पी एम हो तो मोदी जैसा...........

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I agree and disagree. Modi is definitive and he does give 24 hour electricity but that is not the reason why he is liked by corporate. Those things are important but not the most important one, most important aspect is MONEY.Like I wrote before, RTIs are still unanswered on benefits given to Tata or Adani's, Adani's infamous sponsorship incident at Wharton is known to all of us and now the news of getting tax benefits in tune of over 1000 crore are indicative enough.

I am not saying any government does not give tax benefits or is it bad, but they are given in states or sectors which lack investments and that has never been the case with Gujarat specially in the sector Tata or Reliance or Adani operate in.

Will you talk about the SEZ's being set up by your government and the tax benefit given to corporates in those SEZ's..!!! (probably u will not ,....or u will throw some other nmbrs ..)
 
On MMS- He has shown courage in the past against China when he allowed Dalai Lama to go to Arunachal Pradesh specially at a time when US were getting teethed by China. Having said that, I feel this time we should be a bit more strong but war is not a solution.


as i said...Amazing HUMOR...!!!!
Bless you man...!!
 
Will you talk about the SEZ's being set up by your government and the tax benefit given to corporates in those SEZ's..!!! (probably u will not ,....or u will throw some other nmbrs ..)

And what is wrong with SEZs? They are made to promote trade to particular industry, not a company.
 
I do not travel much on the road so I am not the best person to comment, but I do see some start developments that took place like Panipat-ambala Flyovers

And let me suggest you 2 more highways:
Delhi Jaipur
Yamuna Expressway

Are you not counting them in for definite growth by roads?

And on Gujarat- the cost of development has come with stark burden as well, look at their debt ratio and deficit.
Ok,,lets talk about the Chandigarh -Delhi National Highway..!! it is in the same condition from almost 6-7 years..!! (hope you know it buddy..)
and yes roads is definitely one of the parameters to measure growth...!!there are others too.
 
On the Topic: I think it will be hard for BJP to annouce modi as a PM candidate. I think Advani has equal chance. The reason is Advani is acceptable to all allies and is widely respected as well + there could be a chance of winning more allies.

BJP has a tough decision to make.
 
उत्तरांचल में ईमानदार खंडूरी को पराजित किया।
हिमाचल में वीरभद्र का भ्रष्टाचार भी उन्हें पराजित नहीं कर पाया।
शीला दीक्षित चौथी बार आपको धमकाने आने ही वाली है।
कर्नाटक में भी (भ्रष्टाचार के प्रति) "कर्मठ" काँग्रेसी आने ही वाले हैं।

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यूपीए-२ सरकार की "बेफिक्री" और "जो उखाड़ सकते हो उखाड़ लो" वाला अंदाज़ यूँ ही नहीं पनपा है।
उन्हें पता है कि आर्थिक उदारीकरण (१९९१) के पश्चात जो पीढ़ी युवा हुई है, उनके लिए अब देश में कम से कम "भ्रष्टाचार", तो कतई कोई मुद्दा नहीं है और यह बात "राजा हरिश्चंद्र" उर्फ केजरीवाल भी शीघ्र ही समझ गए, इसीलिए वह भी बड़ी फुर्ती से "मुफ्त बिजली-मुफ्त पानी" जैसे धुर काँग्रेसी तरीकों और उर्दू में लिखी टोपी और हरे गमछे ओढ़ने के घटिया हथकंडों पर उतर आये हैं।

क्या भाजपा को अब भी विश्वास है कि अस्सी के दशक जैसी कोई "बोफोर्स" की आँधी चलेगी और यूपीए सरकार उसमें उड़ जाएगी??
कर्नाटक, उत्तरांचल, हिमाचल इत्यादि के परिणाम एवं "नैतिकता ढोती भाजपा" का हश्र देखते हुए मुझे तो इस पर संदेह है।

कहने का अर्थ यह है कि प्रत्येक पार्टी "अपनी-अपनी" सुविधाओं के अनुसार, जाति के अनुसार, धर्म के अनुसार, राजनीति कर रही है।
बड़ा प्रश्न यह है कि फिर भाजपा "अपनी मूल हिन्दुत्ववादी राजनीति" पर पुनः लौटने में क्यों कतरा रही है??

इससे भी बड़ा यक्ष प्रश्न यह है कि भाजपा नरेन्द्र मोदी को प्रधान मंत्री पद का प्रत्याशी क्यों नहीं घोषित कर रहे हैं?
मेरा दावा है कि यदि भाजपा नरेन्द्र मोदी को पी एम पद का प्रत्याशी घोषित करेगी तो भाजपा को पूर्ण बहुमत प्राप्त होगा।
 
100 रोगों का क्या उपचार :-

एक बार एक क्लास में मास्टर जी ने सोचा कि आज बच्चों की परीक्षा ली जाए कि वो राष्ट्रवादी तथ्यों को कितना जानते व समझते हैं इसलिए उन्होंने पहली बेंच से प्रश्न आरम्भ किया।

पहले लड़के से पूछा : भारत की एक समस्या बताओ?
लड़के ने कहा : निर्धनता।

दूसरे लड़के से भी वही प्रश्न : भारत की एक समस्या बताओ?
दूसरे लड़के ने कहा : आतंकवाद।

तीसरे लड़के से पूछा : भारत की एक समस्या बताओ?
तीसरे ने कहा : भ्रष्टाचार।

इस प्रकार वो हर एक लड़के से प्रश्न पूछते गए सबने ने भिन्न-भिन्न उत्तर दिए कोई कहता 'धूम्र लोचन पाकिस्तान', 'रक्त बीज बांग्लादेश', कोई अशिक्षा, कोई कहता कन्या भ्रूण हत्या, कोई कहता बेरोजगारी, कोई कहता जातिवाद, इस प्रकार से क्रम आगे बढ़ता गया।

कक्षा में कुल 101 विद्यार्थी थे। अब तक मास्टर जी कुल 100 से अधिक प्रश्न पूछ चुके थे और सभी 100 छात्रों ने भिन्न-भिन्न समस्या बताई। किसी ने बड़ी समस्या बताई तो किसी ने छोटी किन्तु सब ने अलग अलग समस्या बताई।

अब बारी थी छात्र नम्बर 101 की। वो सदैव कक्षा में प्रथम आता था। मास्टर जी ने पासा पलटा।


मास्टर जी ने उस लड़के की बुद्धिमता परखने के लिए प्रश्न बदला और कहा : यहाँ छात्रों ने जितनी भी समस्याएँ बताई हैं सब का उपाय बताओ। इन सभी समस्याओं का समाधान बताओ।

वो बालक तनिक भी नहीं घबराया। उसने उलटे मास्टर जी से पूछा : मास्टर जी 100 समस्या का एक समाधान बताऊँ अथवा 100 समस्या के 100 समाधान बताऊँ ?

अब मास्टर जी चौंक पड़े, वो सोचने लगे इतनी सारी समस्या का एक समाधान कैसे हो सकता है?

उनकी उतेजना बढती जा रही थी मास्टर जी ने कहा : 100 समस्या का समाधान संभव है क्या?

बालक ने कहा : हाँ मास्टरजी ! निश्चित रूप से है।

मास्टर जी : तो फिर १०० समस्याओं का एक ही समाधान बताओ ?

मित्रों ! पता है कि बालक ने क्या कहा बालक ने कहा : मास्टर जी .इन सभी समस्याओं का एक ही समाधान है और वो है "नरेन्द्र मोदी".

बालक के उत्तर पर मास्टर जी ने लंबी श्वाँस लेते हुए कहा कि हाँ बात तो सही है।
 
मास्टर जी .इन सभी समस्याओं का एक ही समाधान है और वो है "नरेन्द्र मोदी".
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कांग्रेसी नेता ये बयान देते फिरते हैं कि राहुल गांधी एक राष्ट्रीय नेता है और युवाओं के सबसे लोकप्रिय है और मोदी तो एक राज्य तक सीमित है तो फिर राजीव प्रताप रूडी द्वारा देश का पी. एम. सीधे जनता द्वारा चुने जाने वाले प्रस्ताव का समर्थन क्यों नहीं कर रहे हो ?


दूध का दूध और पानी का पानी जनता कर देगी।
 
Heads up for such a nice & Intelligent child:)

100 रोगों का क्या उपचार :-

एक बार एक क्लास में मास्टर जी ने सोचा कि आज बच्चों की परीक्षा ली जाए कि वो राष्ट्रवादी तथ्यों को कितना जानते व समझते हैं इसलिए उन्होंने पहली बेंच से प्रश्न आरम्भ किया।

पहले लड़के से पूछा : भारत की एक समस्या बताओ?
लड़के ने कहा : निर्धनता।

दूसरे लड़के से भी वही प्रश्न : भारत की एक समस्या बताओ?
दूसरे लड़के ने कहा : आतंकवाद।

तीसरे लड़के से पूछा : भारत की एक समस्या बताओ?
तीसरे ने कहा : भ्रष्टाचार।

इस प्रकार वो हर एक लड़के से प्रश्न पूछते गए सबने ने भिन्न-भिन्न उत्तर दिए कोई कहता 'धूम्र लोचन पाकिस्तान', 'रक्त बीज बांग्लादेश', कोई अशिक्षा, कोई कहता कन्या भ्रूण हत्या, कोई कहता बेरोजगारी, कोई कहता जातिवाद, इस प्रकार से क्रम आगे बढ़ता गया।

कक्षा में कुल 101 विद्यार्थी थे। अब तक मास्टर जी कुल 100 से अधिक प्रश्न पूछ चुके थे और सभी 100 छात्रों ने भिन्न-भिन्न समस्या बताई। किसी ने बड़ी समस्या बताई तो किसी ने छोटी किन्तु सब ने अलग अलग समस्या बताई।

अब बारी थी छात्र नम्बर 101 की। वो सदैव कक्षा में प्रथम आता था। मास्टर जी ने पासा पलटा।


मास्टर जी ने उस लड़के की बुद्धिमता परखने के लिए प्रश्न बदला और कहा : यहाँ छात्रों ने जितनी भी समस्याएँ बताई हैं सब का उपाय बताओ। इन सभी समस्याओं का समाधान बताओ।

वो बालक तनिक भी नहीं घबराया। उसने उलटे मास्टर जी से पूछा : मास्टर जी 100 समस्या का एक समाधान बताऊँ अथवा 100 समस्या के 100 समाधान बताऊँ ?

अब मास्टर जी चौंक पड़े, वो सोचने लगे इतनी सारी समस्या का एक समाधान कैसे हो सकता है?

उनकी उतेजना बढती जा रही थी मास्टर जी ने कहा : 100 समस्या का समाधान संभव है क्या?

बालक ने कहा : हाँ मास्टरजी ! निश्चित रूप से है।

मास्टर जी : तो फिर १०० समस्याओं का एक ही समाधान बताओ ?

मित्रों ! पता है कि बालक ने क्या कहा बालक ने कहा : मास्टर जी .इन सभी समस्याओं का एक ही समाधान है और वो है "नरेन्द्र मोदी".

बालक के उत्तर पर मास्टर जी ने लंबी श्वाँस लेते हुए कहा कि हाँ बात तो सही है।
 
big fan to mai bhi nahi hu... lakin is article se first pehragraph se mera ek sawaal hai...

agar modi ke karan gujarat mai riot nahi ho ruhe hain to ye acchi baat hai ya kharab????

I am not a big fan of Chauthi Duniya but this article is SPOT ON

http://www.chauthiduniya.com/2013/04/नरेंद्र-मोदी-के-ख़िलाफ़-क.html

Excerpts:

नरेंद्र मोदी गुजरात में क्यों चुनाव जीतते रहे हैं और क्यों चुनाव जीतते रहेंगे, इसकी वजह हैं वे मतदाता, जो मुस्लिम नहीं हैं और जिनका यही मानना है कि नरेंद्र मोदी के रहते गुजरात में मुसलमान अपने दायरे के भीतर ही रहेंगे. उन्हें उन पार्टियों से बहुत डर लगता है, जो सेक्युलर मानी जाती हैं. गुजरात के बहुसंख्यक समाज या ग़ैर मुसलमानों को लगता है कि अगर नरेंद्र मोदी हार गए और कोई दूसरा जीत गया, तो गुजरात में नरोदा पाटिया जैसे दंगे फिर शुरू हो जाएंगे और दोबारा उन्हें दंगों के माहौल में ही जीना पड़ेगा.
 
I do not travel much on the road so I am not the best person to comment, but I do see some start developments that took place like Panipat-ambala Flyovers

And let me suggest you 2 more highways:
Delhi Jaipur
Yamuna Expressway

Are you not counting them in for definite growth by roads?

And on Gujarat- the cost of development has come with stark burden as well, look at their debt ratio and deficit.

Pls look at the debt ratio of America too...!!! hope u know that it is one of the highest in world..!!!
 
मैं ते चुटकुले की बाट देखूं था। पर संजीव लागे से अपने कूलर का फूस बदलन में घना बीजी हो रहया सै! :stupid:
 
bhai eeb basi ho liya... suaad na aave... je yu use tame pe "irshaad" kar deta to jaroor suna deta... waise tha original... maine khud apne haato se banaya tha... :)

मैं ते चुटकुले की बाट देखूं था। पर संजीव लागे से अपने कूलर का फूस बदलन में घना बीजी हो रहया सै! :stupid:
 
IPL : FIXED.
CBI : FIXED.
JOBS: FIXED.
EDUCATION: FIXED FOR RICH.
PARLIAMENT : FIXED.
OFFICERS : FIXED.
LAW MINSTER : FIXED.
RAIL MINISTRY : FIXED.
COAL MINISTRY: FIXED.
TELECOM MINISTRY : FIXED.
PRIME MINISTER : ALREADY SUPER-FIXED
BY SONIA.
SECULARISM : FIXED FOR MUSLIMS.
MEDIA REPORTS : FIXED.
& SO CALLED "AAM AADMI" : NOW FIXED
BY AAM AADMI PARTY!!!
Only way to break all these fixing is
Narendra Modi For PM!!!
 
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