ल्भ्क-लितरा

आज की काण दी स, "भारती मालिक सिन्धु"

correction..
मलिक--malik.. :)


 
आज की काण दी स, "भारती मालिक सिन्धु"

correction..
मलिक--malik.. :)

यु "मलिक" आउट ऑफ़ कंट्रोल होर्या स ,कदे मालिक हो जा स ,कदे घणा बड्डा हो जा स ,कदे घणा छोट्टा हो जा स ,कदे काला घणा | इह मलिक के गोला-लाठ्ठी देणी पड़ेगी |

 
[/color][/b][/color][/color][/b][/color][/b][/color][/color][/b]यु "मलिक" आउट ऑफ़ कंट्रोल होर्या स ,कदे मालिक हो जा स ,कदे घणा बड्डा हो जा स ,कदे घणा छोट्टा हो जा स ,कदे काला घणा | इह मलिक के गोला-लाठ्ठी देणी पड़ेगी |




आज की काण दी स, "भारती मलिक सिन्धु" के :-


Great...
:applause::applause::applause::applause:

 
ल्भ्क-लितरा


आज की काण दी स , "दयानंद देशवाल जी " के :-









http://www.jatland.com/forums/member.php?6008-dndeswal




चोखा, रवीन्द्र, सब का लम्बर ला दिया - मैं कई दिन तैं बाट देखूं था अक मेरी तै काण आई ए ना! ईब तै आ-कै उतर भी गई!


.
 
ल्भ्क-लितरा

आज काण दी स "डा.कर्मेंदर सिंह " के :-
फोटू ----
ते साच्चा-ए होगा ,ना ते इससे सुई खाए होड़ का कुण लावेगा आपणी थां पे |
लोगिन ----
लोग-इन भी साच्चा-ए स ,अक यु सारी हाण दंदां की रुखाल पे टिप देयें जाया करे |
उद्घोषणा -----
We judge ourselves by what we feel capable of doing,
बात ते भाई तेरी सही स , जा खुद पे भरोषा ना होवेगा ते फेर दंदां ने क्यूकर पाड़ेगा ,फेर ते बस मुंह ने-ए पाडेगा |
while others judge us by what we have already done .
या बात भी सही स ,जब मनमोहन ने देश का स्त्त्यानाश कर लिया जिब्बे तो हाम उहने जज कर पाए |[FONT=Verdana][FONT=Arial][SIZE=3]
[/SIZE]
[COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B]कार्यकलाप
----
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[/FONT][FONT=Arial][FONT=Tahoma][/FONT][/FONT]
[/B][FONT=Tahoma]पहलम ते रोज गेडा मार्या करदा पर इब्ब सी ते घणा कम आवे स ,लिखे भी कम स | पर जो भी यु लिखा करे कती एक नंबर की बात कर्या करे भाई | इहने पहला ग्रामौध्योग इंजन के बगाए होड़ कोल्ले कूट के ने उन् तें श्याही बणाण का लाया था ,जिब्बे इनके घरक्याँ ने बेरा पाट गा था अक यु किम्मे-ना-किम्मे खोदण -पाडन का काम जरूर करेगा अर देख ल्यो भाई ,यु इब्ब मुंह में बड के ने खोदा -पाड़ी करे स | यु छोट्टा था जब मेन्ह्स ने पाणि पयान जांदा जोहड़ पे ते आधी मेन्ह्स ने ते उड़े-ए चुंघा लाया करदा ,फेर इनके घरक्याँ ने इह का दूध बंद कर दिया ,अर इह के हिस्से में बस शीत आया करदा ज्यां तें इह्के बस शीत पसंद स | थोड़े दिन पहलम दिल्ली किहे रिटार्ड कर्नल /ब्र्गेडियर की छोरी देखण चल्या गया | पहलम ते वो मुछड़ फौजी अफसर इहने देख के [B][B][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][COLOR=#000000][FONT=Verdana][FONT=Arial][I][I][I][I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][/FONT][/B][/B]ने बिदक गया | इह ताहीं बोल्या "मूंछ नहीं तो कुछ नहीं "| फेर इह की देहि पे चुम्बक फेर्या ,पर किम्मे नि लिकडया | फेर बिदक गया अर न्यू बोल्या "हम साला गलत नहीं हो सकता ,तुम डाकटर हो कर भी ,तुमाहरे अन्दर कोई कमी जरूर हे ,बाई द वे ,तुमारा फादर क्या करता हे "| कर्मेंदर बोल्या अंग्रेजी में "सर माई फादर वाज एन.सी.ओ. एंड वरक्ड विद फलां-फलां रेजिमेंट "|कर्नल --"हाँ अभी समझ में आया ,एक अन.सी.ओ. का लड़का डाकटर केसे हो सकता हे ,हाउ डिसग्रेसिंग |हमारा लड़की किसी अन.सी.ओ. के लड़के के साथ शादी नहीं बनाएगा ,अदर्वाइज,वि.विल बिकम फालन जट्स "|कर्मेंदर के आगे धरी होड़ आधी पी होड़ चाह भी ठा ली मरे बट्टे ने | कोए ना आपणा कर्मेंदर आंडी बालक स ,उह दिन हान्संन लाग्या था अर आज ताहीं हँसे से | इब्ब सोनीपत [FONT=Arial][FONT=Tahoma][/FONT][/FONT]कानी की छोरी देख राखी स ,पर बेरा ना कद ब्याह्वेंगे इहने ,कोए भरोषा ना स ,बोल-चुपाका बियाह भी कर लिया हो चोमाश्यां में | पर एक मेरे बात समझ में ना आई ,अक ये रिवाड़ी ,भयाणी ,हिस्सार आले पहलम ते सोनीपत रोहतक में बियाह करवा लेवें अर फेर इन् ने उत बतावें ,कईयाँ ने ते इतना डर लागे स अक आजकाल आपणा जिला -ए सोनीपत बताणा शुरू कर दिया | कर्मेंदर भाई का एक तागा भोत बढ़िया चाल्या था जिह में ओरल हैज्निक अर दंदां की रुखाल के टिप्स दिया करदा | इह के तागे तें हामने बेरा पाटट्या अक बतीश दांद होवें सें अर बत्तीश -ए ढाल के दंदां के डाक्टर भी होवें सें |फेर एक लुगाई (कहणा राकेश सहरावत का "डेट एक्सपायर होई होड़ ") इह की गेल्याँ फःह गी थी , फेर जब पाछे इहने फ्री अड़वाइज देणी बंद कर दी | फोजियाँ के दांद मुफ्त में पाड्या करे ,चाहे कोए लोभ में आके ने सारे पडवा ल्यो |[/FONT][/FONT]
[/COLOR][/COLOR][/COLOR][/FONT][/I][/I][/I][/I][/I][/FONT][/FONT][/COLOR][/FONT][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित |[/FONT][/FONT][/FONT]


http://www.jatland.com/forums/member.php?34252-drkarminder
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Last edited:
ल्भ्क-लितरा

आज काण दी स "दीपक मलिक " के :-
फोटू ---- इससे माणस में जरूर कोए एब होया करे जो आपणा फोटू ना छाप्पे ,मन्ने इसा लागे स अक इह की एक आँख रामदेव की ढाल माड़ी-माड़ी वार में गोते मारे से ज्यां तें यु फोटू ना छाप्दा
|
लोगिन ----
लोग-इन भी साच्चा-ए स ,पर लोग- इन् में नाम की गेल एक क्यूँ ला राख्या स ? मन्ने इस्सा लागे स अक इह ने एक क्लब बणाया था "मलिक जाट्स"उह में कोए भी मेंबर ना बन्या ,अर एक भी डाक (पोस्ट) ना आई ,ज्यां तें यु दुखी होन्दा एक्ला-ए नाम की गेल एक लिखे स |
उद्घोषणा -----
जाट करै ना दोस्ती,आपां तेरी या बात नि मानदे भाई ,जाट ते सब तें दोस्ती कर्या करे ,एक जाट की दोस्ती हजार फोजियाँ तें भी घनी सुरक्सा दिया करे इस्सा लोग मान्नें सें |
जाट करै ना प्यार,
या भी बात गलत स ,जाट का प्यार देखणा स ते विशाल ढिल्लों ( प्यार -इशक ) के तागे में जा के ने देख ले ,अक जाट क्यूकर प्यार कर्या करें |
जो साचा इंसान हो,वो-ए इसका यार ।
या बात सही स ,जाट साच्चे इंसान तें-ए यारी कर्या करे ,ज्यां तें-ए ये भामण-बानिये-भाप्पे जट्टां तें चिडया करें |सच्चाई उनमे स नहीं ते जाट तें यारी भी कोणी |
चुगलखोर और दुतेड़े दुश्मन इनके खास चाहे पायां पड़े रहो,कोन्यां आवैं रास ऊपर तैं जणूं पथर हो|

या बात भी कटी ठीक स |बतीस आने |
इसकी माया न्यारी सै,यो लाम्बी करै उडार जो साचा इंसान हो,वो-ए इसका यार|

[FONT=Tahoma, Calibri, Verdana, Geneva, sans-serif]इसकी माया ने ते बस नीलम दलाल -ए समझ सके से ,वा पि.अच्.डी.करेगी जाट की माया पे | लांबी उडार ते तू भी लेगा भाई ,इतनी छोट्टी सी उम्र में सत्तर घाट का पाणी पी लिया |[/FONT]
[FONT=Tahoma, Calibri, Verdana, Geneva, sans-serif]( इह तें बड्डा सिग्नेचर जाटलैंड पे किहे का भी कोन्या ,ऊँ भी आगे लिखण खातर इह के बारे में किम्मे भी कोन्या ,बस काण तारणी से ,ज्यां तें किम्मे ना किम्मे ते लिखणा पडेगा )
कार्यकलाप ---- कार्यकलाप आगले के किम्मे भी कोन्या ,के लिखूं ,रोज आड़े एक गेडा मार दे स अर खा के ने आपणी रुखी-सुखी , नौकरी पीटें जावे स | या भी मन्ने इह के काण न्यू देणी पड़ी अक इह ने मेरे काण दे राखी स ,अर वा इब्ब ताहीं उतरी ना थी | मन्ने रोज रात ने एक सुप्णा आया करदा ,उह में कोए ना दीख्दा ,पर एक छायाँ दीख्या करदी ,अक मन्ने तेरे काण दी, अर इस्सा स ते तार के दिखा ,अर मेरी आँख फडक्या करदी ,आज जब लिखण लाग्या जिब्बे आँख फडकणी बंद होई स | इह में कोए कमी मन्ने ते लागी कोणी ,कती आंडी माणस स ,यारां का यार ,बस एक-ए कमी स ,म्हारी म्हारी गाल के एक उह बुड्ढा की ढाल ,उह बुड्ढे की आदत थी , वो बालकां ने आपस में लड़ा दिया करदा , झूठ बोल के ने ,अर फेर जब उन् बालकां की माँ आंदी, अर वे आपस में लड्दी, ते बुड्ढा सुवाद लेन्दा (बिना टकट की फिलम थी उह की ) ते दीपक भाई भी किहे हो के आंगली ला देवे स , अर फेर उह तागे में सुवाद लिया करे ,जब उपरा तली की पोस्ट आवें फडकती-धधकती ,अर बीचाले फेर माड़ा सा घी भी गेर दिया करे , जब गर्मी कम हो जा ते | या इह की आदत इब्ब तें कोन्या ,जब यु सकूल में पढ्या करदा ,ते बालकां ने सकूल तें बँक मरवाया करदा ,अर रोहतक के पुलिस गरौंड में किरकेट खीलान्दा , अर फेर उन् ने न्यू कहंदा अक मन्ने थारे ताहीं निरे मजे दिए , तम इब्ब मन्ने सोम के समोसे खुवावो | इह के सोम के समोसे इब्ब ताहीं याद सें ,इह के के ? मेरे भी याद सें ,मुंह में पांणी भर जा से वे समोसे याद कर के ने |इह ने कई बे आपणे कई दोस्त पीट्वाये भी ,इस्से चक्कर में उनके बाबुआं पे ,अर फेर मास्टराँ पे ,यु आप बच जाया करदा ,माफ़ी का गवाह बन के ने | यु न्यू समझ ल्यो अक अनिल सांगवान का लघु रूप स
[COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]|[/FONT][/FONT]
[I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित |[/I][/I][/FONT][/FONT][/FONT]
[/COLOR][/COLOR][/COLOR]http://www.jatland.com/forums/member.php?19392-malikdeepak1
[/FONT]
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ल्भ्क-लितरा

[I][I][I][FONT=verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=arial][FONT=tahoma]पर एक मेरे बात समझ में ना आई ,अक ये रिवाड़ी ,भयाणी ,हिस्सार आले पहलम ते सोनीपत रोहतक में बियाह करवा लेवें अर फेर इन् ने उत बतावें ,कईयाँ ने ते इतना डर लागे स [/I][/I][/I][/FONT][/FONT][/FONT]अक आजकाल आपणा जिला -ए सोनीपत बताणा शुरू कर दिया | [COLOR=#000000][COLOR=#000000]

[COLOR=#000000][FONT=arial][B][B][B][URL]http://www.jatland.com/forums/member.php?34252-drkarminder[/URL]
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[/B]रविंदरजीत, ग़ालिब जिन्दा होता तो शायद कुछ यों तुकबंदी किये बगैर नहीं रहता :

ये डर नहीं मोहब्बत है ग़ालिब, जो खींच लाती है हमें बारहा,
गर ना होती फिजाओं में रंगीनी क्यों आते हम यहाँ
यहाँ की तो हर दरो दीवार से होता है ससुराल का एहसास
ना बनाते हम यहाँ आशियाना, गर ना होता हमें वफ़ा का पास
गर ना होती नज़रे-इनायत बागबाँ-ऐ-चमन-ऐ-सोनीपत ओ बहारों की [COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][B]
[COLOR=#000000][FONT=arial]ना खिलते ग़ुलाब रेगज़ार-ऐ-भिवानी में ना संवरती ज़िन्दगी कुंवारों की [/FONT]

[FONT=arial]लगती है यहाँ की हर चीज़ अपनी सी, सोने के जेवर सी,[/FONT]
[FONT=arial]गाली भी लगती है यहाँ की चुटकी साली की और मीठी घेवर सी i [/FONT]
[FONT=arial]इतने भी हम बेवफा नहीं के दिल लगा कर चल दे मुहं मोड़ कर,[/FONT]
[FONT=arial]राशन कार्ड भी बन गया अब कौन जाये ग़ालिब, सोनीपत की गलियाँ छोड़कर i [/FONT]
[COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][B][B][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][COLOR=#000000][COLOR=#000000]

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रविंदरजीत, ग़ालिब जिन्दा होता तो शायद कुछ यों तुकबंदी किये बगैर नहीं रहता :

ये डर नहीं मोहब्बत है ग़ालिब, जो खींच लाती है हमें बारहा,
गर ना होती फिजाओं में रंगीनी क्यों आते हम यहाँ
यहाँ की तो हर दरो दीवार से होता है ससुराल का एहसास
ना बनाते हम यहाँ आशियाना, गर ना होता हमें वफ़ा का पास
गर ना होती नज़रे-इनायत बागबाँ-ऐ-चमन-ऐ-सोनीपत ओ बहारों की [COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][COLOR=#000000][B][B]
[COLOR=#000000][FONT=arial]ना खिलते ग़ुलाब रेगज़ार-ऐ-भिवानी में ना संवरती ज़िन्दगी कुंवारों की [/FONT]

[FONT=arial]लगती है यहाँ की हर चीज़ अपनी सी, सोने के जेवर सी,[/FONT]
[FONT=arial]गाली भी लगती है यहाँ की चुटकी साली की और मीठी घेवर सी i [/FONT]
[FONT=arial]इतने भी हम बेवफा नहीं के दिल लगा कर चल दे मुहं मोड़ कर,[/FONT]
[FONT=arial]राशन कार्ड भी बन गया अब कौन जाये ग़ालिब, सोनीपत की गलियाँ छोड़कर i [/FONT]
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wah sir ji katti dhuma tha diya..................bahut badiya

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ल्भ्क-लितरा

आज काण दी स "दीपक मलिक " के :-


तार दिया भाईसाब मेरा बक्कल सा | इब मन्ने भी तारनी पड़ेगी अपनी काण |

या काण लीले की थी भाईसाब| लागे से छोरे के इब ताई चिपट रहे से ओफ्फ्शोर आले !
 
या तारी मन्ने अपनी काण :

आज की काण "प्रवीण बजाड़" की :

फोटू : फोटू तो भाई का इस्सा से जणू काटडा म्हेंस चूंग गया हो ! न्याड जमा काग बरगी ले रहया से | मुह इसा बनाये बैठ्या से जणू लेकष्ण हार रहया हो| एक ख़ास बात से ईह्की - कदे हवा में ना उड़ जा, ज्या मारे दो कमीज आर दो पैंट पहरया करे| :cool:

लोगिन : लोगिन तो साचा से भाई का जमा अपने फोटू की ढाल |

सिग्नेचर : सिग्नेचर के नाम पे कीमे नहीं लिख रहया भाई | न्यू कहवे से अक अक मेरा ताऊ आड़े गेडा मारता रहया करे आर जे उसने कीमे लिख्या होड़ पढ़ लिया तो मेरा पाछा समार देगा | :triumphant: मखा बावले भाई २-२ पैंट पहर के भी तूत की काम्चिया ते डरे तू !:singing:

कार्यकलाप : JL पे कदे-कदाऊ गेडा मार्या करे | आवेगा जब भी, एक सुरसुरी सी छोड़ के नरेंदर मोदी पे आर गोली हो लेगा | गूगल पे टोह-टोह के लिंक चेपे जा है | रिसर्च में जान का यो ऐ नुक्श्यान होया करे अक मानस सीधी-पाधरी चीज में भी भीतर ताई बड के कीमे हो टोहन लाग जाया करे | उन सीधा-पाधरा से जमा छोरा| कदे किसे गेल फेहया नहीं देख लिया इब ताई |

पढ़न में छोरा पूरा हुश्यार से | IISC ते पि एच डी करे से भौतिक विज्ञान में | छोरे का मिशन से न्यूटन की थ्योरी फैल करना | ज्या मारे भौतिकी में सींग फसा रहया से | आर इस रिसर्च के चक्कर में इसा फस रहया से भाई अक रोटी खान का भी टेम नहीं छोरे नै| अमरीका ताई जा आया पर गात में फरक नहीं लाग्या छोरे के | बता उड़े के इसका ताऊ कामची लिए गेल खंदाया था ईह्के घर आल्या ने | कदे हंसता भी नहीं देख्या भाई हमने यु | लागे से गाईड घना सख्त फस रहया से भाई के| जाट होके बोतू सा मुह बनाना को आछी बात ते से नहीं भाई प्रवीण | आर जे गाईड घना दुखी करता हो तो बता दिए भाई| आड़े म्हारे धोरे इसा मानस से जो दुखी करणिया ने पाधरे बना दिया करे| :singing:

और तो इब के लिखू| थोड़े लिखे ने घना समझियो | बाकि तम समझ तो गए होगे!! ;)

http://www.jatland.com/forums/member.php?25906-bazardparveen
 
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रविंदरजीत, ग़ालिब जिन्दा होता तो शायद कुछ यों तुकबंदी किये बगैर नहीं रहता :

ये डर नहीं मोहब्बत है ग़ालिब, जो खींच लाती है हमें बारहा,
गर ना होती फिजाओं में रंगीनी क्यों आते हम यहाँ
यहाँ की तो हर दरो दीवार से होता है ससुराल का एहसास
ना बनाते हम यहाँ आशियाना, गर ना होता हमें वफ़ा का पास
गर ना होती नज़रे-इनायत बागबाँ-ऐ-चमन-ऐ-सोनीपत ओ बहारों की [color=#000000][color=#000000][b][color=#000000][color=#000000][color=#000000][color=#000000][b][color=#000000][color=#000000][color=#000000][color=#000000][b][b]
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[font=arial]गाली भी लगती है यहाँ की चुटकी साली की और मीठी घेवर सी i [/font]
[font=arial]इतने भी हम बेवफा नहीं के दिल लगा कर चल दे मुहं मोड़ कर,[/font]
[font=arial]राशन कार्ड भी बन गया अब कौन जाये ग़ालिब, सोनीपत की गलियाँ छोड़कर i [/font]
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सोनीपत आले तै नूए धूमे ठाया करै .......
 
[color=#000000][color=#000000][color=#000000][b][color=#000000][color=#000000][color=#000000][color=#000000][b][b][color=#000000][color=#000000][color=#000000][color=#000000][color=#000000][color=#000000][font=arial]एक लेण की बात पे ,आप ने मेरे काण चढ़ा दी |वाह बहुत खूब वि.पि.जी |[/font]


[/color][/color][/color][/color][/color][/b][/b][/b][/color][/color][/color][/color][/color][/color][/color][/color]ल्यो विजयपाल जी जी कण तार दी स मन्ने भी :-


आप भी कुछ बदले-बदले से नजर आ रहे हो ,
लगता हे सोनीपत के पानी से नहा रहे हो ,
राशन कार्ड भी आपने वहीँ का बनवा लिया ,
हाथ पर सोनीपत आळी का नाम खीण्वा लिया ,
साथ में साली -साह्ल्नों के भी मजे ले रहे हो ,
और दोष सोनीपत की सुन्दरता को दे रहे हो ,
इतनी गुस्ताखी ना कर सुन्दरता के पुजारी ,
वरना खाल खींच लें गी आपकी ,मिलकर ये सारी,
अब तो सब सच-सच बता दो ,क्यूँ छुपा रहे हो ,
आप भी कुछ बदले-बदले से नजर आ रहे हो ,
लगता हे सोनीपत के पानी से नहा रहे हो ,



[color=#000000][color=#000000]
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ल्भ्क-लितरा

आज काण दी स "आतिश मोहन " के :-
फोटू ---- आज ताहीं ते छाप्या-ना स अर ना छाप्पे
| राकेश सहरावत नाटर्य़ा स इहने |
लोगिन ----
लोग-इन भी साच्चा-ए स | पर नाम के अनुरूप लोगाँ ने खींचे जरूर स ,जो छोरी ना हो ,अर जिह का चोखा सा फोटू ना हो ,अर फेर भी २३०० विजीट होज्याँ फ्रोफाइल पे ,ते जरूर किम्मे ना किम्मे ते बन्दा आग लाणिया-ए हो सके स |
उद्घोषणा -----
किम्मे भी कोणी पर मेरे हिसाब तें इहने यु लिखणा चाहिए "जमीं बदल देंगे ,आसमां बदल देंगे,हमारा बस चला तो हिन्दुस्तां बदल देंगे "|
[FONT=Arial][SIZE=3]
[/SIZE]
[COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma][B]कार्यकलाप
---- सारी हाण मंड्या रहवे स ,सब के ताग्याँ में लिखें जावे स
[/FONT][/FONT][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]|आपना तागा ते कदे ना चलावे ,इस्सा आदमी सब में खोट काढें जाया करे | ज्युकर जब यु महम तें रोहतक पढ़न आंदा ते कंडेकटर तें पास ना दिखान्दा ,क्यूँ ना दिखावे भाई ,ते न्यू कहंदा अक पहलम या पाट्टी होड़ सीट ठीक करवावो ,जब पास दीखाउंगा | यु सारा भारत का तंत्र बदलना चाहवे स ,पर बदले गा क्यूकर ,समझदार ते सारे कम्पूटर ने खोश लिए | अर सारी हाण १०७ आळी के चिपटे रहवें सें | इहका नाम भी कसुता स आतिश = आग , मोहन =मोहने वाला ,ते कुण होया फेर ,इह का मतलब एक शब्द में होया "पट्रोल" | सिन्धी भाषा में मोहन का मतलब "मर्या होड़" हो स | बेरा ना यु इस्सा गोत क्यूँ बणा स |अर यु काम भी इस्से-ए करे जावे स | न्यू बदल दो ,ऊँ बदल दयो ,मन्ने ते यु बातां ते लाल झंडे आला लागे स | भारत के बाबुआं (अड़मीनिस्टेटर ) पे इहने गहन अध्यन कर राख्या स | अर बात भी इह की कती ठीक सें ,इन् नेताओं ने ये बाबू -ए लूटना सीखावें सें अर फेर क्यूकर बचना स न्यू भी |जा कदे में प्रधान मंत्री बनया ते आतिश ने आपना मुख्या सलाहकार न्युकत करूंगा | [/FONT][/FONT][FONT=Arial][I][I][I][I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]---- सद -भावनाओं सहित |[/FONT][/I][/I][/I][/I][/I][/FONT][/FONT][/FONT]
[/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/B][/FONT][/COLOR]
[B][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][B][B][B][COLOR=#000000][FONT=Verdana][FONT=Arial][I][I][I][I][I][FONT=Verdana][COLOR=#000000][COLOR=#333333][COLOR=#000000][COLOR=#000000][FONT=Arial][FONT=Tahoma]
[/FONT][/FONT][/I][/I][/I][/I][/I][/FONT][/FONT][/FONT]
[/COLOR][/COLOR][/COLOR][/B][/B][/B][/COLOR][/COLOR][/COLOR][/B][/FONT][/COLOR]
[FONT=Tahoma, Calibri, Verdana, Geneva, sans-serif]http://www.jatland.com/forums/member.php?19513-atishmohan [/FONT]
 
ल्भ्क-लितरा

पानू झट देनी सी लाईक कर जा सै सारी पोस्ट. ले तै फेर


आज की कान दी सै विवेक पानू कै:


फोटू: फोटू मै तै जम्मा गाभरू लागे सै. लेकिन यु गाभरू बी बियाह होए पाछे होया सै. कॉलेज मै तो यु बी प्रवीण बर्ज़ाद जिसा था. इब्ब उभरा सै :victorious:!!


लोगिन: लोगिन जम्मा सच्चा सै. इह्ह का लोगिन शायद ऐ कोये चोरी कर सके सै ! हैकर बी मात खा जांगे इह्ह का लोगिन/पासवर्ड तोद्दन खातिर.

उद्घोषणा : जय हिंद! यो जय हिंद करके आज तै ८ साल पहलया ऑस्ट्रेलिया पार बोल्या!!!:cool:

कार्यकलाप: जाटलैंड पै यो आज तै ३-४ साल पहलया घना एक्टिवे रह्य करता. लेकिन शायद समय के आभाव के चलते इब्ब थोडा कम गेरा मारे सै! जो भी पोस्ट करे सै उह्ह मै किम्मे न किम्मे पॉइंट जरूर मारेगा! इह्ह की घंखरी पोस्ट मजाकिया होया करें. सेन्स ऑफ़ हयुमर घना सै इह्ह मै! चमोल्ले का बादशाह सै! जम्मा निख्दू सौदा लिखा करै! यु जाटलैंड पै सिर्फ सुवाद लेन्न आया करे. मजाक के अलावा देश विदेश की जानकारी पूरी राखै सै. इह्ह नै आईटी की बजाये किस्से न्यूज़ एजेंसी मै एडिटर का काम पकड़ना चाहिए था! खैर इब्ब जित सै ठीक सै! पानू के चमोल्ले जाटलैंड पी भोत महसूर सें! शायद पुराने मेम्बर नै जयादा बेरा सै इस बात का क्यूंकि यु उस टेम घना एक्टिवे था! बाकी पानू, दीपक मालिक आर अनिल सांगवान के बिना जाटलैंड का हयुमर आधा सै! न्यू ऐ पोस्ट गेरदे रह्या करो!!

http://www.jatland.com/forums/member.php?6298-VPannu

 
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ल्भ्क-लितरा
हा हा हा परवीन बजार्ड जिस्सा | पहलवान हो तो दारा सिंह जिस्सा आर _ _ _ _ _ _ _ _ हो तो परवीन बजार्ड जिस्सा ? समझ तो थम गए ऐ होगे | :cool: भाई इस तागे में नु होना चाहिए अक काण जिब्बे उतरेगी जिब आगले में काण द्योगे |
 
हा हा हा परवीन बजार्ड जिस्सा | पहलवान हो तो दारा सिंह जिस्सा आर _ _ _ _ _ _ _ _ हो तो परवीन बजार्ड जिस्सा ?

थम छोरे का JL पे आना बंद करवाओगे |


समझ तो थम गए ऐ होगे |
:cool: भाई इस तागे में नु होना चाहिए अक काण जिब्बे उतरेगी जिब आगले में काण द्योगे |

हा भाई काई-डंका आला काम हो ज्यागा यु तो | आगि तो इब तेरी काण.. तार इब इहने !:victorious:
 
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