बेरी ----- यु कस्बा पहलम रोहतक की एक तहसील होया करदा | आजकाल झाझर जिले की तहसील स | मेरे ख्याल में यु कादयाँना का सब तें बड्डा गाम से | इह के लव धोरे के १०-१२ गाम कादयाँ खाप के सें | आड़े की गाजर पाक अर गाजर का हलवा भोत मशहूर से ,अड्वांश में बुकिंग कराणि पड्या करे नी ते मिले कोणी ,कती देशी घी में बणाया करें इब्बी | मेरी साली ब्याह राखी स आड़े ,ज्यां तें हमने आये साल उड़े की गाजर पाक मिल्या करदी आड़े मुम्बई में | एक ठीक-ठाक बस अड्डा भी स | हस्पताल अर कालेज भी स | आड़े दुनिया का सब तें बड्डा गधयाँ का मेला भर्या करे | (आजकाल ते भारत की संसद में दुनिया के सब तें बड्डे गधे का मेला लागे स )| आड़े एक कोए माता का मंदिर स (हाम ते उह ने मुतनी माता कहया करें ,या एक दूसरी कहानी स )आये साल उड़े मेला भर्या करे अर निरी लुगाइयां की चेन अर बाले टूटट्या करें पर मुतनी माता किहे भी भी गुंडे बदमाश ने किम्मे नि कहन्दी | मेले के दिन निरे नाइ बेठे रहया करें लोग आपणे बालकां के पहली बार बाल तरवान जाया करें ,अर वे आधे बाल काट के ने ५० रपिये मांगलिया करें ,उन् ताहीं भी मुतनी माता किम्मे नि कहन्दी | मेरे ख़याल में जितने बेरी के बानिये विदेशां में बस रे सें उतने बानिये और किस्से गाम में तें विदेश नि जा रे होंगे |