ने उह पे नूणि घी गेर दयो अर ढक दयो | उह तें साग सुवाद अर सुगन्धित हो जा गा फेर उह में बेसन मिला के उबलना धर दयो धीमी आंच पे | जब खदअड़-बदअड़ होवण लाग जा जब तार ल्यो अर देशी घी मिला कें ने बाजरे की रोटियाँ की गेल खावो | मजा आजावेगा


बथुए का रायता :- बथुआ ने धो के ने दरांत में चीर ल्यो | पहलम काटया होड़ बथुआ ने उबाल ल्यो ,जब उबल ज्यां ते माड़ी सीली कर के ने नीचोड़ ल्यो , फेर एक बरोली में नीचोडी होड़ पिंडी धर के उह पे एक बलदा होया कोला के फेर अंगार धर के ने उह पे नूणि घी गेर दयो अर ढक दयो |फेर इह में जितना बथुआ स उह के बराबर की दही मिला दयो , के फेर शीत मिला दयो अर जितना चाहिए सुवाद के अनुसार नूण मिला दयो |रायता तेय्यार |
 
जाट्टां की रसोई

आपां दुनिया भर के वय्नजनाँ के बारे में सारे पढ़ते हांडआँ सां | पर किते जाट्टां के खाने के बारे में विशेष तौर पे नि लिख राख्या सारी रिसिपी मिल जावेंगी पर आपणे देशी जाट्टू खाणे की कोणी मिल्लें | घनखरे जाट शाकाहारी होंवें सें | पंजाब के कुछ जिल्याँ ने छोड़ दें ते | कई दिन पहलम एक दो ताग्याँ पे खावण पीवण पे घणा रोला होर्या था | मन्ने न्यू सोची अक क्यूँ ना आपणे खाणे -पीणे पे एक तागा सुरु करया जावे | सब आपना योग दान दे सकें सें | मेरी सब तें पहलम पर्स्तुती स गास की (बाजरे की खीचड़ी ) या मेरे भोत पसंद थी |
बाजरे की खीचड़ी (गास )
समय :- यु पकवान जाड्डयाँ में खाया जाया करे | बाकी बखत यु घणा गर्म होवण के कारण सेध कर सके स |
सामग्री :- बाजरा ,चन्यां की दाल ,माड़ा सा नूण दूध ,शीत ,घी |
मात्रा :- एक बन्दे की खातर लगभग २०० ग्राम बाजरा ,अर फेर जिन्ने बन्दे हों उतणा गुणा कर ल्यो | हर २०० ग्राम चने पे २५ ग्राम चन्यां की दाल | बाकी सामान खावानिये की आसंग के हिसाब तें(दूध ,शीत ,घी ) |
बणाने की विधि :- पहलम बाजरा उखल में छड लो | छडदी हाण बीचाले-बीचाले पांणी का छिपका भी मारदे रहो | इह तें राली सुथरी ढाल उतर जा गी | जा ना उतरी ते गास में कडूआट आवेगी | इतणा कुट्टणा चाहिए बाजरा अक जुकर गिहूँ का दलिया हो स न्यू-ए लागणा चाहिए |फेर इह में दाल मिला दो चन्यां की | सब तें बढ़िया ते माटी की हांडी हो स पर और कोए कासन भी बर्त्या जा सके स | फेर दाल न अर छड़े होए बाजरे ने पाणी में मिला दो ,पाणी इनकी मात्रा तें लगभग ढाई गुणा होना चाहिए अर माड़ा सा नूण भी गेर दो | फेर इन् ने धिम्मी आंच पे उबलना धर दो हारे में | आज काल हारा कोणी ते फेर गेस पे कती धिम्मी आंच कर देणी चाहिए | सहज पके सो मिट्ठा होए | जब खदअड़ - बदअड़ होण लाग ज्या उतणा पकाणा चाहिए |
खाणे की विधि : इहने खावण के कई प्रकार होवें सें | जिह ने ज्युकर आछा लागे न्यू-ए खा ले | पहलम ताता -ताता घी घाल के खा ले | फेर ताते दूध में भी खा सके सें | अर जो दूध में ना खाणा चाहवें,वे गोजी घाल के खा ले |(गोजी =खाटे सीत में धार मारी होड़ )चेतावनी :- जो दूध में खावें उन् ने फेर गोजी नि घाल्नी चाहिए ,पेट में उत्पणा हो सके स | गोजी ताते दूध की गेल अल्बाद कर सके स | तडके-तड़क बासी गास दही की गेल भी खाया जा सके स अर सीत की गेल भी | खुरचअण सब तें सुवाद भाग होवे स गास का ,इहने निखड़ू दूध की गेल खावे ते सूवादाँ में सूवाद आ ज्या |

mere mamma har ne te gaam mein gaaskhane kaha kare se
 
जाट्टां की रसोई


खाणे की विधि : इहने खावण के कई प्रकार होवें सें | जिह ने ज्युकर आछा लागे न्यू-ए खा ले | पहलम ताता -ताता घी घाल के खा ले | फेर ताते दूध में भी खा सके सें | अर जो दूध में ना खाणा चाहवें,वे गोजी घाल के खा ले |(गोजी =खाटे सीत में धार मारी होड़ )चेतावनी :- जो दूध में खावें उन् ने फेर गोजी नि घाल्नी चाहिए ,पेट में उत्पणा हो सके स | गोजी ताते दूध की गेल अल्बाद कर सके स | तडके-तड़क बासी गास दही की गेल भी खाया जा सके स अर सीत की गेल भी | खुरचअण सब तें सुवाद भाग होवे स गास का ,इहने निखड़ू दूध की गेल खावे ते सूवादाँ में सूवाद आ ज्या |

bhai nu kaha kare se ke raat ne te gojji gael khani chaiye.........ar tadke bassi dudh gelya khani chaiye se

baki sabka aapna aapna g ho se
 
राबड़ी :-



समय :- यु पकवान गर्मियां में खाया जाया करे | जाड्डयाँ में नि खाणा चाहिए क्यूंकि इह की ताशीर सिली हो स अर सेध कर सके स |ऊं राबड़ी पीणा कहया करें खावण की बजाय |
सामग्री :- २०० ग्राम जों का चुन , उह की बराबर की दही के फेर शीत ,नून जरूत के हिसाब तें ,५० ग्राम बेषण |
मात्रा :- एक बन्दे की खातर लगभग २०० ग्राम जों का चुन ,अर फेर जिन्ने बन्दे हों उतणा गुणा कर ल्यो | बाकी सामान खावानिये की आसंग के हिसाब तें(शीत ) |
बणाने की विधि :- पहलम दही अर चुन ने मिल्या कें अर दो या तीन घंटे घाम में धर दे ,ज्युकर सुथरी ढाल खटाश पैदा हो जा | जा दही पहलम तें-ए घणी खाटी हो तो, दो घंटे ना ते तीन या चार घंटे घाम में धरणा चाहिए | फेर बेषण मिला के ने खदअड़ -
खदअड़ रांध ले | फेर सिली करण खात्र धर दे | इह में शीत मिला कें पीवे तो भोत सुवाद लागे ,या देशी बीयर हो से आछी खाटी राबड़ी पी ले छिक के ने सिली-सिली आठ घंटे देहि सिली रहवेगी अर नींद आवेगी छिक्मा |इस्से तरियां बेशन ,गीहूँ के चुन की भी राबड़ी बनाई जा सके स |जा रात ने फ्रीज में धर दे अर फेर तडके-तड़क सीले शीत में मिला के पीवे , छिक के, ते खेताँ में शीशम के तले सोवण का मजा सात स्टार होटल तें भी बाध आवेगा |
 
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