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अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने जाट धर्मशाला, भिवानी में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बतलाया कि जाट आरक्षण पर अधिसूचना जारी हो चुकी है, जिसके लिए जाट समाज के लोग आज से ही अपना पिछड़ी जाति प्रमाण-पत्र बनवा सकते हैं तथा जाट समाज व तीन अन्य जातियों को, जिनको जातीय आधार पर आरक्षण दिया गया है, के बच्चे जो तीन साल से नौकरियों के लिए आयु की सीमा पार कर चुके थे, वे सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन के लिए योग्य हो गए हैं। सांगवान ने आगे कहा कि हम हरियाणा के मुख्यमंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा को इस बात के लिए धन्यवाद देते हैं कि उन्होंने आरक्षण देते समय सभी जातियों का ध्यान रखा है, जिससे साबित होता है कि उन्हें हरियाणा की सभी जातियों की चिंता है। किसी भी प्रदेश का भविष्य प्रदेशवासियों के हाथों में होता है कि वे किस प्रकार का नेता चुनते हैं। ये हमारा सौभाग्य है कि आज हरियाणा प्रदेश के मुख्यामंत्री चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा हैं।
पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण कानून सम्मत नहीं है, इसके उत्तर में सांगवान ने कहा कि विशेष हालातों में राज्य सरकार को ऐसा करने का अधिकार है और यह कार्रवाई चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोच-समझकर की है, क्योंकि वे स्वयं भी कानून के विशेषज्ञ हैं और हमें पूरा भरोसा है कि वे हमारे समाज को केंद्र में भी जल्दी से जल्दी पिछड़ी जाति घोषित करवा देंगे बाकी राज्य स्तर का कार्य पूरा हो चुका है। अभी भविष्य में आवश्यकता पड़ी तो आरक्षण की लड़ाई केंद्र सरकार के साथ लडऩी पड़ेगी।
सांगवान ने आगे बताया कि जाट आरक्षण के लिए संघर्ष को 26 जनवरी को पूरे पांच साल हो जाएंगे और इस अवधि में जाट समाज ने अपना सवैंधानिक अधिकार लेने के लिए एकजुट होकर संघर्ष किया है, उसी का परिणाम है कि उन्होंने आधी लड़ाई को जीत लिया है। भविष्य में भी इसी तरह एकजुट रहने की अत्यंत आवश्यकता है ताकि जाट समाज के हित में कार्य जारी रखे जा सकें।
पत्रकारों द्वारा यह पूछे जाने पर कि 50 प्रतिशत से अधिक आरक्षण कानून सम्मत नहीं है, इसके उत्तर में सांगवान ने कहा कि विशेष हालातों में राज्य सरकार को ऐसा करने का अधिकार है और यह कार्रवाई चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोच-समझकर की है, क्योंकि वे स्वयं भी कानून के विशेषज्ञ हैं और हमें पूरा भरोसा है कि वे हमारे समाज को केंद्र में भी जल्दी से जल्दी पिछड़ी जाति घोषित करवा देंगे बाकी राज्य स्तर का कार्य पूरा हो चुका है। अभी भविष्य में आवश्यकता पड़ी तो आरक्षण की लड़ाई केंद्र सरकार के साथ लडऩी पड़ेगी।
सांगवान ने आगे बताया कि जाट आरक्षण के लिए संघर्ष को 26 जनवरी को पूरे पांच साल हो जाएंगे और इस अवधि में जाट समाज ने अपना सवैंधानिक अधिकार लेने के लिए एकजुट होकर संघर्ष किया है, उसी का परिणाम है कि उन्होंने आधी लड़ाई को जीत लिया है। भविष्य में भी इसी तरह एकजुट रहने की अत्यंत आवश्यकता है ताकि जाट समाज के हित में कार्य जारी रखे जा सकें।