तख्ती - मुलतानी मिट्टी से तख्ती को पोतना

तख्ती - मुलतानी मिट्टी से तख्ती को पोतना

bhayio s k yaad thamne..takhti
shayi ki dwaat..
kalam..
salet..
 
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सलेट पै लिक्खण ताहीं एक लाम्बा सा 'चाक' हुया करता (धौले रंग का - पिलसण जिसा।) उसनै 'सलेटी पिलशण' या सिर्फ 'सलेटी' कहया करते। कई बाळकां नै तै सलेटी घणी स्वाद लाग्या करती - उसनै सारै दिन चाबते रहया करते, ज्यूकर छोटे बाळक माटी खाया करैं ।


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सलेट पै लिक्खण ताहीं एक लाम्बा सा 'चाक' हुया करता (धौले रंग का - पिलसण जिसा।) उसनै 'सलेटी पिलशण' या सिर्फ 'सलेटी' कहया करते। कई बाळकां नै तै सलेटी घणी स्वाद लाग्या करती - उसनै सारै दिन चाबते रहया करते, ज्यूकर छोटे बाळक माटी खाया करैं ।


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Hmm DND ji haam to us ne BITTI kahya karte ... bhaut khaiii wo bhi ek nyara hi swaad thaa ...
 
सही कही देसवाल साहब, उं त खाण की चीज़ ना थी पर स्वाद लाग्या करती | अर तफरी में तख्ती पोतना भी एक कला हुया करती | जय किसे बालक त लड़ाई हो ज्या त वा तख्ती हथियार का काम भी करया करती | मास्टर जी जै डंडा लयाना भूल ज्यांते त तख्ती बालकां के पीटन ताहीं काम में ल्याया करते | कलम भी दो तरियां की हुया करती | सरुये/पोरुवे की अर नेजे की | नेजे आली कलम भी हथियार का काम कर दिया करती |
 
सही कही देसवाल साहब, उं त खाण की चीज़ ना थी पर स्वाद लाग्या करती | अर तफरी में तख्ती पोतना भी एक कला हुया करती | जय किसे बालक त लड़ाई हो ज्या त वा तख्ती हथियार का काम भी करया करती | मास्टर जी जै डंडा लयाना भूल ज्यांते त तख्ती बालकां के पीटन ताहीं काम में ल्याया करते | कलम भी दो तरियां की हुया करती | सरुये/पोरुवे की अर नेजे की | नेजे आली कलम भी हथियार का काम कर दिया करती |

में और बालकां ते ३-४ साल छोट्टा था म्हारी क्लास में ज्यां तें उन् गेल्याँ हांगे में ते जीत कोणी सकूँ था | ते लड़दी हाण ये नेजे की कलम ,अर वो जोमेटरी बॉक्स में आया करदा दो सिंगड़ आला डीवाईडर घोप दिया करदा | ज्यां ते कदे किहे लड़ाई में, में हारया कोणी कदे |
 
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सलेट पै लिक्खण ताहीं एक लाम्बा सा 'चाक' हुया करता (धौले रंग का - पिलसण जिसा।) उसनै 'सलेटी पिलशण' या सिर्फ 'सलेटी' कहया करते। कई बाळकां नै तै सलेटी घणी स्वाद लाग्या करती - उसनै सारै दिन चाबते रहया करते, ज्यूकर छोटे बाळक माटी खाया करैं ।


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Calcium ki kami ke kaaran बच्चे सलेटी या फिर मिटी खाने लग जाते हैं
swad bhi eesliye hi lagti thhi
 
म्हारे गाम मा के रेल जाया करे,होड़े कोयले पा जाया करदे उनकी की भी पिस के सयाही बना लिया करदे,अर्र ऊं ते पुडिया बी आया करदी..कई बार लिखाण के घनी तावल के चक्कर में कलम दावत में एकदम फस जाती अर्र सारी स्याही घिंद जाया करती..भोत बालकांक रींट बड़ा आया करता लिखते हाणी ,बेचारे कोशिश ते करते समान की पर टपक इ जाया करदी कापी पे के तख्ती पे..हम स्कूल में ते आते ते रा में धोरा पड्या करता जिसमे ते एक बगल के खेत में पानी जाया करता..सारे बालक उसमे तख्ती धोया करदे...जिस तख्ती में गांठ ज्यादा होती वा ना लिया करते, क्यूँ वा लड़ते हाणी जल्दी पाट जाया करती..


बावलों आपण ते नुये परेशान होरे सां, वे धोरे , तख्ती अर्र स्याही ना आवें वापिस इब..
 
म्हारे गाम मा के रेल जाया करे,होड़े कोयले पा जाया करदे उनकी की भी पिस के सयाही बना लिया करदे,अर्र ऊं ते पुडिया बी आया करदी..कई बार लिखाण के घनी तावल के चक्कर में कलम दावत में एकदम फस जाती अर्र सारी स्याही घिंद जाया करती..भोत बालकांक रींट बड़ा आया करता लिखते हाणी ,बेचारे कोशिश ते करते समान की पर टपक इ जाया करदी कापी पे के तख्ती पे..हम स्कूल में ते आते ते रा में धोरा पड्या करता जिसमे ते एक बगल के खेत में पानी जाया करता..सारे बालक उसमे तख्ती धोया करदे...जिस तख्ती में गांठ ज्यादा होती वा ना लिया करते, क्यूँ वा लड़ते हाणी जल्दी पाट जाया करती..


बावलों आपण ते नुये परेशान होरे सां, वे धोरे , तख्ती अर्र स्याही ना आवें वापिस इब..

Woh Sab aaye ya na aaye, par yaad abhi baki hai.

Kores ki tikiya for blue ink.
Rajroshnai ki pudia for black ink. Super quality of ink, aikdam chamkdar ink, reflection from black color.

ooske baad quality khatam hoti chali gayee aur maloom nahi kaun kaun se brand bazar mei aage. Naa quality rahi aur na ink banane mein interest raha.

INK me chamak laane ke liye kitni sari cheej milate thhe jaise Desi kikar ka gond aur koi koi toh GUUD mila deta thha.
 
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नेज्जे की कलम स्याही में भे कै तकती पै लिक्खण का न्यारा ए मजा था। नेज्जे की कलम तैं लिक्खण तैं लिखाई इसी सुथरी आया करती ज्युकर प्रिंटिग प्रैस में छप्या ओड़ पोस्टर! मास्टर न्यूं कहया करते अक जिसने आपना लेख (handwriting) सुधारना सै वे तकती पै प्रैक्टिस करैं! तकती पै सुलेख लिखण के न्यारे नम्बर दे दिया करते मास्टर। जिस हरफ (शब्द) की spelling बाळक गलत लिखते, उन ताहीं या-ए सजा थी अक उसनै तकती पै 15-20 बै लिख कै दिखाओ।

आजकल तै पहली क्लास में ऐं बाळकां ताहीं कापी अर पैंसिल/बाल-पैन पकड़ा दें सैं, फिर उनका सुलेख क्यूकर आच्छ्या बणै?

एक बात और - तकती की पुताई 'मुलतानी' माटी तैं करणी पड़्या करती। सारे बाळक आपणे झोळे (school bag) में मुलतानी की टिक्की भी राख्या करते - कई तै उसनै खाया भी करते!
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सलेट पै लिक्खण ताहीं एक लाम्बा सा 'चाक' हुया करता (धौले रंग का - पिलसण जिसा।) उसनै 'सलेटी पिलशण' या सिर्फ 'सलेटी' कहया करते। कई बाळकां नै तै सलेटी घणी स्वाद लाग्या करती - उसनै सारै दिन चाबते रहया करते, ज्यूकर छोटे बाळक माटी खाया करैं ।

Deswal ji, Bhiwani side me us chalk ko 'BURTA' kahya karate. Takhti potane ke liye multani; baad mein sarkande se bani kalam roshnai ki kali shyahi ka pryog kaun bhoola sakata hai.
 
Deshwal ji bilkul sahi kha likhai sudhar jaya karti takhti pe likhne te. Eb yo ball pen likhayi ka kti satyanash tha rakha se. mari class ke sare balak addhi chhuti mein ek nali jaya karti school dhore ke uski hodi pe takhti pochya karte.
bachman mein pahli te panchvi tak mere pitaji hamari class ke teacher the ,wo bahut pita karde hamne , hum sare kya karde meri takhti sukhiyo ,yo master mariyo ,bachpan ki yaden taja hogi es thread kes sath........................
but now i realize ki mere pitaji sahi the jo pita karde ,ek layak bange jindgi mein ....................
 
एक और चीज याद आगी
सलेट भरे पाछे , उसने साफ करया करते
उसपे थूक के अंगली या थेली फेर दिया करते



मनमोहन के वित्त मंत्री बने पाछे ये सब बंद होगया
तो सन 85 -86 के बाद की जन्म तिथि आला ने ये सब म्यूज़ियम मे ही दीखाई दे सके है
 
Can someone describe "नेजे/नेज्जे कलम". Is it a regular kalam of some special wood or localized name for 'nib & nib holder', mostly used for writing English alphabets for starter
 
सही कही देसवाल साहब, उं त खाण की चीज़ ना थी पर स्वाद लाग्या करती | अर तफरी में तख्ती पोतना भी एक कला हुया करती | जय किसे बालक त लड़ाई हो ज्या त वा तख्ती हथियार का काम भी करया करती | मास्टर जी जै डंडा लयाना भूल ज्यांते त तख्ती बालकां के पीटन ताहीं काम में ल्याया करते | कलम भी दो तरियां की हुया करती | सरुये/पोरुवे की अर नेजे की | नेजे आली कलम भी हथियार का काम कर दिया करती |

aur ek pudiya mila karti syahi banan khater.....dawat me thoda sa pani ger k va pudiya ghola karte.

interval me pehla to takhtii ne pani te dhoya karte aur fer usper multani laga k sukhaya karte (sukhati han b kimme lines si bola karte per ebb yaad koni).

aur je kissi gel ladai hoya karti to takhtii e kaam aaya karti,ghani to takhti nue toota karti ladai me.

Takhtii pe likhan khater ek kalam hoya karti jo jhoonda (mare kani jhoonde bola kare) me jo sarvee hoya karte uste bana karti.
 
म्हारे गाम मा के रेल जाया करे,होड़े कोयले पा जाया करदे उनकी की भी पिस के सयाही बना लिया करदे,अर्र ऊं ते पुडिया बी आया करदी..कई बार लिखाण के घनी तावल के चक्कर में कलम दावत में एकदम फस जाती अर्र सारी स्याही घिंद जाया करती..भोत बालकांक रींट बड़ा आया करता लिखते हाणी ,बेचारे कोशिश ते करते समान की पर टपक इ जाया करदी कापी पे के तख्ती पे..हम स्कूल में ते आते ते रा में धोरा पड्या करता जिसमे ते एक बगल के खेत में पानी जाया करता..सारे बालक उसमे तख्ती धोया करदे...जिस तख्ती में गांठ ज्यादा होती वा ना लिया करते, क्यूँ वा लड़ते हाणी जल्दी पाट जाया करती..


बावलों आपण ते नुये परेशान होरे सां, वे धोरे , तख्ती अर्र स्याही ना आवें वापिस इब..

kade temm lage to taand pe chadd k dekhiye kitte to pa jagi.....

pichle saal gaam me gaya to mane dekhi meri takhtii.......chacha aala chorra bet-bol khele tha us gail
 
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