Haryanvi Paheliyaan (Part 1)

Status
Not open for further replies.
याद आगि मेरे, बैल-गाडी नै जोडन ताहीं तो कुछ और होए करे जो बलध की गर्दन पै धरया जा है



उह ने जुआ कहया करें | अर जो जेवडी बल्धां के गले में गेरया करें जोडें पाछे उन् ने जोत कहया करें | एक मुहावरा भी स _ क्यूँ "जोत तुडान" ने होर्या स | कोए भाज्या जांदा हो ते न्यू कह दिया करें "कित "जोत तुडायें" भाजा जावे स |
 
याद आगि मेरे, बैल-गाडी नै जोडन ताहीं तो कुछ और होए करे जो बलध की गर्दन पै धरया जा है

जो बुलध की गर्दन पै धर्या जावै सै, उसनै "जूआ" कहया करैं। और जूए पर फिट करी ओड़ दो एक-एक फुट लाम्बी लाकड़ी (बुलध की नाड़ या गर्दन की दोनूं ओड़) हों सैं, उन्हैं "सिलम" कहया करते। आजकल तै बुलध गाड्डी खतम सी हो ग्यी सैं - खासकर दिल्ली के आस-पास आळे इलाके में।

.
 
जो बुलध की गर्दन पै धर्या जावै सै, उसनै "जूआ" कहया करैं। और जूए पर फिट करी ओड़ दो एक-एक फुट लाम्बी लाकड़ी (बुलध की नाड़ या गर्दन की दोनूं ओड़) हों सैं, उन्हैं "सिलम" कहया करते। आजकल तै बुलध गाड्डी खतम सी हो ग्यी सैं - खासकर दिल्ली के आस-पास आळे इलाके में।

.

घणी जट्टू काट दी देशवाल जी ,बेरा ना इनके किम्मे पल्ले पडेगा भी अक नि |
 
घणी जट्टू काट दी देशवाल जी ,बेरा ना इनके किम्मे पल्ले पडेगा भी अक नि |

इब आगी समझ मै सारी, डही भी, जुआ भी, जोत भी !
और देसवाल अंकल जी आज की ख़तम ना हो री ये बैलगाड़ी,
मन्ने तो कद्दे छोटी सी नै भी देखि ऐ नहीं अपने गाम मै!
कितनी सारी बातां का हड़े आके ऐ बेरा पाट्टे है !
 
बोये दाणे,जाम्मे झाड ,
लागे नीम्बू ,खीले अनार |

बताओ के ?

र कोए स के बतानिया ,कोए कोशिश भी कोणी करदा |ना ते फेर हार गे .....पुचकार गे ........कहो
 
बोये दाणे,जाम्मे झाड ,
लागे नीम्बू ,खीले अनार |

बताओ के ?

र कोए स के बतानिया ,कोए कोशिश भी कोणी करदा |ना ते फेर हार गे .....पुचकार गे ........कहो

Aakh ka ped.................!!
 
Last edited:
छोटी सी कोठी ,
कोठी में दाणे ,
ना ते भुन्दने,
ना पीस के खाणे ||


बताओ के ?
 
Burshaat bi tai haryanwi shabad sai!!
कुडत़ा कहया करें इहने जट्टू में | आया स अंग्रेज | सही जबाब पट्रोल ,तेरे ताहीं एक बट्टन इनाम में |
 
धोला स ,पर दूध नहीं ,
बल खावे ,पर नाग नहीं ,
गरजे स ,पर बादल नहीं ||


बताओ के ?
 
Status
Not open for further replies.
Back
Top