कलानौर ---- यु एक छोटा सा कस्बा स म्हारे गाम तें पांच की,मी. पड़े से | पर स यु भ्यानी आली सड़क पे रोहतक तें भ्यानी जांदी हाण २५ की.मी. होगा | या एक तहसील भी स | आजादी पाछे आड़े निरे रिफूजी आण बसे थे जो इब्बी सें घंखरे | इह कसबे में पहलम कोए मुसलमान जागीर दार होया करदा २००-३०० साल पहलम | वो लव धोरे के गामां में जिह का भी बियाह होंदा उह पे "कोला धुकाई" टेक्स लिया करदा | पहलम कुंए अर गाम का जो भी मान्या होड़ कोला होया करदा (घनखरे ते आपनी हेली या फेर साझली परस का कोला भी धोक लिया करदे ,या रश्म आपने पूर्वजां ताहीं एक तराह का अभिवादन हो स ) | ते जिह का भी बियाह होंदा वो उह के जा के ने टेक्स भर के ने आया करदा | एक बे उह ने किहे लुगाई के बारे में न्यू सुण्या अक वा भोत सुथरी स ,(जिह का बियाह होया था )| वो न्यू बोल्या अक बियाहता ने भी ल्याओ (उह की नियत में खोट था केरा )| ते या बात गाम की पंचायत में उठ गी एक या बात ते और भी गलत स ,यु ते पहलम-तें-ए बियाह का टेक्स लेवन लाग्र्या अर इब्ब लुगाइयां पे भी नीत धरे स | ते और गाम गुहांड भी कट्ठे हो गे अर उह लुगाई के गाम की भी पंचायत आगि | यु फेसला होया अक उह जागीरदार पे हमला कर्या जावेगा रात ने | लव धोरे के चार-पांच गाम अर उह लुगाई के गाम की भी सेना (पहलम हर गाम की आपनी सेनिक टुकड़ी होया करदी ) आण डटी कलानौर तें दो की.मी. दूर म्हारे गाम कानी | सारी सेनिक टुकड़ियां ने रात ने हमला कर दिया कलानौर पे (जब कलानौर में घंखरे मुसलमान रहया करदे )| सारी रात घमासान होया अर कलानौर की ईंट तें ईंट बजा दी गई | वो मुसलमान जागीरदार अर उह का सारा कुनबा अर उह की पूरी फौज मारी गई | अर जब पाछे किहे भी जागीरदार की हिम्मत नहीं होई अक कोला धुकाई टेक्स ले सके | इस लड़ाई पाछे म्हारे गाम की सेना भोत मशहूर होई थी अर दूर-दूर ताहीं मुस्किल के बखत सहायता खातर बुलाई जाया करदी | जित रात ने या सेना रुकी थी अर हमले की पलानिंग करी थी ,वा थां उह लुगाई के पीहर आल्याँ ताहीं इनाम सवरूप दे दी गई | आज उड़े एक छोटा सा गाम बस रया स जिह ने "गढ़ टेकणा " कहया करें | अकबर का जन्म भी कलानौर में होया था पर यु कलानौर था अक एक पंजाब में भी स वो था बेरा ना |