Haryanvi Paheliyaan (Part 1)

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@ ravinder ji ... aap te to ummed la rahe thee hum .. ki chalo shayad aap ne to bera pavega ..

मन्ने सोची थी पर वा मानसिक थी ,भोतिक नहीं थी |ज्युकर :- आ-ली थी ते ,एक की-लो थी ( यानी पति की लो पत्नी )
सुखी थी ते ,दो की-लो थी ( यानी पति और पत्नी का एक दुसरे के प्रति समर्पण की लो )
जल गई ते तीन की- लो थी ( यानी मरने के बाद पत्नी के पति और दो बच्चों के लिए लो का होना )
 
मन्ने सोची थी पर वा मानसिक थी ,भोतिक नहीं थी |ज्युकर :- आ-ली थी ते ,एक की-लो थी ( यानी पति की लो पत्नी )
सुखी थी ते ,दो की-लो थी ( यानी पति और पत्नी का एक दुसरे के प्रति समर्पण की लो )
जल गई ते तीन की- लो थी ( यानी मरने के बाद पत्नी के पति और दो बच्चों के लिए लो का होना )

kya baat h ji .. aap ki soch k ghode to kafi dodte h ....

baki ji ...google devta ki ghani -e- shayta lee.... ek do jagah is ka answer Sulphur Diya hua h ..
 
मन्ने सोची थी पर वा मानसिक थी ,भोतिक नहीं थी |ज्युकर :- आ-ली थी ते ,एक की-लो थी ( यानी पति की लो पत्नी )
सुखी थी ते ,दो की-लो थी ( यानी पति और पत्नी का एक दुसरे के प्रति समर्पण की लो )
जल गई ते तीन की- लो थी ( यानी मरने के बाद पत्नी के पति और दो बच्चों के लिए लो का होना )

Super Fantastic Imagination
 
बिना चानने दीखे ,
दीखे आँख मींच ,
केरा के खुवा दे,
बेशक जाब्डा भींच |


बताओ के ?
 
ढेरा (काला) लींख (धोली)


सही जबाब रमा तेरे ताहीं ढेरे मारण की दुआई की एक शीशी इनाम में | कीड़ी भी हो सके स इह का दुसरा जबाब |
 
या बादल की बोल ,
या किहे की लोड,
दीखाँ तू बता दे ,
होगया ओड-जोड़ |




बताओ के ?
 
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