जाट्टां की रसोई

arre tau malai ke halwe ki recipi te bta de.........

jma asli ar thada soda se.......

ek e katori mein chit kar de sabne


जो मन्ने आवें सें पहलम वे बताउंगा ,पाछे बुझ-बुझ बताउंगा | आड़े घणीये जाटणी भी सें उन् ने बताणी चाहियें ये बात ते ,पर उन् ने जाण- पिछाण बधाण तें फुर्सत-ए ना मिलदी ,ज्ञान कित बधावेंगी |
 
फेर एक बरोली में नीचोडी होड़ पिंडी धर के उह पे एक बलदा होया कोला के फेर अंगार धर के ने उह पे नूणि घी गेर दयो अर ढक दयो | उह तें साग सुवाद अर सुगन्धित हो जा गा फेर [/FONT]


Nice point!
 
जो मन्ने आवें सें पहलम वे बताउंगा ,पाछे बुझ-बुझ बताउंगा | आड़े घणीये जाटणी भी सें उन् ने बताणी चाहियें ये बात ते ,पर उन् ने जाण- पिछाण बधाण तें फुर्सत-ए ना मिलदी ,ज्ञान कित बधावेंगी |

koe na.......mein e bta dunga pher te e ka ....
 
कढढी
समय :- या गर्मियां में खाई जाया करे | इह का एक कारण ते यु ए अक या ताशिर की सिली हो स ,दुसरा पहलम गर्मियां में साग सब्जी कम हो जाया करदी ते इह तें काम चला लिया करदे |
सामग्री :- बेसन,दही या शीत ,गन्ठे, माड़ा सा देशी घी |
मात्रा :-
एक पांच माणसआँ के कुन्बे की खातर लगभग ३०० ग्राम बेसण|तीन चार गन्ठे ,आधा कोली दही के फेर आधा लीटर शीत |
बणाने की विधि :-
पहलम बेसन्न अर दही/शीत ने बढ़िया ढ़ालाँ मिल्या ल्यो | फेर उह ने नूण मिर्च मिला के खदअड़ -बदअड़ होवे ईतने गरम कर ल्यो |फेर आछे से गन्ठे ले के ने अर उन् ने हलके से भूंद ल्यो तेल में | अर उन् ने रंधी होड़ हांडी में मिला दयो | कड्डही त्यार | कई इह में हरी या लाल साबत मिर्च भी गेरया करें |फेर इह में ताती-ताती में देशी घी मिल्या के खावे ,मजा आवे |
 
कढढी
समय :- या गर्मियां में खाई जाया करे | इह का एक कारण ते यु ए अक या ताशिर की सिली हो स ,दुसरा पहलम गर्मियां में साग सब्जी कम हो जाया करदी ते इह तें काम चला लिया करदे |
सामग्री :- बेसन,दही या शीत ,गन्ठे, माड़ा सा देशी घी |
मात्रा :-
एक पांच माणसआँ के कुन्बे की खातर लगभग ३०० ग्राम बेसण|तीन चार गन्ठे ,आधा कोली दही के फेर आधा लीटर शीत |
बणाने की विधि :-
पहलम बेसन्न अर दही/शीत ने बढ़िया ढ़ालाँ मिल्या ल्यो | फेर उह ने नूण मिर्च मिला के खदअड़ -बदअड़ होवे ईतने गरम कर ल्यो |फेर आछे से गन्ठे ले के ने अर उन् ने हलके से भूंद ल्यो तेल में | अर उन् ने रंधी होड़ हांडी में मिला दयो | कड्डही त्यार | कई इह में हरी या लाल साबत मिर्च भी गेरया करें |फेर इह में ताती-ताती में देशी घी मिल्या के खावे ,मजा आवे |

उस्ताद जी, मेरी दादी बहुत स्वाद बणाया करे सै कढ़ी तोह... जाटां कै बणी होड़ कढ़ी झयान की सुआद होवे सै, यू भी फ़रक तोह सै कीमे नै कीमे!
 
कढढी
समय :- या गर्मियां में खाई जाया करे | इह का एक कारण ते यु ए अक या ताशिर की सिली हो स ,दुसरा पहलम गर्मियां में साग सब्जी कम हो जाया करदी ते इह तें काम चला लिया करदे |
सामग्री :- बेसन,दही या शीत ,गन्ठे, माड़ा सा देशी घी |
मात्रा :-
एक पांच माणसआँ के कुन्बे की खातर लगभग ३०० ग्राम बेसण|तीन चार गन्ठे ,आधा कोली दही के फेर आधा लीटर शीत |
बणाने की विधि :-
पहलम बेसन्न अर दही/शीत ने बढ़िया ढ़ालाँ मिल्या ल्यो | फेर उह ने नूण मिर्च मिला के खदअड़ -बदअड़ होवे ईतने गरम कर ल्यो |फेर आछे से गन्ठे ले के ने अर उन् ने हलके से भूंद ल्यो तेल में | अर उन् ने रंधी होड़ हांडी में मिला दयो | कड्डही त्यार | कई इह में हरी या लाल साबत मिर्च भी गेरया करें |फेर इह में ताती-ताती में देशी घी मिल्या के खावे ,मजा आवे |

मुझे कढी बनाने का काफी एक्सपेरिएंस है ईसलीये में एक बात add करना चाह्हूँगी - कढी मे हल्दी भी डालती है नमक के साथ.

Baaki agar dish thodee fancy karnee hae toh :
meethi seeds and kadi patta ka tadka also gives it a nice flavor.
 
बेषण का हलुआ समय :- कदे भी बना के खा ल्यो |पर यु गरम ताशीर का हो स | खेर (जुकाम ) होर्या हो ते यु दुवाई का भी काम कार्या करे |
सामग्री :- बेषण ,न्यारे -नयारे ढाल के मेवे बादाम पिसते (ड्राई फ्रूट्स ),चीनी ,देशी घी |
मात्रा :-
एक माणस की खातर लगभग २०० ग्राम बेसण|१०० ग्राम चीनी (चीनी आपणी पसंद के अनुसार थोड़ी के घणी भी गेरी जा सके स ) १०० ग्राम घी देशी ,पांच-दश गिरी सारे ढाल के मेवे (ड्राई फ्रूट्स )की |
बणाने की विधि :- पहलम बेषण ने भूंद ल्यो देशी घी गेर के ने ,हल्का -हल्का लाल हो जाना चाहिए ,फेर इह में चीनी की चाशनी गेर दयो अर अर फेर माड़ा सा करड़ा होवे इतने हलांदे जाओ | फेर उप्पर तें मेवे बुर्का दयो अर माड़ी वार ढक के ने धर दयो |

विशेष :- या प्रकिरिया धीमी आंच पे करनी चाहिए, ते सुवाद बनेगा हलुआ |
 
बेषण का हलुआ समय :- कदे भी बना के खा ल्यो |पर यु गरम ताशीर का हो स | खेर (जुकाम ) होर्या हो ते यु दुवाई का भी काम कार्या करे |
सामग्री :- बेषण ,न्यारे -नयारे ढाल के मेवे बादाम पिसते (ड्राई फ्रूट्स ),चीनी ,देशी घी |
मात्रा :-
एक माणस की खातर लगभग २०० ग्राम बेसण|१०० ग्राम चीनी (चीनी आपणी पसंद के अनुसार थोड़ी के घणी भी गेरी जा सके स ) १०० ग्राम घी देशी ,पांच-दश गिरी सारे ढाल के मेवे (ड्राई फ्रूट्स )की |
बणाने की विधि :- पहलम बेषण ने भूंद ल्यो देशी घी गेर के ने ,हल्का -हल्का लाल हो जाना चाहिए ,फेर इह में चीनी की चाशनी गेर दयो अर अर फेर माड़ा सा करड़ा होवे इतने हलांदे जाओ | फेर उप्पर तें मेवे बुर्का दयो अर माड़ी वार ढक के ने धर दयो |

विशेष :- या प्रकिरिया धीमी आंच पे करनी चाहिए, ते सुवाद बनेगा हलुआ |

Dry fruits preferred in halwa: soft ones only (dried grapes etc) that blend with the softness of the halwa.
 
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कढढी

कढढी में पकोड़े भी भोत सुवाद लाग्या करे!
अर पालक या कोंधरा(नाम पक्का याद कोणी, पर खरपतवार से बथुए की ढाला) मिलमा कढढी भी बढ़िया लाग्या करे!
 
कढढी में पकोड़े भी भोत सुवाद लाग्या करे!
अर पालक या कोंधरा(नाम पक्का याद कोणी, पर खरपतवार से बथुए की ढाला) मिलमा कढढी भी बढ़िया लाग्या करे!


कड़ढी में जा पकोड़ी गेर्णी सें ते पहलम गंठयाँ की k fer paalak ki छोटी -छोटी पकोड़ी बना के धर ले अर फेर कड़ढी त्यार हो जा जब उह में गेर दे ,पहलम ना बर्त्या करदे पकोड़ी पर आजकाल पकोड़ीयाँ का बर्ताव होवे स ,खासकर सहरी घरां में |
 
छड्याँ की खीचड़ी
( इह की खोज मन्ने करी थी अर यु नाम भी मन्ने दिया था अर फेर मेरे घणे छड़े दोस्ताँ ताहीं भी बताई थी सब ने राजी हो के बनाई अर खाई )
समय :- यु पकवान कददे खाया जा सके स | |
सामग्री :-
बासी रोटी ,बासी दाल ,बासी सब्जी ,ब्रेड ,घी |
मात्रा :-
इह में मात्रा-मुत्रा किम्मे ना होंदी जो बचर्या हो उह ने सब ने समेट ल्यो
बणाने की विधि :-
पहलम कढाई चढ्या ल्यो | अर उह में बची होड़ दाल ,सब्जी गेर ल्यो उनमान सी का पानी और घाल ल्यो फेर उह में ब्रेड रोटी जो भी बासी बचर्या हो उह ने मचूर के ने गेर ल्यो | जब सारा सौदा खदअड़ -बदअड़ करण लाग्ज्या ते उह में एक लोंदा घी का गेर ल्यो अर बढ़िया ढालआँ मिला ल्यो अर माड़ी सी सीली कर के खा ल्यो ,भोत सुवाद लागेगी | जब खाणा बाणान ने जी ना करदा ते बासी खाण का सामान बगआण की थां खीचड़ी बणा के खा ले
 
Kheer arr Gajarpaak ki vidhi to main sai..we reh gi..Jitender Maan kimme ger bhai koye vidhi..nyu e kadhai chada rakhi sai wa ;)
 
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Kheer arr Gajarpaak ki vidhi to main sai..we reh gi..Jitender Maan kimme ger bhai koye vidhi..nyu e kadhai chada rakhi sai wa ;)

खीर आर् गाजरपाक तो कती आसान सै|

खीर

एक किलो ढूध मैं एक कटोरी चावल आर् चिनी (जरुरत से) घाल की मंदी आँच पै रांधी जावो| आधे घन्टे बाद खा की देख लो| ज् चावल ना रंधे हों तो और रांध लो आर् ज् चीनी कम लाग तो और गेर लो|
किस् धोरे dry fruits पड़े हों तो उन् भी कूट की साथ्य गेर लो| किसमिस आर् इलायची बढियां सवाद ल्या दी सं|
 
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गाजर का हलवा

समय :- यु पकवान कददे भी खाया जा सके स | पर जाड्डयाँ में बढ़िया रह स क्यूँ की एक ते गाजर सस्ती होवें सें अर दूध भी भतेरा मिल जा गा |इह की ताशीर भी गरम हो स|
सामग्री :- एक धडी गाजर , ५ किल्लो दूध, सूखे मेवे एक किल्लो सारे मिल्मां |ढाई किल्लो चीनी (चीनी आपनी पसंद के हिसाब तें थोड़ी घणी करी जा सके स )एक किल्लो देशी घी |
बणाने की विधि :-
पहलम कददू कश माहं के गाजरां ने कश ल्यो फेर कढाई चढ्या ल्यो |उह में दूध उबाल्णा शुरू कर दयो अर फेर कशी होड़ गाजर गेर दयो | जब दूध में गाजर दाहूँ उबल ज्यां अर करडी हों लाग्ज्याँ जब उह में घी गेर दयो अर फेर घी में पकाओ जब सुथरी ढाल पाक ज्यां ते फेर उह में चीनी की चाशनी गेर दयो अर दाहूँ घोट दयो | तडके-तड़क नाश्ते में खाओ अर रात नु सोन्दी हाण दूध गेल्याँ खा के सो जाओ |
 
गाजर का हलवा

समय :- यु पकवान कददे भी खाया जा सके स | पर जाड्डयाँ में बढ़िया रह स क्यूँ की एक ते गाजर सस्ती होवें सें अर दूध भी भतेरा मिल जा गा |इह की ताशीर भी गरम हो स|
सामग्री :- एक धडी गाजर , ५ किल्लो दूध, सूखे मेवे एक किल्लो सारे मिल्मां |ढाई किल्लो चीनी (चीनी आपनी पसंद के हिसाब तें थोड़ी घणी करी जा सके स )एक किल्लो देशी घी |
बणाने की विधि :-
पहलम कददू कश माहं के गाजरां ने कश ल्यो फेर कढाई चढ्या ल्यो |उह में दूध उबाल्णा शुरू कर दयो अर फेर कशी होड़ गाजर गेर दयो | जब दूध में गाजर दाहूँ उबल ज्यां अर करडी हों लाग्ज्याँ जब उह में घी गेर दयो अर फेर घी में पकाओ जब सुथरी ढाल पाक ज्यां ते फेर उह में चीनी की चाशनी गेर दयो अर दाहूँ घोट दयो | तडके-तड़क नाश्ते में खाओ अर रात नु सोन्दी हाण दूध गेल्याँ खा के सो जाओ |

भाई रविंदर,
मेरे हिसाब से गजरपाक आर् गाजर का हलवा, न्यारी-न्यारी चीज हूँ स्|
आर् भाई मन तो यो घी गेरोड़ा कती बढ़िया नही लाग्या कर| ढूध बढ़िया हो उस्में घी नूय हो ज्या स्| बाकि पसंद अपनी - अपनी| पर या चीनी की चाशनी तो मन कदे गेरदे ना सुने| सीधी चीनी न ए जोक् दिया करें|

कुछ और ध्यान देने वाली बातें:
- गाजर पाक आली मोटी-मोटी गाजर हूँ स्| आर् उन् न मोटा मोटा घिया कस करो| नहीं तो वो गजरपाक की बजाय गाजर का हलवा बन ज्या गा|
- मज़ा जदे आव स् जब ढूध आर् गाजर का अनुपात बराबर हो|
- चीनी जब गेरनी चाहिए जब गाजर थोड़ा-थोड़ा घी छोडन लाग ज्याँ|
 
कड़ढी में जा पकोड़ी गेर्णी सें ते पहलम गंठयाँ की k fer paalak ki छोटी -छोटी पकोड़ी बना के धर ले अर फेर कड़ढी त्यार हो जा जब उह में गेर दे ,पहलम ना बर्त्या करदे पकोड़ी पर आजकाल पकोड़ीयाँ का बर्ताव होवे स ,खासकर सहरी घरां में |

उस्ताद जी, किम्मे नि सांग-सूंग यू कढ़ी में पकोड़ीयाँ आला तो (यह मेरी निजी राय है)... ! वैसे क्या आपको पसंद है कढ़ी में पकोड़ीयाँ ? ठेठ देस्सी गाढ़ी कढ़ी होणी चहिये, मन्नै तो जिब्बे जी सा आह है... !
 
खीर आर् गाजरपाक तो कती आसान सै|

खीर

एक किलो ढूध मैं एक कटोरी चावल आर् चिनी (जरुरत से) घाल की मंदी आँच पै रांधी जावो| आधे घन्टे बाद खा की देख लो| ज् चावल ना रंधे हों तो और रांध लो आर् ज् चीनी कम लाग तो और गेर लो|
किस् धोरे dry fruits पड़े हों तो उन् भी कूट की साथ्य गेर लो| किसमिस आर् इलायची बढियां सवाद ल्या दी सं|

Gaadhi kheer laga kare sabtai badiya..jo sahi ghut ri ho .
 
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