Reservation is our constitutional right

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जब तक राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त नहीं होगा, नहीं करवाएंगे जमानत
रोहतक। आज 22 अगस्त को चौ. छोटूराम धर्मशाला में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेश कार्यकारिणी की एक बैठक चौ. रामफल हुड्डा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगतसिंह दलाल ने दिल्ली में 16 अगस्त को हुए जाटों के संघर्ष का पूर्णतया खुलासा किया और बतलाया कि बरसात के कारण कई योजनाएं उस दिन पूर्ण नहीं हो सकीं और लोग भी आशा के अनुसार नहीं पहुंच पाए।
प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 16 अगस्त को जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज के बाद उन सहित 87 लोगों को गिरफ्तार किया गया था लेकिन दिल्ली उच्च न्यायालय में इन लोगों ने जमानत करवाने से साफ मना कर दिया था। इसके बावजूद न्यायालय ने उन्हें रिहा कर दिया तथा जमानत के लिए 22 अगस्त तक का समय दिया है तथा 23 अगस्त को न्यायालय में पेश होने का आदेश दिया है। इस संबंध में उन्होंने फैसला ले लिया है कि वे जब तक राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग का चेयरमैन नियुक्त नहीं हो जाता, तब तक अपनी जमानत नहीं करवाएंगे और उनके अतिरिक्त उनके साथ जो गिरफ्तार किए गए, उनमें से जो जमानत नहीं करवाना चाहते तथा उनके साथ जेल जाना चाहते हैं, वे जा सकते हैं।
संघर्ष समिति ने यह सर्वसम्मति से फैसला लिया कि निकट भविष्य में दिल्ली की सीमाओं को सील करने के लिए तैयारियां करनी हैं ताकि दिल्ली में दूध, फल व सब्जियां आदि आवश्यक वस्तुुओं की आपूर्ति को ठप किया जा सके। इसके साथ-साथ जल्दी ही निकट भविष्य में किसी एक रात इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के मुख्य रास्तों को जाम करने का प्रयास किया जाएगा ताकि विदेशों में जाने वाली उड़ानों में विघ्र डाला जा सके, जिससे विदेशों में भी यह ज्ञात हो सके कि भारत वर्ष में जाटों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है और यदि 2 अक्टूबर तक जाटों को केंद्र में आरक्षण का अधिकार नहीं मिलता है तो दिल्ली के राजघाट या विजय चौक या दिल्ली के किसी अन्य महत्वपूर्ण स्थान पर यूपीए सरकार का पुतला फूंका जाएगा।
वकीलों के एक पैनल ने जाटों के साथ पुलिस द्वारा की गई ज्यादती के विरोध में दिल्ली हाई कोर्ट में एक याचिका दायर करने का फैसला लिया है, जिसमें पुलिस द्वारा बगैर किसी चेतावनी के बल का प्रयोग करना, बूढ़े लोगों के सिरों पर लाठियां बरसाना तथा संघर्ष समिति की गाडिय़ों की तोड़-फोड़ किए जाना आदि मुद्दे शामिल होंगे। इस पैनल के अध्यक्ष एडवोकेट देंवेंद्र श्योराण, उपाध्यक्ष एडवोकेट राजनारायण पंंघाल तथा सचिव एडवोकेट विरेंद्र दूहन होंगे।
संघर्ष समिति ने अंतिम फैसला लिया कि जब तक जाटों को उनका यह सवैंधानिक अधिकार नहीं मिल जाता है, वे चैन से नहीं बैठेंगे और न ही केंद्रीय सरकार को चैन से बैठने देंगे। यदि इसी बीच हमारी खापें आंदोलन करती हैं, तो हमारी संघर्ष समिति उनसे कंधे से कंधा मिलाकर काम करेगी। पूरी संघर्ष समिति ने एक स्वर में कहा कि अभी जाट कौम का एकजुट होने का समय आ चुका है और अभी आर-पार की लड़ाई लडऩी है। अंत में संघर्ष समिति ने नारा दिया कि अभी नहीं तो फिर कभी नहीं।
बैठक में रोहतक जिलाध्यक्ष धर्मपाल हुड्डा, रेवाड़ी जिलाध्यक्ष सूबेदार रामचंद्र टीकला, भिवानी जिलाध्यक्ष कपूर सिंह, हिसार जिलाध्यक्ष दलजीत सिंह पंघाल, जींद जिला अध्यक्ष चंद्रसिंह चहल, झज्जर जिलाध्यक्ष मा. ताराचंद, सोनीपत जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह मोर, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कैप्टन सोहनलाल, राष्टीय महासचिव रामकिशन महलावत, प्रदेश महासचिव कप्तान प्रताप सिंह, युवा प्रदेशाध्यक्ष जयवीर खोखा, प्रदेश प्रवक्ता वेदपाल हुड्डा, प्रदेश महासचिव कैप्टन जगबीर सिंह मलिक, हिसार जिले के युवाध्यक्ष अनिल सहरावत, प्रदेश उपाध्यक्ष राजबीर सहरावत, प्रदेश महासचिव रघुबीर सिंह बूरा, प्रदेश सचिव सूबेदार सुमेर सिंह, प्रदेश सचिव जगबीर अलखपुरा, प्रदेश सचिव धर्मपाल अटेला, चौ. मौजीराम, रणङ्क्षसह अटेला, राजसिंह घणघस, राजसिंह धनाना, जोगेंद्र तालू, सूबेदार बलवान सिंह, सूबेदार उमेदसिंह, जगत सिंह मिताथल, सूबेदार कलीराम आदि सैंकड़ों पदाधिकारी व सदस्य मौजूद थे।
 
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जट्टों को आरक्स्ण पाने के लिए ,देशद्रोहियों और आतंकवादिओं की सरकार का साथ देना ,क्या कोई देशद्रोह से कम हे ? क्या जाट इतना नीचे गिर गया ?
 
सही बात कही भाईसाब।.. 'खांग्रेस्स का खात्मा' और 'आरक्षण' में से अगर चुनना पड़े तो हमें ऐसे आरक्षण की जरूरत नहीं | खांग्रेस्स खतम हो जाये तो देश की आधी बीमारी कट जॅंगी |एब तो यकीन सा हों लाग ग्या आक ये आरक्षण आला मुद्दा उठवाना इस खांग्रेस्स की एक चाल हो सके स।.. जाटों की वोट पाने की | खासकर हरयाणा में हूड़ा की ..... एक-छत्र जाट नेता बनन की |
 
जट्टों को आरक्स्ण पाने के लिए ,देशद्रोहियों और आतंकवादिओं की सरकार का साथ देना ,क्या कोई देशद्रोह से कम हे ? क्या जाट इतना नीचे गिर गया ?

हाँ !..........इतना नीचे बहुत राज़ी है हम ! ईश्वर आपको ऊपर बनाये रखे ! खाली पेट ना तो देश भक्ति समझ आती है और ना ही देशद्रोह!!

हौसला अफजाई के बहुत बहुत धन्यवाद भाईसाहब !


सही बात कही भाईसाब।.. 'खांग्रेस्स का खात्मा' और 'आरक्षण' में से अगर चुनना पड़े तो हमें ऐसे आरक्षण की जरूरत नहीं | खांग्रेस्स खतम हो जाये तो देश की आधी बीमारी कट जॅंगी |एब तो यकीन सा हों लाग ग्या आक ये आरक्षण आला मुद्दा उठवाना इस खांग्रेस्स की एक चाल हो सके स।.. जाटों की वोट पाने की | खासकर हरयाणा में हूड़ा की ..... एक-छत्र जाट नेता बनन की |

हमे ? ये हमे कोन है भाई अनिल ? कांग्रेस वाजपयी काल में हाशिए पर ही थी उस समय क्या बीमारियाँ कट गयी थी ? छः साल के चौटाला राज में क्या बिमारी कट गयी थी हरयाणा में ? कोनसा राजनैतिक दल वोट नही पाना चाहता ? अगर कोई केन्द्र में आरक्षण दे तो क्या बुरा है ? इस समय तो ये विदित है की हरयाणा में बी जे पी का क्या कहना है जाट आरक्षण के विषय पर ! चौटाला साब की कथनी भी आपको पता ही है ! अगर ये चाल है तो ये चाल सही , कम से कम कुछ घरों में अगर चूल्हा जल जाए तो कुछ बुरा नहीं ! देशभक्ति आप लोग कर लो , मेरे जैसो को तो आरक्षण दे दो मै देशद्रोही हो कर प्रसन्न हूँ !
 
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भाई समर - बांगा क्यू हो स। :triumphant:आरक्षण तें आगे भी सोच ले।.... आरक्षण जे मिलता हो तो मैं तो bahot राजी सु।.. पर या खांग्रेस्स देती कोणी लागति केन्द्र में ढंग सर का कीमे .... अर हरयाणे में भी OBC में कोणी ल्याए।... हरयाणे आला आरक्षण भी ईसा दिया स जानु "मुर्गे" के छाज बाँध के "मोर" बनाया हो।.... स्पेशल बकवर्ड क्लास के आरक्षण का फायदा उतना नहीं जितना OBC आले काचे काट रे --- उदाहरण के तौर पे हूड़ा के प्लाट आली स्कीमा में देख ले।.. स्पेशल बकवर्ड क्लास के नाम पे कुच्छ नहीं |
अर चोटला कीत का आरक्षण देगा..अर BJP bhi कोणी दे आरक्षण ... या तो मेंने भी बेरा स।.. पर खांग्रेस की तो मरोड़ लिकाड जागी पांच साल में।.. मेने तो खांग्रेस बड़ा दुश्मन लागा इस आरक्षण तें | तेरी तू जाणे |

ER haan, BJP kaal mein jo alag cheez thee unka jikr aagli post mein...




हाँ !..........इतना नीचे बहुत राज़ी है हम ! ईश्वर आपको ऊपर बनाये रखे ! खाली पेट ना तो देश भक्ति समझ आती है और ना ही देशद्रोह!!

हौसला अफजाई के बहुत बहुत धन्यवाद भाईसाहब !




हमे ? ये हमे कोन है भाई अनिल ? कांग्रेस वाजपयी काल में हाशिए पर ही थी उस समय क्या बीमारियाँ कट गयी थी ? छः साल के चौटाला राज में क्या बिमारी कट गयी थी हरयाणा में ? कोनसा राजनैतिक दल वोट नही पाना चाहता ? अगर कोई केन्द्र में आरक्षण दे तो क्या बुरा है ? इस समय तो ये विदित है की हरयाणा में बी जे पी का क्या कहना है जाट आरक्षण के विषय पर ! चौटाला साब की कथनी भी आपको पता ही है ! अगर ये चाल है तो ये चाल सही , कम से कम कुछ घरों में अगर चूल्हा जल जाए तो कुछ बुरा नहीं ! देशभक्ति आप लोग कर लो , मेरे जैसो को तो आरक्षण दे दो मै देशद्रोही हो कर प्रसन्न हूँ !
 
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जट्टों को आरक्स्ण पाने के लिए ,देशद्रोहियों और आतंकवादिओं की सरकार का साथ देना ,क्या कोई देशद्रोह से कम हे ? क्या जाट इतना नीचे गिर गया ?
और देशभक्त कौन से हैं उनका नाम और बता दें ?
 
भाई समर - बांगा क्यू हो स। :triumphant:आरक्षण तें आगे भी सोच ले।.... आरक्षण जे मिलता हो तो मैं तो bahot राजी सु।.. पर या खांग्रेस्स देती कोणी लागति केन्द्र में ढंग सर का कीमे .... अर हरयाणे में भी OBC में कोणी ल्याए।... हरयाणे आला आरक्षण भी ईसा दिया स जानु "मुर्गे" के छाज बाँध के "मोर" बनाया हो।.... स्पेशल बकवर्ड क्लास के आरक्षण का फायदा उतना नहीं जितना OBC आले काचे काट रे --- उदाहरण के तौर पे हूड़ा के प्लाट आली स्कीमा में देख ले।.. स्पेशल बकवर्ड क्लास के नाम पे कुच्छ नहीं |
अर चोटला कीत का आरक्षण देगा..अर BJP bhi कोणी दे आरक्षण ... या तो मेंने भी बेरा स।.. पर खांग्रेस की तो मरोड़ लिकाड जागी पांच साल में।.. मेने तो खांग्रेस बड़ा दुश्मन लागा इस आरक्षण तें | तेरी तू जाणे |

ER haan, BJP kaal mein jo alag cheez thee unka jikr aagli post mein...


हरियाणा मे एसबीसी को वही सुविधाए हैं जो बीसी को हैं , सिर्फ नाम अलग हैं |
 
ना कती नहीं सें सेम सुविधा SBC ko!

दाखिले और नौकरी के इलावा भी कयी जगह है जहां BC को फायदा मिलता है - और वो SBC को नहीं मिल रहा ..... चल एक example मेंने दिया स uper हुडा की schemes का ... यो रहा Huda ke Hisar wale brochure ka screen नीचे - बता दे जे फायदा हो तो SBC का ? er BC ka faayda dekh le 3% reserved category. 2000 plots mein se 60 plot unke reserve ho gaye ki nahi?

And this scheme was very recently launched - much after Jats got reservation. होया की नहीं मुर्गे के छाज बांधन आला काम

Kariye bhai check ek be ...इतणे मैं तेरे खातिर और मसाला टोहू सु !


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हरियाणा मे एसबीसी को वही सुविधाए हैं जो बीसी को हैं , सिर्फ नाम अलग हैं |
 
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Aur le Sura saab !

http://scbchry.gov.in/state_schemes.htm

Is department ki ek bhi isi scheme nahi jis mein SBC ke liye kuchh ho. SC BC ke liye bahut saari scheme hain. "घंटा" बराबर का faayda mila SBC ne?

हरियाणा मे एसबीसी को वही सुविधाए हैं जो बीसी को हैं , सिर्फ नाम अलग हैं |
 
अनिल यह बात आप आज बता रहे हैं | क्या आपने इस महकमे वालों से पूछा की एसबीसी के लिए कोटा क्यो नहीं हैं ? आप लोग पढे लिखे हैं आप लोग उनको नोटिफ़िकेशन दिखाओ , आप लोगो को पता हैं लोग जाटों से कितना प्रेम करते हैं , मुख्यमंत्री ने नोटिफ़िकेशन जारी कर दी पर उसके कई दिन तक डाक चीफ़ सेक्टरी के दफ्तर मे दबी रही , यहा सबको बोल बोल के हर महकमे मे डाक भिजवानी पड़ती हैं | आपने अब यह ध्यान दिलाया हैं तो अगली बार इसे चेक कर लेना और भी जहा जहा कमी आपको नजर आए बता देना |
अब भिवानी की दादरी सिवानी तहसील का ही मामला हैं वाहा के तहसीलदार एसबीसी सर्टिफिकेट बनाने से माना कर रहे थे और गलती उनकी भी नहीं थी छोटा सा टेक्निकल फ़ाल्ट था , उनके कोमप्यूटर मे वही पुराना डाटा था , जिसको बाद मे चंडीगढ़ बोल कर अपडेट करवाया गया , सरकारी तरीके से वह काम होने मे शायद महीने लग जाते | इसलिए भाई हम लोगो का भी कुछ फर्ज बनता हैं |
अगर यहा चर्चा ना हो तो शायद आप लोग इस पर कुछ कार्यवाही नहीं करते उल्टा लुगाइयों की तरह सीटने से कसते |
अब मेरे समझ आई की चौ छोटूराम , चौ बंसी लाल , चौ चरण सिंह जैसे पढे लिखे लोगो की सोच कैसे सिमट गई क्योंकि जब पढे लिखे जाट बहक सकते हैं तो अनपढ़ को तो बहकाना और भी आसान हैं |
 
Shabaaash Bhai Sura. Tera jawaab meri samajh tein baahar s......... Why blaming people on this site to point out these problems? People have, at least myself, always supported this cause for community.

Now listen, I wrote to SCBC department long back and their response was that the notification itself says that SBC can get benefit only in these 2 areas - Education and Govt Jobs and nowhere else. They quoted the same notification as below and sent me a copy also. Now Read this notification online for your clear understanding: http://scbchry.gov.in/writereaddata/Document/1_30_1_Notification of Special Backward Classes_A.pdf . The paragraph 2 of the notice makes it clear.


QUOTE
The Governor of Haryana is further pleased to provide 10% reservation in jobs underGovernment/Government Undertaking and Local Bodies as well as in educational institutions for theseSpecial Backward Classes in exclusion to the already notified 27% reservation provided the Backward​
Classes. UNQUOTE!

And, before pointing fingers on others, please read my replies this very thread in the past - I have always supported reservation for Jats. And First time, I had only raised a concern here to bring it to the notice of Hawa Singh ji (through you) that SDMs are not yet making the certificates as they had not got orders from the top.


Dont tell me that you OR the people chasing this issue were not aware of this thing?


I am in all support of reservation. But based on the information I shared above, I feel that there is no big reason to be very happy for the Jat community as the scope of the current SBC is very limited. A lot is yet to be done. Even then, the propaganda and drama is at peak to stake the claim and please the Congress govt (read Bhuppi) in the state for this!



अनिल यह बात आप आज बता रहे हैं | क्या आपने इस महकमे वालों से पूछा की एसबीसी के लिए कोटा क्यो नहीं हैं ? आप लोग पढे लिखे हैं आप लोग उनको नोटिफ़िकेशन दिखाओ , आप लोगो को पता हैं लोग जाटों से कितना प्रेम करते हैं , मुख्यमंत्री ने नोटिफ़िकेशन जारी कर दी पर उसके कई दिन तक डाक चीफ़ सेक्टरी के दफ्तर मे दबी रही , यहा सबको बोल बोल के हर महकमे मे डाक भिजवानी पड़ती हैं | आपने अब यह ध्यान दिलाया हैं तो अगली बार इसे चेक कर लेना और भी जहा जहा कमी आपको नजर आए बता देना |
अब भिवानी की दादरी सिवानी तहसील का ही मामला हैं वाहा के तहसीलदार एसबीसी सर्टिफिकेट बनाने से माना कर रहे थे और गलती उनकी भी नहीं थी छोटा सा टेक्निकल फ़ाल्ट था , उनके कोमप्यूटर मे वही पुराना डाटा था , जिसको बाद मे चंडीगढ़ बोल कर अपडेट करवाया गया , सरकारी तरीके से वह काम होने मे शायद महीने लग जाते | इसलिए भाई हम लोगो का भी कुछ फर्ज बनता हैं |
अगर यहा चर्चा ना हो तो शायद आप लोग इस पर कुछ कार्यवाही नहीं करते उल्टा लुगाइयों की तरह सीटने से कसते |
अब मेरे समझ आई की चौ छोटूराम , चौ बंसी लाल , चौ चरण सिंह जैसे पढे लिखे लोगो की सोच कैसे सिमट गई क्योंकि जब पढे लिखे जाट बहक सकते हैं तो अनपढ़ को तो बहकाना और भी आसान हैं |
 
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हरियाणा मे एसबीसी को वही सुविधाए हैं जो बीसी को हैं , सिर्फ नाम अलग हैं |

अगर सुविधाएँ समान हे तो नाम अलग क्यों हे ? भाई सुविधाएँ भी नायरी नायरी हे हर नाम भी.
 
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