Haryanvi Paheliyaan (Part 1)

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[h=6]काला बलध कलासिया,
महल तले के जा ,
बारा नाथ घाल ली ,
फेर भी अरडान्दा जा |
बताओ के ?
[/h]
 
.

दो सिपाही लड़ते जां

इमली के पत्ते झड़ते जां


बताओ के?

.
 
काला बलध कलासिया,
महल तले के जा ,
बारा नाथ घाल ली ,
फेर भी अरडान्दा जा |
बताओ के ?

दुबारा छाप्या होड़ स ,पुन्झडी लावां के ?
 
.

दो सिपाही लड़ते जां

इमली के पत्ते झड़ते जां


बताओ के?

.


गंडासे की बजाय केंची सही हो से इह का जबाब ,इब्ब देशवाल सर भी पुन्झड़ी लुवाण आला काम करण लागे |
 
यारां का स यार यु ,
तेरी खातर जान भी दे-दे ,
बस चाहवे से माड़ा सा प्यार यु |


बताओ के ?
 
pher kuch to saaf saaf batao, nu na bera laage, nu to kuch bhi ho sake hai,
paheli e saaf saaf na h


साबण दे दयूं साफ़-करण खातर !!!!!!
​ यु माणस की गेल खेताँ में जाया करे | अर रुखी-सुखी खाया करे |
 
ताता सुभा ,ताता गात ,
सुथरा हो चाहे हो भुंडा ,
माड़ी सी वार में कर्दयुं राख |




बताओ के ??
 
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