aapka sahar uski khaas baate

Rohtak being the main central city of Haryana.......i always enjoyed travelling with people from Hisar, Jind, Bhiwani.......especially 7:50 Sirasa express for one year and 5:25 & 19:15 Ekta express for 4 years.....

I found Bhiwani guys more superior in "Sheep"....but Rohtki & Rewari aale "MINUS" mei na jaan dete....( P.S. this is usuall TAASH language)

Baaki Dosti ho ja te saari jagah barabar hai .......

I enjoy drinking beer with friends and having dinner at a Desi dhaba rather than sitting alone at Howzatt or eat at Hotel Leela.
 
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अर्र इब सुन ल्यो rewari की बात जहाँ से में belong करता हू ..ज़मा एक नंबर का यादव एरिया....ज़मा एक no .की राजनीती....
..भाई कई बार ते मैंने इसा लगे से जाणु ते दुसरे गृह पे आ गया ज़हां पर जाट एक rare species में आते है...
..ज़हां देखो यादव स्वीट्स,यादव साइबर कैफे,यादव हॉस्पिटल.यादव lawyers ,...
...मुझ से मिलते ही लोग पूछते है.."राव साहब (यादव) हो क्या " और में हमेशा बोलता हू "ना में उन ते उपर आला सू"
..फिर वो बोलते हैं " ओहो sorry , आप तो जाट सो"
..भगवन का सुक्र है मेरी education और अब तक की सारी ज़िन्दगी जाट areas में बीती है नहीं ते में भी इब ताहि एक दो लोग्गां के खूंड बजावा देता जाटलैंड पे,:) यादवा की ढाल ..
 
.i studied at D.N.college hisar (11th and 12th)..hisar is very close to my heart..
..hisar gave me sm good frnds..
..nd sm romantic days of my life were spent at hisar..(my first girlfrnd :tongue:..)..thats also coz hisar is very special to me...
....H.A.U,dabra chowk,ganesh market, vidya devi jindal school..:victorious:...i was everywhere....each and every sector of hisar...
..i just love that city..

Karminder, I also have some association with Hissar. I did my pre-University from Jat College Hissar. It used to be under Punjab University at that time. In fact, my father also did his matriculation from Jat School Hissar which was later converted into Jat College. In D.N. College, you must be knowing the DPE (Director of Physical Education), Shri Jagdish Noonia. He was (and is) one of my best friends and best athlete of DN College ( later Hero of Jat college too in athletics when he migrated there). A good Yogi, he is still in DN College and continues to be a good friend till date. We used to go to HAU campus very often to visit some friends there (and also for roaming around the Home Science Faculty.) Thereafter, shifted my camp to Delhi for further education.
 
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हिसार धाकड़ सहर हे हरयाणा का. किसे ज़माने में यु हरयाणा पंजाब का सबते बड़ा जिला था. फिर इस्त्ते कई जिले बना दिए जणू सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी etc .यो शहर राजस्थान और पंजाब के लोवे हे तो अड़े सरदार और राजस्थानी मानस बहोत मिल जांगे. इस खातर पंजाबी हर राजस्थानी आड़े के लोगां के आसानी त समज आजा हे. जिद हाम छोटे थे तो महारा लोकल दूरदर्शन केंद्र न था तो म्हारे जालंदर आला दूरदर्शन के कार्यक्रम देखा करदे लोग गामां में भी. पंजाबी फिल्म उस ज़माने( १९८०-९०) में भी एंडी होया करदी

आड़े की सबते अची बात मेने या लगे हे के थोडा सा उपरेने जाओ तो राजस्थान आजे हे हर माडा सा और सीधे चले जाओ तो पंजाब आजे हे. smuggling भी बहोत होवे हे इस चक्कर में. बाकि आड़े पाकिस्तान त आयोडे भी बहोत हे. म्हारे एक चौक का नाम मुल्तानी चौक हे जो मुल्तानियाँ के कारन पड़ा. एक कैंप एरिया हे उसमे भी मुल्तान त आयोडे बहोत लोग बस रहे हे.



जो यो VP जी जीकर करे हे नूनिया का वो मेरे टेम में इ लागा था DN में. मेरा एक दोस्त होया करता धनकर हिसार केंट त उसका मामा लगा करता यो. उस टेम बीडी पीन की गन्दी आदत थी भाई हर यो नूनिया ओडे कैंटीन में इ आ जाया करदा जड़े हम बीडी पीया करदे ( बाकि मास्टर न आया करते ओडे उनकी नयारी जगह बन री थी कैंटीन में पर यो आ जाया करदा छापा मारण तो वो धनकर इसने देख के हाथ में इ बीडी बुझा दिया करदा

बाकी सांज ने---
 
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maine hisar ke baare me suna to bahut hai par jaane ka mauka nahi laga.nice to know about it.log jitne bhi mille yaha se bhalle(shareef) mille.
हिसार थाकड़ सहर हे हरयाणा का. किसे ज़माने में यु हरयाणा पंजाब का सबते बड़ा जिला था. फिर इस्त्ते कई जिले बना दिए जणू सिरसा, फतेहाबाद, भिवानी etc .यो शहर राजस्थान और पंजाब के लोवे हे तो अड़े सरदार और राजस्थानी मानस बहोत मिल जांगे. इस खातर पंजाबी हर राजस्थानी आड़े के लोगां के आसानी त समज आजा हे. जिद हाम छोटे थे तो महारा लोकल दूरदर्शन केंद्र न था तो म्हारे जालंदर आला दूरदर्शन के कार्यक्रम देखा करदे लोग गामां में भी. पंजाबी फिल्म उस ज़माने( १९८०-९०) में भी एंडी होया करदी

आड़े की सबते अची बात मेने या लगे हे के थोडा सा उपरेने जाओ तो राजस्थान आजे हे हर माडा सा और सीधे चले जाओ तो पंजाब आजे हे. smuggling भी बहोत होवे हे इस चक्कर में. बाकि आड़े पाकिस्तान त आयोडे भी बहोत हे. म्हारे एक चौक का नाम मुल्तानी चौक हे जो मुल्तानियाँ के कारन पड़ा. एक कैंप एरिया हे उसमे भी मुल्तान त आयोडे बहोत लोग बस रहे हे.




बाकी सांज ने---
 
हिसार का जाट कालेज बहुत प्रसिद्द स.... उसके प्रिंसिपल इन्दर सिंह लाख्लन खुद एक धाकड़ जाट आदमी स...... मेरे याद स 1996 में मेरे चाचा जी गेल उन तें मिलन गया था... उनके दोस्त तें वो.... तो हम बैठ गे एक साइड में सोफे पे क्यूंकि तो काम में बीजी थे... दाखिले का टाइम चाल रा था........ लांबी लाइन लाग री थी... एक छोरा हांसी का ... दाखिला लेवन आया.... तो लाख्लन साब ने कही की भाई हांसी में कालेज रह्य... तू उत ए पढ़ ले........ छोरा था घना सयाना ... जिब तो चला गया..... एर थोड़ी सी हाँ में फेर आ गया लाइन में लाग के.... आक जानू भूल जगा प्रिंसिपल...... जाट राम कित भूले था.......... बोल्या अपने peon तें ... ल्या रे एक डंडा ल्या .... ....... पसार लो इस ने ...........इस ने दयून दाखिला ...... भाई वो छोरा तो छूट लिया हूड तें.........
बुल्लेट मोटरसाइकिल पे कॉलेज में आवानिया धाकड़ जाट प्रिंसिपल मेंने पहली बार देखा था.... एब तो शायद हैं की न बेरा नहीं.......


Ek Aur:

हिसार जाट कालेज के हॉस्टल की भी बात याद आ गी....... उस टाइम में अखबार पढना शुरू करा था ..... थोडा थोडा बेरा पाटन लाग्या था आक कित के चाल रा स.......... तो खबर पढ़ी की जाट कालेज के हॉस्टल का वार्डन था श्री रघबीर सिंह गोयत......... शायद मिलिट्री साईंस का lecturer था .... campus में रह्य करता ........... तो भाई बंसीलाल मुख्मंत्री बना उस साल एर उस ने शराब बंधी करी..... शायद एक तारीख थी उस महीने की.... एर पहल्ड़े दिन ए गोयत साब पकडे गए दारु पीये हुए.... जमानत करवा के ल्याए बालक..हा हा हा हा हा हा हा हा हा. ...... खबर पढ़ के बहुत हांसी आई... मका इब इसका प्रिंसिपल के हाल करेगा.... हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा
 
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I found Bhiwani guys more superior in "Sheep"....but Rohtki & Rewari aale "MINUS" mei na jaan dete....( P.S. this is usuall TAASH language)

Bhai akshay, meeting fix karwa ooh bhiwani aale gela junsa ghna tej se "seep" me..;)
mhari class me 8-10 jane the bhiwani ke.. aindy paakya karte taasha me. shart laa ke haraya karte bhaiya ne(jabki ve regular khelniye the train me).. lya hum bhi bichaas leve ek ber oohne!! :stupid:


Sunpat kenha "Bairang" naam ka khel ghna khelya jaaya kare taasha me.
 
Bhai akshay, meeting fix karwa ooh bhiwani aale gela junsa ghna tej se "seep" me..;)
mhari class me 8-10 jane the bhiwani ke.. aindy paakya karte taasha me. shart laa ke haraya karte bhaiya ne(jabki ve regular khelniye the train me).. lya hum bhi bichaas leve ek ber oohne!! :stupid:


Sunpat kenha "Bairang" naam ka khel ghna khelya jaaya kare taasha me.

ओल्य्म्पिक में शामिल करवानी पड़ेंगी ताश भी ...... पक्का गोल्ड मेडल स........ हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा

 
ओल्य्म्पिक में शामिल करवानी पड़ेंगी ताश भी ...... पक्का गोल्ड मेडल स........ हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा


Kyu badnaam kare se bhai soodhe manas ne :topsy_turvy:
Mai to bichasan ki baat kar rhya tha..ke bera aagla sachi me e ghna tej ho seep me :sentimental:
Baki shart laaye pache chode hum bhi koni. :singing:
 
Rohtak ki Jawahar canal bhi bhot famous se.. aaye mhine kise na kise ne nigal jaya karti.. eeb to baad laa ke kime rok si kar rakhi se!
Ek Bangar cinema hall tha(eeb to multiplex bna diya suni se).. Jisne ghar aalya te lukhma filam dekhni ho er thyaan ka bhi darr na rahve, us tayi BEST jagah thi!
 
हिसार का जाट कालेज बहुत प्रसिद्द स.... उसके प्रिंसिपल इन्दर सिंह लाख्लन खुद एक धाकड़ जाट आदमी स...... मेरे याद स 1996 में मेरे चाचा जी गेल उन तें मिलन गया था... उनके दोस्त तें वो.... तो हम बैठ गे एक साइड में सोफे पे क्यूंकि तो काम में बीजी थे... दाखिले का टाइम चाल रा था........ लांबी लाइन लाग री थी... एक छोरा हांसी का ... दाखिला लेवन आया.... तो लाख्लन साब ने कही की भाई हांसी में कालेज रह्य... तू उत ए पढ़ ले........ छोरा था घना सयाना ... जिब तो चला गया..... एर थोड़ी सी हाँ में फेर आ गया लाइन में लाग के.... आक जानू भूल जगा प्रिंसिपल...... जाट राम कित भूले था.......... बोल्या अपने peon तें ... ल्या रे एक डंडा ल्या .... ....... पसार लो इस ने ...........इस ने दयून दाखिला ...... भाई वो छोरा तो छूट लिया हूड तें.........
बुल्लेट मोटरसाइकिल पे कॉलेज में आवानिया धाकड़ जाट प्रिंसिपल मेंने पहली बार देखा था.... एब तो शायद हैं की न बेरा नहीं.......


Ek Aur:

हिसार जाट कालेज के हॉस्टल की भी बात याद आ गी....... उस टाइम में अखबार पढना शुरू करा था ..... थोडा थोडा बेरा पाटन लाग्या था आक कित के चाल रा स.......... तो खबर पढ़ी की जाट कालेज के हॉस्टल का वार्डन था श्री रघबीर सिंह गोयत......... शायद मिलिट्री साईंस का lecturer था .... campus में रह्य करता ........... तो भाई बंसीलाल मुख्मंत्री बना उस साल एर उस ने शराब बंधी करी..... शायद एक तारीख थी उस महीने की.... एर पहल्ड़े दिन ए गोयत साब पकडे गए दारु पीये हुए.... जमानत करवा के ल्याए बालक..हा हा हा हा हा हा हा हा हा. ...... खबर पढ़ के बहुत हांसी आई... मका इब इसका प्रिंसिपल के हाल करेगा.... हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा हा

शहरां की खासियत बताणी थी तम सारे जाणे इब्ब माणसआँ की खासियत बताण लागे | ऋतू जी कंट्रोल करो ना ते आड़े एक दो सींग फसानिये आगे ते खूंड बाज ज्या गा ,तांक- झाँक ते करगे सें वे |
 
Bhaisaab, menne to Hisar mein jat college ko khaas bataaya tha.........fer ek kissa sa yaad aa gya...!!! एब शहर बिना मानसा का तो koni hota ....... Galati ne maaf kariyo !!


शहरां की खासियत बताणी थी तम सारे जाणे इब्ब माणसआँ की खासियत बताण लागे | ऋतू जी कंट्रोल करो ना ते आड़े एक दो सींग फसानिये आगे ते खूंड बाज ज्या गा ,तांक- झाँक ते करगे सें वे |
 
Shyad "billu" naam se oohka, jiske ye pakode famous se. Bus adde te thoda sa likad ke se uski dukan, jhajjar mod ke lowe si..

Dilli तें रोहतक जाती हान "ओले हाथ" ने पड़े स.... या भी लिख देता कसाई..... वैसे पकोड़े मस्त बनावे स बिल्लू........ जीतू हूडा भाई (जाटलैंड आला) गेल में एक बे दिल्ली तें रोहतक जाऊं था जब कार रोक के लिए थे एर खाए ...... सुवाद सौद्दा......
 
हम्बे शरत धर ले है ......जिसके पहलम 7 सुक्की आगी उसकी आँख मिच्वायी जाँगी.....अर्र माटी या दिकड़े हथेली में दे के गाम का चक्कर कटाया जागा ....अर्र बाद में वो सारे दिकड़े टोह क ल्यावेगा
 
हिसार धाकड़ सहर हे हरयाणा का.
बाकी सांज ने---

हिसार के जाट कॉलेज का जिक्र आया तो एक और किस्सा याद आया I

मैंने कॉलेज के दौरान एक छोटे से बुल्ली (Bully) की पिटाई कर दी थी तंग आ के और किसे नै डरा दिया आक यो बदला लेगा I
एक हफ्ते तक कॉलेज में चाकू ले के गया (कुड़ते के नीचे बेल्ट मैं दाब के ), पर कोए हादसा ना होया उसके बाद I
 
(and also for roaming around the Home Science Faculty.)

आप भी होम science के आगे जाया करदे?

भाई जिस होम science का जीकर VP जी कर रहे हे जो लुन्गाडान में बहोत मशहूर होया करदा आड़े सिर्फ सुथरी छोरी पढ़ा करदी बहार की भी बहोत होया करदी. HAU में भाई एक international हॉस्टल भी स (बालसमंद रोड कानी) उसमे विदेसी रया करे हे कड़े कड़े कोई गोरी दिख जाया करदी उसके आगे पाछे बस फेर के था सारा गाम बावला जाया करदा . स्पेशल security लानी पड़ा करदी

इन VP जी बरगां ने गोरियां का आना बंद करवा दिया इब बस काले पिरड हांडे हे उसमे अफ्रीका के.
 
बाकी सांज ने---

भाई हिसार शहर का मैन सेण्टर जिसने पुराने लोग शहर भी काया करे हे वो बस स्टैंड में सामी हे ओदे ही यो गुजरी महल हे.इस महल के ४ गेट थे हर इसी के नाम पे शहर का नामांकरण होगा. नागोरी गेट, तलाकी
गेट, मोरी गेट हर हांसी गेट (कई इसने देल्ही गेट भी काया करे हे. भाई यो बाजार बहोत भीड़ा होगा था फेर बंसी लाल जी ने ये साडी सड़क चोडी करवाई पुल बनवाया न तो आज उम्मे साइकिल चलानी भी मुस्किल हो जाती इब भी बस साइकिल इ बड़े हे गाड़ी तो बहार इ पार्क करनी पड़े हे. ओदे इ हिसार की ऑटो मार्केट हे कोई बतावे था या हरयाणा की सबते बड़ी ऑटो मार्केट हे. Confirm कोणी मेने या बात कौनकी सारे सहरान की ऑटो मार्केट नहीं देखि मेने

हिसार शुरू से शिक्षा का केंद्र रया हे. आड़े कई बढ़िया कॉलेज हर polytechnic हे. २ बड़ी university हे: HAU हर GJU आस पास के शहर ज़िन्द, सिरसा, फतेहाबाद के कई आवे हे पड्न. मौसम आड़े का उतना इ फददु हे जितने बढ़िया मानस हे आड़े के. गर्मियां में ५० डिग्री पूंछ जा हे हर सर्दियाँ में -३. पर भाई इसा शहर हे के किसे का भी जी लाग जा हे आड़े
 
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