या बात मत कह भाई के इनने सत्ता त दूर रह के नहीं देखा , 1975 मे इन्दिरा त सिर्फ एक हफ्ते की जेल दिखाई उसके बाद के रहा , वेही ढ़ाक के तीन पात , कुल ढाई साल मे उल्टी कांग्रेस की सरकार केंद्र ल्या दी इस जनता ने और इस ढाई साल के दौरान सत्ता मे जो पार्टी थी उसने इनके खिलाफ क्या एक्शन लिया , पता नहीं ...
फिर वीपी सिंह , चंद्र शेखर , देवे गौड़ा , गुजराल कितनों को मौका मिला फिर भी इनके खिलाफ कोई एक्शन नहीं .....
1996 मे भाजपा को मौका मिला , उस दौरान बोफोर्स मुद्दा खूब उछाला गया , भाजपा ने इसे चुनावी मुद्दा भी बनाया था पर सत्ता मे आने के बाद कोई एक्शन नहीं .....
इससे तो वही बात जाहीर होती हैं की " दादी तेरे छोटे पोते का न्योता स , बोली मेरे तो सारे एकसे स "
तो भाई ये सारे एकसे स ....अगर नहीं होते तो आरटीआई व दागी वाले मुद्दे पर कांग्रेस का साथ नहीं देते ...
इन मौसेरे भाइयो के चुनावी मुद्दे सिर्फ सत्ता हासिल करने तक सीमित होते हैं न की एक दूसरे को सजा दिलाने के लिए , हर चुनाव मे ये लोग कांग्रेस के घौटालों को सिर्फ मुद्दा बनाते आगे कुछ नहीं होता , सिर्फ एक लाइन होती हैं 'कानून अपना काम कर रहा हैं ' .....
65 साल हो गए अब तक गांधी परिवार की सच्चाई सामने नहीं आई कमाल हैं .... समस्या यह हैं की सच्चाई तो कई बार सामने आई पर उस सच्चाई को दूसरे वाले अपनी खुद की सच्चाई के आगे ढक जाते हैं :stupid: