ravinderjeet
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आज तो चाला पाटेगा,
बूढ़े बाप ते बेटा न्यारा पाटेगा.
आज तो चाला पाटेगा.....
--navi
bhot badhiyaa bhaai ,teri-a likhi hod s ke ?
आज तो चाला पाटेगा,
बूढ़े बाप ते बेटा न्यारा पाटेगा.
आज तो चाला पाटेगा.....
--navi
bhot badhiyaa bhaai ,teri-a likhi hod s ke ?
मैं जज्बाता के दलदल में धंसता जा रह्या सूं
कहणा तो बहुत कुछ सै पर कह नही पा रह्या सूं
तू दिल पै अपणे हाथ धर के खुद तै जवाब दे
मैं जिकरा बार-बार किन बातां का ठा रह्या सूं
कोए और स्यामी होता तो कर लेता फैंसला
मुद्दत तै मैं तो अपणे आप तै टकरा रह्या सूं
तैने दर्द किते दिखे सै तो मलहम बणके लाग
ना तो फेर महफ़िल में मैं खूब मुस्कुरा रह्या सूं
ध्यान तै फूंक मारिये मेरे जख्मा पै बेचैन
मैं पह्ल्या ए दही के भ्रम में कपास खा रह्या सूं
Too Good ...ख़याल कीजिये क्या काम आज मैं ने किया|
जब उसने दी मुझे गाली सलाम मैं ने किया|
कहा ये सब्र ने दिल से के लो ख़ुदाहाफ़ीज़,
के हक़-ए-बंदगी अपना तमाम मैं ने किया|
मेरी ख़्वाहिश है कि मैं फिर से फ़रिश्ता हो जाऊँ |
माँ से इस तरह लिपट जाऊँ कि बच्चा हो जाऊँ ||
wah bhaii wah .. tusii te chaaa gaye ..मैने ये कब कहा कि मेरे हक में हो जवाब लेकिन खामोश क्यूँ है तू, कोई फैसला तो दे | बरसों मैं तेरे नाम पे खाता रहा फरेब मेरे खुदा कहाँ है तू, अपना पता तो दे | बेशक मेरे नसीब पे रख अपना इख्तियार लेकिन मेरे नसीब में क्या है, बता तो दे |
आज़ एक फोटू देख्या था फेस-बुक पै जिस्मै एक सुन्दर सी महिला बाग़ मै फूलां कै धोरै बैठी थी i उसनै देख के मैंने थोड़ी तुकबंदी करी थी i तावले तावले नै 15 -20 मिनट मै ए कर दी थी, इसलिये घणी गलती ना काढियो i
गुलों की तारीफ करें या करें वाहवाही हुश्ने-लाज़वाब की
बैठी है चमन में माहज़बीं बन के ताबीर किसी के खवाब की i
बहारों का आगाज़ होता है तो दिलों में रंग भर जाता है
उनका यों सज-धज कर बैठना रूह को बेचैन कर जाता है
हसीनों की तारीफ करना मर्दों का पुराना अंदाज़ है
मगर इश्क नहीं आसाँ इतना ये तो काँटों का ताज़ है
सैंडल जो पड़ जायेगा इस नाजनीं का तो नशा काफूर हो जायेगा
शौहर के हत्थे गर चढ़ गए तो बांकपन चकनाचूर हो जायेगा i
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