Reservation is our constitutional right

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अनिल यह बात आप आज बता रहे हैं | क्या आपने इस महकमे वालों से पूछा की एसबीसी के लिए कोटा क्यो नहीं हैं ? आप लोग पढे लिखे हैं आप लोग उनको नोटिफ़िकेशन दिखाओ , आप लोगो को पता हैं लोग जाटों से कितना प्रेम करते हैं , मुख्यमंत्री ने नोटिफ़िकेशन जारी कर दी पर उसके कई दिन तक डाक चीफ़ सेक्टरी के दफ्तर मे दबी रही , यहा सबको बोल बोल के हर महकमे मे डाक भिजवानी पड़ती हैं | आपने अब यह ध्यान दिलाया हैं तो अगली बार इसे चेक कर लेना और भी जहा जहा कमी आपको नजर आए बता देना |
अब भिवानी की दादरी सिवानी तहसील का ही मामला हैं वाहा के तहसीलदार एसबीसी सर्टिफिकेट बनाने से माना कर रहे थे और गलती उनकी भी नहीं थी छोटा सा टेक्निकल फ़ाल्ट था , उनके कोमप्यूटर मे वही पुराना डाटा था , जिसको बाद मे चंडीगढ़ बोल कर अपडेट करवाया गया , सरकारी तरीके से वह काम होने मे शायद महीने लग जाते | इसलिए भाई हम लोगो का भी कुछ फर्ज बनता हैं |
अगर यहा चर्चा ना हो तो शायद आप लोग इस पर कुछ कार्यवाही नहीं करते उल्टा लुगाइयों की तरह सीटने से कसते |
अब मेरे समझ आई की चौ छोटूराम , चौ बंसी लाल , चौ चरण सिंह जैसे पढे लिखे लोगो की सोच कैसे सिमट गई क्योंकि जब पढे लिखे जाट बहक सकते हैं तो अनपढ़ को तो बहकाना और भी आसान हैं |
kar di na waahi baat!... agar aap sahi baat accept nahi karte to auro tai kyooker expect karte ho?.. mollad tai mollad manas ne byara sai ki SBC aur BC ke faayde ek se nahi hai..par bhai aap ade raho aapni baat pe..arr fer choturam ji aur charan singh ka naam lekar emotional torture karo jatto ne....aap logo ne sangharsh kita aur jatto ko aarkshan bhi mila..aap logo ke sangharsh ko andekha nahi kiya ja sakta..jyada nhi to kuch to mila ..aage jyada bhi milega..par aap abhi uss kuch ko jyada bata rahe ho..aur gar koi doosra kuch kahta hai to uski taang keechne lagte ho........sahi baat ko accept karne main sharam kaisi.....

aa liye naa ussi line pe?
 
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Sura saab -

This is the post#957 in this thread which you wrote on 20-Mar-2013. The PDF given by you in the link below also states very clearly that reservation is only in 2 areas - Education & JOBs. Still you think you needed someone to highlight the shortcomings of the reservation decision?

Further, the reservation in Class I and Class II Jobs for SBC is only 4%. Class III and IV category it is 10% for all the 5 castes together.

Compared to this, BC alone has 10% reservation in Class I and II category and has whopping 27% in Class III and IV category...

Fer kyukar hoye hum SBC aale OBC ke baraabar? Reservation to unke reservation ka bhi sirf 0.4 times hi hai hamaare paas.

http://csharyana.gov.in/WriteReadData/Instructions/General Services-III/3762.pdf
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स्पेशल पिछड़ा वर्ग के लिए जाति-प्रमाण पत्र बनाने का काम आज से पूरे हरियाणा में शुरू : सांगवान
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि हरियाणा सरकार के पत्र क्रमांक 22/10/2013-1GS-III dated 28.02.2013, Chandigarh के अनुसार जिन पांच जातियों को विशेष पिछड़ी जाति में शामिल किया गया है, उन जातियों के लोगों के जाति प्रमाण पत्र बनने का काम आज से पूरे हरियाणा में शुरू हो गया है। इसलिए इन सभी जातियों के लोगों को चाहिए कि वे अपने-अपने उपमंडलाधीश के कार्यालयों में जाकर अपना प्रमाण पत्र बनवा लें। उन्होंने आगे बतलाया कि जाट समाज को किसी भी बहकावे में आने की आवश्यकता नहीं है। हरियाणा में कानूनी और सिद्धांतिक रूप से आरक्षण लागू हो चुका है तथा केंद्र सरकार ने इसके लिए कुछ समय मांगा है तथा इस बारे में जल्दी ही हमारी माननीय प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह तथा केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम् से बातचीत होने वाली है। लेकिन हम केंद्र सरकार को ज्यादा समय देने के मूड में बिल्कुल भी नहीं हैं। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार को जाटों का यह सवैंधानिक अधिकार बहुत जल्द देना ही होगा।

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भाई समर - बांगा क्यू हो स। :triumphant:आरक्षण तें आगे भी सोच ले।.... आरक्षण जे मिलता हो तो मैं तो bahot राजी सु।.. पर या खांग्रेस्स देती कोणी लागति केन्द्र में ढंग सर का कीमे .... अर हरयाणे में भी OBC में कोणी ल्याए।... हरयाणे आला आरक्षण भी ईसा दिया स जानु "मुर्गे" के छाज बाँध के "मोर" बनाया हो।.... स्पेशल बकवर्ड क्लास के आरक्षण का फायदा उतना नहीं जितना OBC आले काचे काट रे --- उदाहरण के तौर पे हूड़ा के प्लाट आली स्कीमा में देख ले।.. स्पेशल बकवर्ड क्लास के नाम पे कुच्छ नहीं |
अर चोटला कीत का आरक्षण देगा..अर BJP bhi कोणी दे आरक्षण ... या तो मेंने भी बेरा स।.. पर खांग्रेस की तो मरोड़ लिकाड जागी पांच साल में।.. मेने तो खांग्रेस बड़ा दुश्मन लागा इस आरक्षण तें | तेरी तू जाणे |

ER haan, BJP kaal mein jo alag cheez thee unka jikr aagli post mein...



भाई अनिल, बहुत अच्छी बात है की आप भी राज़ी है किन्तु रविन्देर्जीत भाई का आरक्षण के समर्थकों को देशद्रोही तक कह देना और उसका आपका समर्थन करना , आप जैसे वरिष्ठ सदस्य से उम्मीद नहीं थी जिसको जमीनी स्तर पर हमारी कौम की असलियत पता है ! ये तो अब सीधे सीधे सिर्फ दोष दुंडने वाली बात की ओ बी सी जितना फायदा नहीं ! अब ओ बी सी को एस सी एस टी जितना फायदा नहीं !

आप आरम्भ से ही राजनैतिक तौर पर चौटाला समर्थक हैं तो स्वाभाविक है की आपको हूडा से अलर्जी है! सो मात्र विरोध करने के लिए विरोध करना थोडा हास्यापद सा है ! हाँ एस ओ बी सी में जो नहीं मिला उस से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है जो मिला कम से कम उसका तो लाभ उठाया जाए ! इस सत्र के दाखिलो में ये विदित है की इसका कितना फायदा है जाट बच्चो को ! शिक्षा और नौकरी को छोड़ कर अगर बाकी में मिलता तो उसकी इतनी कीमत भी नहीं होती ! सभी जाट शिक्षा और नौकरी के बैगर नहीं रह सकते किन्तु प्लाट के बैगर अवश्य रह सकते हैं ! आधारभूत जरूरतों में तो मिला है ! अब जब ये केन्द्र स्तर पर शिक्षा और नौकरी में मिल जाए तो उसमे आप सोच सकते है की क्या कीमत होगी !

हरयाणा आया राम गया राम की सरकार की लिए कुख्यात रहा है ! इस से नुक्सान जनमानस को ही है ! जो भी सरकार बनाये एक स्थायी सरकार बनाये ! और जो भी वोट लेना चाहे आरक्षण दे ! मै तो चाहता हूँ की इस आरक्षण से ऊपर उठु लेकिन हवाई बाते करने से ना सरकार बनती हैं और ना आरक्षण मिलेगा ! मेरे लिए सारी पार्टी बराबर हैं हमारा काम करो और ले लो वोट ! इसमें देशद्रोह कहाँ से हुआ ?
 
जट्टों को आरक्स्ण पाने के लिए ,देशद्रोहियों और आतंकवादिओं की सरकार का साथ देना ,क्या कोई देशद्रोह से कम हे ? क्या जाट इतना नीचे गिर गया ?

मै रविन्देर्जीत जी आपसे सार्वजानिक तौर पर पूछना चाहता हूँ की - आपके हिसाब से सारा रोहतक झज्जर सोनीपत देशद्रोही है ? एक तरफ तो जाटो की परम्परा संस्कृति और उनके आगे बढ़ने के लिए इतने जुनूनी हैं और दूसरी तरफ उन्हें ही देशद्रोही कह रहे हैं ? एक तरफ आप ब्र्हमानो और ब्राह्मणवाद/हिन्दुवाद/हिंदू के सख्त खिलाफ हैं और दूसरी तरफ उसी हिंदू पार्टी के मुखिया के समर्थन में यहाँ अपनी कौम वालो को नीचा बता रहे हैं ? अपने कथन को क्लियर करेंगे ? नहीं तो आप अपने कथन को वापस ले !
 
Samar, I am not calling you or anyone favoring reservation as देशद्रोही | And as far as I know, not even Ravinderjeet bhai is calling anyone from our community the same. His point is to call Congress leaders as traitors.
Jahan tak baat hai galti dhoondhne ki - brother, read this thread again from first post, I have always supported the reservation for our community.

However, what I didnt like was the statement by mr Sura that SBCs are having all facilities as OBCs in Haryana. This is not true and to prove this, I had taken several examples where both are not the same. Based on the examples if you think I am in urgent need of a plot, you are grossly mistaken. Also, my posts not to show someone down but to make them understand the difference. Thus, I have not quoted these examples just for sake of opposition as you will always find me in favor of reservation for the community. You read this post quoted below and tell me if it is true ?

हरियाणा मे एसबीसी को वही सुविधाए हैं जो बीसी को हैं , सिर्फ नाम अलग हैं |



Now, coming to Hooda and Chautala, which you have unnecessarily dragged here in the debate, let me tell you that on a topic like reservation for the community, personal political inclinations do not play any role for me. Please do not try to mix the two. At the same time, for voting someone to power - reservation is not the only issue. There are several other things which also play a vital role.



भाई अनिल, बहुत अच्छी बात है की आप भी राज़ी है किन्तु रविन्देर्जीत भाई का आरक्षण के समर्थकों को देशद्रोही तक कह देना और उसका आपका समर्थन करना , आप जैसे वरिष्ठ सदस्य से उम्मीद नहीं थी जिसको जमीनी स्तर पर हमारी कौम की असलियत पता है ! ये तो अब सीधे सीधे सिर्फ दोष दुंडने वाली बात की ओ बी सी जितना फायदा नहीं ! अब ओ बी सी को एस सी एस टी जितना फायदा नहीं !
 
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Samar, I am not calling you or anyone favoring reservation as देशद्रोही | And as far as I know, not even Ravinderjeet bhai is calling anyone from our community the same. His point is to call Congress leaders as traitors.
Jahan tak baat hai galti dhoondhne ki - brother, read this thread again from first post, I have always supported the reservation for our community.

However, what I didnt like was the statement by mr Sura that SBCs are having all facilities as OBCs in Haryana. This is not true and to prove this, I had taken several examples where both are not the same. Based on the examples if you think I am in urgent need of a plot, you are grossly mistaken. Also, my posts not to show someone down but to make them understand the difference. Thus, I have not quoted these examples just for sake of opposition as you will always find me in favor of reservation for the community. You read this post quoted below and tell me if it is true ?





Now, coming to Hooda and Chautala, which you have unnecessarily dragged here in the debate, let me tell you that on a topic like reservation for the community, personal political inclinations do not play any role for me. Please do not try to mix the two. At the same time, for voting someone to power - reservation is not the only issue. There are several other things which also play a vital role.

Thank you for replying in a way which is really appreciable. Yes , there are still technical difficulties in implementation of the SOBC thing is Haryana. There are various reasons for that. Out of them, prime factor is jealousy factor by other casts officers. For example NIT kuk denied admission based on SOBC, when this thing came to the notice, they were screwed but its our things, we have to pick them up one by one as they come in light. Same is the case of Neki Ram College, they have done the same and got confronted for it. We all know other castes dont appreciate us much. But fact is that this has been issued and gradually will be applicable when it must be. Its great that you have pointed out this SOBC implementation issue. Ravinder Sura might have said that out of reaction. Personally, I believe that at this stage its our moral victory to get it in Educations and Jobs. It will keep us in fighting spirit. Other areas will be taken care of. Infact, like you have pointed out, it is really helpful. But sometime presenting that in a way creates misunderstanding.
 
मै रविन्देर्जीत जी आपसे सार्वजानिक तौर पर पूछना चाहता हूँ की - आपके हिसाब से सारा रोहतक झज्जर सोनीपत देशद्रोही है ? एक तरफ तो जाटो की परम्परा संस्कृति और उनके आगे बढ़ने के लिए इतने जुनूनी हैं और दूसरी तरफ उन्हें ही देशद्रोही कह रहे हैं ? एक तरफ आप ब्र्हमानो और ब्राह्मणवाद/हिन्दुवाद/हिंदू के सख्त खिलाफ हैं और दूसरी तरफ उसी हिंदू पार्टी के मुखिया के समर्थन में यहाँ अपनी कौम वालो को नीचा बता रहे हैं ? अपने कथन को क्लियर करेंगे ? नहीं तो आप अपने कथन को वापस ले !

में सेधान्तिक तौर पर आरक्ष्न्न के खिलाफ हूँ । केवल फोजीओं ,खिलाडिओं और अपंगों को ही आरक्ष्न्न मिलना चाहिए । भारतीय संविधान में गुनाह करने वाले का साथ देना भी ,गुनहगार ही समझा जाता हे । उस पर भी वो ही धाराएं लगती हैं । में हर कान्ग्रेस्सी को देशद्रोही कहता हूँ ,चाहे वो मेरे घर का ही आदमी क्यों ना हो । देश को आजाद करवाने वाले शहीदों को इन् कान्ग्रेसिओं ने ही मुखबिरी कर-कर के मरवाया ,इनमे जाट भी थे । इस सरकार में बेठे मंत्री ,नकली नोट,स्टेम्प पेपर , के कारखाने चलाते हैं ,पाकिस्तानी आतंकवादिओं को पनाह देते हैं असलाह देते हैं । देशभक्त फौजिओं और पुलिस वालों को मरवाते हैं । देश की सीमाओं को इतना असुरक्षित कर दिया हे ,जान बुझ कर, की पडोसी देश रोज मीलों अन्दर घुस आते हैं । देश का लाखों करोड़ रुपिया विदेशों में सुरक्षित रखने के लिए आई अस आई के माध्यम से बाहर भेजा जाता हे । छह करोड़ बंगलादेशी मुसलमान भारत के नागरिक बना कर ,वोट बेंक तयार किया जाता हे । ये सरकार आतंक वदिओन को शहीद बताती हे । समर ,ये काम करने वाले और इनको समर्थन देने वालों को क्या कहना चाहिए ? तुम ही बता दो । अगर इनको देशभक्त कहते हैं , तो सारे कान्ग्रेस्सी देशभक्त हुए । और हम देशद्रोही । ---- सद्भावनाओं सहित ।


१) विशेष :- भीख मांग कर जीने वाला कभी राजा नहीं बन सकता ।
२) विशेष :- रूपये का अवमूल्यन जान बुझ कर किया जा रहा हे ,जो की चुनाव से पहले ८० रूपये तक करने का पलान हे । बाहर गया काला पैसा जो ४५ के भाव से गया था को दुगना करने का पलान हे ताकि वोट खरीदे जा सकें ।
 
हरियाणा मे एसबीसी व बीसी की सुविधाओ मे कुछ फर्क नहीं हैं | अनिल ने हाउसिंग बोर्ड व हुड्डा के प्लोट्स मे आरक्षण की जो बात कहीं उसके लिए मैंने पहले भी लिखा हैं की कुछ टेक्निकल फ़ाल्ट की वजह से हैं तो कुछ लोगो के जाट प्रेम की वजह से हैं , जैसा की समर ने भी उदाहरण दिये हैं | हमे पता हैं की कैसे एक एक महकमे के लिए बोल बोल कर नोटिफ़िकेशन याद दिलनी पड़ती हैं | सिर्फ आंदोलन करने से और सरकार की घोषणा से काम नहीं हो जाता , सरकार के भरोसे तो सरकारी रफ्तार से ही काम होगा |
अनिल ने हुड्डा और हाउसिंग मे आरक्षण नहीं हैं बता के अच्छा किया पर उसके बताने का जो तरीका था उसमे यह नहीं था की इन महकमो मे आरक्षण नहीं मिला इसे देखो , असल मे मुझे तो अनिल के लिखने के तरीके से यही लगा की जैसे अनिल ने सीटना कसा हो |
 
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Exactly Samar, a very little is our achievement so far but as always we appreciate the hard work and persistence shown by community leaders.

We can surely fight for our right in these 2 places - Education and Jobs. However, in all other places this battle is yet to be won and thus, focus should be on the same instead of glorifying someone ( I will not name Hooda here else you will be behind me :) ). In sensitive decisions like reservation, what is written on the govt notification makes a big difference. I remember someone telling me and example that in Rajasthan there is a caste for example "Kanjar Meena" and when the govt was publishing the notification, one smart office had inserted a comma making it "Kanjar, Meena" and both these castes got the reservation benefit where as the original was left out. Something like this - do not remember exactly though.

Seems that was overlooked while agreeing with the govt in our case and it will be really painful to increase the scope in other places in future, especially when the officers sitting in these offices are non-Jats. Let us hope for the best. Thanks again for the healthy discussion on the topic.


Thank you for replying in a way which is really appreciable. Yes , there are still technical difficulties in implementation of the SOBC thing is Haryana. There are various reasons for that. Out of them, prime factor is jealousy factor by other casts officers. For example NIT kuk denied admission based on SOBC, when this thing came to the notice, they were screwed but its our things, we have to pick them up one by one as they come in light. Same is the case of Neki Ram College, they have done the same and got confronted for it. We all know other castes dont appreciate us much. But fact is that this has been issued and gradually will be applicable when it must be. Its great that you have pointed out this SOBC implementation issue. Ravinder Sura might have said that out of reaction. Personally, I believe that at this stage its our moral victory to get it in Educations and Jobs. It will keep us in fighting spirit. Other areas will be taken care of. Infact, like you have pointed out, it is really helpful. But sometime presenting that in a way creates misunderstanding.
 
में सेधान्तिक तौर पर आरक्ष्न्न के खिलाफ हूँ । केवल फोजीओं ,खिलाडिओं और अपंगों को ही आरक्ष्न्न मिलना चाहिए । भारतीय संविधान में गुनाह करने वाले का साथ देना भी ,गुनहगार ही समझा जाता हे । उस पर भी वो ही धाराएं लगती हैं । में हर कान्ग्रेस्सी को देशद्रोही कहता हूँ ,चाहे वो मेरे घर का ही आदमी क्यों ना हो । देश को आजाद करवाने वाले शहीदों को इन् कान्ग्रेसिओं ने ही मुखबिरी कर-कर के मरवाया ,इनमे जाट भी थे । इस सरकार में बेठे मंत्री ,नकली नोट,स्टेम्प पेपर , के कारखाने चलाते हैं ,पाकिस्तानी आतंकवादिओं को पनाह देते हैं असलाह देते हैं । देशभक्त फौजिओं और पुलिस वालों को मरवाते हैं । देश की सीमाओं को इतना असुरक्षित कर दिया हे ,जान बुझ कर, की पडोसी देश रोज मीलों अन्दर घुस आते हैं । देश का लाखों करोड़ रुपिया विदेशों में सुरक्षित रखने के लिए आई अस आई के माध्यम से बाहर भेजा जाता हे । छह करोड़ बंगलादेशी मुसलमान भारत के नागरिक बना कर ,वोट बेंक तयार किया जाता हे । ये सरकार आतंक वदिओन को शहीद बताती हे । समर ,ये काम करने वाले और इनको समर्थन देने वालों को क्या कहना चाहिए ? तुम ही बता दो । अगर इनको देशभक्त कहते हैं , तो सारे कान्ग्रेस्सी देशभक्त हुए । और हम देशद्रोही । ---- सद्भावनाओं सहित ।


१) विशेष :- भीख मांग कर जीने वाला कभी राजा नहीं बन सकता ।
२) विशेष :- रूपये का अवमूल्यन जान बुझ कर किया जा रहा हे ,जो की चुनाव से पहले ८० रूपये तक करने का पलान हे । बाहर गया काला पैसा जो ४५ के भाव से गया था को दुगना करने का पलान हे ताकि वोट खरीदे जा सकें ।

माफ कीजियेगा भाईसाहब पर मै सिद्धांत और आदर्शवाद से ज्यादा वास्तविकता में विश्वास करता हूँ ! सिधान्तो और आदर्शवाद से न उच्च संस्थानों में दाखिला मिलता है और न पेट भरने को रोटी ! सिद्धांत और आदर्श भरे पेटो से निकली जम्हाई है ! जहाँ तक राजनैतिक दल का प्रश्न है , आपकी अवधारणा के हिसाब से कोई भी दल देशभक्त नहीं है ! अगर आप फिर भी कहीं कोई आशा लगाये बैठे हैं तो वो आँख मुंदने के समान है ! भारतीय सविंधान तो जातीय आरक्षण की मांग को उचित बताता है ! मै आप जितना भावुक और सैधांतिक नहीं हूँ की अपने कौमी भाइयो को ही देशद्रोही और नीचा करार दूं ! रूपये के अवमूल्यन और आपके भीख इतियादी वाले डाइलोग में मेरी कोई रूचि नहीं है !
 
भाई मेरे यो टेक्निकल फाल्*ट सरकार के उस पेहले नोटिफिकेष्ण डॉक्युमेंट में स | वो दूर हो ग्या तो बात बनेगी ! Yeh Mehakme aale us notification document ka hawaala de kar mana kar dete hain ! Mere likhne ke dhang se agar aapko galat laga to main maafi ka haqdaar hoon.

हरियाणा मे एसबीसी व बीसी की सुविधाओ मे कुछ फर्क नहीं हैं | अनिल ने हाउसिंग बोर्ड व हुड्डा के प्लोट्स मे आरक्षण की जो बात कहीं उसके लिए मैंने पहले भी लिखा हैं की कुछ टेक्निकल फ़ाल्ट की वजह से हैं तो कुछ लोगो के जाट प्रेम की वजह से हैं , जैसा की समर ने भी उदाहरण दिये हैं | हमे पता हैं की कैसे एक एक महकमे के लिए बोल बोल कर नोटिफ़िकेशन याद दिलनी पड़ती हैं | सिर्फ आंदोलन करने से और सरकार की घोषणा से काम नहीं हो जाता , सरकार के भरोसे तो सरकारी रफ्तार से ही काम होगा |
अनिल ने हुड्डा और हाउसिंग मे आरक्षण नहीं हैं बता के अच्छा किया पर उसके बताने का जो तरीका था उसमे यह नहीं था की इन महकमो मे आरक्षण नहीं मिला इसे देखो , असल मे मुझे तो अनिल के लिखने के तरीके से यही लगा की जैसे अनिल ने सीटना कसा हो |
 
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sura saab -

this is the post#957 in this thread which you wrote on 20-mar-2013. The pdf given by you in the link below also states very clearly that reservation is only in 2 areas - education & jobs. Still you think you needed someone to highlight the shortcomings of the reservation decision?

Further, the reservation in class i and class ii jobs for sbc is only 4%. Class iii and iv category it is 10% for all the 5 castes together.

Compared to this, bc alone has 10% reservation in class i and ii category and has whopping 27% in class iii and iv category...

fer kyukar hoye hum sbc aale obc ke baraabar? Reservation to unke reservation ka bhi sirf 0.4 times hi hai hamaare paas.



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जहा तक बीसी की बात हैं तो इसमे हरियाणा मे दो वर्ग हैं ए व बी | क्लास iii व iv मे जिस वर्ग मे हम आते उस वर्ग को 27 मे से 11% आरक्षण हैं जिसमे अहीर गुजर व कई जातियाँ हैं , और एसबीसी को जो 10% आरक्षण दिया हैं उसमे दो तो जाट ही हैं और बाकी जो तीन हैं उनकी आबादी हरियाणा मे मुश्किल से 1.5% हैं | शिक्षा मे अभी इसका नतीजा आप लोगो ने दाखिलो मे देख लिया होगा की हमे कितना फाइदा हुआ हैं इतना फायदा हमे 11% वाले वर्ग मे नहीं होता | अभी एसबीसी मे शायद एक मूला जाट जाति और जुड़ सकती हैं |
शिक्षा व नौकरियों के एलवा आपने जो बताए थे उनमे भी इसको जल्द लागू करवा दिया जाएगा , आपको बता दूंगा आप चेक कर लेना |
 
में सेधान्तिक तौर पर आरक्ष्न्न के खिलाफ हूँ । केवल फोजीओं ,खिलाडिओं और अपंगों को ही आरक्ष्न्न मिलना चाहिए । भारतीय संविधान में गुनाह करने वाले का साथ देना भी ,गुनहगार ही समझा जाता हे । उस पर भी वो ही धाराएं लगती हैं । में हर कान्ग्रेस्सी को देशद्रोही कहता हूँ ,चाहे वो मेरे घर का ही आदमी क्यों ना हो । देश को आजाद करवाने वाले शहीदों को इन् कान्ग्रेसिओं ने ही मुखबिरी कर-कर के मरवाया ,इनमे जाट भी थे । इस सरकार में बेठे मंत्री ,नकली नोट,स्टेम्प पेपर , के कारखाने चलाते हैं ,पाकिस्तानी आतंकवादिओं को पनाह देते हैं असलाह देते हैं । देशभक्त फौजिओं और पुलिस वालों को मरवाते हैं । देश की सीमाओं को इतना असुरक्षित कर दिया हे ,जान बुझ कर, की पडोसी देश रोज मीलों अन्दर घुस आते हैं । देश का लाखों करोड़ रुपिया विदेशों में सुरक्षित रखने के लिए आई अस आई के माध्यम से बाहर भेजा जाता हे । छह करोड़ बंगलादेशी मुसलमान भारत के नागरिक बना कर ,वोट बेंक तयार किया जाता हे । ये सरकार आतंक वदिओन को शहीद बताती हे । समर ,ये काम करने वाले और इनको समर्थन देने वालों को क्या कहना चाहिए ? तुम ही बता दो । अगर इनको देशभक्त कहते हैं , तो सारे कान्ग्रेस्सी देशभक्त हुए । और हम देशद्रोही । ---- सद्भावनाओं सहित ।


१) विशेष :- भीख मांग कर जीने वाला कभी राजा नहीं बन सकता ।
२) विशेष :- रूपये का अवमूल्यन जान बुझ कर किया जा रहा हे ,जो की चुनाव से पहले ८० रूपये तक करने का पलान हे । बाहर गया काला पैसा जो ४५ के भाव से गया था को दुगना करने का पलान हे ताकि वोट खरीदे जा सकें ।
अर्थशास्त्री जी यह सब तो ठीक हैं पर आपने देशभक्त का नाम नहीं बताया ?
 
१) विशेष :- भीख मांग कर जीने वाला कभी राजा नहीं बन सकता ।
वैसे यह डाइलोग फिल्मों मे ही अच्छा लगता हैं , जब से देश मे आरक्षण लागू हुआ हैं तब से इस देश मे भीख मांगने वाले ही राज कर रहे हैं , हमने तो अभी 5-6 साल से मांगना शुरू किया हैं |
और वैसे इस देश मे भीख मांगने वाले, देशद्रोही , शहीदो के खिलाफ गवाही देने वाले व धर्म के नाम से शोषण करने वाले ही किसान कमेरे वर्ग पर राज कर रहे हैं |
 
भाई मेरे यो टेक्निकल फाल्*ट सरकार के उस पेहले नोटिफिकेष्ण डॉक्युमेंट में स | वो दूर हो ग्या तो बात बनेगी ! Yeh Mehakme aale us notification document ka hawaala de kar mana kar dete hain !
कोई नहीं भाई इस त्रुटि को भी दूर करवाएँगे |नोटिस मे लाने के लिए शुक्रिया ऐसी कहीं और भी आपको नजर आए तो बताना |
 
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पहले ये आन्दोलन संगठित था ,अब इसमें चार पांच धड़े हो गए हैं । ३० ० आदमी दिल्ली जा कर ५ करोड़ जट्टों के लिए आरक्ष्न्न मांगेंगे तो क्या मिलेगा ? आज ९० % जाट आरक्षन्न के खिलाफ हे । बहुत जल्दी आपके आन्दोलन के समानांतर इसके विरोध में ही जट्टों के संगठन आने वाले हैं । अगर ये सभी जाट्टों की मांग बन जाती तो ठीक था । भारत में जाट लगभग ४०,००० गाँव में रहते हैं ,एक गाँव से एक आदमी भी आता तो ४०,००० लोग जुड़ सकते थे । और यहाँ पर आये केवल ३०० । क्यों ? अगर सारा जाट समाज आर्क्षन्न मांगे तो बी,जे.पि. को भी देना पडेगा । फिर कांग्रेस जेसी जन्मजात देशविरोधी पार्टी का साथ लेना क्या जरुरी था । अगर कल केंद्र में बि ज़े.पि. की सरकार आ जाती हे , तो क्या ये मांग छोड़ दो गे ? क्या अगर आरक्षन के लिए कल सशत्र संघर्ष करना पड़े ,और पाकिस्तान हथियार सप्लाई करे ,तो क्या पाकिस्तान की हेल्प लोगे ? मेरे हिसाब से पाकिस्तान की सहायता लेना और कांग्रेस की सहायता लेना एक समान हे ।


मेने पहले भी इस्सी साईट पर लिखा था की या तो ये झुन्जुना मिलना नहीं हे अगर मिल भी गया तो इसका हसर वेसा ही होगा जेसा मुस्लिम आरक्षन्न का हुआ था । जेसा अनिल ने लिखा हे की आरक्षन के बदले यदि दश के दुश्मनों का साथ देना पड़े ,तो हमें आरक्षन नहीं चाहिए । जट्टों के बच्चों को आज भी ढंग से पढने का माहोल नहीं मिल रहा हे । आरक्षन्न से कई गुना अधिक जरुरी हे शिक्षा का स्तर उप्पर उठाना । रिफूजी केवल ५० साल म मिटटी से उठ कर आज देश पर शाशन कर रहे हैं ,केसे ?केवल पढ़ाई के दम पर ,उनको कोई आरक्षन्न नहीं मिला ,फिर भी वे सफल हैं ,क्यों ? इतनी ताकत अगर हम जट्टों के इलाकों में १४ -१५ यूनिवर्सिटी खोलने १०० -१५० इंजीनियरिंग और मेडिकल कालेज खोलने ,हर जिले में मार्गदर्शक केंद्र खोलने में लगायेंगे तो हर जगह जाट ही पायेंगे ,बिना रिजर्वेशन के । जो की आगे कई सौ साल तक काम आयेगा ,ज्ञान को कोई नहीं छीन सकता मेरे भाई ,पर इस आरक्षन्न की बैशाखी को कभी भी छीना जा सकता हे । कल अगर कोई ऐसी सरकार आ गई जो हर तरह के आराक्स्न्न को ख़तम कर दे तो तुम क्या करोगे ? ये एसा ही हे जेसा कोई ये कहे , की मेरी टांग काट दो ,मुझे अपाहिजों के राष्ट्रीय खेल में गोल्ड मैडल लेना हे ।


में ब्रामणवाद के खिलाफ हूँ । हिन्दू के खिलाफ नहीं । हिन्दू एक संस्कर्ती हे ,जीने की एक पद्धति हे । हिन्दू कोई धर्म नहीं ।


समर, देश ही नहीं बचेगा ,जाट ही नहीं बचेगा ,तो ये आरक्षन किस के काम आयेगा ?
 
पहले ये आन्दोलन संगठित था ,अब इसमें चार पांच धड़े हो गए हैं । ३० ० आदमी दिल्ली जा कर ५ करोड़ जट्टों के लिए आरक्ष्न्न मांगेंगे तो क्या मिलेगा ? आज ९० % जाट आरक्षन्न के खिलाफ हे । बहुत जल्दी आपके आन्दोलन के समानांतर इसके विरोध में ही जट्टों के संगठन आने वाले हैं । अगर ये सभी जाट्टों की मांग बन जाती तो ठीक था । भारत में जाट लगभग ४०,००० गाँव में रहते हैं ,एक गाँव से एक आदमी भी आता तो ४०,००० लोग जुड़ सकते थे । और यहाँ पर आये केवल ३०० । क्यों ? अगर सारा जाट समाज आर्क्षन्न मांगे तो बी,जे.पि. को भी देना पडेगा । फिर कांग्रेस जेसी जन्मजात देशविरोधी पार्टी का साथ लेना क्या जरुरी था । अगर कल केंद्र में बि ज़े.पि. की सरकार आ जाती हे , तो क्या ये मांग छोड़ दो गे ? क्या अगर आरक्षन के लिए कल सशत्र संघर्ष करना पड़े ,और पाकिस्तान हथियार सप्लाई करे ,तो क्या पाकिस्तान की हेल्प लोगे ? मेरे हिसाब से पाकिस्तान की सहायता लेना और कांग्रेस की सहायता लेना एक समान हे ।


मेने पहले भी इस्सी साईट पर लिखा था की या तो ये झुन्जुना मिलना नहीं हे अगर मिल भी गया तो इसका हसर वेसा ही होगा जेसा मुस्लिम आरक्षन्न का हुआ था । जेसा अनिल ने लिखा हे की आरक्षन के बदले यदि दश के दुश्मनों का साथ देना पड़े ,तो हमें आरक्षन नहीं चाहिए । जट्टों के बच्चों को आज भी ढंग से पढने का माहोल नहीं मिल रहा हे । आरक्षन्न से कई गुना अधिक जरुरी हे शिक्षा का स्तर उप्पर उठाना । रिफूजी केवल ५० साल म मिटटी से उठ कर आज देश पर शाशन कर रहे हैं ,केसे ?केवल पढ़ाई के दम पर ,उनको कोई आरक्षन्न नहीं मिला ,फिर भी वे सफल हैं ,क्यों ? इतनी ताकत अगर हम जट्टों के इलाकों में १४ -१५ यूनिवर्सिटी खोलने १०० -१५० इंजीनियरिंग और मेडिकल कालेज खोलने ,हर जिले में मार्गदर्शक केंद्र खोलने में लगायेंगे तो हर जगह जाट ही पायेंगे ,बिना रिजर्वेशन के । जो की आगे कई सौ साल तक काम आयेगा ,ज्ञान को कोई नहीं छीन सकता मेरे भाई ,पर इस आरक्षन्न की बैशाखी को कभी भी छीना जा सकता हे । कल अगर कोई ऐसी सरकार आ गई जो हर तरह के आराक्स्न्न को ख़तम कर दे तो तुम क्या करोगे ? ये एसा ही हे जेसा कोई ये कहे , की मेरी टांग काट दो ,मुझे अपाहिजों के राष्ट्रीय खेल में गोल्ड मैडल लेना हे ।


में ब्रामणवाद के खिलाफ हूँ । हिन्दू के खिलाफ नहीं । हिन्दू एक संस्कर्ती हे ,जीने की एक पद्धति हे । हिन्दू कोई धर्म नहीं ।


समर, देश ही नहीं बचेगा ,जाट ही नहीं बचेगा ,तो ये आरक्षन किस के काम आयेगा ?
इस बात फिक्र न करो की कितने धडे हैं कितने दिल्ली जाते हैं , आरक्षण तो खैर मिल कर रहेगा |
रही रिफुजियो वाली तरक्की तो वो हमारे बस की भी नहीं और न ही वो तरीका हम अपना सकते हैं , आप उनको अपना आदर्श मानते हो तो शायद आप अपना सकते हो मैं तो हरगिज नहीं |
और यह देश आज कोई नया नहीं लूट रहा यह तो सदियों से लुटता आया हैं |
पर आपने देशभक्त का नाम नहीं बताया जो इस देश को लूटने से बचा सके !
 
हिन्दू एक संस्कर्ती हे ,जीने की एक पद्धति हे ।
वैसे तो यह थ्रेयड जाट आरक्षण पर हैं पर यहा जब यह व्यर्थ की बहस छिड़ ही गई हैं तो यह और बता दें की यह संस्कृति क्या हैं ? सभी जगह एक समान हैं ?
 
शिक्षा व नौकरियों के एलवा आपने जो बताए थे उनमे भी इसको जल्द लागू करवा दिया जाएगा , आपको बता दूंगा आप चेक कर लेना |
Theek hai bhai. Bahut badhiya hoga agar har scheme mein / deparment mein hamein hamara share mile ! Dhanyawaad aapka
 
Theek hai bhai. Bahut badhiya hoga agar har scheme mein / deparment mein hamein hamara share mile !
बिलकुल , हमारी लड़ाई हर क्षेत्र मे आरक्षण के लिए हैं , जहां औरों को मिला हुआ हैं वाहा हमे भी मिले |
 
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