Reservation is our constitutional right

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प्रचार अभियान : जाट आक्रोश रैली
जाट समाज आरक्षण के लिए 16 अगस्त को आर-पार की लड़ाई लडऩे के लिए मानसिक तौर पर तैयार : सांगवान
भिवानी। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने 16 अगस्त को जंतर-मंतर पर आरक्षण के लिए किए की जाने वाली आक्रोश रैली का विभिन्न गांवों में प्रचार करते हुए कहा कि जाट समाज केंद्र में आरक्षण के लिए आर-पार की लड़ाई के लिए मानसिक त...ौर पर पूरी तरह तैयार है।
सांगवान ने कहा कि जाट समाज साढ़े पांच साल से अपने जाट आरक्षण के अधिकार की लड़ाई लड़ रहा है, जिसके लिए अनेकों जगह रैलियां और आंदोलन कर चुका है। केंद्र स्तर पर आरक्षण लेने के लिए अंतिम रैली 16 मार्च को जंतर-मंतर पर की थी, जहां पर केंद्रीय नेताओं ने मंच पर आकर स्वयं आरक्षण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए समय मांगा था, जिस पर जाट समाज ने चार महीने का समय दिया था, जो 16 जुलाई को ही समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद जाट समाज ने एक महीने का समय और दिया लेकिन वर्तमान में केंद्रीय मंत्री शैलजा कुमारी के बयानों से यह स्पष्ट हो चुका है कि केंद्र सरकार जाटों को आरक्षण देने के लिए गंभीर नहीं है और बहानेबाजी करके जाटों को उनके अधिकार से वंचित करना चाहती है। इसलिए जाट समाज ने 16 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक आक्रोश रैली के रूप में आंदोलन शुरू करने के लिए मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयारी कर ली है और वहां पर एक आर-पार की लड़ाई जाएगी।
सांगवान ने आगे बतलाया कि पूरे हरियाणा में आक्रोश रैली के लिए प्रचार अभियान शुरू हो चुका है और इस बार जाट समाज दिल्ली से खाली हाथ लौटने वाला नहीं है। हरियाणा में संघर्ष समिति के लिए कुछ नई नियुक्तियां भी की गईं, जिसमें जयवीर खोखा को हरियाणा प्रदेश का युवा अध्यक्ष नियुक्त किया गया तथा अनिल सहरावत को हिसार जिले का युवा अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
आज प्रचार अभियान गांव मुंढाल, कुंगड़, भैणी, खेड़ी, सिवाड़ा, अलखपुरा, दुर्जनपुर, बड़सी व जीताखेड़ी में चलाया गया। इस अवसर पर उनके साथ रघुबीर सिंह बूरा, सूबेदार कलीराम, राजसिंह कबाड़ी, वेदसिंह धनाना, जोगेंद्र तालू, जगत मिताथल आदि साथ थे।See More
 
संघर्ष समिति को आया केंद्र सरकार का बुलावा : सांगवान
भिवानी। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने जाट आरक्षण के बारे में संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल को 10 अगस्त, वार शनिवार को सुबह दस बजे नार्थ ब्लॉक, नई दिल्ली बुलाया है, जिसके लिए सात पदाधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल कल केंद्र सरकार की तरफ से केेंद्रीय वित्तमंत...्री श्री पी. चिदंबरम् से बातचीत करेगा और जो भी बातचीत होगी, उसका ब्यौरा जाट समाज के सामने 16 अगस्त, 2013 को जंतर-मंतर पर आक्रोश रैली के वक्त प्रस्तुत किया जाएगा, जिस पर जाट समाज अपना अंतिम फैसला देगा, लेकिन संघर्ष समिति यह पहले ही फैसला कर चुकी है कि हम किसी भी चिकनी-चुपड़ी बातों में आने वाले नहीं हैं। हमने केंद्र सरकार को पहले ही आवश्यकता से अधिक समय दिया है। इसीलिए अभी केंद्र में आरक्षण के लिए और समय देने का कोई औचित्य नहीं है।
सांगवान ने आगे बताया कि पूरे हरियाणा में 16 अगस्त को जंतर-मंतर पर होने वाली आक्रोश रैली के लिए प्रचार अभियान जोरों पर है और जाट समाज में अपने अधिकार पाने के लिए भारी उत्साह है क्योंकि जाट समाज अपने अधिकार की अहमियत को समझ चुका है और अभी वह किसी बहकावे में आने वाला नहीं। इसीलिए 16 अगस्त को दिल्ली के जंतर-मंतर पर जाट आर-पार की लड़ाई लडऩे जा रहा है।
 
बुलावा आने पर केंद्रीय वित्त मंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल, 16 अगस्त की आक्रोश रैली से होगी आर-पार की लड़ाई की शुरूआत
भिवानी। केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम् के बुलावे पर आज अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल उनके नार्थ ब्लॉक, दिल्ली स्थित कार्यालय में उनसे मिला। श्री चिदंबरम् ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि किन्हीं कारणों से राष्ट्रीय पिछड़ा आयोग का पद जून, 2013 से रिक्त पड़ा है, ...इसलिए केंद्र में जाट आरक्षण की मांग को पूरी करने में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि निकट भविष्य में जैसे ही अध्यक्ष की नियुक्ति हो जाएगी, केंद्र में जाट आरक्षण की मांग पूरी करने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
दूसरी ओर प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि जाट समाज पहले ही केंद्र को बहुत समय दे चुका है तथा और समय देने में असमर्थ है। अब उन्हें विवश होकर 16 अगस्त, 2013 से दिल्ली में होने वाली जाट आक्रोश रैली के तहत आंदोलन शुरू करना ही पड़ेगा। इसके सिवाय और कोई चारा नहीं है। ये आंदोलन दिल्ली के जंतर-मंतर से शुरू होगा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि पूरे हरियाणा में जाट आक्रोश रैली को लेकर प्रचार अभियान जोरों पर चल रहा है तथा इस रैली में उत्तरप्रदेश, दिल्ली, राजस्थान व पंजाब के जाट भी भारी संख्या में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि जब तक जाट समाज की केंद्र में आरक्षण की मांग पूरी नहीं हो जाती, इस समाज के लोग पीछे हटने वाले नहीं हैं क्योंकि वे अब आर-पार की लड़ाई लडऩे के लिए मजबूर हो चुके हैं।
प्रतिनिधिमंडल में समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगतसिंह दलाल, प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान, राष्ट्रीय महासचिव रामकिशन महलावत, युवा राज्य महासचिव अनिल रोज, रोहतक के जिलाध्यक्ष धर्मपाल हुड्डा, सोनीपत के जिलाध्यक्ष महेंद्र सिंह मोर, जींद के जिलाध्यक्ष चंद्र सिंह चहल, हिसार के जिलाध्यक्ष दलजीत सिंह पंघाल, कप्तान जंगवीर मलिक व सूबेदार महेंद्र सिंह आदि शामिल थे।
 
जाट आक्रोश रैली के लिए विशेष नीति तैयार : सांगवान
भिवानी। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने एक बयान में कहा कि 16 अगस्त को दिल्ली में जंतर-मंतर पर होने वाली जाट आक्रोश रैली के लिए एक विशेष नीति तैयार कर ली गई है कि यदि दिल्ली प्रशासन और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने जाटों के विरोध में बल का प्रयोग किया तो जाट समाज ऐसी कार्रवाई करके दिखलाएगा, जिसके लि...ए प्रशासन के पास कोई इलाज नहीं होगा। पूरे जाट समाज को बतला दिया गया है कि जाटों के विरोध में बल प्रयोग होते ही दिल्ली के सभी बोर्डरों को सील करने का इंतजाम कर दिया गया है और राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध करने के लिए जेसीबी का इंतजाम भी कर लिया गया है।
सांगवान ने आगे बतलाया कि जो नीति तैयार की गई है, उसका संपूर्ण खुलासा 16 अगस्त को जंतर-मंतर पर दोपहर 12 बजे कर दिया जाएगा तथा उसकी मौके पर ही घोषणा कर दी जाएगी। दिल्ली में प्रवेश के लिए चार मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग हैं, चार बड़ी रेलवे लाइनें हैं, चार ही बड़ी बिजली की लाइनें हैं तथा इसके अतिरिक्त दिल्ली के लिए पानी केवल दो ही मार्गों से पहुंचता है। इन सभी को रोकना जाट समाज के लिए बिल्कुल भी मुश्किल कार्य नहीं होगा क्योंकि दिल्ली के चारों तरफ 100 किलोमीटर के दायरे में जाट समाज गहनता में बसता है और पश्चिम में तो जाट समाज पाकिस्तान की सीमा तक बसा हुआ है। इसलिए यह सब कुछ करना उनके बाएं हाथ का ख्ेाल होगा।See More
 
खापें उठ खड़ी हुई हैं जाट आरक्षण आंदोलन के समर्थन में : सांगवान
भिवानी। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेशाध्यक्ष पूर्व कमांडेंट हवासिंह सांगवान ने एक बयान में कहा कि हरियाणा की पूरी खापें 16 अगस्त को दिल्ली में जंतर-मंतर पर होने वाली जाट आक्रोश रैली के समर्थन में उठ खड़ी हुई हैं तथा उनका पूरा सहयोग व समर्थन मिलेगा। मार्च, 2011 में जब हमारी समिति ने आरक्षण के लिए रेल रोको आंदोलन किया थ...ा तो खापों ने पूरा सहयोग व समर्थन दिया था, जिससे यह आंदोलन पूरी तरह से सफल रहा था व पूरे देश ने इसे देखा था तथा हम हरियाणा में आरक्षण पाने में सफल रहे। इस बार भी खापों के सहयोग से केंद्र में आरक्षण पाने के लिए जाट समाज आर-पार की लड़ाई लड़ेगा, जिसे पूरा देश एक बार फिर अपनी आंखों से देखेगा।
सांगवान ने आगे बतलाया कि वर्ष 2011 में जो रेल रोको आंदोलन हुआ था, उससे कहीं बड़ा आंदोलन इस बार होगा। यह आंदोलन असाधारण व ऐतिहासिक होगा जिसके लिए विशेष नीति तैयार की गई है। जिसका संपूर्ण खुलासा 16 अगस्त को जंतर-मंतर पर दोपहर 12 बजे कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पूरे हरियाणा में जाट आक्रोश रैली के लिए प्रचार अभियान जोरों पर है तथा रैली में पंजाब, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू एंड काश्मीर तथा उत्तरप्रदेश से भी जाट भारी संख्या में भाग लेंगे। यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक कि केंद्र में जाट समाज को उनका आरक्षण का अधिकार नहीं मिल जाता।See More
 
jatland ke member jhujharu yuva jat Bishan Dhindar police va water canon ka samna karte hue
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Why do we need reservation? Are we so incapable of achieving success on our own merit that we too need crutches like some others who clamour for reservations and special status? I think Jats are supremely confident and out spoken race who have always stood for values that are important and just.
 
Please try to know the percentage of Jats in central jobs, While Yadav & Gujars are getting these benefits and why not Jats? All JATS are not like you, see the life of a person born in a village in poor farmer family and naturally he/she does not get all that facilities as the Bania & Brahimins got in city, and also Bania are geneticaly more advance , they are engaged in education since many centuries, Jats were busy in farming & Army , I think you go to some village and see the real picture.
 
Why do we need reservation? Are we so incapable of achieving success on our own merit that we too need crutches like some others who clamour for reservations and special status? I think Jats are supremely confident and out spoken race who have always stood for values that are important and just.
is soch ke log abhi bhi hain ! :sorrow:
 
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waise to jo bhi hua jantar mantar pe woo hona nahi chahiye tha....issse jaato ki bahut beztiii hai...iske liye jaat khud jimmedaar hai..agar hum eek hote to kissi ki himmat nahi ho sakti jaat ko itni boori tarah peetne ki...mere khayal se aab kuch soo called leaders ki aankhein khool gaye hogi...jihne yee lagta tha jat sirf aur sirf unke peche hai.....
 
Why do we need reservation? Are we so incapable of achieving success on our own merit that we too need crutches like some others who clamour for reservations and special status? I think Jats are supremely confident and out spoken race who have always stood for values that are important and just.

Not all of us need or would be bestowed the benefits connected with the 'Reservation'. But see the writ on the wall whether the people known as Jats need or not the reservation.

Real position is that most of the Jats live in rural areas from where their children get education from the institutions which are not so advanced as in Metropolitans like Delhi. Therefore, to compensate this type of disadvantage to the deprived lot, the Government has devised the policy of reservation in admissions to the elite institutions and also to services to several Indian communities clubbing them under B C Or OBC category.

When other communities standing on the same pedestal as the Jats occupy in social, economic and cultural hierarchy in India are enjoying the benefit of the reservation policy, these Jats need reservation policy which may help them to fulfill their aspirations of better career advancement. Those Jats who fall under the creamy layer would automatically remain outside the pale of reservation. Therefore there is no iota of truth in the statement that all the outspoken Jats do not need reservation benefits. Now it is up to the concerned authorities to find out a logical reply to their demand either to convince them that their demand is illogical or to accept it .

Thanks and best wishes
 
waise to jo bhi hua jantar mantar pe woo hona nahi chahiye tha....issse jaato ki bahut beztiii hai...iske liye jaat khud jimmedaar hai..agar hum eek hote to kissi ki himmat nahi ho sakti jaat ko itni boori tarah peetne ki...mere khayal se aab kuch soo called leaders ki aankhein khool gaye hogi...jihne yee lagta tha jat sirf aur sirf unke peche hai.....

vaise to tu apne aap ko panchayati kehta hai lekin terei jaankari k liye bata du, lathi charge /anshu k gole to 2009 feb mein bhi hua tha jahan 1 lac jat the ramlila maidan mein, tere gaon k pass mayyar mein hua tha jahan Bhai Sunil Sheoran saheed ho gya n dusri baar bhi hua tha jahan sandeep saheed ho gya tha. Lathi charge to ramdev walo pe hua tha and ye to pahle Saheed Bhagat singh jaiso pe bhi hua hai. Vaise ek baat bta ki tere kyun dard ho ra sai , unke koi dikkat koni jinke lath lagey n jamant hone k baad bhi Tihar se bahar aane ko tyar nhi h. teri bejjati kis baat mein ho gye jab na lath khaya n tere bas ki baat khan ki? Baki tere gaam tain bhi log aa rahe the tanne bera koni hoga n tera gaam mein panchayat hui sai chahe phone karke bera paad liye.

PS:- from now on, we wont be replying to you on this forum so you keep on gibbering.
 
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